Vaya Gurgaon
Author:
DushyantPublisher:
PustaknamaLanguage:
HindiCategory:
Contemporary-fiction0 Ratings
Price: ₹ 98.4
₹
120
Available
सुमन ने कहा कि कर दी ना सीधी सट्ट जाटोंवाली बात! महेंद्र ने कहा– क्यों जची नहीं क्या, सुमन ने कहा– जाटणी हूं, जी में आ जाए तो क्या नी जचे। और ना जचे तो भगवान भी नहीं जचा सके। वैसे बात तो सयाणी करी है। सोचने दो महेंद्र सिहाग जी। वैसे, गोदारों का जवाईं बनने का सुख भी आसानी से नहीं मिलता। –इसी उपन्यास से
ISBN: 9789392581267
Pages: 88
Avg Reading Time: 3 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Anna
- Author Name:
C. N. Annadurai
- Rating:
- Book Type:

- Description: Everyone regarded Anna as one of the most remarkable figures produced by Tamil Nadu. His greatness stems from the widespread acclaim he received from prominent leaders of his era. His various talents demonstrate his capabilities as an effective administrator, deep thinker, prolific writer, insightful journalist, and above all, a humanitarian that leaves us in awe of his literary contributions. He observed the living conditions of Tamils during his time and aimed to instigate change through his writing and speeches. Inspired by Periyar's thoughts and pride in Tamil heritage, he emerged as a towering advocate for humanism, dedicated to protecting the Tamil community and working toward their advancement. Anna once referenced influential figures like Shelley, Byron, Keats, Coleridge, Emerson, and Bacon, remarking that they are not foreigners in the truest sense. Is Tiruvalluvar simply a Tamil? They are all global citizens and educators, and Anna holds a similar esteemed position as a worldwide citizen. Anna is recognised as a pioneer in short stories that explore the tension between tradition and modernity. He is a relentless journalist and a guiding light as a dramatist. In addition to being a remarkable orator, his political acumen further defines him as the genius of his century. In summary, Anna is a true phenomenon.
Phans
- Author Name:
Sanjeev
- Book Type:

- Description: सभ्यता के वर्तमान पड़ाव पर जितनी उपेक्षा किसान और किसानी की हो रही है उतनी शायद ही किसी और की हुई हो। देश में तीन लाख से ज्यादा किसान आत्महत्या कर चुके हैं और अस्सी लाख से ज्यादा किसानी से किनारा कर चुके हैं। इसी भीषण यथार्थ की पृष्ठभूमि पर रचा गया है यह उपन्यास ‘फाँस’। कभी प्रेमचन्द ने ‘गोदान’ के जरिये भारतीय ग्रामीण तंत्र के शोषणकारी ढाँचे और किसानों के जीवन-संघर्ष को उजागर किया था, उसके वर्षों बाद, ‘फाँस’ हिन्दी का किंचित पहला उपन्यास है जो किसानों की दारुण स्थिति को उसकी व्यापकता में सामने लाता है। इस उपन्यास में विदर्भ (महाराष्ट्र) के किसानों की कहानी गई है जिनके एक कन्धे पर घर-परिवार का उत्तरदायित्व है तो दूसरे कन्धे पर किसानी का। दोनों उत्तरदायित्व एक-दूसरे से नाभिनालबद्ध—फसल होगी तो घर-परिवार चलेगा, नहीं होगी तो पेट भरना मुश्किल, बच्चों की पढ़ाई-लिखाई दुश्वार, हारी-बीमारी का इलाज असम्भव। फिर किसानी भी तो सिर्फ मेहनत नहीं माँगती; उसमें भी पैसा चाहिए। पैसा जुटता है कर्ज से। इस तरह फर्ज से कर्ज तक एक ऐसा व्यूह बनता है जिसमें पड़ने के बाद किसान निरुपाय और अन्तत: आत्महंता हो जाता है। इस दुखान्त को यह उपन्यास पूरी सूक्ष्मता से दर्ज करता है और यह सोचने को विवश करता है कि क्या यह त्रासदी केवल किसानों की है अथवा एक समूची सभ्यता, एक समूचे समाज की? अत्यन्त समसामयिक और ज्वलन्त विषय पर एक अवश्य पठनीय कृति!
Sarakfanda
- Author Name:
Vandana Rag
- Book Type:

- Description: बिट्टो अपनी माँ लाजो के जीवन और समय को समझने की यात्रा पर निकली है, जिनकी पत्थर मारकर हत्या कर दी गई है। बिट्टो के स्कूली दोस्तों का एक समूह है जहाँ भिन्न धार्मिक पहचान रखनेवाले ‘दोस्त’ समूह से बाहर खदेड़ दिए गए हैं; और बिट्टो जो इस बँटवारे के ख़िलाफ़ है, उससे पूछा जा रहा है कि “सू, हमेशा गुस्से में क्यों रहती है आजकल तू?” यह रोमान के ख़त्म होने और उसके कॉम्प्लिकेटेड होते जाने का भी आख्यान है। ‘सरकफंदा’ विभाजन की डरावनी निरन्तरता के बारे में है, जहाँ लोग देश से प्यार का दम तो भरते हैं लेकिन आपसी बन्धुत्व की भावना को ख़त्म करने में लगे हैं। ‘सरकफंदा’ का एक सिरा गुलाम भारत में खुलता है दूसरा निपट वर्तमान में। दोनों के बीच वह भविष्य है जिस पर यह कसता ही जा रहा है। इस उपन्यास में बिल्ला उर्फ़ लाइब्रेरियन एक अद्भुत रूपक और रिलीफ़ की तरह उपस्थित है जो अतीत और वर्तमान, भ्रम और ज्ञान के सरकफंदे के बीच निर्लिप्त आवाजाही रखता है और वर्तमान पर क़ाबिज़ घातक परछाइयों के बीच अपने खेल से जीवन की स्वाभाविकता को राह दिखलाता चलता है। लाजो और बिट्टो का सिनेमची होना भी वह दूरी सम्भव करता है कि घट रहे को उसके घटाटोप से ज़रा दूर होकर देखा जा सके। हमारे समय के यथार्थ की सघन, आवेग-भरी, कलात्मक दुनिया।
Colours Caught in Mist
- Author Name:
Govind Mishra +1
- Book Type:

- Description: Colors Caught in Mist is the English translation of Govind Mishra's Hindi novel “Kohre Mein Quiad Rang,” showcasing considerable maturity and craftsmanship. The story unfolds about the past while being discussed in the present, creating a narrative that feels like a novel within a novel. In another creative twist, fiction intertwines with reality. The narrative juxtaposes two distinct time periods, where the innocent, traditional Saraswati is replaced by the modern, confident, and independent Reva, who critically reflects on the narrative thus far. Featuring both memorable and breakout characters, this work stands as a hallmark of contemporary Hindi fiction. It was awarded the Sahitya Academy Award in 2008.
The Unreachable
- Author Name:
Gopinath Mohanty +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: The Unreachable is an English translation of Gopinath Mohanty's Odia novella, Apahancha that tells the riveting story of a child belonging to Kondh tribe of Koraput in Odisha, whose exposure to modern education in post-independence India alienates him from his own community and makes him long for the glitter of the urban world. His growing disenchantment with life in the city and eventual return to his own village are vividly chronicled in this novel.
Agyeya Ke Uddharan
- Author Name:
Sachchidananda Hirananda Vatsyayan 'Ajneya'
- Book Type:

- Description: अज्ञेय का लेखन इतना विपुल और वैविध्यपूर्ण है कि उसमें से उद्धरणों के एक चयन की बात सोचते ही पहला सवाल तो उसकी क्रम-प्रक्रिया को लेकर ही सामने आया। लगभग सभी साहित्यिक विधाओं में उत्कृष्ट लेखन के साथ-साथ अज्ञेय ने मानव-जीवन और समाज से जुड़ी सभी समस्याओं पर भी स्वतन्त्र रूप से सम्यक् विचार किया है। अज्ञेय के लिए न केवल साहित्य बल्कि पूरा मानव-जीवन ही मूल्यान्वेषण की प्रक्रिया है। इस क्रम से आरम्भ करने पर सहज ही केन्द्रीय मूल्य स्वतन्त्रता और उनसे जुड़े सवालों को अलगे चरण में रख पाना उचित लगा और साहित्य क्योंकि मूल्यान्वेषण की प्रक्रिया है, अत: भाषा, साहित्य आदि से जुड़े चिन्तन से चयन किये जाने वाले उद्धरणों का क्रम भी तय हो गया। इस चयन से गुज़रते हुए पाठक को यह महसूस हो सकता है कि अज्ञेय जब किसी दार्शनिक या तर्कशास्त्रीय गुत्थी पर भी विचार करते हैं तो उनका चिन्तन अधिकांशत: किसी अकादेमिक दार्शनिक की तरह का नहीं, बल्कि एक संवेदनात्मक दृष्टि, या कहें कि कवि-दृष्टि से किया गया चिन्तन होता है। अज्ञेय का चिन्तन कवि-दृष्टि का चिन्तन है, अकादेमिक नहीं। शायद, इसलिए इस कवि-दृष्टि के विमर्शात्मक चिन्तन और कविताओं के बीज-संवेदन का अहसास भी सुधी पाठकों को हो सकेगा। पाठक यदि चयन की इन मोटी रेखाओं के सहारे अज्ञेय के चिन्तन और कवि-कर्म की विपुलता, विविधता और सूक्ष्मता में प्रवेश करने की प्रेरणा पा सकें, तो यही इस चयन की सार्थकता होगी। अज्ञेय के कवि-कर्म और चिन्तन के द्वन्द्वों-समाधानों और प्रक्रियाओं-निष्कर्षों में ऐसा बहुत कुछ है जो किसी भी समय के लेखक-पाठक के लिए सदैव प्रासंगिक रहेगा। —प्रस्तावना से
IAS Today
- Author Name:
Prof.. Vikas Sharma
- Rating:
- Book Type:


- Description: लालच की दुनिया को वैराग्य की दुनिया से जोड़ते हुए, आईएएस टुडे एक गांधीवादी रोमेश की कहानी है, जो अपने प्रशिक्षण अवधि के दौरान त्रिशला वासु से शादी कर लेता है और बाद में अपनी सर्वोत्तम क्षमताओं से अपराधों को जड़ से खत्म करने की कोशिश करता है। उसी दुनिया में टिन्नी भी है, जो कुलीन माता-पिता का बेटा है, जो एक रिंग लीडर बन जाता है और काले, पेनी, वल्लू और गन्नू के साथ अपना गिरोह बनाता है और कांति, रेवती और स्वाति के साथ एक कामुक जीवन जीता है। उसके पाप का पिटारा पहले से ही भरा हुआ है, क्या उसे अपने दुष्कर्मों का परिणाम भुगतना पड़ेगा? मजबूत महिला पात्रों के साथ, उपन्यास पाठकों को प्रेम और वासना, हिंसा और अहिंसा, देहाती और शहरी जीवन के बीच संघर्ष प्रस्तुत करता है। अभी भी इस सवाल का जवाब मिलना बाकी है कि क्या फैंसी एक धोखा देने वाली योगिनी है?
Haril
- Author Name:
Hitendra Patel
- Book Type:

- Description: Novel
Kamkaji Mahila Hostel
- Author Name:
Kalpna Varma
- Book Type:

- Description: जरूरी नहीं कि तूफान से सब कुछ अस्त-व्यस्त ही हो जाए। तूफान से रास्ता साफ भी होता है। यह सकारात्मकता मेरे भीतर उठते तूफानों से दृश्यों को साफ करने का काम करती है, शब्दों की ताकत से परिचय कराती है। शब्द घाव भी करते हैं और घाव को भरते भी हैं, क्योंकि शब्दों का अपना तापमान होता है, उनमें कूलिंग और हीटिंग का सन्तुलन बनाना लेखकीय दायित्व होता है। इसलिए जब भी मैं कहने के लिए उतावली हुई हूँ शब्दों का चयन मैंने संभल कर किया है। भावनाओं, संवेदनाओं और अनुभवों ने जो तानाबाना बुना उससे कहानी को आकार दिया है। कहानियों में ठहरे हुए पलों की कहानी है, उम्र से परे वैचारिक मित्रता है, जिन्दगी के बदलते हुए दृश्य हैं, जानने-मानने-चाहने जैसे विरोधाभास हैं। गलत दिशा में भाग रही भीड़ का हिस्सा न बनकर मैंने सही दिशा मे अकेले चलने को बेहतर माना है।
‘Nishank’ Ke Sahitya Mein Lokatattv
- Author Name:
Dr. Kapil Dev Panwar
- Book Type:

