Divya Manav Banane Ki Kunji
(0)
Author:
Bhartendu Prakash SinghalPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Health-fitness-nutrition₹
250
200 (20% off)
Unavailable
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
"यदि जीवन को सार्थक बनाना है, तो जीना सीखना होगा। जब हमें जीना है, तो हमें कर्मशील होना होगा। जब हमें कर्म करना अनिवार्य है, तो हमें हर क्षण अपना रास्ता चुनना होगा। रास्ता कौन सा चुना जाए, उसे आँकने के लिए हमारे पास, हमारे अंतःकरण में कुछ मापदंडों का होना अनिवार्य है कि किन-किन बातों को, किन-किन चीजों को, किन-किन लोगों को हम महत्त्व देते हैं और किनको हम कम महत्त्व देते हैं अथवा कौन हमारे लिए बिल्कुल ही महत्त्वहीन है। कुछ मौलिक मूल्यों का अंकन करके, उनको अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाना ही पड़ेगा। उन मूल्यों को सहजने से ही जीवन रसमय बनेगा, परम सुख का अनुभव होगा तथा सबसे महत्त्वपूर्ण बात यह होगी कि उन मूल्यों को निर्धारित करने के उपरांत अपने दैनिक जीवन में कब, कहाँ, कैसे, क्या करना चाहिए, क्या नहीं करना चाहिए, इसका तत्काल निर्णय लेने की एक अद्भुत क्षमता अपने अंदर विकसित हो जाएगी। यदि उन मूल्यों को, प्रलोभन, भय अथवा आलस्य के कारण छोड़ देते हैं, तो सारा जीवन ही सारहीन, निर्मूल सा बनकर रह जाता है, एक बोझ सा हो जाता है, जिसे ढोना स्वयं में एक अजीब समस्या बन जाती है। —इसी पुस्तक से इस पुस्तक में जीवन को संस्कारवान बनाने और उसे सही दिशा में ले जाने के जिन सूत्रों की आवश्यक्ता है, उनका बहुत व्यावहारिक विश्लेषण किया है। लेखक के व्यापक अनुभव से निःसृत इस पुस्तक के विचार मौलिक और आसानी से समझ में आनेवाले हैं। जीवन को सफल व सार्थक बनाने की प्रैक्टिकल हैंडबुक है यह कृति। "
Read moreAbout the Book
"यदि जीवन को सार्थक बनाना है, तो जीना सीखना होगा। जब हमें जीना है, तो हमें कर्मशील होना होगा। जब हमें कर्म करना अनिवार्य है, तो हमें हर क्षण अपना रास्ता चुनना होगा। रास्ता कौन सा चुना जाए, उसे आँकने के लिए हमारे पास, हमारे अंतःकरण में कुछ मापदंडों का होना अनिवार्य है कि किन-किन बातों को, किन-किन चीजों को, किन-किन लोगों को हम महत्त्व देते हैं और किनको हम कम महत्त्व देते हैं अथवा कौन हमारे लिए बिल्कुल ही महत्त्वहीन है।
कुछ मौलिक मूल्यों का अंकन करके, उनको अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाना ही पड़ेगा। उन मूल्यों को सहजने से ही जीवन रसमय बनेगा, परम सुख का अनुभव होगा तथा सबसे महत्त्वपूर्ण बात यह होगी कि उन मूल्यों को निर्धारित करने के उपरांत अपने दैनिक जीवन में कब, कहाँ, कैसे, क्या करना चाहिए, क्या नहीं करना चाहिए, इसका तत्काल निर्णय लेने की एक अद्भुत क्षमता अपने अंदर विकसित हो जाएगी। यदि उन मूल्यों को, प्रलोभन, भय अथवा आलस्य के कारण छोड़ देते हैं, तो सारा जीवन ही सारहीन, निर्मूल सा बनकर रह जाता है, एक बोझ सा हो जाता है, जिसे ढोना स्वयं में एक अजीब समस्या बन जाती है।
—इसी पुस्तक से
इस पुस्तक में जीवन को संस्कारवान बनाने और उसे सही दिशा में ले जाने के जिन सूत्रों की आवश्यक्ता है, उनका बहुत व्यावहारिक विश्लेषण किया है। लेखक के व्यापक अनुभव से निःसृत इस पुस्तक के विचार मौलिक और आसानी से समझ में आनेवाले हैं।
जीवन को सफल व सार्थक बनाने की प्रैक्टिकल हैंडबुक है यह कृति।
"
Book Details
-
ISBN9789380823720
-
Pages224
-
Avg Reading Time7 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Garbhavastha Aur Shishu
- Author Name:
Dr.Abrar Multani +1
- Book Type:

