Antriksha Ke Rochak Abhiyan
(0)
₹
500
₹ 400 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
इक्कीसवीं सदी पूर्णत: विज्ञान की सदी है। विज्ञान के क्षेत्र में अनेकानेक अन्वेषण हो रहे हैं। अंतरिक्ष अन्वेषण अब एक महत्त्वपूर्ण विषय बन गया है। इस क्षेत्र में आज तक ब्रह्मांड के अनेक पिंडों—सूर्य, बुध, शुक्र, पृथ्वी का चंद्रमा, मंगल, बृहस्पति, शनि, यूरेनस, नेप्चून, प्लेटो तथा अन्य अनेक क्षुद्र ग्रहों और पुच्छलतारों के लिए अभियान भेजे गए हैं। अंतरिक्ष स्टेशनों ने अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में विशेष भूमिका निभाई है। सूर्य ऊर्जा का अकूत भंडार है, अत: इसके अध्ययन के लिए अनेक मिशन भेजे गए हैं। अनेक वर्षों से क्षुद्र ग्रहों के अन्वेषण में अनेक कार्य किए जा रहे हैं। ‘मंगल ग्रह फीनिक्स मशीन’ मंगल ग्रह की सतह पर उतर चुकी है और उसने मंगल ग्रह की अभूतपूर्व जानकारी भेजनी शुरू कर दी है। अंतरिक्ष अन्वेषण के लिए सबसे अहम होता है स्पेस शटल यानी ‘अंतरिक्ष यान’। ‘अंतरिक्ष के रोचक अभियान’ में विभिन्न रोमांचक और दिलचस्प अंतरिक्ष अभियानों की विस्तृत जानकारी अत्यंत सरल भाषा में दी गई है। आशा है, इससे सुधी पाठकों का अंतरिक्ष संबंधी ज्ञानवर्द्धन होगा।
Read moreAbout the Book
इक्कीसवीं सदी पूर्णत: विज्ञान की सदी है। विज्ञान के क्षेत्र में अनेकानेक अन्वेषण हो रहे हैं। अंतरिक्ष अन्वेषण अब एक महत्त्वपूर्ण विषय बन गया है। इस क्षेत्र में आज तक ब्रह्मांड के अनेक पिंडों—सूर्य, बुध, शुक्र, पृथ्वी का चंद्रमा, मंगल, बृहस्पति, शनि, यूरेनस, नेप्चून, प्लेटो तथा अन्य अनेक क्षुद्र ग्रहों और पुच्छलतारों के लिए अभियान भेजे गए हैं। अंतरिक्ष स्टेशनों ने अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में विशेष भूमिका निभाई है।
सूर्य ऊर्जा का अकूत भंडार है, अत: इसके अध्ययन के लिए अनेक मिशन भेजे गए हैं। अनेक वर्षों से क्षुद्र ग्रहों के अन्वेषण में अनेक कार्य किए जा रहे हैं। ‘मंगल ग्रह फीनिक्स मशीन’ मंगल ग्रह की सतह पर उतर चुकी है और उसने मंगल ग्रह की अभूतपूर्व जानकारी भेजनी शुरू कर दी है। अंतरिक्ष अन्वेषण के लिए सबसे अहम होता है स्पेस शटल यानी ‘अंतरिक्ष यान’।
‘अंतरिक्ष के रोचक अभियान’ में विभिन्न रोमांचक और दिलचस्प अंतरिक्ष अभियानों की विस्तृत जानकारी अत्यंत सरल भाषा में दी गई है। आशा है, इससे सुधी पाठकों का अंतरिक्ष संबंधी ज्ञानवर्द्धन होगा।
Book Details
-
ISBN9788190734165
-
Pages188
-
Avg Reading Time6 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Sansad Mein Nitin Gadkari (2017-2019)
- Author Name:
Rakesh Shukla
- Book Type:

