Albert Einstein: A Complete Biography
(0)
₹
400
₹ 320 (20% off)
Unavailable
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Albert Einstein’s life was extraordinarily complex, even more complicated than his complex equations. Thus, the life of the founder of the fourth dimension was multi-faceted. Sorrows made his life shine like gold. He was engaged in welfare work till the last moment of his life. He did such a marvellous job that after working further on his works, scientists continued to receive doctorates, fellowships, and other awards. He loved children, students, and the poor. He always looked for inventive ways to work for them. By selling his signatures, photos, research papers, and messages, he gathered the necessary means for them. He had a great sense of humour. Einstein was a scientist equivalent to Newton. He was courageous like Bruno and Galileo, like Mahatma Gandhi in simplicity, and selfless like Sri Krishna. Each of his qualities was enough to make him great. The book presents an exploratory view of various aspects of Einstein’s life. I am sure, the life story of this extraordinary personality will prove to be interesting, inspiring, and useful for the readers.
Read moreAbout the Book
Albert Einstein’s life was extraordinarily complex, even more complicated than his complex equations. Thus, the life of the founder of the fourth dimension was multi-faceted. Sorrows made his life shine like gold. He was engaged in welfare work till the last moment of his life. He did such a marvellous job that after working further on his works, scientists continued to receive doctorates, fellowships, and other awards.
He loved children, students, and the poor. He always looked for inventive ways to work for them. By selling his signatures, photos, research papers, and messages, he gathered the necessary means for them. He had a great sense of humour. Einstein was a scientist equivalent to Newton. He was courageous like Bruno and Galileo, like Mahatma Gandhi in simplicity, and selfless like Sri Krishna. Each of his qualities was enough to make him great.
The book presents an exploratory view of various aspects of Einstein’s life. I am sure, the life story of this extraordinary personality will prove to be interesting, inspiring, and useful for the readers.
Book Details
-
ISBN9789355217851
-
Pages236
-
Avg Reading Time8 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Katra-Katra Zindagi
- Author Name:
Anup Kochhar Dewan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BPSC BIHAR SHIKSHAK BAHALI CLASS 9 TO 10 HINDI 20 PRACTICE SETS
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Premchand Ki Shesh Rachanayen
- Author Name:
Pradeep Jain
- Book Type:

- Description: प्रेमचन्द का इतना अधिक कथा तथा कथेतर लुप्त साहित्य प्रकाश में आने के बाद भी ऐसा लगता है कि उनकी कुछ और उर्दू-हिन्दी कहानियाँ तथा लेख अब भी यत्र-तत्र पुरानी पत्र-पत्रिकाओं में दबे पड़े हैं और उन्हें खोजकर प्रकाश में लाना अभी शेष है। दोनों भाषाओं में स्वतंत्र लेखन करनेवाले प्रेमचन्द जैसे द्विभाषी लेखक की तत्कालीन पत्र-पत्रिकाओं में जहाँ-तहाँ दबी पड़ी पुरानी सामग्री की खोज का कार्य काफ़ी दुष्कर है। इसका मुख्य कारण है—उस समय की पत्र-पत्रिकाओं का सुगमता से उपलब्ध न होना और दोनों भाषाओं का अच्छा ज्ञान रखनेवाले खोजी प्रकृति के लगनशील शोधकर्मियों का अभाव। एक अन्य कारण यह भी है कि कभी-कभी प्रेमचन्द ने कुछ रचनाएँ धनपतराय, नवाबराय या प्रेमचन्द के अतिरिक्त कतिपय अन्य काल्पनिक नामों से भी लिखी हैं जिसकी जानकारी कम ही लोगों को है। ऐसे नामों से लिखी कुछ रचनाएँ प्रकाश में आ भी चुकी हैं। यद्यपि प्रचलित नामों के अतिरिक्त अन्य नामों से लिखी रचनाओं की संख्या बहुत अधिक तो नहीं प्रतीत होती, परन्तु अब भी कुछ रचनाएँ यदि कहीं दबी पड़ी हैं तो उन्हें भी खोजकर प्रकाश में लाना महत्त्वपूर्ण उपलब्धि मानी जाएगी। सौभाग्य से डॉ. प्रदीप जैन के रूप में एक ऐसे निष्ठावान और उत्साही व्यक्ति ने इस शोध-कार्य को अपने हाथों में लिया है जो हिन्दी साहित्य के विद्वान् होने के साथ ही उर्दू भाषा के भी अच्छे ज्ञाता हैं। विगत कुछ वर्षों से उनके द्वारा किए जा रहे महत्त्वपूर्ण शोध-कार्य का ही परिणाम है प्रस्तुत शोध-ग्रन्थ, जिसके माध्यम से प्रेमचन्द की छह लुप्त कहानियों और सात लुप्त लेखों के साथ दिल्ली प्रान्तीय हिन्दी साहित्य सम्मेलन में दिया गया भाषण और अहमद अली, सज्जाद जहीर एवं पं. देवीदत्त शुक्ल के नाम लिखे गए अनेक दुर्लभ पत्र तथा सरस्वती प्रेस के विवाद के सम्बन्ध में प्रेमचन्द-महताबराय के मध्य हुआ दुर्लभ पत्राचार भी प्रकाश में आ सका है। इस शोध-ग्रन्थ का विद्वत्तापूर्ण विस्तृत प्राक्कथन लिखकर डॉ. प्रदीप जैन ने उसका महत्त्व और भी बढ़ा दिया है। —कृष्ण कुमार राय
Chandreshwar Karn Rachnawali Vol-I-5
- Author Name:
Edited By Shridharam
- Book Type:

- Description: लगभग 3000 पृष्ठों में संकलित प्रसिद्ध आलोचक चंद्रेश्वर कर्ण की रचनावली के पाँचों खंडो के मुख्य आकर्षण हैं : - हिंदी कहानी की भूमिका/आंचलिक हिंदी कहानी/कुछ और कहानी आलोचना/परिशिष्ट/गोदान : संवेदना और शिल्प/उपन्यासकार अश्क/कुछ और उपन्यास आलोचना/प्रेमचन्द/निराला/रामवृक्ष बेनीपुरी/ नागार्जुन/फणीश्वरनाथ रेणु/राजकमल चौधरी/सिद्धांत, विचार और विश्लेषण/हिन्दी की साहित्यिक विधाएँ/काव्यालोचना/नाट्यालोचना/लोक : जीवन, कला और संस्कृति/साक्षात्कार/कहानी/लघुकथा/महाभारत की कहानियाँ/झारखण्ड की लोककथाएँ/कविताएँ/संस्मरण, आत्मकथ्य, डायरी/पत्र
Ramkatha Aaram
- Author Name:
Dr. Viveki Rai
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Pearl Buck Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Pearl Buck
- Book Type:

- Description: कभी-कभी उसे लगता कि वे दोनों एक-दूसरे को थोड़ा कम जान पाते हैं। यदि वह उसके परिवार की पुरानी पीढि़यों के बारे में न जानती। उसके माता-पिता गरिमामय और आनंदित रहनेवाले थे। लियू भी उसके पीछे उसके परिवार को देखता था; हालाँकि उसने कभी ऐसा कहा नहीं था। वह थोड़ा कम औपचारिक था या उसके मुकाबले में कम संवेदनशील भी। वह उसे आसानी से यह बात कह सकता था, अगर वह मँगनी तोड़ना चाहता तो...! नहीं, नहीं, वह उससे बहुत प्यार करता है, उसे इस बारे में कोई संदेह नहीं था। —इसी पुस्तक से पर्ल बक ने लंबे समय तक एक मिशनरी के रूप में समाज-कार्य किया। उस गहन अनुभव को इनकी कहानियों में साफ देखा जा सकता है। जन-समाज की ऊहापोह, पारस्परिक संबंध तथा संबंधों के बीच के प्रेम और टकराव को बड़ी खूबसूरती से उन्होंने अपनी कहानियों में उकेरा है। पठनीयता से भरपूर ये कहानियाँ पाठक के मन को छूनेवाली हैं।
1000 Itihas Prashnottari
- Author Name:
Sachin Singhal
- Book Type:

- Description: "1000 इतिहास प्रश्नोत्तरी इतिहास का खेल न्यारा है; और इतिहास अपने को दुहराता भी है। इसीलिए इतिहास में लोगों की स्वाभाविक जिज्ञासा होती है—चाहे वह परिवार का हो, राष्ट्र का हो या विश्व का। प्रस्तुत पुस्तक एक सामान्य पाठक और उसके इतिहास के ज्ञान के स्तर को ध्यान में रखते हुए लिखी गई है। पुस्तक को बहुविकल्पीय प्रश्नों की शैली में लिखा गया है। चार भागों में विभक्त पुस्तक को महत्त्वपूर्ण उपभागों में बाँटा गया है; जैसे—सिंधु घाटी सभ्यता के स्रोत, वैदिक सभ्यता, मौर्य एवं गुप्त साम्राज्य, जैन एवं बौद्ध धर्मों का उदय, दक्षिण के साम्राज्य, मुगल काल, मराठा राज्य, अंग्रेजी शासन और भारत का स्वतंत्रता संघर्ष आदि। प्रत्येक प्रश्न के चार विकल्प दिए गए हैं, जिनमें एक सही उत्तर है, जिससे पाठक प्रश्न का सही उत्तर ढूँढ़ने के लिए अपनी तर्कशक्ति का भी प्रयोग कर सकते हैं। विश्वास है, पुस्तक पाठकों को अच्छी लगेगी तथा उनके इतिहास के ज्ञान को बढ़ाने में मदद करेगी। "
Bharatiya Gyan Ka Khazana
- Author Name:
Prashant Pole
- Book Type:

- Description: दविंची कोड और एंजल्स एंड डेमन्स जैसे विश्वप्रसिद्ध उपन्यास लिखनेवाले डेन ब्राउन का एक उपन्यास है—द लॉस्ट सिंबल। इसमें उपन्यास का नायक अपने विद्वान् और वयोवृद्ध प्राध्यापक से प्रश्न पूछता है—मानव जाति ज्ञान हासिल करने के पीछे लगी है। यह ज्ञान प्राप्त करने का आवेग प्रचंड है। यह प्रवास हमें कहाँ लेकर जाएगा? अगले पचास-सौ वर्षों में हम कहाँ होंगे? और कौन सा ज्ञान हम प्राप्त करेंगे? वे प्राध्यापक, उपन्यास के नायक को उत्तर देते हैं—यह ज्ञान का प्रवास, जो आगे जाता दिख रहा है, वह वास्तव में आगे नहीं जा रहा है। यह तो अपने पूर्वजों द्वारा खोजे हुए समृद्ध ज्ञान को ढूँढ़ने का प्रयास है। अपने पास प्राचीन ज्ञान का इतना जबरदस्त भंडार है कि आगे जाते हुए हमें वही ज्ञान प्राप्त होनेवाला है। वे प्राध्यापक इस संदर्भ में भारतीय ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हैं। और फिर पीछे मुड़कर जब हम देखते हैं, तो ज्ञान की जो बची-खुची शलाकाएँ दिखती हैं, उन्हें देखकर मन अचंभित सा हो जाता है। इतना समृद्ध ज्ञान हमारे पूर्वजों के पास था...! उसी अद्भुत और रहस्यमयी ज्ञान के कपाट खोलने का छोटा सा प्रयास है यह पुस्तक ‘भारतीय ज्ञान का खजाना’।
Sampoorn Dalit Andolan : Pasamanda Tasawwur
- Author Name:
Ali Anvar
- Book Type:

-
Description:
ग़ुलामी भले ही विदा हो गई हो, जाति तो मुसलमानों में क़ायम है ही। उदाहरण के लिए, बंगाल के मुसलमानों की स्थिति को लिया जा सकता है। 1901 के लिए बंगाल प्रान्त के जनगणना अधीक्षक ने बंगाल के मुसलमानों के बारे में यह रोचक तथ्य दर्ज किए हैं—‘मुसलमानों का चार वर्गों—शेख़़, सैयद, मुग़ल और पठान—में परम्परागत विभाजन इस प्रान्त (बंगाल) में प्रायः लागू नहीं है। मुसलमान दो मुख्य सामाजिक विभक्त मानते हैं—1. अशराफ़ अथवा शरफ़ और 2. अज़लाफ़। अशराफ़ से तात्पर्य है ‘कुलीन’ और इसमें विदेशियों के वंशज तथा ऊँची जाति के धर्मान्तरित हिन्दू शामिल हैं। व्यावसायिक वर्ग और निचली जातियों के धर्मान्तरित शेष अन्य मुसलमान अज़लाफ़ अर्थात नीच अथवा निकृष्ट व्यक्ति माने जाते हैं। उन्हें कमीना अथवा इतर कमीना या रासिल, जो ‘रिज़ाल’ का भ्रष्ट रूप है, बेकार कहा जाता है। कुछ स्थानों पर एक तीसरा वर्ग ‘अरज़ाल’ भी है, जिसमें आनेवाले व्यक्ति सबसे नीच समझे जाते हैं। उनके साथ कोई भी अन्य मुसलमान मिलेगा-जुलेगा नहीं और न उन्हें मस्जिद और सार्वजनिक क़ब्रिस्तानों में प्रवेश करने दिया जाता है।
इन वर्गों में भी हिन्दू में प्रचलित जैसी सामाजिक वरीयता और जातियाँ हैं।...
मुसलमानों में इन बुराइयों का होना दु:खद है, किन्तु उससे भी अधिक दु:खद तथ्य यह है कि भारत के मुसलमानों में समाज-सुधार हेतु इन बुराइयों के सफलतापूर्वक उन्मूलन के लिए कोई संगठित आन्दोलन नहीं उभरा।...दूसरी ओर, मुसलमान यह महसूस ही नहीं करते कि ये बुराइयाँ हैं। परिणामतः वे उनके निवारण हेतु सक्रियता भी नहीं दर्शाते। इसके विपरीत, अपनी मौजूदा प्रथाओं में किसी भी परिवर्तन का विरोध करते हैं।
—डॉ. बी.आर. आम्बेडकर
‘पाकिस्तान अथवा भारत का विभाजन’ पुस्तक से
Share Market Guide
- Author Name:
Sudha Shrimali
- Book Type:

- Description: "शेयर मार्केट गाइड शेयर मार्केट विषय पर बाजार में कई पुस्तकें उपलब्ध हैं, परंतु लेखिका ने इस पुस्तक के द्वारा वित्तीय क्षेत्र के जटिल पहलुओं को स्पष्ट एवं सीधी-सरल भाषा में समझाने की कोशिश की है। शेयर बाजार की कार्य-प्रणाली, कमोडिटी मार्केट, म्यूच्युअल फंड्स तथा बाजार में प्रयोग की जानेवाली मुहावरेदार भाषा को व्याख्या सहित समझाया गया है। अच्छे ब्रोकर के चुनाव के लिए अपने सुझाव भी रखे हैं। पाठक की सुविधा के लिए बाजार को प्रभावित करनेवाले कारकों की व्याख्या, बाजार की ऐतिहासिक गिरावटों का जिक्र, असेट अलोकेशन एवं निवेश के लोकप्रिय तरीकों की चर्चा इस पुस्तक की विशेषता है। प्रस्तुत पुस्तक न केवल नए शुरुआती निवेशकों के लिए अपितु डिग्री कोर्स, अकेडेमिक सर्टिफिकेशन तथा प्रोफेशनल एग्जामिनेशन के छात्रों के लिए भी अच्छी गाइड बुक का कार्य करेगी। मुझे विश्वास है कि यह पुस्तक वित्तीय क्षेत्र की जानकारी चाहनेवालों की जिज्ञासाओं, संदेहों तथा प्रश्नों का निराकरण करेगी। संभावित निवेशक इस पुस्तक के द्वारा जानकारी प्राप्त करके वित्तीय बाजार में बेहतर विश्वास के साथ उतर सकेंगे। अंत में सबसे महत्त्वपूर्ण बिंदु यह है कि यह पुस्तक हिंदी में लिखी जाने के कारण देश के अनगिनत नियमित हिंदी पाठकों तक अपनी पहुँच बनाने में सफल होगी। —आनंद राठी (भूमिका से)
Kusum Khemani ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Kusum Khemani
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kitab
- Author Name:
Gulzar
- Book Type:

-
Description:
साहित्य में ‘मंज़रनामा’ एक मुकम्मिल फ़ार्म है। यह एक ऐसी विधा है जिसे पाठक बिना किसी रुकावट के रचना का मूल आस्वाद लेते हुए पढ़ सकें। लेकिन मंज़रनामा का अन्दाज़े-बयाँ अमूमन मूल रचना से अलग हो जाता है या यूँ कहें कि वह मूल रचना का इंटरप्रेटेशन हो जाता है।
मंज़रनामा पेश करने का एक उद्देश्य तो यह है कि पाठक इस फ़ार्म से रू-ब-रू हो सकें और दूसरा यह कि टी.वी. और सिनेमा में दिलचस्पी रखनेवाले लोग यह देख-जान सकें कि किसी कृति को किस तरह मंज़रनामे की शक्ल दी जाती है। टी.वी. की आमद से मंज़रनामों की ज़रूरत में बहुत इज़ाफ़ा हो गया है।
यह ज़िन्दगी की किताब है जिसे बाबला स्कूल से बाहर शहर में, अपने दोस्त पप्पू के साथ, घर में अपने जीजा और दीदी के रिश्ते की धूप-छाँव में और फिर घर से भागकर माँ तक पहुँचने के अपने दिलचस्प सफ़र में पढ़ता है। और फिर वापस एक नए जज़्बे के साथ स्कूली किताबों के पास लौटता है। फूल को चड्डी पहनानेवाले गुलज़ार की फ़िल्म ‘किताब’ का यह मंज़रनामा फिर साबित करता है कि बच्चों के मनोविज्ञान को समझने में जैसी महारत उन्हें हासिल है, वह दुर्लभ है—फ़िल्मों में भी और साहित्य में भी।
Kalpana Aur Chayawaad
- Author Name:
Kedarnath Singh
- Book Type:

- Description: Desc awaited
Super Child
- Author Name:
Rohit Mehra (Irs)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Police Vyavastha Par Vyangya
- Author Name:
Giriraj Sharan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dandakaranya – The Jungle Of Matriarchy
- Author Name:
Shiwani Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kaizen Disruption: Small Steps, Giant Leaps In Business and Technology | How to Apply The Japanese Philosophy of Kaizen To Your Small Business
- Author Name:
Himanshu Jain
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Selected Stories of Sharatchandra
- Author Name:
Anand Ganguly
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kailas Manasarovar
- Author Name:
Rajeev Gupta
- Book Type:

- Description: भारतीय चिंतन के अनुसार, ‘व्यक्ति जिस भाव से भगवान् के प्रति अपनी आस्था प्रकट करता है, उसी के अनुरूप उसे भगवान् का सान्निध्य मिलता है।’ इसी आस्था के चलते हिंदुओं की ऐसी मान्यता है कि हिमालय के कैलास पर्वत पर साक्षात् शिव का निवास है। परिणामतः कैलास पर्वत हिंदुओं का एक प्रमुख तीर्थस्थल है और लगभग प्रत्येक हिंदू अपने जीवन में एक बार कैलास मानसरोवर की यात्रा करना चाहता है। कैलास मानसरोवर सांस्कृतिक भारत का अभिन्न अंग है। यह हमारी सनातन संस्कृति और परंपराओं का श्रद्धा-स्थल है। अपनी कैलास मानसरोवर तीर्थयात्रा के अनुभवों के आधार पर पाठकगणों को जानकारी उपलब्ध करवाकर उनके अंतस् में आस्था जाग्रत् करना इस पुस्तक के लेखन व प्रकाशन का विनम्र उद्देश्य है।
Kavita Ki Baat
- Author Name:
Ashish Singh
- Book Type:

- Description: Criticism
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book