- Description: वि गत वर्षों में प्रेग्नेन्सी और चाइल्ड केयर पर कई पुस्तकें लिखी जा चुकी हैं और लिखी जा रही हैं। हम यह पुस्तक क्यों लिख रहें हैं? आप इसे क्यों पढ़ेंगे? जबकि आपके पास तो बहुत सारी पुस्तकों के विकल्प मौजूद हंै? हमने लाइब्रेरियों में और किताबों की दुकानों की अधिकांश पुस्तकें पढ़ीं और पाया कि उनमें से अधिकांश आपको चिकित्सक बनाने पर उतारू हैं। प्रेग्नेन्सी के साथ-साथ चाइल्ड केयर या बच्चों की परवरिश के लिये कोई भी सम्पूर्ण किताब ऐसी नहीं थी जो कि एक आम माँ और अभिभावक को आसानी से इस महत्वपूर्ण अवस्था के बारे में बता सके और शिक्षित कर सके। मातृत्व की सेवा एवं भावी पीढ़ी के निर्माण में हमें योगदान देना था। हम चाहते थे कि माँ एवं शिशु स्वस्थ रहें, जिसमें हमारा भी योगदान हो तथा इससे हमारा ईश्वर ख़ुश हो जाए। यह पुस्तक माँओं के लिये मददगार बनेगी तथा गर्भावस्था के दौरान उनकी एक सहायिका के रूप में काम करेगी, उनका मार्गदर्शन करेगी। शिशु के जन्म के पश्चात् यह शिशु की परवरिश करने में भी सहायक होगी। यह पुस्तक इस शैली में लिखी गई है कि इसमें गर्भस्थ शिशु के विकास के अनुसार अध्यायों को क्रमवार किया गया है। यदि आप इसे निश्चित समय पर पढ़ेंगे तो आपके शिशु का विकास होता जायेगा और आपकी पुस्तक पूर्ण होती जायेगी। हमने इस पुस्तक को ऐसे लिखा है कि इस पर समय का कोई प्रभाव न पड़े। अतः आप इसे पढ़कर कुछ वर्षों के पश्चात् भी अपने किसी प्रियजन को उपहार में दे सकती हैं। यह हमेशा इतनी ही उपयोगी रहेगी। आप माँ बनने जा रही हैं या बन चुकी हैं, हमारी ओर से बहुत-बहुत बधाईयाँ एवं शुभकामनाएँ। आशा है यह पुस्तक आपकी उम्मीदों पर खरी उतरेगी। शुभेच्छु डाॅ. अबरार मुल्तानी डाॅ. नाज़िया ख़ान
55 Salahen Jo Aapka Jeevan Badal Dengi
- Author Name:
Business Today Editorial Team
- Book Type:

- Description: "55 सलाहें, जो आपका जीवन बदल देंगी सलाह सुनहली होती है...लेकिन सिर्फ तभी, जब उसे लागू किया जाता है और यह कारगर रहती है। यह पुस्तक अच्छी सलाहों का एक खजाना है। ये सलाहें इस पुस्तक में उल्लिखित 55 लोगों के लिए कारगर रही हैं। इनमें भारत की सबसे जानी-मानी हस्तियों और नीति-निर्माताओं के नाम शामिल हैं—जैसे ए.पी.जे. अब्दुल कलाम, अजीम प्रेमजी, आमिर खान, शाहरुख खान, जावेद अख्तर, आर.सी. भार्गव, गुरचरण दास, किरण मजूमदार-शॉ, डॉ. देवी शेट्टी, राम प्रसाद गोयनका, प्रसून जोशी, हर्ष मारीवाला और करण जौहर। ये तमाम लोग अपने-अपने क्षेत्रों के नेता हैं—चाहे वह व्यापार, विज्ञान, राजनीति, दवा, साहित्य या मनोरंजन का क्षेत्र हो। यहाँ उन चुनिंदा सलाहों को रखा गया है, जिन्हें इन हस्तियों ने मूल्यवान् और महत्त्वपूर्ण पाया—चाहे रिश्ते सुधारने की बात हो, कॉरियर बनाने की बात हो, यहाँ तक कि कुछेक मामलों में इसने उन्हें दुनिया को बेहतर बनाने के प्रयास में भी मदद की। प्रेरणा, अंतर्दृष्टि या महज कुछ व्यावहारिक मार्गदर्शन पाने की इच्छा रखने वाले पाठक के लिए इस पुस्तक को खरीदना उपयोगी व सार्थक रहेगा। "
Jal Pradushan
- Author Name:
Dr. Sheo Gopal Mishra
- Book Type:

- Description: "जल प्रदूषण भूमंडल का दो - तिहाई भाग जल है और उस जल का मात्र 2. 8 प्रतिशत भाग ही हमारे पीने के योग्य है । लेकिन बढ़ते औद्योगिकीकरण तथा शहरीकरण ने इसे भी प्रदूषित कर दिया है । जल के प्राय : सभी स्रोत या तो दूषित हो गए हैं या होते जा रहे हैं । ओद्योगिक क्रांति के फलस्वरूप नदियों और समुद्रों का ही नहीं, भू-जल भी पीने योग्य नहीं रहने दिया । इस सबके परिणाम मनुष्यों, पशुओं, जल-जंतुओं तथा फसलों को भोगने पड़ रहे है । जल के स्रोत (नदियाँ, समुद्र, भू-जल) कैसे प्रदूषित होते हैं, वे कौन - कौन - से प्रदूषक है जो जल को उपयोग के अयोग्य बनाते है, प्रदूषित जल की क्या पहचान है, उसे किस प्रकार शुद्ध किया जा सकता है । प्रदूषित जल के उपयोग से कौन -कौन -सी बीमारियाँ फैलती है, विश्य-स्तर पर इस समस्या के समाधान के लिए क्या-क्या किया जा रहा है, इसकी प्रामाणिक और वैज्ञानिक जानकारी इस पुस्तक में दी गई है । पुस्तक विद्यार्थियों तथा आम लोगों के लिए भी समान रूप से उपयोगी सिद्ध होगी । "
Yog Vishwa Ko Bharat Ki Anmol Bhent PB
- Author Name:
Ravi Kumar
- Book Type:

- Description: "प्राचीन भारत ने हमें गणित, बीजगणित, ज्यामिति, त्रिकोणमिति, शून्य, दशमलव, ज्योतिष, औषधि, व्याकरण, जातक कथाएँ और अनेक नैतिक मूल्यों का आधार दिया है। आधुनिक विश्व संस्कृत, भगवद्गीता और योग से लाभ उठा रहा है। योग के अभ्यास को हमारे ऋषियों और संतों द्वारा शरीर, मन और आत्मा के संपूर्ण स्वास्थ्य की प्राप्ति के लिए सहज ज्ञान द्वारा प्राप्त करके दिशा दी गई, सिद्ध और संहिताबद्ध किया गया। योग लोगों को अशांति के बीच शांति प्राप्त करने में सहायता करता है। ये हमारे शरीर, मन और आत्मा में स्वास्थ्य और संतुलन लाता है। तन स्वस्थ हो, मन स्वस्थ हो, सब नीरोग हों—यही योग का संदेश है। 11 दिसंबर, 2014 को 193 सदस्यों की संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्राचीन भारत के स्वास्थ्य एवं कल्याण की ओर समग्र दृष्टिकोण को मान्यता देते हुए आम सहमति से 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने पर सहमति प्रदान की। योग का संबंध आज पूरे विश्व से है। विश्व के कई नेता, खेल-कूद और फिल्मी दुनिया के सितारे और संगीत जगत् के दिग्गज विभिन्न कारणों से अपने दैनिक जीवन में योगाभ्यास करते हैं। योग की वैश्विक स्वीकार्यता और उसके उपयोग की व्यापकता को रेखांकित करने के उद्देश्य से यह पुस्तक लिखी गई है। हमें विश्वास है कि यह पुस्तक लोगों को योग की ओर आकर्षित करेगी और जन-जन योग को अपनाकर अपने जीवन को सुखमय-तनावमुक्त बना पाएँगे। "
Child Health And Nutrition In India
- Author Name:
Sanjay Prasad +2
- Rating:
- Book Type:

- Description: This book is an attempt to present, in a consolidated form of research articles that can provide a common platform for communication and discussion about healthcare and service providers, functionaries, scholars and social workers involved with child health and nutrition. The scope of this book is to present an overview of child health, maternal health and community issues in India and also attempt to highlight some of the important issues in this field.
Aapka Swasthya Aapke Haath
- Author Name:
Dinanath Jhunjhunwala
- Book Type:

- Description: बीमारी केवल शारीरिक ही नहीं हुआ करती; अगर व्यक्ति मानसिक बीमारियों जैसे-काम; क्रोध; लोभ; मोह आदि से ग्रस्त हैं तो भी वह बीमार ही माना जाएगा। अत: पूर्ण स्वस्थ व्यक्ति वह है; जो शारीरिक एवं मानसिक दृष्टि से स्वस्थ है। बीमारियों का कारण हम स्वयं बनते हैं। शारीरिकबीमारियों केनिवारण केलिए 'प्रात: भ्रमण' तथा 'योग' को दिनचर्या में अपनाना जरूरी है। इससे बिना दवा खाए भी व्यक्ति स्वस्थ रह सकता है। प्रस्तुत पुस्तक में विद्वान् लेखक ने यह बताया है कि स्वस्थ रहने के लिए प्रात: भ्रमण कैसे करना चाहिए भोजन तथा आहार कैसा होना चाहिए तथा कब करना चाहिए दांपत्य जीवन को कैसे सफल बनाया जा सकता है; वृद्धावस्था की समस्याएँ एवं उनका समाधान; सुख क्या है और कहाँ?; जल ही जीवन है आदि। स्वस्थ रहने के लिए सबसे अहम बात यह है कि हम उन चीजों के सेवन से परहेज करें; जिनकी हमें जरूरत नहीं है; जो हानिकारक हैं। पान; पान मसाला; खैनी; शराब; मांसाहार के बिना भी हम अधिक स्वस्थ बने रह सकते हैं; अत: इनका सेवन करकेबीमार क्यों पड़े? यह हमेशा ध्यान रखें कि स्वस्थ रहना प्राकृतिक है; अस्वस्थ रहना अप्राकृतिक। आज हर कोई-क्या गरीब; क्या अमीर-अपने स्वास्थ्य को लेकर चिंतित है। ऐसे में इस पुस्तक की उपयोगिता और बढ़ जाती है। आशा है; सुधी पाठक पुस्तक में दिए सुझावों को अपने जीवन में अपनाकर पूर्ण स्वस्थ तथा निरोग रह सकते हैं।
Yog Dwara Swastha Jeevan
- Author Name:
B.K.S. Iyengar
- Book Type:

- Description: योग द्वारा स्वस्थ जीवन—बी.के.एस. आयंगर ‘योग’ एक तपस्या है। शरीर को निरोग एवं सशक्त बनाने की एक संपूर्ण विधि है ‘योग’। योग असाध्य रोगों को भी दूर भगाता है। आज संसार भर के लोग योग और इसके चमत्मकारी प्रभावों के प्रति आकर्षित हैं। विश्वप्रसिद्ध योगगुरु बी.के.एस. आयंगार की इस पुस्तक ‘योग द्वारा स्वस्थ जीवन’ में आसन किस प्रकार किए जाएँ, किस प्रकार होनेवाली गलतियों को टाला जा सकता है और अधिकतम लाभ प्राप्त किया जा सकता है, इन बातों को आम लोगों तक पहुँचाने का प्रयास किया गया है। योग के द्वारा कैसे व्यक्तियों का उपचार किया जाए, इसका त्रुटिहीन अभ्यास करते हुए अधिकाधिक लाभ कैसे प्राप्त किया जाए—इसका सचित्र वर्णन किया गया है। पुस्तक का उपयोग करना आसान व सरल हो, इस दृष्टि से पुस्तक के अंत में दो परिशिष्ट जोड़े गए हैं। परिशिष्ट 1 में आसन क्रमांक और आसनों के नाम देकर उनका वर्गीकरण प्रस्तुत किया गया है। परिशिष्ट 2 में किस रोग में किस आसन से लाभ होगा, उनका वर्णन है। स्वस्थ जीवन का मार्ग दिखानेवाली सरल-सुबोध भाषा में योग पर एक अनुपम कृति।
Aapka Adbhut Srijan
- Author Name:
Dr. Himanshu Bavishi
- Book Type:

- Description: ‘एक सुरक्षित गर्भावस्था और प्रतिभाशाली बच्चा यों ही नहीं हो जाता’ बल्कि यह जागरूकता, सही जानकारी, सक्रिय रूप से शामिल माता-पिता और उनको चिकित्सकीय सेवा उपलब्ध करवाने वाली टीम का सामूहिक प्रयास होता है। गर्भावस्था किसी भी महिला के जीवन का सबसे सुखद दौर होता है। नवजात के आगमन की बहुत सारी तैयारी करनी होती है। शारीरिक और भावनात्मक बदलाव, सामान्य लक्षण और उनका उपचार, सही पोषण, बच्चे का विकास, प्रसव पूर्व और बाद की देखभाल तथा संक्षेप में प्रसव की सही, वैज्ञानिक जानकारी, आसानी से समझ में आनेवाली सटीक जानकारी देने से गर्भवती महिलाओं को बहुत फायदा होता है। यह पुस्तक नवीनतम विज्ञान ‘गर्भ संस्कार’ का आधुनिक प्रासंगिकता के साथ निचोड़ है। यह पुस्तक अंग्रेजी में "Your Miracle in Making" तथा मराठी और गुजराती के बाद अब हिंदी भाषा में ‘आपका अद्भुत सृजन’ बहुत ही सावधानीपूर्वक भावी माता-पिता के लिए तैयार की गई है। गर्भावस्था के बारे में यह पुस्तक दंपती को हर वह जानकारी देती है, जो उनके जीवन के सबसे महत्त्वपूर्ण पलों से संबंधित है और उसे वे जानना चाहते हैं।
Mediclaim Aur Swasthya Beema
- Author Name:
Prof Kshitij Patukale
- Book Type:

- Description: "सन् 1986 में भारत में जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ने पहली मेडिक्लेम पॉलिसी जारी की। बाद में भारतीय जीवन बीमा निगम ने आशादीप, जीवन आशा, नवप्रभात नामक सीमित लाभ देनेवाली हैल्थ इंश्योरेंस पॉलिसियों की योजना शुरू की। इनसे लोगों में अपने जीवन का बीमा करवाने की प्रवृत्ति शुरू हुई, साथ ही लोगों में स्वास्थ्य बीमा करने का भी चलन शुरू हुआ; और धीरे-धीरे ये सब खूब लोकप्रिय हो गए। इनसे जीते-जी स्वास्थ्य संबंधी चिकित्सकीय व्यय से राहत मिलने लगी और मृत्योपरांत परिजनों को एक राशि, ताकि चले गए प्रियजन के बाद भी परिवार आसानी से चल सके। इस पुस्तक के विद्वान् लेखक का स्पष्ट विचार है कि स्वास्थ्य बीमा सिर्फ करों में छूट पाने के लिए न लें, वरन् उसे अपने जीवन की एक अनिवार्य सुविधा समझकर स्वीकारें। अपनी उम्र के अनुसार हैल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी की प्लानिंग कैसे की जा सकती है, इसके बारे में विस्तृत जानकारी पुस्तक में है। साथ ही यह मेडिक्लेम का क्लेम प्रोसेसिंग, कैशलेस हॉस्पिटलाइजेशन, टी.पी.ए., अंडरराइटिंग आदि का मार्गदर्शन भी करती है। मेडिक्लेम तथा हैल्थ इंश्योरेंस की बारीकियाँ बताकर उपभोक्ता का अधिकाधिक हितसाधन करनेवाली लोकप्रिय पुस्तक।
ACUPRESSURE CHIKITSA
- Author Name:
Dr. A.K. Saxena +1
- Book Type:

- Description: "पिछले कुछ वर्षों में एक्यूप्रेशर ने काफी ख्याति अर्जित की है, जिसका प्रमुख कारण यह है कि इसमें किसी तरह की दवाइयों या शल्य चिकित्सा की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे यह हर तरह के साइड इफेक्ट से मुक्त है। यह पूरी तरह से गैरपरंपरागत, सुरक्षित और गैर-हस्तक्षेपकारी है। इतना ही नहीं, गरदन के दर्द या लंबर स्पॉण्डिलाइटिस, साइनसाइटिस, पीठ दर्द, घुटनों के दर्द, एडि़यों के दर्द, साइएटिका, डिस्क खिसकने, कब्ज, अपच, अनिद्रा, अवसाद, टेनिस एल्बो, दमा, हाइपर टेंशन, माइग्रेन, स्नायु संबंधी समस्याओं आदि में भी बेहद उपयोगी साबित हुई है। काफी समय से इस बात की आवश्यकता अनुभव की जा रही थी कि कोई ऐसी पुस्तक प्रश्नोत्तर रूप में हो, जिसमें इस थेरैपी के असर और उपयोगिता के बारे में आम पाठक के मन में उठने वाले सारे प्रश्नों के उत्तर दिए गए हों। यह पुस्तक उस अभाव की पूर्ति करती है। इसमें स्वास्थ्य ठीक रखने के लिए एक्यूप्रेशर का उपयोग और उसके महत्त्व को चित्रों के जरिए यथासंभव स्पष्टता के साथ समझाया गया है। नीरोग रहने के लिए बिना किसी साइड इफेक्ट के एक्यूप्रेशर चिकित्सा का व्यावहारिक उपयोग बनानेवाली महत्त्वपूर्ण पुस्तक।"
Zimmedari (Responsibility)
- Author Name:
P.K. Arya
- Book Type:

- Description: अगर आपको ज्यादा-से-ज्यादा काम सौंपा जाता है तो यकीन मानिए, आप एक जिम्मेदार व्यक्ति हैं, क्योंकि जिम्मेदारी उसी को मिलती है, जो उन्हें निभा सकता है। जिम्मेदारियों को अगर आप बोझ की तरह लेंगे तो ये आपको तोड़कर रख देंगी। इनसे मुँह मोड़ना आपको असफलताओं के गर्त में धकेल देगा। जिम्मेदारियाँ मनुष्य के जन्म लेते ही उसके साथ जुड़ जाती हैं। परिवार, समाज और देश जिम्मेदारियों के सही निर्वहण से ही चल सकता है। एक की जिम्मेदारी दूसरे की ताकत और सफलता बनती है। दूसरे की जिम्मेदारी तीसरे की सफलता और ताकत बनती है। इस तरह यह श्रंखलाबद्ध ढंग से सफलता की सीढ़ियों का निर्माण करती है, जिन पर चढ़कर व्यक्ति, समाज और देश तरक्की करते हैं। अतः एक की जिम्मेदारी दूसरे से जुड़ी है और सबकी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहण ही व्यक्तिगत और सामूहिक सफलता की गारंटी है। जिम्मेदार व्यक्ति ही महान् बनते हैं और जिम्मेदारियाँ ही व्यक्ति को महान् बनाती हैं। आप भी निश्चित ही महान् बनना चाहेंगे—प्रस्तुत पुस्तक आपका इसी दिशा में मार्गदर्शन करेगी।
Chikitsa Aur Hum
- Author Name:
Dr. Anil Chaturvedi
- Book Type:

- Description: This book does not have any description.
Yoga Aur Aahar Dwara 100 Saal Kaise Jiyen
- Author Name:
Bijoylaxmi Hota
- Book Type:

- Description: यह पुस्तक समग्रता में प्रायः सभी सामान्य एवं असामान्य रोगों से बचाव के उपाय बताती है। पाचन समस्या, जैसे—एसिडिटी, दस्त, कब्ज और बवासीर; साँस की समस्याएँ, जैसे—दमा, श्वास शोथ और साधारण सर्दी-जुकाम; स्नायु संबंधी रोग, जैसे अनिद्रा, घबराहट इत्यादि—पार्किंसन रोग और दिमागी धक्का; अन्य बीमारियों, जैसे—एलर्जी, ओस्टोपोरोसिस और वर्टिगो के विषय में यह मार्गदर्शिका आपको सही आहार और योग अभ्यासों के बारे में बताती है, जो आपको रोग-मुक्त कर देंगे। लेखिका ने प्रत्येक अभ्यास के साथ उसका असर भी दिया है, साथ ही ये विष-मुक्त होने के एवं ध्यान के विभिन्न यौगिक तरीके, योगासन, स्वादिष्ट एवं स्वास्थ्यवर्धक भोजन की विधियाँ भी बताती हैं। पैंतीस वर्षों से अधिक की अनुभवी प्रख्यात योग चिकित्सक की यह संपूर्ण पुस्तक निश्चित रूप से आपके स्वास्थ्य एवं आहार से संबंधित जरूरतों के बारे में प्राकृतिक वस्तुओं एवं तकनीक के माध्यम से बताएगी।
Samaya Prabandhan (Time Management)
- Author Name:
P.K. Arya
- Book Type:

- Description: अगर आप यह कहते रहते हैं कि अमुक काम के लिए मेरे पास समय ही नहीं है तो आप समय-प्रबंधन नहीं जानते। उचित समय-प्रबंधन से आप प्रत्येक कार्य—पढ़ाई, खेल, मनोरंजन, गपशप, भरपूर नींद, सुबह की सैर आदि सब कर सकते हैं। समय-प्रबंधन में जरा भी कठिनाई नहीं है, इसका सीधा सा फॉर्मूला है—प्रत्येक कार्य अपने तय वक्त पर किया जाए—समय पर सोकर उठना, समय पर नहाना, समय पर खाना, समय पर पढ़ाई, समय पर दफ्तर के सारे काम निबटाना। याद रखें, जो व्यक्ति समय को नष्ट करता है, समय ही उसे नष्ट कर देता है। समय नष्ट करनेवाला व्यक्ति असहाय तथा भ्रमित होकर यूँ ही भटकता रहता है। कार्यों को टालने या अधर में लटका देने की आदत समय-प्रबंधन के मार्ग के सबसे बड़ी बाधा है। इनसे उबरकर उचित समय-प्रबंधन करके सफलता पाई जा सकती है। समय किसी के लिए नहीं रुकता और बीता समय कभी लौटकर नहीं आता। दरअसल, समय-प्रबंधन ही जीवन-प्रबंधन है। टाइम मैनेजमेंट की बेजोड़ पुस्तक।
Dama Evam Alergy : Kaise Chhutkara Payen
- Author Name:
Rajendra Mehta
- Book Type:

- Description: साँसों के साथ ही जीवन की डोर बँधी है। मगर इन साँसों का दुश्मन है दमा। इसी तरह एक और व्याधि है एलर्जी। दमा एवं एलर्जी कैसे होती है और इससे कैसे छुटकारा पाया जा सकता है? इसका इलाज किन-किन विधियों से होता है और दमे की अवस्था की जाँच कैसे होती है? दमे की दवाइयाँ कौन-कौन-सी हैं?एलर्जी से कौन-कौन से रोग होते है और इनका सम्पूर्ण निदान कैसे किया जाता है? आदि अनेक ऐसे सवाल हैं जिनका समुचित उत्तर इस पुस्तक में आपको मिल जाएगा। दमा एवं एलर्जी के प्रभावी मैनेजमेंट की विस्तृत जानकारी इस पुस्तक में संकलित है जो इन व्याधियों से छुटकारा पाने में एक सच्चे मार्गदर्शक की तरह आपको सही राह सुझाएगी।
Sakaratmak Soch Ki Apaar Shakti
- Author Name:
Louise L. Hay +1
- Book Type:

- Description: "सकारात्मक सोच की अपार शति’ प्रसिद्ध लेखिका लुइस एल. हे और मोना लिसा शुल्ज की नई पुस्तक है, जो न केवल लुइस हे की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सर्वाधिक बिकनेवाली पुस्तक ‘यू कैन हील योर लाइफ’ के अभिकथनों के पीछे छिपी चिकित्सा विज्ञान की परतें खोलती है, बल्कि व्यतिगत उपचार के लिए निर्देशन और व्यावहारिक सलाह भी उपलध कराती है। हमारी चक्र प्रणाली को प्रतिबिंबित करनेवाले सात भावनात्मक केंद्रों के इर्द-गिर्द बुनी गई पुस्तक में, लुइस और मोना लिसा इन केंद्रों तथा शरीर के बीच संबंधों का पता लगाती हैं। वर्षों के शोध के आधार पर वे प्रत्येक केंद्र से संबंधित बीमारियों के सामने आने के पीछे छिपे संभावित मानसिक कारणों की पड़ताल करती हैं, और फिर बताती हैं कि इन स्वास्थ्य समस्याओं को किस प्रकार दूर किया जाए। वे लोगों को वास्तविक संसार के उदाहरण देती हैं, जिन्होंने बीमारी का सामना किया और स्वस्थ होने में किन विशेष भावनात्मक और भौतिक सुझावों से उन्हें मदद मिली। अभिकथन, सहजज्ञान और चिकित्सा विज्ञान एक शतिशाली त्रय का निर्माण करते हैं, जो पाठकों को अधिकतम स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती प्राप्त करने में तथा गहराई तक उसे अनुभव करने में सहायक होते हैं, जिसे लुइस हमेशा कहती हैं—ऑल इज वेल..."
Mann Ki Duniya
- Author Name:
253,1293
- Book Type:

- Description: ‘मन की दुनिया’ में प्रस्तुत है मन से जुड़े आपके हर सवाल का समाधान—मन के अजब-निराले खेल; टोने-टोटकों, ओझा-सयानों और तांत्रिकों का सच; मन को चिन्तामुक्त रखने की युक्तियाँ; जीवन के तूफ़ानों-तनावों से उबरने के नुस्खे; लाड़ले का व्यक्तित्व सँवारने के उपाय; ड्रग्स, मदिरा और तम्बाक़ू से छुटकारा पाने के रास्ते; डिप्रेशन की पहचान और इलाज; पैनिक अटैक और उसकी दवा; तर्कहीन भय-फोबिया के समाधान; ओब्सेसिव-कम्पलसिव डिसऑर्डर का इलाज; मन के कारण होनेवाले शरीर के रोग; स्किज़ोफ्रेनिया की मायावी दुनिया और उसका इलाज; काउंसलिंग, थैरेपी और दवाओं का लाभ और...और भी बहुत कुछ!
Naye Daur Ke Business Funde
- Author Name:
N. Raghuraman
- Book Type:

- Description: No Description Available for this Book
Garbh Evam Prasav Gyan
- Author Name:
Shanti Roy,Alka Pandey,Shipra Roy
- Book Type:

- Description: प्रसूति विज्ञान चिकित्सा शास्त्र की उस शाखा का नाम है, जिसका संबंध स्त्री जननांग, गर्भावस्था, प्रसव तथा प्रसवोत्तर काल से होता है। इस शास्त्र का उद्देश्य है—‘स्वस्थ माँ और स्वस्थ नवजात’। माँ और बच्चे के स्वास्थ्य के माध्यम से ही किसी देश की स्वास्थ्य संबंधी गुणवत्ता की पहचान होती है। वहाँ की चिकित्सा सेवा कितनी अच्छी है, इसका अंदाजा वहाँ के मातृ मृत्यु-दर एवं शिशु मृत्यु-दर से ही लगाया जाता है। विकसित देशों में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर पहले ही काफी कम हो चुकी है। गर्भ एवं प्रसव विज्ञान पर अधिकांश पुस्तकें अंग्रेजी में हैं, जिन्हें पढ़ना और समझना हमारी सामान्य जनता के लिए संभव नहीं है। प्रस्तुत पुस्तक सरल-सुबोध भाषा में लिखी प्रामाणिक जानकारी लिये है। इसकी भाषा और बातें हमारी जनता पढ़ सकेगी, समझ सकेगी तथा अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रह सकेगी। हम अपने ही शरीर से बिल्कुल अनजान हैं। इस पुस्तक में जननांगों की बनावट एवं जनन-क्रिया को संक्षेप में बताया गया है। भ्रूण के विकास की क्रिया और उसको दुष्प्रभावित करनेवाले कारकों को बताया गया है। गर्भ तथा प्रसव की सामान्य एवं असामान्य स्थितियों की भी चर्चा की गई है। अन्य बीमारियों से पीडि़त माताओं को गर्भावस्था में क्या सावधानियाँ रखनी होंगी, नवजात की सही देखभाल कैसे की जाए, यह सब इस पुस्तक में वर्णित है। हर घर-परिवार के लिए पठनीय एवं उपयोगी पुस्तक।
Body-Organ Donation
- Author Name:
Arun Anand
- Book Type:

- Description: "India has made significant progress in the field of body and organ donation over the last few decades. But there still remain many challenges. This book takes stock of the journey of ancient and modern India in the field of body and organ donation and the stellar role played by organisations like Dadhichi Deh Dan Samiti to promote this cause. This book demystifies the complex and multi-dimensional subject of body and organ donation. It explains the scientific, legal, ethical and financial aspects of the transplantation of organs from Indian as well as global perspective. The book takes a look at the past, present and the challenges ahead in the field of body and organ donation. It is a ready reckoner for anyone who wants to know about body and organ donation.
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book