- Description:
मैं पहली बार 2014 में नागपुर से लोकसभा सांसद चुना गया। इससे पहले मैं महाराष्ट्र विधान परिषद् में 1989 से लगातार 20 वर्ष तक सदस्य रहा हूँ। वर्ष 1995 में 1999 तक मैंने महाराष्ट्र सरकार में लोक निर्माण मंत्री का कार्यभार भी सँभाला है। विधायिका और प्रशासन में काम करने का लंबा अवसर मिला। लोकसभा सदस्य के नाते एवं केंद्रीय मंत्री के रूप में मैंने संसदीय कार्य में अपना भरपूर योगदान देने का प्रयास किया है। पिछले पाँच साल में कई महत्त्वपूर्ण विधेयक मेरे द्वारा संसद् में प्रस्तुत किए गए। कई महत्त्वपूर्ण विधेयक पारित भी हुए हैं। दोनों सदनों में प्रश्नोत्तरकाल में मैंने विभिन्न राजनीतिक दलों के सदस्यों की ओर से उठाई गई समस्याओं का समाधान करने का प्रयास किया है। इसी दृष्टिकोण के साथ मैंने सभी दल के सांसदों की क्षेत्रीय समस्याओं को गंभीरता से लेकर उसे सुलझाने का प्रयास किया। इस पाँच साल की अवधि में मुझे नमामि गंगा, जल संसाधन और ग्रामीण विकास मंत्रालय की जिम्मेदारी भी अल्पावधि के लिए मिली थी। मेरी कोशिश रही कि इन सभी मंत्रालयों के कामकाज की सही जानकारी से प्रत्येक सदस्य अवगत रहे। यह पुस्तक संसद् में मेरे द्वारा किए गए प्रयासों का संकलन है। संकलन का कार्य दो भागों में किया गया है। 2014 से 2016 तक का पहला खंड आ चुका है। इस खंड में 2017 से 2019 तक के संसदीय कार्यों का ब्यौरा है। मैं समझता हूँ कि इस संकलन से मुझे भविष्य में प्रेरणा मिलती रहेगी। इस प्रयास के लिए संपादक एवं प्रकाशक को मेरी हार्दिक शुभेच्छाएँ। यह केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरीजी के संसदीय कामकाज का संकलन है। पिछले पाँच सालों में सड़क परिवहन, पोत परिवहन, जल संसाधन और नमामि गंगा मंत्रालय में कई महत्त्वपूर्ण काम हुए हैं। उनके काम करने के तरीके में रचनात्मक सोच तथा नए तकनीकी प्रयोग के बेजोड़ उदाहरण सामने आए हैं, जिन्हें सँजोना आवश्यक लगा। देश ने पाँच वर्ष में एक्सप्रेस-वे और जलमार्ग से यात्रा की परिकल्पना को साकार होते देखा है। यह संकलन इस उद्देश्य से किया गया है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सक्षम एवं समृद्धशाली भारत बनाने की दिशा में किए गए सतत प्रयासों में ये तथ्य साक्ष्य के रूप में कारगर भूमिका निभाएँगे। संसद् में सड़क परिवहन और जल परिवहन से संबंधित कई विधेयक प्रस्तुत किए गए। इनमें विकास व रोजगार के साथ-साथ मानवीय पक्ष भी रहा है, जैसे मोटर व्हीकल एक्ट (संशोधन) विधेयक लाने के पीछे उद्देश्य देश में हर साल होनेवाली पाँच लाख से ज्यादा सड़क दुर्घटनाओं को कम करना है; वाराणसी से हल्दिया (कोलकाता) तक जलमार्ग को मूर्त रूप देना। 2014 से 2019 के बीच श्री गडकरी ने संसद् में जो कहा, उसे पूरा करने का हरसंभव प्रयास किया। कुंभ-2019 के पहले उनकी तरफ से गंगा जल की निर्मलता के लिए किया गया अथक प्रयास सार्थक साबित हुआ। पिछले पाँच साल में गडकरीजी ने राष्ट्र विकास के विजन को जिस मिशन के तहत किया है, वह देश की उन्नति के लिए मील का पत्थर बनेगा।
Sansad Mein Nitin Gadkari
- Author Name:
Rakesh Shukla
- Book Type:

- Description:
मैं पहली बार 2014 में नागपुर से लोकसभा सांसद चुना गया। इससे पूर्व मैं महाराष्ट्र विधान परिषद् में 1989 से लगातार 20 वर्ष तक सदस्य रहा हूँ। वर्ष 1995 से 1999 तक मैंने महाराष्ट्र सरकार में लोक निर्माण मंत्री का कार्यभार भी सँभाला। विधायिका और प्रशासन में काम करने का लंबा अवसर मिला। लोकसभा सदस्य के नाते एवं केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, पोत परिवहन मंत्री के रूप में मैंने संसदीय कार्य में अपना योगदान देने का भरपूर प्रयास किया है। इस अल्पकाल में कई महत्त्वपूर्ण विधेयक मेरे द्वारा संसद् में प्रस्तुत किए गए। कुछ पारित भी हुए हैं। दोनों सदनों में प्रश्नोत्तरकाल में भी मैंने विभिन्न राजनीतिक दलों के सदस्यों द्वारा उठाई गई समस्याओं का समाधान करने का प्रयास किया है। अभी बहुत कुछ करना बाकी है। कुछ महत्त्वपूर्ण विधेयक अभी भी संसद् में विचाराधीन हैं। मुझे विश्वास है कि उन्हें जल्द पारित किया जाएगा, ताकि मेरे मंत्रालयों से संबंधित परियोजनाओं को गति प्रदान की जा सके। यह पुस्तक संसद् में किए गए प्रयासों का एक संकलन है। मैं समझता हूँ कि इस संकलन से मुझे संसदीय कार्यों में और भी महत्त्वपूर्णयोगदान करने की प्रेरणा मिलेगी। इस प्रयास के लिए संपादक एवं प्रकाशक को मेरी शुभेच्छा।
Sunita Williams
- Author Name:
Kali Shankar +1
- Book Type:

- Description:
"सुनीता विलियम्स एक असाधारण महिला की अदम्य इच्छाशक्ति, समर्पण, उत्साह तथा आत्मविश्वास का पर्याय है। इन्हीं गुणों ने एक पशु-चिकित्सक बनने की महत्त्वाकांक्षा रखनेवाली छोटी बालिका सुनीता विलियम्स को एक अंतरिक्ष-विज्ञानी, एक आदर्श प्रतिमान बना दिया। अंतरिक्ष में अपने छह माह के प्रवास के दौरान सुनीता विलियम्स दुनिया भर के लाखों लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। 29 घंटे 17 मिनट में कुल चार स्पेस वॉक (अंतरिक्ष में चलने का कार्य) पूरा करके उन्होंने महिलाओं के लिए ‘असाधारण वाहनीय गतिविधि’ का एक विश्व कीर्तिमान स्थापित किया। सुनीता के अंतरिक्ष प्रवास ने विश्व में भारत का सम्मान और बढ़ा दिया। सुनीता समुद्रों में तैराकी कर चुकी हैं, महासागरों में गोताखोरी कर चुकी हैं, युद्ध और मानव-कल्याण के कार्य के लिए उड़ानें भर चुकी हैं; अंतरिक्ष तक पहुँच चुकी हैं और अंतरिक्ष से अब वापस धरती पर आ चुकी हैं; सचमुच, एक जीवित किंवदंती हैं वे। पे्ररणादायी सुनीता के जीवन से हर बालक-बालिका प्रेरणा लेकर किसी भी क्षेत्र के आकाश को छुए, यही इस पुस्तक के प्रकाशन का उद्देश्य है।
Ethics For Civil Services With 100 Case Studies
- Author Name:
Alok Ranjan
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Mera Daur "मेरा दौर: एक आत्मकथा" Book in Hindi- J.B. Kriplani
- Author Name:
J.B. Kriplani
- Book Type:

- Description:
अनेक दूसरे लोगों की तरह मैं भी विदेशी साम्राज्यवाद के जुए से मातृभूमि को आजाद कराने के लिए क्रांतिकारी आंदोलन से करीब से जुड़ा था। गांधीजी जब सन् 1915 के शुरू में दक्षिण अफ्रीका से आए तो उनके निकट संपर्क में आने वाला मैं पहला राजनीतिक कार्यकर्ता था। मैं उनके पहले सत्याग्रह आंदोलन के साथ भी करीब से जुड़ा था, जो चंपारण (बिहार) में गोरे निलहों के अत्याचार के खलाफ हुआ। हमारी आजादी की लड़ाई के सबसे महत्वपूर्ण और बेचैनी वाले दौर में मैं कांग्रेस का बारह वर्ष तक महामंत्री रहा। जिस साल देश को आजादी मिली, उस वक़्त मैं कांग्रेस अध्यक्ष था। मेरे दोस्तों को लगता है कि हमारे राष्ट्रीय आंदोलन की महत्वपूर्ण घटनाओं और व्यक्तियों के बारे में मेरी जानकारी काफी अंतरंग और नई चीजें सामने लाने वाली होगी। इस कारण मेरे संस्मरणों का कुछ ऐतिहासिक महत्व होगा। इसलिए मैंने जो कुछ लिखा है, उसमें अपने बारे में कम लिखकर हमारी आजादी की लड़ाई पर ज्यादा लिखा है। इस पुस्तक को मैंने ‘माई टाइम्स : मेरा दौर’ नाम दिया है, पर इसमें ‘मैं’ का जिक्र उतना ही भर है, जितना जरूरी है। मेरे जीवन की कथा में भी कांग्रेस और स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास का बड़ा हिस्सा समाया हुआ है। इसलिए यह कोई आत्मकथा न होकर, इन बड़ी और महत्वपूर्ण घटनाओं का रिकॉर्ड भी है और इनका वर्णन करते हुए मैंने यह जिक्र कम किया है कि मैंने क्या-क्या किया, बल्कि यह बताने की कोशिश की है कि मैंने तब क्या देखा और समझा।
Mera Daur "मेरा दौर: एक आत्मकथा" Book in Hindi- J.B. Kriplani
J.B. Kriplani
20% off₹ 900
₹ 720
Available
Sanskritik Rashtravad Ke Agradoot Pt. Deendayal Upadhyaya
- Author Name:
Dr. Guptisagarji Gurudev
- Book Type:

- Description:
पं दीनदयाल उपाध्याय बीसवीं शताब्दी को अपने विलक्षण व्यक्तित्व, अपरिमेय कर्तृत्व एवं क्रांतिकारी दृष्टिकोण से प्रभावित करनेवाले युगद्रष्टा ऋषि, महर्षि एवं ब्रह्मर्षि थे। उपाध्यायजी के पुरुषार्थी जीवन की सबसे बड़ी पहचान है गत्यात्मकता। वे अपने जीवन में कभी कहीं रुके नहीं, झुके नहीं। यही कारण है कि समस्त प्रतिकूलताओं के बीच भी उन्होंने अपने लक्ष्य के दीप को सुरक्षित रखते हुए उदभासित किया। उन्होंने राष्ट्र-प्रेम को सर्वोच्च स्थान देने के साथ-साथ, शिक्षा, साहित्य, शोध, सेवा, संगठन, संस्कृति, साधना सभी के साथ जीवन-मूल्यों को तलाशा, उन्हें जीवन-शैली से जोड़ा। इस पुस्तक में पंडितजी को एक ऐसे राजनेता के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जिन्होंने न केवल स्वयं भारत को भारत के दृष्टिकोण से जानने-समझने-देखने की दृष्टि विकसित की, अपितु दूसरों को भी वैसी ही संदृष्टि प्रदान की। भारत की चिति एवं प्रकृति के मौलिक एवं सूक्ष्म द्रष्टा थे 'पं. दीनदयाल उपाध्यायजी, जिन्होंने सही अर्थों में व्यष्टि एवं समष्टि के चिरंतन सत्य एवं सदियों के अनुभव का साक्षात्कार कर, एक ऐसे उदबोध को प्रवृत्त किया, जिसका स्पंदन भारत की माटी में समाहित है। यह कृति “सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के अग्रदूत : पं. दीनदयाल उपाध्याय ' पंडितजी के विचार पाथेय को जन-जन तक पहुँचाने में निमित्त बनेगी और भारतीय संस्कृति के बिंब, जन-संस्कृति के रूप में वैश्विक धरातल पर नई चेतना को स्फूर्त करेगी; ऐसा दृढ़ विश्वास है।
21 ANMOL KAHANIYAN
- Author Name:
Premchand
- Book Type:

- Description:
हिदी के कालजयी रचनाकार मुंशी प्रेमचंद की कहानियाँ जनसाधारण की समस्याओं, आकांक्षाओं, उलझनों, पारिवारिक विघटन, दहेज-प्रथा, बाल विवाह, राष्ट्रद्रोह, घूसखोरी, अंधविश्वास, ग्रामीण शोषण, आर्थिक वैषम्य इत्यादि विषयों को समेटे हुए अपने पाठकों से एक आत्मीय एवं भावनात्मक नाता जोड़ती हैं। उनकी कहानियों में समस्याओं की जितनी चर्चा है, समाधान की उससे ज्यादा। उनके पात्र अर्थगत दबावों से बेशक पीडि़त हैं, पर वे बाहरी संघर्षों द्वारा समस्याओं पर विजय प्राप्त करने का प्रयास करते हैं। उन्होंने अपनी कथाओं में नग्न यथार्थ नहीं, वरन् यथार्थ का भरसक चित्रण किया है, क्योंकि नग्न यथार्थ वितृष्णा उपजाता है। पात्र कभी सुख की अनुभूति करते हैं तो कभी दुःख की। इसी को रचनाओं के साथ साहित्यिक न्याय कहा जाता है, जिस पर मुंशी प्रेमचंद खरे उतरे हैं। ‘21 अनमोल कहानियाँ’ उनके ऐसे ही नगीने हैं, जो आज भी प्रासंगिक हैं और समाज की विद्रूपताओं पर गहरी चोट करते हैं।
The Little Book of Rumi
- Author Name:
Mahesh Dutt Sharma
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Sadak Se Sansad Tak
- Author Name:
Shivanand Tiwari
- Book Type:

- Description:
लोहिया, जेपी, किशन पटनायक, रामानन्द तिवारी, कर्पूरी ठाकुर वाली परम्परा के ही नेता हैं शिवानंद तिवारी। जितना लम्बा उनका राजनीतिक जीवन है आज की राजनीति में कम लोगों का है। वे गैर-कांग्रेसी, गैर-भाजपाई राजनीति करते रहे हैं और सन् पैंसठ के पहले से सक्रिय हैं। बाबा के नाम से विख्यात शिवानन्द जी के पास अनुभव, किस्सों और प्रत्यक्ष देखी घटनाओं का सम्भवत: सबसे बड़ा खजाना है। वे साठ के दशक के आखिर में शुरू हुए अंग्रेजी हटाओ आन्दोलन वाले दौर से सक्रिय रहे हैं और चौहत्तर के जेपी आन्दोलन के अगुआ लोगों में हैं। उन्होंने किशन पटनायक के साथ लोहिया विचार मंच और समता संगठन की राजनीति की और उनसे अलग होकर भी उनकी वैचारिक और व्यावहारिक राजनीति के पाठ से अलग नहीं हुए। इन भाषणों और टिप्पणियों से उनके चिन्तन का दायरा और दिशा झलकती है। साफ लगता है कि भूमंडलीकरण और साम्प्रदायिक राजनीति उनकी चिन्ता के केन्द्र में है। शिवानंद जी के इन भाषणों में किसानों की आत्महत्या, बुनकरों की भुखमरी और आत्महत्या, पेटेंट रीजीम से होने वाली मुश्किलों और उसकी कानूनी लड़ाई, असंगठित क्षेत्र के मजदूरों की स्थिति, अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश द्वारा गरीबों का भोजन बढ़ाने से महँगाई आने के कुतर्क की आलोचना, किसानों के खेती छोड़ने पर टिप्पणी है। और इसमें से काफी चीजों के लिए नई आर्थिक नीतियों को दोषी बताया गया है। यह आलोचना सही थी और यह किताब का महत्त्व है क्योंकि भूमंडलीकरण के पूरे दौर में कहीं से संसद के अन्दर इन नीतियों की आलोचना नहीं हुई।
Hanuman Gatha (Shri Hanuman Ji Ka Sampuran Jeevan Gatha) Devotional & Spiritual Hanuman Katha Book in Hindi
- Author Name:
Ashok Narayan
- Book Type:

- Description:
ज्ञानिनामाग्रगण्य सकल गुणनिधान कपिप्रवर हनुमान के बारे में कौन नहीं जानता? अद्वितीय प्रतिभा और अतुलित बल के कुबेर होते हुए भी उन्होंने स्वार्थ के लिए उसका उपयोग कभी नहीं किया। साधारण मनुष्य में यदि विद्या, गुण या कौशल आदि थोड़े से गुण भी आ जाएँ, तो वह दर्प से चूर हो जाता है, परंतु हनुमान सर्वगुण-संपन्न होकर भी सेवक ही बने रहे। प्रस्तुत पुस्तक ‘हनुमानगाथा’ में संकट-मोचक हनुमान के संपूर्ण जीवन को रामायण, रामचरितमानस आदि ग्रंथों के परिप्रेक्ष्य में आत्मकथात्मक शैली में पवनपुत्र के श्रीमुख से विवेचन हुआ है। हनुमान का चरित्र अलौकिक गुणों से संपन्न असंभव को संभव बनानेवाला है। आज के भौतिकवादी संसार में हनुमान के पावनचरित को अपनाए जाने की महती आवश्यकता है। वर्तमान में संसार को सेवा और भक्ति की पहले से कहीं ज्यादा आवश्यकता है। इसके लिए सबसे बड़े आदर्श और प्रेरणास्रोत हनुमान ही हो सकते हैं। इस नाते परोपकारी हनुमान का चरित अनुकरणीय है। सुधी पाठक हनुमान के पावन गुणों को आत्मसात् कर घोर कष्टों और अशांति से निजात पाएँ, इसी में इस पुस्तक के लेखन की सफलता है।
Leo Tolstoy Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Leo Tolstoy
- Book Type:

- Description:
"‘‘क्या वे लोग खेत जोत रहे हैं? क्या उन लोगों ने अपना काम खत्म कर लिया?’’ ‘‘उन लोगों ने आधे से अधिक खेत जोत लिये हैं।’’ ‘‘क्या कुछ भी काम बचा नहीं है?’’ ‘‘मुझे तो नहीं दिखा; पर उन्होंने जुताई अच्छी तरह से की है। वे सभी डरे हुए हैं।’’ ‘‘ठीक है। अब तो जमीन ठीक हो गई है न?’’ ‘‘हाँ, अब खेत तैयार हैं और उनमें अफीम के पौधों के बीज डाले जा सकते हैं।’’ मैनेजर थोड़ी देर चुप रहने के बाद बोला, ‘‘वे लोग मेरे बारे में क्या कहते हैं? क्या वे मुझे गाली देते हैं?’’ बूढ़ा कुछ हकलाने लगा, पर माइकल ने उसे सच बोलने के लिए कहा, ‘‘तुम मुझे सच बताओ। तुम अपने शब्द नहीं, बल्कि किसी और के शब्द बोल रहे हो। यदि तुम मुझे सच-सच बताओगे, तब मैं तुमको इनाम दूँगा; और अगर तुम मुझे धोखा दोगे तो ध्यान रखना, मैं तुम्हें बहुत मारूँगा। कर्तुशा! इसे एक गिलास वोदका दो, ताकि इसमें साहस पैदा हो।’’ —इसी संग्रह से • सुप्रसिद्ध रूसी कथाकार लियो टॉलस्टॉय ने जीवन के सभी पक्षों पर प्रभावी रचनाएँ की हैं। उन्होंने धर्म में व्याप्त पाखंड तथा तत्कालीन कुरीतियों को अनावृत किया। मनोरंजन के साथ-साथ मन को उद्वेलित करनेवाली सरस टॉलस्टॉय की लोकप्रिय कहानियों का संग्रह।"
Ikigai
- Author Name:
Dr. Rashmi
- Book Type:

- Description:
क्या है इकिगाई इकिगाई के बारे में कोई भी चर्चा मिएको कामिया के उल्लेख के बिना पूरी नहीं होगी, जिन्हें प्राय: ‘इकिगाई मनोविज्ञान की माँ’ कहा जाता है। वह इकिगाई के अध्ययन में अग्रणी लोगों में शामिल थीं और अपनी पुस्तक ‘इकिगाईनी- सुइत’ (क्या हमारे जीवन को जीने योग्य बनाता है) में उन्होंने अपने विचारों और शोध कार्य को प्रस्तुत किया है। पुस्तक को इकिगाई साहित्य में श्रेष्ठ ग्रंथों में माना जाता है, इस तथ्य के बावजूद कि यह सन 1966 में प्रकाशित हुई थी। —इसी पुस्तक से इकिगाई में जीवन में खुशियाँ समाई हैं। यह हमारे होने का कारण है। इकिगाई की मदद से आप जीवन में हर दिन संतुलन, प्रसन्नता और तृप्ति ढूँढ़ पाते हैं। इकिगाई मात्र एक जीवन-दर्शन या विचारधारा नहीं बल्कि एक परिवर्तनकारी मानव-अनुभव है। इकिगाई किसी कंपास की तरह कॅरियर और जीवन के फैसलों में राह दिखा सकता है।
Katha Ek Kans Ki "कथा एक कंस की" | A Classic Play of Theatre Book in Hindi
- Author Name:
Daya Prakash Sinha
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Sarjnatmak Shiksha
- Author Name:
Raghav Prakash +1
- Book Type:

- Description:
आज हर समझदार माता-पिता अपने बच्चे को सही शिक्षा दिलवाने के लिए बेचैन हैं, हर चैतन्य शिक्षक अपने विद्यार्थी को ऊँचाइयाँ देने के लिए आतुर है और हर प्रबुद्ध शिक्षा-प्रशासक अपने स्कूल-कॉलेज की शिक्षण-पद्धति को परवान चढ़ाकर उसे उत्कृष्ट बनाने के लिए संकल्पित है। किन्तु, कुछ अपवादों को छोड़कर, दुनिया भर की शिक्षा सर के बल खड़ी है। असल में, व्यवस्था-केन्द्रित शिक्षा-पद्धति को विद्यार्थी-केन्द्रित होना चाहिए। शिक्षा की मूल्य-दृष्टि, उसका पाठ्यक्रम शिक्षण-पद्धति और मूल्यांकन-पद्धति सबकुछ विद्यार्थी की वृत्ति, रुचि, योग्यता और गति के अनुरूप होनी चाहिए; विद्यार्थी की चेतना में गहरे छिपी उसकी मूल्यवान सर्जनात्मक क्षमता का, अधिकतम विकास कैसे किया जा सकता है, उसकी तजबीज ‘सर्जनात्मक शिक्षा’ में प्रस्तुत की गई है। इसमें जीवन-दृष्टि और शिक्षा-दृष्टि के ठहराव को उजागर कर कल्याणकारी जीवन-दृष्टि और उसी के अनुरूप सर्जनात्मक पाठ्यक्रम, सर्जनात्मक शिक्षण-पद्धति, सर्जनात्मक मूल्यांकन पद्धति एवं रचनात्मक शिक्षा-प्रशासन-व्यवस्था को प्रस्तुत किया गया है। पूर्व और पश्चिम के लगभग सौ शिक्षाशास्त्रियों, समाजशास्त्रियों, मनोवैज्ञानिकों, धर्मशास्त्रियों, शिक्षा-वैज्ञानिकों आदि द्वारा लिखित शोधपूर्ण पुस्तकों का गहन मंथन करने के उपरांत जो शिक्षा-दृष्टि और शिक्षा-व्यवहार विकसित हुआ है; ‘सर्जनात्मक शिक्षा’ उसी का ऐसा ‘अमृत तत्त्व’ है जो उत्कृष्ट की तलाश में जुटे हुए प्रत्येक शिक्षाविद्, अभिभावक, शिक्षक, शिक्षा-प्रबन्धक और चैतन्य विद्यार्थी के लिए अनिवार्य रूप से पठनीय है।
BPSC TRE 4.0 Bihar Shikshak Bahali Class 11 To 12 Geography (Bhugol) Higher Secondary School Teacher | 20 Practice Sets with Latest Solved Papers | Based on NCERT & SCERT Syllabus - Book in Hindi
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Sundarakanda
- Author Name:
Tulsidas
- Book Type:

- Description:
संवत् 1631 में तुलसीदासजी ने श्रीरामचरितमानस की रचना प्रारंभ की। दो वर्ष, सात महीने और छब्बीस दिन में यह अद्भुत ग्रंथ संपन्न हुआ। सुंदरकांड मूलतः गोस्वामी तुलसीदास कृत इसी श्रीरामचरित मानस का एक भाग है। सुंदरकांड में हनुमानजी द्वारा किए गए महान् कार्यों का वर्णन है। मानस पाठ में सुंदरकांड के पाठ का विशेष महत्त्व माना जाता है। सुंदरकांड में हनुमान का लंका प्रस्थान, लंका दहन कर लंका से वापसी तक के घटनाक्रम आते हैं। साथ ही उनकी असीम शक्ति, बुद्धि-कौशल और अनन्य भक्ति का पता चलता है। सुंदरकांड का पारायण वाले साधक को असीम ऊर्जा और प्रेरणा प्राप्त होती है।
Dostoevsky Ka Ghoda
- Author Name:
Shachinder Arya
- Book Type:

- Description:
शचींद्र आर्य की किताब 'दोस्तोएवस्की का घोड़ा' से गुज़रते कुछ ऐसा एहसास हुआ कि कोई अपने मन के अंतरंग कोनों अतरों को परत दर परत उधेड़ रहा है बिना हिचक के, ज़रा निस्संग हुये और एक जगह जहाँ वो लिखते हैं, कुछ ऐसी जगहें होती हैं जहाँ हम खुद होते हैं अपने आप में बिलकुल नंगे, तो इन्हीं गलियों में शचींद्र हमें लिये चलते हैं, बहुत ईमानदारी से, बहुत हौसले से। बहुत सरलता से। इन पन्नों में हम उनके बचपन, उनके परिवार, उनकी दुनिया और दोस्त अहबाब, जि़ंदगी के तमाम ज़द्दोज़हद और रंगीनी, जीवन के दुलार और मीठेपन को उनकी नज़र से देखते चलते हैं, उनके पढऩे और उन पढ़े का उनपर असर को देखते हैं और धीरे-धीरे उनकी दुनिया हमारे भीतर सहजता से प्रवेश करती जाती है। एक किस्म के ठहराव और संजीदगी के साथ। तब उनकी दुनिया सिर्फ उनकी नहीं रह जाती, कुछ कुछ हमारी भी होती जाती है। कथेतर के इस कथ्य में उन्होंने जो पारदर्शिता दिखाई है, जो बुनावट और कहन का हुनर दिखाया है, जो परिपक्वता दिखाई है वो खुशी और उम्मीद जगाने वाली बात है। इसलिये भी कि वो पारंपरिक विधा से अपने को अलग करते दिखते हैं। डायरी की विधा ऐसी नहीं कि नई है पर शुरुआती दौर में इस तरह की दुनिया में प्रवेश कर लेने की साध सुखद है। ये सचमुच 'याद की किताब' है' और उनकी याद में हमारी याद भी घुलती मिलती चलती है, इसकी उन्हें बहुत बधाई और अशेष शुभकामनायें। —प्रत्यक्षा
Rochak Bal Kathayen
- Author Name:
Shriramvriksha Benipuri
- Book Type:

- Description:
"रोचक बाल कथाएँ स्वागत-समिति के अध्यक्ष महाराज रोहूजी की आज्ञा लेकर मंत्री श्रीमती पोठिया देवी ने कार्य आरंभ किया। सबसे पहले संगीताचार्य श्री मेढकजी खड़े होकर मृदंग बजाने और अपनी सुरीली आवाज में स्वागत-गीत गाने लगे— टर्र! टर्र! टर्र! आओ-आओ जलचर-भाई। हिलें-मिलें सब फूट बिहाई। दुश्मन-मुँह पर उड़े हवाई। टर्र! टर्र! टर्र! यह बगुला जो भगत बना है। रूप श्वेत मन श्याम घना है। बिना हटाए चैन मना है।। टर्र! टर्र! टर्र! —इसी पुस्तक से ‘रोचक बाल कथाएँ’ पुस्तक को बेनीपुरीजी ने अपनी पहली संतान—पुत्री—को भेंट किया था यह लिखते हुए—“जिसका मुख देखने का सौभाग्य भी मुझे प्राप्त नहीं हुआ था, अपनी उसी प्रथम स्वर्गीय संतान की शिशु-आत्मा के पारलौकिक मनोरंजन के लिए यह सस्नेह समर्पित है।” यह अपने समय की सबकी लोकप्रिय व प्रशंसित बाल-पुस्तक मानी जाती है।
Leo Tolstoy
- Author Name:
Ramesh Ranjan
- Book Type:

- Description:
"रूस के महान् लेखक लियो टाल्सटॉय 19वीं सदी के एक सम्मानित लेखक थे। युवावस्था में कुछ समय उन्होंने रूसी सेना में नौकरी की और इसी दौरान क्रीमियन युद्ध (1855) में भाग लिया। अगले वर्ष ही उन्होंने नौकरी छोड़ दी और लेखन आरंभ कर दिया, जिसकी नींव उनके बचपन में ही पड़ चुकी थी। उनके उपन्यास ‘वॉर ऐंड पीस’ (1865-69) तथा ‘एना कैरनीना’ (1875-77) विश्व साहित्य की महान् रचनाओं में शामिल हैं। आर्थिक दृष्टि से अति संपन्न और सम्मानित होने के बावजूद वे आंतरिक शांति के लिए तरसते रहे। आखिरकार सन् 1890 में घर-बार और धन-संपत्ति त्यागकर वे गरीबों की सेवा करने लगे और 20 नवंबर, 1910 को कंगाली की हालत में गुमनाम वृद्ध के रूप में मृत्यु को प्राप्त हुए। मानव मन को छूनेवाली सामाजिक समदर्शिता और पारस्परिकता का बोध करानेवाली अगणित पठनीय रचनाओं के महान् लेखक की प्रेरणादायी जीवनी।"
Sapnon ki Unchi Udaan 'सपनों की ऊँची उड़ान' Book in Hindi | Raja D. Tharwani
- Author Name:
Raja D. Tharwani
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book