Brahmos Ki Safalta Ke Mantra
(0)
₹
450
₹ 360 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789352669455
-
Pages224
-
Avg Reading Time7 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Bihar STET Secondary Teacher Eligibility Test | Higher Secondary Class (PGT) Paper-II (Class 11 & 12) Hindi 15 Practice Sets Book in Hindi
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Arastu
- Author Name:
Sukesh kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Highest Reality | A Treatise on Religion, Truth, Morality and The Purpose of Life
- Author Name:
Paritosh M. Chakrabarti
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Maharana Sanga "महाराणा साँगा" | An Unforgettable Historical Stories of Sanga Warrior Book in Hindi
- Author Name:
Acharya Mayaram 'Patang'
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Cross Creek (Pb)
- Author Name:
Marjorie Kinnan Rawlings
- Rating:
- Book Type:

- Description: This book doesn’t have description
Patanjali’S Yoga Sutras
- Author Name:
Swami Vivekananda
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Life and Times of Charlie Chaplin
- Author Name:
Nandini Saraf
- Book Type:

- Description: Charlie Chaplin, the universal comic icon, who with his lovable portrayal of a ‘tramp’made and still makes the world laugh, continues to live in popular memory. The Hitler’s toothbrush moustache, the bowler or derby hat, the coat a size or two too small, the baggy trousers, the floppy shoes and the cane made him the most unforgettable character. The mere mention of his name conjures a picture of him as the tramp. One of the most pivotal stars of the early silent era of Hollywood, Charlie Chaplin’s films made everyone laugh and cry at the same time. The world cinema is indebted to him for films like ‘The Kid’, ‘The Gold Rush’, ‘The Circus,’ ‘City Light’, ‘Modern Times’ and ‘The Great Dictator’. An enigma to the world, people have vast curiosity about his life and his body of work. This book is an attempt to unravel the various aspects of his life and his struggles. The happiness and the despair, the controversies and the acclaim are all revealed in this authentic biography of this great legend.
NDA/NA SSB INTERVIEW GUIDE
- Author Name:
Gautam Chauhan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
B.Sc Nursing General Nursing and Midwifery (GNM) Training Selection Examination 2023 Guide with Practice Sets in Hindi
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
NCERT MCQs Geography & Environment Class 6 To 12 Useful Book For UPSC, State PSCs & All Competitive Exam Chapter-wise and Topic-wise Solved Paper 2025
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Innovation, Kanoon Aur Garibi
- Author Name:
Robert D. Cooter +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Pratham Bharatiya Antariksha Yatri—Captain Rakesh Sharma
- Author Name:
Harsha Sharma
- Book Type:

- Description: भारतीय सैन्य पायलट विंग कमांडर राकेश शर्मा अंतरिक्ष में जानेवाले पहले भारतीय हैं। 13 जनवरी, 1949 को पटियाला में जनमे राकेश शर्मा सन 1970 में फाइटर पायलट के रूप में भारतीय वायु सेना में शामिल हुए। सन 1971 के भारत-पाक युद्ध में उन्होंने कम-से-कम 21 बार उड़ान भरी। वे अंतरिक्ष में यात्रा करनेवाले पहले भारतीय और विश्व के 138वें अंतरिक्ष यात्री बने। यह अंतरिक्ष मिशन लगभग 8 दिनों तक चला और 11 अप्रैल, 1984 को राकेश शर्मा एवं उनका दो सदस्यीय सोवियत दल पृथ्वी पर कजाकिस्तान लौट आया। ‘हीरो ऑफ द सोवियत यूनियन’ का सम्मान पानेवाले वे पहले भारतीय भी हैं। उन्हें अपने रूसी सह-अंतरिक्ष यात्रियों के साथ ‘अशोक चक्र’ सम्मान भी मिला। सेना से पद-मुक्ति के बाद सन 1987 में राकेश शर्मा हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड में मुख्य परीक्षण पायलट के रूप में सम्मिलित हुए, जिसे उन्होंने 2001 में स्वचालित वर्क फ्लो बोर्ड का अध्यक्ष बनने के बाद छोड़ दिया। प्रस्तुत पुस्तक में भारत के गौरव विंग कमांडर राकेश शर्मा के पायलट से अंतरिक्ष यात्री बनने की रोमांचक कहानी है, जो प्रेरित करेगी और युवाओं को इस क्षेत्र में कॅरियर बनाने का पथ भी प्रशस्त करेगी।
Vishwas Ka Jadu
- Author Name:
Joseph Murphy
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sangrang : Nai Peedhi Ke 25 Rangkarmiyon Ki Rachana-Prakriya
- Author Name:
Hrishikesh Sulabh
- Book Type:

