Dalit Chintan
(0)
₹
250
₹ 200 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789353220662
-
Pages130
-
Avg Reading Time4 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Israel (Hindi Translation of Israel: A Concise History of A Nation Reborn)
- Author Name:
Daniel Gordis
- Book Type:

- Description: इजराइल के लिए प्रारंभिक वर्ष बेहद कठिन थे। एक बिल्कुल नया देश, जिसके पास कोई वित्तीय भंडार नहीं था और बुनियादी ढाँचा भी न के बराबर था, उसको अचानक से अपनी आबादी से कहीं अधिक आप्रवासियों को समायोजित करना पड़ा। पर जल्दी ही हर क्षेत्र में इजराइल ने विकास के आश्चर्यचकित कर देनेवाले काम किए। एक ऐसा देश, जिसे 1950 के दशक में खाने की राशनिंग करनी पड़ी थी, सन् 2000 तक, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार जीतनेवाली दर्जनों वाइनों का उत्पादन कर रहा था। एक ऐसा देश, जिसके पास कई दशकों तक मात्र एक टेलीविजन स्टेशन था, वहाँ अब अनगिनत चैनल प्रसारित हो रहे थे और वह ऑस्कर के लिए प्रतिस्पर्धा करनेवाली फिल्मों का निर्माण कर रहा था। एक ऐसा देश, जिसमें नरसंहार से बचे कई लोग रह रहे थे, जो धैर्य और सहनशीलता के प्रतीक थे; वह अब एक सैन्यशक्ति बन गया था। लंबे समय तक सीखने को पवित्र कार्य माननेवाले लोग असाधारण परिणामों के साथ उस परंपरा को अपने नवजात देश में लाए, नोबेल पुरस्कार जीता और कई क्षेत्रों में अनुसंधान के लिए अंतरराष्ट्रीय मानक स्थापित किए प्रखर राष्ट्रवाद का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करनेवाले देश की यशोगाथा, जिसके नागरिकों ने अद्भुत जिजीविषा और अदम्य इच्छाशक्ति दिखाकर अपने राष्ट्र को विश्व का सिरमौर बना दिया।
Uttari Bharat Ki Sant Parampara
- Author Name:
Parshuram Chaturvedi
- Book Type:

-
Description:
‘उत्तरी भारत की सन्त-परम्परा’ कृति आचार्य परशुराम चतुर्वेदी की साहित्यिक साधना की वह अनन्यतम प्रस्तुति है, जिसके समानान्तर आज कई दशक बाद भी हिन्दी साहित्य के अन्तर्गत वैसी कोई दूसरी रचना सामने नहीं आ सकी है। सन्त साहित्य के उद्भव से जुड़े अनेक प्रक्षिप्त मतों का खंडन करते हुए उसके मूल प्रामाणिक प्रेरणास्रोतों को प्रकाश में लाकर चतुर्वेदी जी ने उसकी अखंडता का जो अपूर्व परिचय प्रस्तुत किया है, वह हमारी साहित्यिक मान्यताओं से जुड़ी शोध-परम्परा का सर्वमान्य ऐतिहासिक साक्ष्य है।
परवर्ती काल में यह सन्त साहित्य उत्तर भारत के बीच पर्याप्त रूप से समृद्ध हुआ, किन्तु इसके प्रेरणासूत्र समग्र भारतीयता से सम्बद्ध है। महाराष्ट्र, केरल, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, ओड़िसा, बंगाल, आसाम, पंजाब आदि राज्यों में फैले हुए इसके प्रारम्भिक तथा परवर्ती सूत्र इस तथ्य के प्रमाण हैं कि यह जन-आन्दोलन के रूप में समग्र भारतीय लोकजीवन से जुड़ा रहा है। सन्त नामदेव, ज्ञानदेव, नानक, विद्यापति, कबीरदास, दादू आदि सन्तों ने अपनी सन्तवाणी से समग्र भारत की एकता, अखंडता को जोड़ते हुए हमें अन्धविश्वासों एवं रूढ़ मान्यताओं से मुक्त किया है। आचार्य परशुराम चतुर्वेदी की यह कृति इन तथ्यों की प्रस्तुति का सबसे प्रामाणिक और सबसे सशक्त दस्तावे़ज़ है।
आचार्य चतुर्वेदी की इस ऐतिहासिक धरोहर को पुन: समक्ष रखते हुए हम गर्व का अनुभव करते हैं और आशा करते हैं कि पाठक समाज इसे पूर्ववत् निष्ठा के साथ स्वीकार करेगा।
Devgarh Ka Gond Rajya
- Author Name:
Suresh Mishra
- Book Type:

-
Description:
देवगढ़ के गोंड राजाओं ने 16वीं सदी के अन्त से 18वीं सदी के मध्य तक लगभग पौने दो सौ साल तक अपना गौरवशाली इतिहास रचा तथा उनके वंशज आज भी वारिसों के रूप में विद्यमान हैं। उन्हीं गोंड राजाओं के जीवन के विभिन्न पहलुओं से रू-ब-रू कराती यह पुस्तक भारतीय जनजातीय इतिहास का एक महत्त्वपूर्ण दस्तावेज़ है।
यह पुस्तक हमें सतपुड़ा के अंचल में विकसित हुए देवगढ़ के गोंड राजाओं के उत्थान और पतन का क्रमवार विवरण देती है।
इस पुस्तक में जहाँ मुग़लों द्वारा निरन्तर प्रताड़ित किए जाते रहे गोंड राजाओं के आन्तरिक क्लेशों और उनकी पीड़ाओं का मार्मिक चित्रण है। वहीं उनकी समृद्धि में सहायक रहे रघुजी भोंसले की कूटनीतिज्ञता का परिचय के साथ-साथ कैसे उन्हें ब्रिटिश गवर्नरों द्वारा पेंशनधारी राजा बनाकर प्रभावहीन कर दिया जाता है, इस तथ्य को भी यहाँ रेखांकित किया गया है।
डॉ. सुरेश मिश्र के अथक परिश्रम से तैयार की गई यह ऐसी पुस्तक है जो देवगढ़ के गोंड राजाओं की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर केन्द्रित है। यह पुस्तक शोधकर्ताओं तथा इतिहास में रुचि रखनेवाले पाठकों के लिए उपादेय है।
Rishton Ki Neenv
- Author Name:
Mamta Mehrotra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dharmashastra Aur Jatiyon ka Sach
- Author Name:
Shashi Shekhar Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Encyclopedia of Bihar
- Author Name:
Arunima Kumari
- Book Type:

- Description: Encyclopedia of Bihar Bihar has been a place of destination even for foreign travellers too, like Albaruni, Megasthenese, Phaiyan to Xuanjang due to its wide spread pristine beauty, greeneries, glorious past, vibrant culture, lip smacking cuisines and the generosity of the people. This book is an effort of the writer to explore the age old pride, untapped stories and unfortunately unsung Vihara of tourism i.e. Bihar. Bihar is a place where Maharshi Kautilya took birth, Buddhism germinated and Jainism flourished and enlightened the whole world. During 5th to 12th century A.D India was leading world in imparting knowledge through world fame Universities like Nalanda and Vikramshila. This book is a conglomeration of its true picture of its Historical, Geographical, Economical and Industrial glimpses. At the same time its Agricultural status, Economical view, Art and Cultural panorama have been well documented in a systemic manner, for any candidate who is going to appear in any competitive exam especially in BPSC and UPSC.
Mewar Evam Marathaon Ki Sahasra Varshon Ki Shauryagatha "मेवाड़ एवं मराठाओं की सहस्र वर्षों की शौर्यगाथा" Book in Hindi
- Author Name:
Raghu Hari Dalmia +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
EK SATH MILKAR KAAM KAREN
- Author Name:
MANISH VERMA
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Nirala Sanchayan
- Author Name:
Suryakant Tripathi 'Nirala'
- Book Type:

