BPSC Bihar Shikshak Bahali Class 9 To 10 Vigyan 20 Practice Sets Based on SCERT And NCERT With Latest Solved Paper Tre 4.0
(0)
₹
395
₹ 316 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789348203359
-
Pages364
-
Avg Reading Time12 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Main Radhakrishnan Bol Raha Hoon
- Author Name:
Jaishri
- Book Type:

- Description:
"डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारतीय संस्कृति से ओत-प्रोत एक आस्थावान् राष्ट्र-सेवक थे। इसके साथ ही वे सभी धर्मों और धर्मावलंबियों के प्रति समान आदरभाव रखते थे। वे स्वभाव से अत्यंत विनम्र और धैर्यशील थे। डॉ. राधाकृष्णन एक उच्चकोटि के दार्शनिक, मूर्धन्य लेखक एवं राष्ट्रीय विचारों के ओजस्वी प्रवक्ता थे। उन्होंने दर्शन एवं संस्कृति पर अनेक ग्रंथों की रचना की। यों तो डॉ. राधाकृष्णन का मूलरूप एक शिक्षक का ही था, परंतु एक उच्चकोटि के लेखक और दर्शनशास्त्र के व्याख्याता के रूप में उन्हें अधिक ख्याति मिली। ऐसे महान् दार्शनिक, विचारक, चिंतक व शिक्षाशास्त्रा् के प्रेरक विचारों का संकलन अवश्य ही हमारा मार्ग प्रशस्त करेगा। "
Priyatama
- Author Name:
Phani Mohanty
- Book Type:

- Description:
चारों दिशाएँ, चौदह भुवन खाली-खाली लगते हैं, एक अध-जला दीया की रस्सी की तरह नाम के वास्ते हाथ-पैर पसारकर, गिरा हुआ हूँ मैं। यह कैसा जीवन है प्रियतमा? हर पल मैं कितने शब्द जोड़ता हूँ और तोड़ता हूँ, जुड़े-तुड़े इन्हीं शब्दों से मैं एक वाक्य की माला भी बना नहीं सका, इस जीवन में। करोड़ों तारों और चाँद और सूरज के मेले में, तुम ही तो मेरे साक्षी हो, तुम ही मेरे साक्षी हो भाव में रहकर भी कवि मर सकता है, अभाव के नरक में। इस जीवन को अकेले में जाने दो, प्रियतमा, चाहे तुम जितने न पहुँचनेवाले दुनिया में, तुम ही मेरी प्रथम और आखिरी वर्णमाला तुम ही मेरा प्रथम और आखिरी वादा। —इसी पुस्तक से
Rukna Nahin Radhika "रुकना नहीं राधिका" Book In Hindi
- Author Name:
Ramesh Chandra
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
15 Practice Sets for REET Rajasthan Adhyapak Patrata Pariksha Level 1 (Class 1 to 5 ) Exam 2022
- Author Name:
Kunwar Kanak Singh Rao
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Network Marketing Judo, Jodo, Jeeto
- Author Name:
Dr. Ujjwal Patni
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Antariksh Ki Kahani, Antariksh Yatriyon Ki Zubani
- Author Name:
Kali Shankar
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Malyalam Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
S. Tankmani Amma
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Rani Durgavati
- Author Name:
Shankar Dayal Bhardwaj
- Book Type:

- Description:
"कैसा विचित्र समय था? जब हिंदू राजाओं ने अकबर की अधीनता स्वीकार करने के बारे में विचार करना ही त्याग दिया था। वे सीधे शरणागत हो रहे थे। रानी दुर्गावती की दृढ़ता, शासन करने की शैली तथा प्रजा-रंजन बादशाह अकबर को भी चिढ़ाता था। एक विधवा रानी का सुयोग्य शासन उसे खटक रहा था। अकबर ने संदेश भेजा—रानी, पिंजरे में कैद हो जाओ, तभी सुरक्षित रहोगी और वह पिंजरा होगा, मुगल बादशाह अकबर का। सोने का ही सही, पर पिंजरा तो पिंजरा होता है। गुलामी तो गुलामी होती है। कितना निकृष्ट संदेश रहा होगा? रानी दुर्गावती ने इस संदेश के उत्तर में अकबर को उसकी औकात बता दी। रानी संस्कृति की पूजक थीं, ‘गीता’ रानी का प्रिय ग्रंथ था। वह पंडितों से नियमित गीता प्रवचन सुनती थीं। रानी जीना भी जानती थीं और मृत्यु का वरण करना भी। उन्हें पुनर्जन्म पर भी विश्वास था। वह देशाभिमान भी जानती थीं और युद्ध के मैदान में रणचंडी बनना भी। ऐसी मनस्विनी रानी अकबर की नौकरानी कैसे बन सकती थीं? दुर्गावती की गाथा गोंडवाना की लोककथाओं में जीवित है, उन्हें जन-जन पूजता है। महारानी दुर्गावती के जीवन-चरित्र को अनेक लेखकों ने लिखा है। दुर्गावती के बलिदान स्थल से जन्म स्थल तक अनेक अभिलेख, आलेख तथा पुरातत्त्व के अवशेष मिल जाते हैं। दुर्गावती शोध संस्थान, जबलपुर ने रानी दुर्गावती के जीवन-चरित्र और उनके रेखांकित स्थलों पर अनुसंधान भी किया है। दुर्गावती का जीवनवृत्त सुना, समझा और पढ़ा जा रहा है। देशाभिमानी, निर्भीक, साहसी क्षत्राणी और विदुषी रानी दुर्गावती का प्रामाणिक जीवन-चरित है यह उपन्यास।
Brahmos Ki Safalta Ke Mantra
- Author Name:
A. Sivathanu Pillai
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Sosobonga | A Famous Religious Saga of Mundas Book In Hindi
- Author Name:
Jagdish Trigunayat
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Sosobonga | A Famous Religious Saga of Mundas Book In Hindi
Jagdish Trigunayat
20% off₹ 300
₹ 240
Available
Psychology of Becoming Super Rich with Share Market | Using Candlestick & Chart Patterns
- Author Name:
Shyam Sundar Goel
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
General Bipin Rawat: The Warrior
- Author Name:
Manjeet Negi
- Book Type:

- Description:
India’s first CDS General Bipin Rawat was a valiant warrior with indomitable willpower and unprecedented vision. During his military tenure, he provided intense and brilliant leadership. He was well aware that the mission he was leading, was visionary, far-reaching, for the betterment of the Forces and in the interest of the nation. He always first experimented all his suggested reforms on himself, before implementing these in the Forces. He followed ‘zero tolerance’ policy against corruption and ethical conduct in the Forces. He was the greatest pioneer of ‘Make in India’ in the Forces. He strongly supported the production of weapons and other defence equipment in the country itself. General Bipin Rawat’s impressive personality, his steely character and superb efficiency, quite simple behaviour were all so very natural and devoid of artificiality and so efficacious that any person coming in his contact, was naturally influenced by him. His military strategies, readiness to act, deep studies, analytical, fearless, sincere and bold statements, industrious nature, humane impartiality and ‘zero tolerance’ for corruption were so strong that any impartial and neutral person was forced to support his views. This book is a glorious tale of valiant and inspirational life of General Bipin Rawat, the pride of Indians.
Derh Biswa Zameen
- Author Name:
Brij Lal
- Book Type:

- Description:
पूर्वी उत्तर प्रदेश जहाँ एक तरफ गरीबी की मार झेल रहा था, वहीं दूसरी तरफ 1970 के दशक से माफिया गतिविधियों की शुरुआत पूर्वी उत्तर प्रदेश से ही शुरू हुई। शुरुआती दौर में गोरखपुर इसका केंद्रबिंदु बना । माफिया गिरोहों में वर्चस्व की लड़ाई शुरू हो गई। वर्चस्व का मतलब जमीनें हड़प लेंगे, खरीदेंगे नहीं। पेट्रोल-डीजल भरा लेंगे, पर पैसे नहीं देंगे; कोई आँख मिलाकर बात नहीं करेगा। गोरखपुर में हुए गैंगवार ने पूर्वांचल के वाराणसी, आजमगढ़, मऊ, गाजीपुर, प्रयागराज, चंदौली, मिर्जापुर, भदोही जिलों को भी अपनी चपेट में ले लिया। 1990 के दशक में सीवान, बिहार के शहाबुद्दीन, गाजीपुर के मुख्तार अंसारी और प्रयागराज के अतीक अहमद का माफिया सिंडिकेट बना। सीवान का शहाबुद्दीन, गाजीपुर का मुख्तार अंसारी और प्रयागराज का अतीक अहमद ऐसे माफिया हुए, जिन्होंने एक-दूसरे के सहयोग से अपने माफियाराज को मजबूत बनाया और अकूत संपत्ति बनाई । उनके गुर्गे एक साथ मिलकर फिरौती के लिए अपहरण, हत्या, किराए पर हत्याएँ जैसे जघन्य अपराध करते थे । माफियाओं के कुकर्मों और समाज को भयाक्रांत कर अपराधों को अंजाम देने की क्रूर मानसिकता को अत्यंत प्रामाणिक और सिलसिलेवार ढंग से प्रस्तुत करती पुस्तक, जो इन अपराधियों की कार्यशैली और वहशीपन को बेनकाब करती है।
Saat Chiranjeevi
- Author Name:
Ramesh Soni
- Book Type:

- Description:
"एक सहज और स्वाभाविक प्रश्न है, क्या मनुष्य अमर हो सकता है? इसका जवाब इतना आसान नहीं है, क्योंकि आज भी मनुष्य उन सीमाओं के पार नहीं पहुँच सका है, जो उसे अमर बना दें। हाँ, कभी-कभी कुछ विशेष व्यक्तियों के लिए प्रकृति ने अपने नियम जरूर बदले हैं। ऐसे ही विशेष महामानव हैं-सात चिरंजीवी। ये सात चिरंजीवी इसलिए कहलाए, क्योंकि सातों जीवन-मृत्यु के चक्र से ऊपर उठकर अमर हो गए। इन सात चिरंजीवियों में परशुराम, बलि, विभीषण, हनुमान, महर्षि वेदव्यास, कृपाचार्य और अश्वत्थामा हैं। इन चिरंजीवियों में से कुछ के बारे में गलत धारणाएँ भी प्रचलित हैं, जैसे परशुराम का नाम सुनते ही हमारी आँखों के सामने एक ऐसे ऋषि की तसवीर उभरती है, जो बेहद क्रोधी स्वभाव के हैं। लेकिन उन्होंने अत्याचारी और अन्यायी राजाओं के खिलाफ ही शत्र उठाए। एक आदर्शवादी और न्यायप्रिय राजा के रूप में राम से मिलने के पश्चात् वे महेंद्र गिरि पर्वत पर तपस्या करने चले गए। परशुराम भगवान् विष्णु के अंशावतार माने जाते हैं। आज्ञाकारी पुत्र के रूप में वे अद्भुत हैं। "
Irade Hon To Aise
- Author Name:
N Raghuraman
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
DR. HEDGEWAR CHITRAWALI
- Author Name:
Suryakant
- Book Type:

- Description:
डॉ. केशवराव हेडगेवार विश्व के सबसे बड़े व विलक्षण सामाजिक-सांस्कृतिक संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ. केशवराव हेडगेवार का जन्म चैत्र शुक्ल प्रतिपदा संवत् 1946 विक्रमी को हुआ था। घोर निर्धनता में भी किशोर केशव का मन कभी धन-संग्रह का आग्रही नहीं रहा और न उसकी तेजस्विता में कोई कमी आई। राष्ट्र के सौभाग्य से केशव का विकास एक राष्ट्रवादी, ध्येयनिष्ठ, तेजस्वी और स्वाभिमानी व्यक्ति के रूप में निरंतर होता चला गया। केशवराव ने डॉक्टरी शिक्षा तो प्राहृश्वत की, पर उसे कभी अपना पेशा नहीं बनाया। राष्ट्र-चिंतन करते हुए डॉक्टरजी निरंतर अपने मित्र-मंडल का विस्तार करते रहे। अंग्रेजी राजाज्ञा का उल्लंघन करने पर 1 मई, 1921 को डॉक्टरजी पर नागपुर में अंग्रेज सरकार ने राजद्रोह का मुकदमा चलाया। ‘स्वतंत्रता आज नहीं तो कल मिलनी है’, इसे दीर्घजीवी कैसे बनाया जाए, इसी के समाधान स्वरूप विजयादशमी के पवित्र दिन, यानी 27 सितंबर, 1925 को उन्होंने अपने घनिष्ठ एवं प्रखर राष्ट्रीय चिंतनशील मित्रों तथा राष्ट्रभक्त तरुणों के साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की। संघ पर सरकार की वक्रदृष्टि रहती थी, अतः डॉक्टरजी ने सरकार की कुटिल नीति को समझकर 1933 ई. में नाग नदी के पार रेशम बाग में सवा दो एकड़ जमीन खरीदकर संघस्थान की स्थायी व्यवस्था कर दी। दिसंबर 1934 में वर्धा के शीत शिविर में महात्मा गांधी वहाँ आए और संघ की कार्य-पद्धति को समझा। द्रुतगति से संघ का विस्तार हो रहा था। अकोला नगर में लगे अधिकारी शिक्षण वर्ग में डॉक्टरजी को ‘श्रीगुरुजी’ के रूप में अपना उत्तराधिकारी मिल गया। संघ के अच्छे कार्यों से प्रभावित होकर 1934 में ही बाबाराव सावरकर ने ‘मुक्तेश्वर दल’, जिसकी पच्चीस स्थानों पर शाखाएँ लगती थीं, को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में विलय कर दिया। इससे संघ और मजबूत हुआ। अधिक परिश्रम तथा निरंतर भाग- दौड़ के कारण अब डॉक्टरजी अस्वस्थ रहने लगे। नागपुर के वर्ग में सभी प्रांतों से स्वयंसेवक आए थे, इस अवसर पर डॉक्टरजी एक लघु भारत के स्वरूप के दर्शन कर बडे़ प्रसन्न हुए; असह्य पीड़ा सहते हुए उन्होंने स्वयंसेवकों को संबोधित किया। जब संघ कार्य अपनी शैशवावस्था में ही था, तभी 21 जून, 1940 को डॉक्टर हेडगेवार का स्वर्गवास हो गया। प्रस्तुत पुस्तक अखंड भारत के अनन्य सेवक, प्रखर राष्ट्रभक्त एवं समस्त हिंदू समाज को अपने गौरवशाली अतीत का स्मरण करानेवाले और नई पीढ़ी को संस्कारित करनेवाले महान् तपस्वी की चित्रावली है।
Bolen To Aisa Bolen "बोलें तो ऐसा बोलें" Book in Hindi - Amit Sharma
- Author Name:
Amit Sharma
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Bolen To Aisa Bolen "बोलें तो ऐसा बोलें" Book in Hindi - Amit Sharma
Amit Sharma
20% off₹ 250
₹ 200
Available
Neil Armstrong
- Author Name:
Rakesh Sharma
- Book Type:

- Description:
नील आर्मस्ट्रांग पहले व्यक्ति थे, जिन्होंने सर्वप्रथम चंद्रमा पर अपना कदम रखा। 5 अगस्त, 1930 को संयुक्त राज्य अमेरिका के वापाकोनेटा, ओहियो में जनमे आर्मस्ट्रांग की रुचि शुरू से ही चंद्रमा, तारों और अंतरिक्ष में थी, इसलिए उन्होंने इसी को अपने कॅरियर के रूप में अपनाया। कुछ समय नौसेना में काम करने के बाद सन् 1955 में उन्होंने नेशनल एडवाइजरी कमेटी फॉर एयरोनॉटिक्स (एन.ए.सी.ए.) में कार्यारंभ किया। इसी कमेटी का नाम बाद में ‘नासा’ (नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड रचेश एडमिनिस्टे्रशन) पड़ा। 16 मार्च, 1966 को जैमिनी-8 अभियान के तहत वे पहले-पहल अंतरिक्ष में गए। इसके बाद अपोलो-2 में बतौर कमांडर वे चंद्रमा की सतह पर उतरे और इतिहास रच दिया। नील ऑर्मस्ट्रांग को सैकड़ों पुरस्कार व सम्मान मिले, लेकिन उनकी अंतरिक्ष जितनी ऊँची पहुँच के आगे वे सब गौण रहे। 82 वर्ष की आयु में 25 अगस्त, 2012 को दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। एक महान् अंतरिक्षयात्री के साहसपूर्ण, खोजपूर्ण और रोमांचक जीवन की पूरी बानगी है यह पुस्तक।
Super Genius Computer Learner-4
- Author Name:
Manuj Bajaj +1
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Soldiering On: The Remarkable Resilience Of India’s Disabled Soldiers Book in English- Ambreen Zaidi
- Author Name:
Ambreen Zaidi
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book