BPSC TRE 3.0 Bihar Primary School (Special) Class 1-5 Teacher Eligibility Test Sakshamta Pariksha | 20 Practice Sets (Hindi)
Publisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 316
₹
395
Unavailable
Awating description for this book
ISBN: 9789354887246
Pages: 344
Avg Reading Time: 11 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Udarikaran Ka Chyavanprash
- Author Name:
Shikhar Jain
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ateet Ke Antaral
- Author Name:
Mohanlal Upadhyaya
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Raag Darbari
- Author Name:
Shrilal Shukla
- Book Type:

- Description: v data-content-type="html" data-appearance="default" data-element="main">राग दरबारी’ एक ऐसा उपन्यास है जो गाँव की कथा के माध्यम से आधुनिक भारतीय जीवन की मूल्यहीनता को सहजता और निर्ममता से अनावृत्त करता है। शुरू से आख़िर तक इतने निस्संग और सोद्देश्य व्यंग्य के साथ लिखा गया हिन्दी का शायद यह पहला बृहत् उपन्यास है।फिर भी ‘राग दरबारी’ व्यंग्य-कथा नहीं है। इसका सम्बन्ध एक बड़े नगर से कुछ दूर बसे हुए गाँव की ज़िन्दगी से है, जो इतने वर्षों की प्रगति और विकास के नारों के बावजूद निहित स्वार्थों और अनेक अवांछनीय तत्त्वों के सामने घिसट रही है। यह उसी ज़िन्दगी का दस्तावेज़ है।1968 में ‘राग दरबारी’ का प्रकाशन एक महत्त्वपूर्ण साहित्यिक घटना थी। 1971 में इसे ‘साहित्य अकादेमी पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया और 1986 में एक दूरदर्शन-धारावाहिक के रूप में इसे लाखों दर्शकों की सराहना प्राप्त हुई।वस्तुतः ‘राग दरबारी’ हिन्दी के कुछ कालजयी उपन्यासों में से एक है।
Super Genius Computer Learner-7
- Author Name:
Manuj Bajaj +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Great Salesman
- Author Name:
Sandeep Gajjar
- Book Type:

- Description: "आज की दुनिया खरीदारों की दुनिया है—बस, कमी है तो अच्छे सेल्समैनों की। अगर आप अपने कस्टमर का खयाल नहीं रखते तो आपका प्रतिद्वंद्वी रखेगा और वह आपसे आगे निकल जाएगा। फिर आप नंबर वन सेल्समैन बनने की दौड़ में पिछड़ जाएँगे। आप जब कस्टमर के सभी प्रश्नों के सटीक उत्तर देंगे, तभी वे संतुष्ट होंगे और आपसे सामान खरीदेंगे। अगर आप दो बार ‘नो थैंक्स’ कहने के बावजूद कस्टमर के पीछे पडे़ रहते हैं तो फिर वे भविष्य में कभी मुड़कर आपके पास नहीं आते। वहीं आप सहज और सरल भाव से मुसकराकर उन्हें विदा करते हैं तो जरूरत पड़ने पर वे अवश्य आपके पास आएँगे या आपको कॉल करेंगे। यह एक कड़वी सच्चाई है कि सेल्समैन को ‘हाँ’ से ज्यादा ‘ना’ सुननी पड़ती है। यह याद रखें कि ‘ना’ या ‘नो’ शब्द सेल्स से गहराई से जुड़ा हुआ है। जो जितनी ज्यादा ‘नो’ सुनने की हिम्मत रखता है, वह उतनी ही शिद्दत से सेल्स करता है। यह पुस्तक आपको अच्छे सेल्समैन से सर्वोत्तम सेल्समैन बनाएगी। यह सिखाएगी कि एक सेल्स टीम का नेतृत्व करने का बेहतर तरीका क्या है? अपने प्रतिद्वंद्वी से स्पर्धा करते हुए अपनी बिक्री और मुनाफा कैसे बढ़ाएँ? गलत फैसलों से कैसे बचें और अच्छे फैसले कैसे लें? मार्केटिंग और सेल्स के बहुप्रशंसित गुरु संदीप गज्जर के गहन अनुभव का सार है यह बेस्टसेलर पुस्तक।
Rahasyopadesh Ka Rahasya
- Author Name:
Satish Dhar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
62 Ki Baaten
- Author Name:
Neelum Saran Gour
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Tamil Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Dr. A. Bhawani
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dekhan Mein Chhote Lagain
- Author Name:
Mridula Sinha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bhartiyam "भारतीयम" | Indian Patriotic Poems Book In Hindi
- Author Name:
Pushpa Sinha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Stree : Yaunikta Banam Aadhyatmikta
- Author Name:
Pramila K.P.
- Book Type:

- Description: हिन्दी में विमर्श-ग्रन्थों की दुर्दशा का एक कारण आत्ममन्थन की जगह आत्मश्लाघा का होना है। छोटे-बड़े मंचों पर बड़ी-बड़ी बातें अवश्य की जाती हैं, पर रूढ़ियों में जकड़े व्यक्ति की नीयत उसकी देह-भाषा और बातचीत से ज़ाहिर हो ही जाती है। हिन्दी में उपलब्ध ज़्यादातर विमर्श-ग्रन्थों का यही द्वन्द्व है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति-केन्द्रित अनुभवों से ऊपर उठकर समष्टि मनुष्य के व्यापक हित की ओर ध्यान केन्द्रित करने की ज़रूरत है। आज प्रचलित सभी विमर्शों में स्त्री-विमर्श अपने सर्वव्यापी वैचारिक महत्त्व के कारण सबसे महत्त्वपूर्ण है। इसका ताल्लुक़ संसार की आधी आबादी से है। वह आबादी जिसकी रचनात्मकता के सक्रिय योगदान से यह दुनिया अभी तक वंचित रही आई है; और जिसके योगदान को रेखांकित करने की कोई प्रविधि पुरुष की मनीषा ने अभी तक ईजाद नहीं की। आज के स्त्री-विमर्श का यह दायित्व है कि वह सभी वर्गों के लोगों की चेतना को इस दिशा में संवेदित करे। स्त्री-विमर्श का सचेतन प्रयास होना चाहिए कि सांस्कृतिक जन-जीवन को समग्रता के साथ ग्रहण कर समष्टि चिन्तन को व्यापक रूप दिया जाए। प्रस्तुत किताब इसी प्रयास को महत्ता के साथ रेखांकित करती है। यह किताब स्पष्ट करती है कि स्त्री-विमर्श के साथ मनुष्य-जीवन के सभी पक्षों व विषयों का उचित समायोजन हो, क्योंकि स्त्री-पक्ष और स्त्री-चिन्तन का सतत पुनर्वाचन एक ऐतिहासिक ज़रूरत है। विज्ञान और संचार-क्रान्ति की सम्भावनाओं में डूबते-उतराते ‘सांस्कृतिक-जनजीवन’ के समक्ष यह किताब स्त्री-विमर्श की राह को प्रशस्त तो करती ही है, साथ ही यह उम्मीद भी करती है कि ख़ुद के साथ समस्त जीवों की संवेदनात्मक तपिश व वैचारिक उधेड़बुन से उपजे कुछ तथ्य सामने आएँ, ताकि स्त्री-विमर्श को नव-अन्तरानुशासिक मार्ग से आगे बढ़ाया जा सके। इसमें सन्देह नहीं कि समकालीन स्त्री-चिन्तन, लिंग-संवेदना, स्त्री-प्रकृति, स्त्री-यौनिकता, देह-विमर्श, सांस्कृतिक संक्रमण, सिनेमा आदि विषयों के समायोजन में हिन्दी में यह पहला प्रयास है।
Samaj Aur Siyasat
- Author Name:
R.K. Sinha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Karna Vastav Mein Kaun Tha? "कर्ण वास्तव में कौन था?" | Religious Hinduism Mahabharat Book in Hindi
- Author Name:
Daji Panashikar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bharat Ki Pragati Mein Incois Ke Rajat Varsh "भारत की प्रगति में इंकॉइस के रजत वर्ष" Book in Hindi
- Author Name:
Dr. D.D. Ozha +1
- Book Type:

- Description: मानव समाज सदा से ही सागर से प्रभावित होता रहा है और अनादिकाल से ही महासागरों का कई तरीकों से उपयोग करता रहा है । महासागर हमारे लिए कुबेर हैं क्योंकि ये अनेक संसाधनों, जैसे खनिज (धातुएँ, तेल, प्राकृतिक गैस, रसायन, नमक आदि), भोजन (मछली, झींगुर, लॉबस्टर आदि), ऊर्जा (तरंग, जलधाराएँ, ज्वार-भाटा आदि) तथा औषधियों के अनंत भंडार हैं । इंकॉइस ने समुद्री विज्ञान में अनुसंधान परिणाम / ज्ञान के अनुवादकीय अनुप्रयोग पर ध्यान केंद्रित किया, जिससे मछुआरों, नाविकों, बंदरगाह व पोताश्रय, भारतीय नौसेना, भारतीय तटरक्षक बल और सामुद्रिक उद्योग के उपयोग के लिए सरल उत्पाद तैयार किए जा सकें । इस जनोपयोगी पुस्तक में समुद्र का महत्त्व, इंकॉइस का परिचयात्मक विवेचन इसके उद्देश्य, अनेकानेक क्षेत्रों में प्रदान की जा रही जनोपयोगी सेवाएँ, महासागर मॉडलिंग और अनुसंधान, महासागरीय प्रेक्षण, इंकॉइस का अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य, इंकॉइस प्रौद्योगिकी का प्रचार-प्रसार आदि महत्त्वपूर्ण विषयों पर जनोपयोगी तकनीकी जानकारी प्रदान करने का सुप्रयास किया गया है, जिससे सुधी पाठकगण लाभान्वित हो सकें।
Madhya Pradesh Uchch Madhyamik Shikshak Patrata Pariksha Itihas Practice MCQs (MPTET Higher Secondary Teacher History Practice Sets in Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Echoes of Aspirations – JNU To IAS : Love, Dream & The Mussoorie Odyssey
- Author Name:
Asif Jalal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Extraordinary Desire To Win
- Author Name:
Zeenat Ara
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
A Sindhi Mother’s Cookbook
- Author Name:
Duru Sachdev
- Book Type:

- Description: A Sindhi Mother’s Cookbook is, like any other task mother undertakes, a labour of love. It is a wonderful compilation of recipes from a typical Sindhi kitchen that is mindful of modern lifestyles. Written with great clarity and with easy-to-follow instructions, it gently encourages even the most hesitant to try their hand at producing authentic dishes from this age-old cuisine. But the flavours imbued by the ‘Sindhi Mother’ permeate much more than the simple detailing of ingredients and method: they are evocative of the dining table, leisurely family gatherings, of shared meals prepared and served with the utmost care and savoured in appreciation — of the food, the company and, most of all, the individual who laboured over it with such love. And that is what makes the difference.
Nar se Narayan : आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग Book in Hindi
- Author Name:
Sadhvi Ritambhara
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Vishnu Prabhakar Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Vishnu Prabhakar
- Book Type:

- Description: "सन् 1931 में जब विष्णु प्रभाकर 19 वर्ष के थे, उनकी पहली कहानी ‘दिवाली की रात’ लाहौर से निकलनेवाले ‘मिलाप’ पत्र में छपी। उसके बाद जो सिलसिला शुरू हुआ, वह 76 वर्ष सन् 2007 तक निर्बाध चलता रहा। उनके लेखन में विचार नारों की तरह शोरगुल में नहीं बदलता। मनुष्य मन की जटिल व्यवस्था हो या अमानवीय असामाजिक परिस्थितियाँ, विष्णु प्रभाकर उस मनुष्य की चिंता करते हैं, जिसे सताया जा रहा है और फिर भी निरंतर मुक्ति संग्राम में जुटा है। उनकी कथावस्तु में प्रेम, मानवीय संवेदना, पारिवारिक संबंध, अंधविश्वास जैसे विषय मौजूद हैं। विष्णुजी की अधिक रुचि मनुष्य में रही। उन्होंने उसके जीवन के झूठ और पाखंड को देखा, उसके छोटे-से-छोटे क्रियाकलाप को बारीकी से परखा, उसके अंतर में चलते द्वंद्व को समझा, अपने दीर्घ अनुभव के साँचे में ढाला और करुणा के अंतर्निहित भावों को शब्द दिए। वे अपने प्रारंभिक त्रासद जीवन के प्रभाव से शायद कभी मुक्त न हो सके। उनका विपुल साहित्य उनके स्वयं के जीवन का ही प्रतिरूप है, जो सरल, सात्त्विक, अकृत्रिम व मानवीय मूल्यों को समर्पित है। मित्र, हमदर्द, सलाहकार, सहभागी और सहयात्री—विष्णु प्रभाकर अनेक रूपों में अपने कथा-पात्रों के साथ जीते हैं। यही जीना उनकी रचनाओं को रोचक बना देता है।"
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book