Ajey Hum : Insaano ne Kaisi Jeeti Duniya
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हम शेरों जैसे ताक़तवर नहीं हैं, न डॉल्फिन की तरह तैर सकते हैं, और निश्चय ही हमारे पंख भी नहीं हैं! तो फिर हमने इस दुनिया पर राज कैसे किया? इसका जवाब एक ऐसी अजीब कहानी में है, जो शायद ही फिर कभी सुनने को मिले। वह भी एक सच्ची कहानी ! कभी आपके दिमाग़ में यह सवाल पैदा हुआ कि हमने यह मुक़ाम कैसे हासिल किया? हाथियों के शिकार से लेकर स्मार्ट फोन चलाने तक का सफ़र ? आखिर कैसे बने हम.. अजेय? इसके पीछे की सच्चाई यह है कि हमारे पास एक सुपर पावर है। और वह यह कि हम कहानियाँ गढ़ सकते हैं। यह ऐसा इतिहास है जिसे आपने पहले कभी अनुभव नहीं किया होगा। जानिए कि कैसे क़िस्सागोई की इस अनोखी ख़ूबी का इस्तेमाल हमने अच्छाई-बुराई को समझने और दुनिया पर राज करने के लिए किया। और जानिए कि दुनिया को बदल देने की यह ताक़त हासिल केसे हुई? हरारी युवा पाठकों को साथ लेकर मानव जाति के इतिहास की यात्रा पर निकले हैं। रोमांचक तथ्य और जानदार चित्रांकन के ज़रिए विस्तृत और उलझे हुए विषय को खूबसूरती से पेश करते हैं। सबीना सदेवा, 'ओरिजिन ऑफ़ स्पीशीज़ की लेखिका
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हम शेरों जैसे ताक़तवर नहीं हैं, न डॉल्फिन की तरह तैर सकते हैं, और निश्चय ही हमारे पंख भी नहीं हैं! तो फिर हमने इस दुनिया पर राज कैसे किया? इसका जवाब एक ऐसी अजीब कहानी में है, जो शायद ही फिर कभी सुनने को मिले। वह भी एक सच्ची कहानी ! कभी आपके दिमाग़ में यह सवाल पैदा हुआ कि हमने यह मुक़ाम कैसे हासिल किया? हाथियों के शिकार से लेकर स्मार्ट फोन चलाने तक का सफ़र ? आखिर कैसे बने हम.. अजेय? इसके पीछे की सच्चाई यह है कि हमारे पास एक सुपर पावर है। और वह यह कि हम कहानियाँ गढ़ सकते हैं। यह ऐसा इतिहास है जिसे आपने पहले कभी अनुभव नहीं किया होगा। जानिए कि कैसे क़िस्सागोई की इस अनोखी ख़ूबी का इस्तेमाल हमने अच्छाई-बुराई को समझने और दुनिया पर राज करने के लिए किया। और जानिए कि दुनिया को बदल देने की यह ताक़त हासिल केसे हुई? हरारी युवा पाठकों को साथ लेकर मानव जाति के इतिहास की यात्रा पर निकले हैं। रोमांचक तथ्य और जानदार चित्रांकन के ज़रिए विस्तृत और उलझे हुए विषय को खूबसूरती से पेश करते हैं। सबीना सदेवा, 'ओरिजिन ऑफ़ स्पीशीज़ की लेखिका
Book Details
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ISBN9789392088544
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Pages168
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Avg Reading Time6 hrs
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Age0-11 yrs
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Country of OriginIndia
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- Description: Pt. Deendayal Upadhyaya was an Indian philosopher, economist, sociologist, historian, journalist, and political scientist. He went on to define an alternative philosophy of development called Integral Humanism and led the Bharatiya Jana Sangh, the forerunner of the present-day Bharatiya Janata Party (BJP). Pandit Deendayal’s philosophy continues to inspire and guide the policies of the BJP government at the centre and the state. This book presents a roadmap for the redevelopment and reconstruction of a nation as diverse and vast as India, based on the ideas and writings of Pandit Deendayal Upadhyaya. The roadmap takes into account India’s unique history, culture and ethos. This book is also a tribute to a rishi like Pandit Deendayal Upadhyaya on his 100th birth anniversary.
Mission Impossible
- Author Name:
Renu Saini
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kranti Ki Ibarten
- Author Name:
Sudhir Vidyarthi
- Book Type:

- Description: Kranti Ki Ibarten
Gandhi : Rise of a Mahatma and Diaspora
- Author Name:
Dr. Ruchi Verma +2
- Book Type:

- Description: The year 2019-2020 marked the 150 birth anniversary of Mahatma Gandhi that was widely commemorated in India and in many parts of the world remembering Gandhiji’s philosophy and teachings. During his education of law in the UK, Gandhiji developed firm faith in the principles and merits of the rule of law. Ironically, this faith was severely challenged when he moved as a lawyer to assist some Indian origin businessmen in South Africa. There, Gandhiji came face to face not only with violations of the sacrosanct principles of the rule of law but also the discrimination built in the laws themselves. This shock laid the foundation of barrister Gandhi’s journey in the process of making of a mahatma. Though Gandhiji’s commitment to Swaraj through Satyagraha has a much wider global appeal, his path to sainthood was inseparably intertwined with his experiences with the Indian diaspora. In keeping with Antar Rashtriya Sahayog Parishad (ARSP’s) pioneering work with Indian diaspora, Diaspora Research and Resource Centre of ARSP, in collaboration with Gandhi Smriti and Darshan Samiti, New Delhi organised a series of conferences on the theme ‘Gandhi and diaspora’, which were attended by over 100 experts from India and abroad. This book is a compilation of the proceedings, presentations and the outcomes of these important events. We hope, this publication would be useful to academics and scholars dealing with Gandhian teachings, ideology and diaspora studies.
Ajay Hum
- Author Name:
Yuval Noah Harari
- Book Type:

-
Description:
हम शेरों जैसे ताक़तवर नहीं हैं,
न डॉल्फिन की तरह तैर सकते हैं,
और निश्चय ही हमारे पंख भी नहीं हैं!
तो फिर हमने इस दुनिया पर राज कैसे किया?
इसका जवाब एक ऐसी अजीब कहानी में है, जो शायद ही फिर कभी सुनने को मिले. वह भी एक सच्ची कहानी!
कभी आपके दिमाग़ में यह सवाल पैदा हुआ कि हमने यह मुक़ाम कैसे हासिल किया?
हाथियों ने शिकार से लेकर स्मार्ट फोन चलाने तक का सफ़र?
आखिर कैसे बने हम...अजेय?
इसके पीछे की सच्चाई यह है कि हमारे पास एक सुपर पावर है.
और वह यह कि - हम कहानियाँ गढ़ सकते हैं.
यह ऐसा इतिहास है जिसे आपने पहले कभी अनुभव नहीं किया होगा.
जानिए कि कैसे क़िस्सागोई की इस अनोखी ख़ूबी का इस्तेमाल हमने अच्छाई-बुराई को समझने और दुनिया पर
राज करने के लिए किया.
और जानिए कि दुनिया को बदल देने की यह ताक़त हासिल कैसे हुई?
हरारी युवा पाठकों को साथ लेकर मानव जाति के इतिहास की यात्रा पर निकले हैं. रोमांचक तथ्य और जानदार
चित्रांकन के ज़रिए विस्तृत और उलझे हुए विषय को ख़ूबसूरती से पेश करते हैं.
सबीना रादेवा, ‘ओरिजिन ऑफ़ स्पीशीज़’ की लेखिका
Vinashparva (Hindi)
- Author Name:
Prashant Pole
- Book Type:

- Description: यह विडंबना ही है कि स्वतंत्रता पाने के बाद जिन तथ्यों को लेखनीबद्ध करके देश की भावी पीढि़यों के लिए सहेजा जाना चाहिए था, वह कार्य आज भी अधूरा है। भारत की शिक्षा-व्यवस्था, भारत की स्वास्थ्य सेवाएँ और भारत के उद्योग, इन सबका हृस अंग्रेजी शासन में कैसे होता गया, इस पर विस्तार से कभी नहीं लिखा गया। अंग्रेजों की क्रूरता, बर्बरता, निर्ममता और भारतीयों पर किए हुए उनके अन्याय व अत्याचार के साथ ही अंग्रेजों द्वारा भारत की लूट का तथ्यपूर्ण विवरण इस पुस्तक में संकलित हैं। साथ ही अंग्रेजों के आने के पहले भारत की स्थिति क्या थी, अंग्रेजों ने कैसे भारत की जमी-जमाई व्यवस्थाओं को छिन्न-भिन्न किया और उनके जाने के बाद भारत की स्थिति क्या रही इस पर विस्तार से प्रकाश डालनेवाली यह पुस्तक अपनी सहज-सरल प्रस्तुति तथा प्रवाहपूर्ण भाषा-शैली के चलते नई पीढ़ी को अपनी ओर अवश्य आकर्षित करेगी।
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