- Description: निराला का कवि-विकास एकरैखिक या सपाट नहीं है, उसमें कई घुमाव हैं, उसके कई स्तर हैं। एक ही समय में भिन्न प्रकार की कविताओं के साथ कवि अपने पाठकों और आलोचकों के समक्ष चुनौती देता खड़ा हो जाता है। निराला इसीलिए महाकवि हैं क्योंकि एक तरफ़ तो उनमें क्लैसिकी परम्परा के दर्शन होते हैं, वहीं दूसरी ओर एकदम अपने आसपास के परिवेश के और जनधर्मिता की कविता के। निराला में मुक्ति की एकल याचना नहीं है, बल्कि सामूहिक चेतना है। निराला का साहित्य न साहित्यिक कट्टरता या धार्मिक कट्टरता के समक्ष घुटने टेकता है और न साम्राज्यवाद के। उनके चिन्तन में भौतिकवाद के तत्त्व भी उपस्थित हैं और वे किसी ईश्वर द्वारा संसार के सृजन का मज़ाक़ उड़ाते हैं। उनके धार्मिक दृष्टिकोण के केन्द्र में मनुष्य है, इसीलिए विज्ञान की सत्ता व उसकी सामाजिक भूमिका को तथा आधुनिक सभ्यता के मूल्यों को भी वे सहज स्वीकार करते थे। निराला की कविता मनुष्य के सम्पूर्ण जीवन-व्यापार की कविता भी है जिसमें जीवन का सम्पूर्ण संगीत है। निराला रचना को ‘युद्ध कौशल’ कहते थे और गद्य को ‘जीवन-संग्राम की भाषा’। अपने कथा-साहित्य में वे जीवन-संग्राम को अंकित करते चलते हैं। निराला ने अपनी मुक्ति-चेतना के साथ जैसे कविता को मुक्त किया वैसे ही कथा को भी। निराला की कहानियाँ भी हिन्दी की परम्परागत कहानियों के रूप और संगठन को अतिक्रमित करती हैं। हर पीढ़ी अपने महाकवि को ‘डिस्कवर’ करती है, इसलिए हर पीढ़ी का अपना चयन होता है। सम्पादन की चौथी पीढ़ी में यह संचयन है। हमारी पीढ़ी का चयन और हमारे अपने निराला की खोज!
SBI Junior Associates Customer Support Evam Sales Preliminary Exam-2025 15 Practice Sets With Latest Solved Papers
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jungle
- Author Name:
Amrit Rai
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Modon Se Gujarte Huye "मोड़ों से गुजरते हुए" Book In Hindi
- Author Name:
Jyoti Jha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Knowing Self Through Karmayoga
- Author Name:
Veenaa Ahluwalia
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
You Too Can Be Successful
- Author Name:
Ravindra Nath Prasad Singh
- Book Type:

- Description: This book will help you to move forward in every sphere by making you aware of the importance of qualities like effective measures, strong will, dedication, responsibility, discipline, self-confidence, character, patience and courage towards achieving your goals. You should only have faith to imbibe the above things. You can also write a new chapter in life. You too will realise your dreams by imbibing the important information given in this book. You don't have to worry about the time you wasted. It has been said—“Life is nothing, it is the name of smiling every moment.” The unputdownable book entitled ‘You too can be successful’ has been written in a lucid and simple manner without any cumbersome syntax. This book is an amazing read to all the students who are in pursuit of cracking their cherished goal and also for every individual who strives to be successful in life.
Kishan Andolan ki sahityik jamin
- Author Name:
Ramagya Shashidhar
- Book Type:

- Description: Kisan Aandolan
1000 Patrakarita Evam Jansanchar Prashnottari
- Author Name:
S.P. Chaitanya
- Book Type:

- Description: वर्तमान युग में जन-संचार माध्यमों की भूमिका का क्षेत्र काफी विस्तृत हो गया है । आजादी के बाद के साठ वर्षों में जीवन के हर क्षेत्र में बदलाव आया है । आज अखबार मित्रता करना भी सिखा रहे हैं । अखबार उपहार दिलाते हैं, विदेश की सैर कराते हैं और नकद इनाम भी दिलाते हैं ।पत्रकारिता एवं जन-संचार के क्षेत्र में भी अभूतपूर्व बदलाव आया है । प्रिंट मीडिया की आज देश के कोने-कोने तक पहुँच है । खोजी पत्रकारिता एवं स्टिंग ऑपरेशन आज खूब लोकप्रिय हैं । प्रेस का दायरा एवं दायित्व बहुत बढ़ गए हैं । लोकतंत्र में पत्रकारिता यानी मीडिया को चौथा स्तंभ माना जाता है ।आज की भागमभाग की जीवनचर्या में सभी के पास समय का अभाव है । दूसरे, आज हर क्षेत्र में प्रतियोगिता का बोलबाला है । इसी को ध्यान में रखकर पत्रकारिता जगत् की समस्त जानकारी वस्तुनिष्ठ प्रश्नों के रूप में दी गई है । प्रस्तुत पुस्तक में जनसंचार के सिद्धांत प्रशिक्षण, पत्रकारिता का इतिहास, प्रिंट मीडिया, फोटो पत्रकारिता, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, रेडियो, टी.वी., केबल चैनल, कंप्यूटर, इंटरनेट, प्रेस कानून, विज्ञापन, स्टिंग ऑपरेशन, जनसंपर्क इत्यादि से संबंधित एक हजार प्रश्न दिए गए हैं ।प्रस्तुत पुस्तक विभिन्न विश्व- विद्यालयों में पढ़ाए जानेवाले पत्रकारिता एवं जन-संचार के पाठ्यक्रमों के आधार पर तैयार की गई है । निश्चय ही यह विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं सामान्य पाठकों के लिए विशेष रूप से उपयोगी सिद्ध हो सकती है ।
Anuvrat Anushasta Acharya Mahapragya: Global Reflections And Tributes
- Author Name:
Dr. S.L. Gandhi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Be a Humble Winner
- Author Name:
Suresh Mohan Semwal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Not Much Is As It Seems
- Author Name:
Navniit Gandhi
- Book Type:

- Description: It has often happened with all of us. A friend turned out to be quite different from what he or she had seemed to be! Or, a relative from whom we never expected much, came before us in a different light altogether when the going was rough for us. Or, just when we thought that a much-coveted job would give us the ultimate joy, life took a different turn altogether... Haven’t we often been caught off-guard thus? Even situations, which we had firmly labelled as unfortunate or wonderful, ultimately belied all our emphatic declarations. Yes, all of us have a limited sense of comprehension. And we are very complex beings. The situations that life presents us with, are quite perplex too. We just cannot fathom a person or a situation in its truest form and in its entirety. Most of the time, we err gravely, in concluding about people and circumstances. It is important to take a pause, and look beyond what is obvious...In doing so, it may dawn on us that not much is as it seems to be!!!
Colonel Jim Corbett
- Author Name:
K.R. Pandey
- Book Type:

- Description: "‘जिम’ कॉर्बेट का जन्म 25 जुलाई, 1875 को नैनीताल में हुआ था। उन्हें ब्रिटेन में शिकारी, प्रकृतिविद्, लेखक और जीव-संरक्षणवादी के रूप में जाना जाता है; लेकिन भारत में वह इन सभी से ज्यादा नरभक्षी बाघों और तेंदुओं के शिकारी के रूप में जाने जाते हैं। 18 साल के होते-होते जिम ने पढ़ाई छोड़ दी। उन्हें बिहार के मोकामा घाट, बंगाल और नॉर्थ-वेस्टर्न रेलवे में फ्यूल इंस्पेक्टर की नौकरी मिल गई। ब्रिटिश इंडियन आर्मी में कॉर्बेट को कर्नल का पद दिया गया था। उस दौरान कुमाऊँ और गढ़वाल क्षेत्रों के गाँवों में नरभक्षी बाघों और तेंदुओं का आतंक था। जिम कॉर्बेट ने इन इलाकों में 33 बाघों और तेंदुओं का सफाया करके लोगों को इनके आतंक से मुक्ति दिलाई थी। जिम को बाघों और उनके निवास से बेहद लगाव रहा। उन्होंने अपनी पुस्तकों में बाघों और तेंदुओं के परिवार, उनके आचरण, उनकी दिनचर्या और उनके निवास आदि से संबंधित ढेरों जानकारियाँ दी हैं। कर्नल जिम कॉर्बेट की जीवनी के माध्यम से जंगल की अनजान दुनिया व अनजानी बातें बताती और एक सहज-स्वाभाविक जिज्ञासा जगाती अत्यंत पठनीय पुस्तक। "
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book