222 Shikshaprada Bodh Kathayen
Author:
Shiv Kumar GoyalPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 125.12
₹
156.4
Available
222 शिक्षाप्रद बोध कथाएँ—शिवकुमार गोयल
नीतिशास्त्र में कहा गया है कि यदि किसी को अपना मानव जीवन सार्थक करना हो तो उसे सत्पुरुषों का सत्संग, धर्मशास्त्रों तथा सत्साहित्य का अध्ययन करना चाहिए। गीता में कहा गया है कि जो महापुरुषों के श्रीमुख से कल्याणकारी बातें सुनकर उनकी उपासना-अनुसरण करते हैं, उनका जीवन सहज ही में आदर्श बन जाता है।
222 शिक्षाप्रद बोध कथाएँ में रामायण, महाभारत, पुराणों, वेदों, उपनिषदों की कथाएँ और संत, महात्माओं व विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख महापुरुषों के प्रेरणाप्रद जीवन के आख्यानों और दृष्टातों को सरल भाषा में कथाओं के रूप में चुनकर प्रस्तुत किया गया है। ये बोध कथाएँ मनुष्य के लिए 'दीप स्तंभ’ का काम करती हैं। हमारी निराशा-हताशा दूर कर हमें कर्मनिष्ठ बनने की प्रेरणा देती हैं।
आशा है, पाठक इनसे धर्ममय जीवन जीने, संस्कारित बनने तथा राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा प्राप्त कर सकेंगे।
ISBN: 9789380186795
Pages: 184
Avg Reading Time: 6 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Madhya Pradesh Uchch Madhyamik Shikshak Patrata Pariksha Arthashastra Practice MCQs (MPTET Higher Secondary Teacher Economics Practice Sets in Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Nayi Naari : Sita Ki Maa : Shakuntala
- Author Name:
Shriramvriksha Benipuri
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bhasha Ki Khadi
- Author Name:
Om Nishchal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Pragya Parmita
- Author Name:
Rangnath Tiwari
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Life and Times of Deshbandhu Chittranjan Das
- Author Name:
Nandini Saraf
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Nibandh Sagar
- Author Name:
Prithvi Nath Pandey
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sadho Ye Utsav Ka Gaon
- Author Name:
Abhishek Upadhyay +2
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Magic of Faith
- Author Name:
Dr. Joseph Murphy
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
UPPSC Uttar Pradesh Public Service Commission Lok Seva Aayog "लोक सेवा आयोग स्टाफ़ नर्स" Staff Nurse (Male/Female) Recruitment Exam 2023 Guide In Hindi
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
CTET Central Teacher Eligibility Test Paper-1 (Class I-V) 15 Practice Sets with Latest Solved Papers (English)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
JHTET Jharkhand Teacher Eligibility Test 2024 Paper (Shikshak Patrata Pariksha Class 1 - 5) Complete Study Guide in Hindi
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bhartiya Jelon Mein Panch Saal
- Author Name:
Mary Tyler
- Book Type:

- Description: भारतीय जेलों में पाँच साल बीसवीं सदी के सातवें दशक का ऐसा कैमरा है, जिसकी तस्वीरें विभिन्न कोणों से भारत का साक्षात्कार कराती हैं। बंगाल के नक्सलबाड़ी गाँव से नक्सलवादी आन्दोलन की शुरुआत सन् 1967 में हुई थी, जहाँ किसानों ने बड़े ज़मींदारों के विरुद्ध सशस्त्र विद्रोह किया था। धीरे-धीरे यह आन्दोलन बंगाल से देश के अन्य प्रान्तों में फैल गया। विद्रोहियों का उद्देश्य जनता की सरकार क़ायम करना था। विद्रोह को दबाने के लिए दमनात्मक कार्रवाई की गई, जिसके शिकार सिर्फ़ कथित नक्सली ही नहीं हुए बल्कि आम भारतीय किसान और मज़दूर भी हुए। उसी दौरान इस पुस्तक की लेखक मेरी टाइलर को भी विदेशी जासूस समझकर अन्य विद्रोहियों के समान गिरफ़्तार कर जेल भेज दिया गया था। जेल में रहते हुए उन्होंने विद्रोहियों के जीवन-संघर्ष को काफ़ी निकट से जाना। उन्होंने महसूस किया कि नक्सलियों की जनता के प्रति निष्ठा तथा आत्मबलिदान ही नक्सलवादी आन्दोलन को मिले अपार जनसमर्थन के कारण बने। नक्सलियों की ईमानदार जनपक्षधरता ने मेरी टाइलर को अभिभूत किया। उनके ब्रिटेन से आकर भारत में रहने के पीछे मूल प्रेरणा कृषि-क्रान्ति के लिए हुआ यही सशस्त्र विद्रोह था। यह पुस्तक उनके अनुभवों, संस्मरणों तथा घटनाओं का लेखा-जोखा है, जिसको उन्होंने प्रत्यक्षतः देखा। यहाँ जेल में रहने के दौरान उन्हें भी तरह-तरह की यातनाओं से दो-चार होना पड़ा। नक्सलवादी आन्दोलन के बहाने पुस्तक ऐसे कई दरीचे खोलती है, जहाँ से तत्कालीन भारत की उन सामाजिक, आर्थिक तथा राजनीतिक स्थितियों से उपजे प्रश्नों को साफ़-साफ़ देखा जा सकता है जिनमें से ज़्यादातर अब तक अनुत्तरित हैं। स्वातंत्र्योत्तर भारत को जानने-समझने के लिए एक ज़रूरी पुस्तक!
The Law of Success
- Author Name:
Napoleon Hill
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Karma Hi Pooja Hai
- Author Name:
Ram Sahay
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
VISWANATHNAN ANAND
- Author Name:
Shailesh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Pravasi Bhartiy Ki Samsyaen Avm Samvednayen Sudha Om Dhingra Ki Kahaniyon Ke Sandarbh Me
- Author Name:
Praseetha P
- Book Type:

- Description: Book
Know About RSS
- Author Name:
Arun Anand
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Brahmos Ki Safalta Ke Mantra
- Author Name:
A. Sivathanu Pillai
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Hazari Prasad Dwivedi Granthawali : Vols. 1-12
- Author Name:
Hazariprasad Dwivedi
- Book Type:

- Description: आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी उन विरल रचनाकारों में हैं जिनकी कृतियाँ उनके जीवन–काल में ही क्लासिक बन जाती हैं । अपनी जन्मजात प्रतिभा के साथ उन्होंने शास्त्रों का अनुशीलन और जीवन को सम्पूर्ण भाव से जीने की साधना करके वह पारदर्शी दृष्टि प्राप्त की थी, जो किसी कथा को आर्ष–वाणी की प्रतिष्ठा देने में समर्थ होती है । जिस मनीषी ने हजारों साल से कायरता का पाठ दोहराती हुई जाति को ललकारकर कहा था । ‘‘सत्य के लिए किसी से भी न डरना, गुरु से भी नहीं, मंत्र से भी नहीं, लोक से भी नहीं, वेद से भी नहीं ।’’ वह कोई सामान्य कथाकार नहीं है । ऐसा उद्घोष कोई आर्षवक्ता ही कर सकता है । ग्रन्थावली के इस पहले खंड में द्विवेदीजी के दो उपन्यास बाणभट्ट की आत्मकथा और चारु चन्द्रलेख प्रस्तुत हैं । बाणभट्ट की आत्मकथा का कथानायक कोरा भावुक कवि नहीं, वरन् कर्मनिरत और संघर्षशील जीवन–योद्धा है । उसके लिए ‘शरीर केवल भार नहीं, मिट्टी का ढेला नहीं’, बल्कि उससे बड़ा है और उसके मन में ‘आर्यावर्त के उद्धार का निमित्त बनने’ की तीव्र बेचैनी है । चारु चन्द्रलेख में बारहवीं–तेरहवीं शताब्दी के उस काल का सर्जनात्मक पुनर्निर्माण करने का प्रयत्न है, जब सारा देश आन्तरिक कलह से जर्जर और तांत्रिक साधना के मोह में पथभ्रष्ट होकर समस्याओं का समाधान पारे और अभ्रक के खरल–संयोगों में खोज रहा था । द्विवेदीजी ने इसके विरुद्ध ज्ञान, इच्छा एवं क्रिया के त्रिकोणात्मक सामंजस्य तथा जनसाधारण की हिस्सेदारी पर बल दिया है, और उनकी इस स्थापना में अनायास ही आधुनिक युग मुखर हो उठता है ।
20 Dictators of the World
- Author Name:
Kalyani Mookherji
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book