-
Description:
मंच पर उतरने से पहले अभिनेता किस भीतरी संघर्ष से गुजरता है; दिये गए चरित्र के साथ अपनी खुद की पहचान को एकलय करने में उसे नाटक के पाठ के साथ-साथ खुद को भी कितना पढ़ना-खँगालना पड़ता है; कितनी मदद उसे अपने अब तक के जिये जीवन से मिलती है, और कितनी अभिनेता के रूप में प्राप्त प्रशिक्षण से; और कैसे एक पात्र को जीना समाज में उसकी अपनी गति को प्रभावित करता है, इन सवालों पर आम दर्शक कभी नहीं सोचता।
ये चीजें आम तौर पर सामने भी नहीं आ पातीं क्योंकि अभिनेता न कभी इस बारे में कहीं लिखते हैं, न कोई उनसे पूछता है। यह उस मंच का किंचित् अदृश्य कोना है जिस पर हमने जीवन की नाटकीयताओं के जरिये अपने अस्तित्व के कई अँधेरे-अदेखे पहलुओं को देखा-जाना है।
यह किताब इस दिशा में एक बड़ी, और गम्भीर पहलकदमी है।
हिन्दी में पहली बार मंच पर सक्रिय युवा अभिनेता और अभिनेत्रियाँ यहाँ अपने ऐसे अनुभवों को साझा कर रहे हैं जो खुद उनके लिए भी गहरी अन्तर्यात्राओं की तरह रहे। इन्हें पढ़कर मालूम होता है कि जिसे हम ‘एक्टिंग’ कहकर आगे बढ़ जाते हैं, वह ‘एक्टर’ के लिए उसके अस्तित्व-बोध के स्तर पर घटित होनेवाला कितना बड़ा संघर्ष होता है; व्यक्तित्वान्तरण की वह प्रक्रिया उन्हें कितना मुक्त करती है, और कितना कसती है।
और यह हम पढ़ते हैं एक सजीव, धड़कते हुए, अत्यन्त ईमानदार गद्य के रूप में जिसे वही सम्भव कर पाता है जो अनुभव के कंटकाकीर्ण पथ पर नंगे पैर और खुली आँखों चला हो, जो प्रक्रिया का भोक्ता भी रहा हो और साक्षी भी।
अभिनय-जीवन के इन संस्मरणों को पढ़कर हम रंग-दर्शक के रूप में समृद्ध होते हैं। अभिनय के विद्यार्थियों के लिए तो इनसे गुजरना किसी ‘वर्कशॉप’ में होने जैसा है।
Reshmi Khwabon Ki Dhoop Chhaon
- Author Name:
Prahlad Agarwal
- Book Type:

- Description: यश चोपड़ा रूमान के जादूगर थे। उन्होंने हिन्दी सिनेमा में तीन पीढ़ियों के साथ सफ़र किया। जब यश चोपड़ा ने अपनी रचना-यात्रा शुरू की तब महबूब, बिमल राय, राजकपूर, गुरुदत्त, विजय आनन्द वग़ैरह का गौरवगान था और फिर वे सूरज बड़जात्या, करन जौहर, संजय लीला भंसाली, राम गोपाल वर्मा और आशुतोष गोवारीकर जैसे फ़िल्मकारों की पीढ़ी के साथ सृजनरत रहे। इस पीढ़ी के साथ सफ़र करते हुए उन्होंने ‘डर’, ‘दिल तो पागल है’ और ‘वीर जारा’ जैसी फ़िल्में बनाईं जिनसे वे सिर्फ़ रोमान के बादशाह ही साबित नहीं हुए—वरन् नई पीढ़ी के साथ इस तरह खड़े हुए कि उसके मार्गदर्शक भी बन गए। पर हमारे इस आख्यान के कथानायक मात्र ‘निर्देशक’ यश चोपड़ा हैं। वे फ़िल्म निर्देशक होने के साथ ही और भी बहुत कुछ थे। फ़िल्म-निर्माता से लेकर स्टूडियो के मालिक तक और फिर फिल्मोद्योग के एक एम्बेसेडर की तरह भी उन्हें देखा गया। इन तमाम रूपों के बीच से यह सिर्फ़ उस यश चोपड़ा का क़िस्सा है जिसने 1959 से 2004 के बीच पैंतीस सालों में इक्कीस फ़िल्मों का निर्देशन किया और अपने जीवनकाल में ही अपनी विरासत को अगली पीढ़ी के हाथों सौंप दिया और उसे अपने ज़माने से भी अधिक फलता-फूलता देखा।
1000 Samajshastra Prashnottari
- Author Name:
Mohananand Jha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mahaveer
- Author Name:
Sanjay Krishna
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Tribal Hero Shibu Soren
- Author Name:
Anuj Kumar Sinha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Manavdeh Aur Hamari Deh Bhashayen
- Author Name:
Ramesh Kuntal Megh
- Book Type:

- Description: यह एक विलक्षण संहिता है जो मानवदेह तथा अनेकानेक देहभाषाओं के विश्वकोश जैसी है। इसे अध्ययन-कक्ष, शृंगार-मेज़, ज्ञान-परिसंवाद तथा रात्रि-शय्या में बेधड़क पास एवं साथ में रखना वांछनीय होगा। यह अद्यतन ‘देह धुरीण विश्वकोश’ अर्थात् अकुंठ ‘बॉडी इनसाइक्लोपीडिया’ है। पन्द्रह वर्षों की इतस्ततः अन्वीक्षा-अन्वेषण-अनुप्रयोग से यह रची गई है। इसके लिए ही कृती-आलोचिन्तक को निजी तौर पर अमेरिका में मिशिगन (डेट्राइट) में अपनी बेटी मधुछंदा के यहाँ प्रवास करना पड़ा था। इसका प्रत्येक पन्ना, रेखाचित्र, चित्र चार्ट सबूत हैं कि ‘मानवदेह और हमारी देह्भाषाएँ’ अन्तर-ज्ञानानुशासनात्मक उपागम द्वारा समाजविज्ञानों, कला, साहित्य, समाजेतिहास आदि से संयुक्त ‘सांस्कृतिक-पैटर्न’ का भी एक प्रदर्श है। यहाँ सिरजनहार की आलोचिन्तना की दावेदारी की जाँच तथा देनदारी का इम्तहान भी होगा। तथापि इसके निर्णायक तो आप ही हैं। यह ‘ग्रन्थ’ क्षयिष्णु कुंठाओं, रूढ़ वर्जनाओं-अधोगामी पूर्वग्रहों के विरुद्ध, अतः उनसे विमुक्त होकर, शालीनता अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तथा आम आदमी की बेहतर भौतिक ज़िन्दगानी की समझदारी से प्रतिबद्ध है। इसमें भारत, रूस, अमेरिका, रोम, मेक्सिको, इजिप्त के कला-एलबमों तथा ग्रन्थाकारों और म्यूज़ियमों का भी नायाब इस्तेमाल हुआ है। यह दस से भी ज़्यादा वर्षों की तैयारी द्वारा अमेरिका-प्रवास में सम्पन्न हुआ है। लक्ष्य है : असंख्य-बहुविध प्रासंगिक सूचनाएँ देना, ज्ञान के बहुआयामी-अल्पज्ञात क्षितिजों को खोजना, तथा मानवदेह और उसकी विविध देहभाषाओं का वर्गीकरण, शिक्षण-प्रशिक्षण, तथा उदारीकरण करते चलना। अथच।सर्वांत में अपने ही देश में उपेक्षित जनवादी राजभाषा हिन्दी को 21वीं शताब्दी की कलहंसनी बनाकर स्वदेश में देशकाल के पंखों द्वारा कालोत्तीर्ण उड़ानें देना। सो, यह ग्रन्थ भारत एवं विश्व की सांस्कृतिक-ऐतिहासिक हंसझील-नीड़ के मुझ जैसे सादे बन्दे का हंसगान भी है। अगर आपको पसन्द आए तो इसे एक ‘आधुनिक देहभागवत’ भी कह लें। तो आपकी राय का दिन-प्रतिदिन इन्तज़ार रहेगा—ऐसे विमर्श में! हीरामन और नीलतारा के संकल्प से।
Jwalamukhi Bhayankartam Prakritik Aapda
- Author Name:
Shyam Sunder Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book