222 Shikshaprada Bodh Kathayen
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222 शिक्षाप्रद बोध कथाएँ—शिवकुमार गोयल नीतिशास्त्र में कहा गया है कि यदि किसी को अपना मानव जीवन सार्थक करना हो तो उसे सत्पुरुषों का सत्संग, धर्मशास्त्रों तथा सत्साहित्य का अध्ययन करना चाहिए। गीता में कहा गया है कि जो महापुरुषों के श्रीमुख से कल्याणकारी बातें सुनकर उनकी उपासना-अनुसरण करते हैं, उनका जीवन सहज ही में आदर्श बन जाता है। 222 शिक्षाप्रद बोध कथाएँ में रामायण, महाभारत, पुराणों, वेदों, उपनिषदों की कथाएँ और संत, महात्माओं व विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख महापुरुषों के प्रेरणाप्रद जीवन के आख्यानों और दृष्टातों को सरल भाषा में कथाओं के रूप में चुनकर प्रस्तुत किया गया है। ये बोध कथाएँ मनुष्य के लिए 'दीप स्तंभ’ का काम करती हैं। हमारी निराशा-हताशा दूर कर हमें कर्मनिष्ठ बनने की प्रेरणा देती हैं। आशा है, पाठक इनसे धर्ममय जीवन जीने, संस्कारित बनने तथा राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा प्राप्त कर सकेंगे।
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222 शिक्षाप्रद बोध कथाएँ—शिवकुमार गोयल
नीतिशास्त्र में कहा गया है कि यदि किसी को अपना मानव जीवन सार्थक करना हो तो उसे सत्पुरुषों का सत्संग, धर्मशास्त्रों तथा सत्साहित्य का अध्ययन करना चाहिए। गीता में कहा गया है कि जो महापुरुषों के श्रीमुख से कल्याणकारी बातें सुनकर उनकी उपासना-अनुसरण करते हैं, उनका जीवन सहज ही में आदर्श बन जाता है।
222 शिक्षाप्रद बोध कथाएँ में रामायण, महाभारत, पुराणों, वेदों, उपनिषदों की कथाएँ और संत, महात्माओं व विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख महापुरुषों के प्रेरणाप्रद जीवन के आख्यानों और दृष्टातों को सरल भाषा में कथाओं के रूप में चुनकर प्रस्तुत किया गया है। ये बोध कथाएँ मनुष्य के लिए 'दीप स्तंभ’ का काम करती हैं। हमारी निराशा-हताशा दूर कर हमें कर्मनिष्ठ बनने की प्रेरणा देती हैं।
आशा है, पाठक इनसे धर्ममय जीवन जीने, संस्कारित बनने तथा राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा प्राप्त कर सकेंगे।
Book Details
-
ISBN9789380186795
-
Pages184
-
Avg Reading Time6 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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