Antriksha Ke Rochak Abhiyan
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इक्कीसवीं सदी पूर्णत: विज्ञान की सदी है। विज्ञान के क्षेत्र में अनेकानेक अन्वेषण हो रहे हैं। अंतरिक्ष अन्वेषण अब एक महत्त्वपूर्ण विषय बन गया है। इस क्षेत्र में आज तक ब्रह्मांड के अनेक पिंडों—सूर्य, बुध, शुक्र, पृथ्वी का चंद्रमा, मंगल, बृहस्पति, शनि, यूरेनस, नेप्चून, प्लेटो तथा अन्य अनेक क्षुद्र ग्रहों और पुच्छलतारों के लिए अभियान भेजे गए हैं। अंतरिक्ष स्टेशनों ने अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में विशेष भूमिका निभाई है। सूर्य ऊर्जा का अकूत भंडार है, अत: इसके अध्ययन के लिए अनेक मिशन भेजे गए हैं। अनेक वर्षों से क्षुद्र ग्रहों के अन्वेषण में अनेक कार्य किए जा रहे हैं। ‘मंगल ग्रह फीनिक्स मशीन’ मंगल ग्रह की सतह पर उतर चुकी है और उसने मंगल ग्रह की अभूतपूर्व जानकारी भेजनी शुरू कर दी है। अंतरिक्ष अन्वेषण के लिए सबसे अहम होता है स्पेस शटल यानी ‘अंतरिक्ष यान’। ‘अंतरिक्ष के रोचक अभियान’ में विभिन्न रोमांचक और दिलचस्प अंतरिक्ष अभियानों की विस्तृत जानकारी अत्यंत सरल भाषा में दी गई है। आशा है, इससे सुधी पाठकों का अंतरिक्ष संबंधी ज्ञानवर्द्धन होगा।
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इक्कीसवीं सदी पूर्णत: विज्ञान की सदी है। विज्ञान के क्षेत्र में अनेकानेक अन्वेषण हो रहे हैं। अंतरिक्ष अन्वेषण अब एक महत्त्वपूर्ण विषय बन गया है। इस क्षेत्र में आज तक ब्रह्मांड के अनेक पिंडों—सूर्य, बुध, शुक्र, पृथ्वी का चंद्रमा, मंगल, बृहस्पति, शनि, यूरेनस, नेप्चून, प्लेटो तथा अन्य अनेक क्षुद्र ग्रहों और पुच्छलतारों के लिए अभियान भेजे गए हैं। अंतरिक्ष स्टेशनों ने अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में विशेष भूमिका निभाई है।
सूर्य ऊर्जा का अकूत भंडार है, अत: इसके अध्ययन के लिए अनेक मिशन भेजे गए हैं। अनेक वर्षों से क्षुद्र ग्रहों के अन्वेषण में अनेक कार्य किए जा रहे हैं। ‘मंगल ग्रह फीनिक्स मशीन’ मंगल ग्रह की सतह पर उतर चुकी है और उसने मंगल ग्रह की अभूतपूर्व जानकारी भेजनी शुरू कर दी है। अंतरिक्ष अन्वेषण के लिए सबसे अहम होता है स्पेस शटल यानी ‘अंतरिक्ष यान’।
‘अंतरिक्ष के रोचक अभियान’ में विभिन्न रोमांचक और दिलचस्प अंतरिक्ष अभियानों की विस्तृत जानकारी अत्यंत सरल भाषा में दी गई है। आशा है, इससे सुधी पाठकों का अंतरिक्ष संबंधी ज्ञानवर्द्धन होगा।
Book Details
-
ISBN9788190734165
-
Pages188
-
Avg Reading Time6 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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