- Description: रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ का साहित्य उत्तराखंड का दर्पण जैसा लगता है। उसमें प्रतिबिंबित हुआ है—पर्वतीय अंचल का इतिहास-विकास, संपूर्ण प्रकृति परिदृश्य, जन-जीवन के संस्कार, पर्व-त्योहार, आचार-विचार, व्यवहार, खान-पान, पहनावा, रहन-सहन, परंपराएँ, रीति-रिवाज अर्थात् संपूर्ण आंचलिक वैशिष्ट्य। कपिल देव पंवार ने लेखक ‘निशंक’ की कथा-कृतियों में अंकित घटनाओं और पात्रों के माध्यम से हिमालयी संस्कृति संधी एक सकारात्मक संदेश दूर-दूर तक पहुँचाया है। —प्रो. सूर्यप्रसाद दीक्षित (सभापति, हिंदी साहित्य सम्मेलन, प्रयाग) श्री निशंक के कथा-साहित्य में लोक तत्त्वों की प्रधानता ही उनके कथा साहित्य का प्राणतत्त्व है, जिसके माध्यम से उत्तराखंड की समग्र संस्कृति, जीवन मूल्य, सामाजिक विसंगतियाँ, सामाजिक, परिवर्तन, स्त्री की वर्तमान स्थिति जैसे अनेक सामाजिक सरोकार पाठक की समूची चेतना पर अपना प्रभाव डालते हैं। यह कार्य लेखक की साहित्यिक मात्रा एवं रचना धर्मिता के विभिन्न सोपानों को उजागर करता है, जिसमें श्री निशंक के साहित्यिक अवदान व उसके महत्त्व से पाठक भली-भाँति परिचित हो सकता है। —प्रो. योजना रावत (हिंदी विभाग, पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़)
Shamana Thayi
- Author Name:
Sane Guruji +1
- Book Type:

- Description: DESCRIPTION AWAITED
Path Ke Sathi
- Author Name:
Mahadevi Verma
- Book Type:

- Description: महादेवी जी ने अपने कुछ समकालीनों के संस्मरण रूपी व्यक्ति-चित्र इस तरह प्रस्तुत किए हैं जिनमें उनके साथियों के आन्तरिक व्यक्तिबोध को गहराई से पहचाना और समादृत किया गया है। यही कारण है कि महादेवी जी के स्मृति विधान ने जो आकृतियाँ प्रस्तुत की हैं वे जीवन्त मनुष्य की तरह पाठकों के साथ अब तक बनी रही हैं और आगे भी बनी रहेंगी।
Two Letters - Du Patra - Award Winning Maithili novel
- Author Name:
Upendra Nath Jha 'Vyas'
- Rating:
- Book Type:

- Description: "Two Letters" is an award-winning Maithili novel, "Du Patra," translated into English. The novel is structured around two letters, each written by a different woman to a different man. The story revolves around four characters, including the two men who receive the letters. The women, who come from different cultural backgrounds and value systems, attempt to reconcile the differences between Western and Indian cultures while grappling with their own personal tragedies. Additionally, the novel delves deeply into the inner selves and psyches of the female characters.
Go Back to Paris
- Author Name:
D. Jayakanthan +1
- Book Type:

- Description: In "Go Back to Paris," the renowned Tamil author Jayakanthan thoughtfully explores the tension between tradition and modernity in both art and personal life. Musician Sarangan returns to India infused with an idealistic zeal for modernized Carnatic music. However, he faces a significant challenge from his father, Seshiah, a vina virtuoso who views music as divine. Lalitha, a passionate writer, finds herself caught in a struggle between her deep love for Sarangan and her unwavering commitment to her noble husband. The conflict lies not between dharma and adharma but between different interpretations of dharma, resulting in a delicate balance.
Samay Mere Anuroop Hua
- Author Name:
Chandrarekha Dhadwal
- Book Type:

- Description: Hindi Novel
Chhayatmaja
- Author Name:
Sweta Parmar "Nikki"
- Book Type:

- Description: यह पुस्तक एक लड़की से माँ के सफर की कहानी है, जो लेखिका द्वारा पूरी आत्मा से कागज पर शब्दों द्वारा उकेरी है। इस कहानी को पाठक अपनी जिंदगी से भी जोड़कर देख सकते हैं, क्योंकि इसे दिल की संपूर्ण भावनाओं से ओत-प्रोत कर आत्मा से शब्दों में बाँधा गया है। अगर सच्ची लगन, खुद पर यकीन और हौसला बुलंद हो तो कैसे भी हालात का सामना किया जा सकता है और अंत में जीत सत्य और उम्मीद की होती है। उपन्यास ‘छायात्मजा’ (एक बेटी... माँ सी) अपनी कथावस्तु के चलते पाठकों को नई ताजगी का एहसास करा पाएगा। ऐसी उम्मीद है! इस कहानी में जहाँ प्रेम के कई रंग एक साथ विभिन्न एहसासों से सराबोर करते हैं तो वहीं छाया के प्यार का सहज, निस्स्वार्थ और करुण चेहरा भी दिखता है। कभी दो बहनों के आपसी रोष तो कभी उनके त्याग, समर्पण और संघर्ष की अनूठी कहानी भी दिखती है। इस उपन्यास की कहानी लिखने के पीछे लेखिका की सकारात्मक सोच और हार न मानने का जज्बा है, जो पाठकों को निश्चित ही प्रेरित कर पाएगा।
Diya (Illustrated)
- Author Name:
Yogita Warde
- Book Type:

- Description: दीया अब आपके सामने दूसरे संस्करण में उपलब्ध है। पहले संस्करण में दीया को लिटफेस्ट 2020 ऑथर ऑफ़ द ईयर अवॉर्ड और टैगोर कमेम्रटिव ऑनरेरी अवॉर्ड 2021 मिल चुका है। दीया की कहानी एक सच्ची घटना से प्रेरित है। यह कहानी समाज के उन सभी रीति-रिवाजों का खुलासा करती है, जिनका हम बिना किसी आपत्ति के आँखें बंदकर पालन करते आ रहे हैं। इस कहानी में दीया ने अपने ऊपर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ एक शब्द भी नहीं कहा। वह सब कुछ सहती रही और खुद से नफरत करती रही। वह क्यों चुप थी? क्या समाज के कारण या परिवार के कारण? क्या वह अपने ऊपर हो रहे अत्याचारों को रोक पाती है? क्या होता है आगे? क्या वह अपने पति और समाज के खिलाफ आवाज उठा पाती है? क्या हुआ होगा दीया की ज़िंदगी में? उसके जीवन में कितने मोड़ आए? सभी सवालों के जवाबों के लिए जुड़िये इस सफर में दीया के साथ।
Kabira Soi Peer Hai
- Author Name:
Pratibha Katiyar
- Book Type:

- Description: मूलतः एक संवेदनशील कवि के रूप में अपनी पहचान बनाने वाली प्रतिभा कटियार का यह पहला उपन्यास अपनी पठनीयता और अपने सरोकार दोनों वजहों से लगभग चकित करता है। उपन्यास एक कोचिंग सेंटर से शुरू होता है जहाँ अलग-अलग वर्गों के छात्र एक-सी महत्वाकांक्षा के साथ पहुँचते हैं। मगर वहाँ भी छात्रों की पसन्द-नापसन्द, उनकी मैत्री और उनके सम्बन्धों में एक स्पष्ट भेदभाव चला आता है। उपन्यास में ऐसे किरदार हैं जो इस भेदभाव को तोड़कर आगे बढ़ते हैं और बताते हैं कि दुनिया इन खानों से बड़ी है। जाहिर है, यह प्रेम और आपसी समझ के रसायन से बनी मनुष्यता है जो सामाजिक चाल-चलन पर भारी पड़ रही है। उपन्यास की नायिका दलित समाज से आती है और बचपन से ही देखती है कि उसकी प्रतिभा दूसरों की आँख का काँटा बनी हुई है। उसकी सफलता भी उसका अभिशाप है। जब उसे कोचिंग सेंटर में ऐसा दोस्त मिलता है जो बराबरी पर भरोसा करता है और उससे प्रेम करने लगता है तब वह कुछ बदलती दिखती है। उपन्यास अगर इसी दिशा में बढ़कर एक सुखान्त पर खत्म हो जाता तो तो शायद वह बराबरी की कामना का एक रूमानी बयान होकर रह जाता। यहाँ लेखिका साबित करती हैं कि उनके लहजे में चाहे जितनी रूमानियत हो, यथार्थ की उनकी समझ बहुत खरी है। वे घर-परिवार और समाज के सारे पूर्वग्रह और पाखंड जैसे तार-तार कर देने पर तुली हैं। वे एक पल के लिए भी इस बात को ओझल नहीं होने देतीं कि यह समाज बहुधा कुछ लोगों के प्रति बहुत अमानुषिक व्यवहार करता है और अगर यह भी न हो तो अपनी उदारता के चरम लम्हों में भी वह उनके अवसर छीनने में कोई कोताही नहीं करता, कोई हिचक नहीं दिखाता। इसमें सन्देह नहीं कि यह उपन्यास एक साँस में पढ़ा जा सकता है, लेकिन उसके बाद जिस गहरी और लम्बी साँस की ज़रूरत पड़ती है, वह कहीं हलक में अटकी रह जाती है। कई किरदारों और स्थितियों के बीच रचा गया यह उपन्यास हमारे समय की एक बड़ी विडम्बना पर उँगली रखता है और अपने छोटे कलेवर के बावजूद एक बड़ा वृत्तान्त रचता है। —प्रियदर्शन
Bunches
- Author Name:
Suvigya Sahu
- Book Type:

- Description: Childhood is simple but teenagerhood is difficult not for the children only but for their parents too. This isthe story about a sincere girl Surveen. Surveen always believed in their parent's points of view in her life. When she entered the teenage phase of her life she started thinking about their point of view towards things. Surveen's parents and Surveen's point of view didn't match all the time. Parents need to understand the teenagers. In the teenage phase, Not only body organ development happening there is mental development too. Different hormones rush into the body of teenagers. But what happens when the simple sincere Surveen turn into a fun-loving girl and started hiding things from parents. roaming with sly friends and started bunking the class. She started feeling the love emotion toward someone. What will happen in Surveen's life next? Does she spoil her school life? Or does Surveen made mistakes in peer influence? or Can Surveen able to find her way of life?
Parstree
- Author Name:
Bimal Mitra
- Book Type:

- Description: प्रख्यात बांग्ला कथाकार विमल मित्र का यह उपन्यास एक ऐसे आदर्शवादी युवक की कहानी है, जो अपने जीवन में कुछ महान कार्य कर दिखाने की आकांक्षा रखता है, लेकिन कई अप्रत्याशित घटनाएँ उसे कुछ और ही बना देती हैं, जिसकी ख़ुद उसने या किसी ने भी कल्पना नहीं की थी। घटनाचक्र में पड़कर वह कई मोड़ों से गुज़रता है, और अन्त में जब वह इच्छित पथ पा लेता है तो उसे बोध होता है कि जीवन की वास्तविकता क्या है। इस क्रम में उसे जीवन के अनेक रूप देखने को मिलते हैं तथा बहुत कुछ बलिदान भी करना पड़ता है। विकृतियों का चरम भोग भोगते हुए उसने कीचड़ में कमल की तरह खिलते सुकृतियों के स्वरूप भी देखे। पात्र और घटनाएँ उपन्यास में इस तरह गुँथे हुए हैं कि सहसा यह कह पाना मुश्किल होगा कि इस उपन्यास की कथा-वस्तु चरित्र द्वारा अनुशासित है अथवा घटनाओं द्वारा। एक की जीवन्तता और दूसरे की सहजता ने कथा को लयात्मक गति व विस्तार दिया है। ‘परस्त्री’ की एक विशेषता यह भी है कि इसकी कथा समकालीन सामाजिक जीवन की पृष्ठभूमि में आगे बढ़ती है। यह व्यक्ति के अन्तर्मन के रहस्यों को नहीं, बल्कि सामाजिक जीवन के यथार्थ को उजागर करती है। सिर से पाँव तक भ्रष्टाचार में डूबे व्यवस्था-तंत्र और उससे त्राण पाने के लिए छटपटाते सामान्यजन की वेदना का अत्यन्त सजीव चित्रण इस उपन्यास में हुआ है।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book