Uttar Pradesh Madhyamik Shiksha Seva Chayan Board Pravakta (PGT) Chayan Pareeksha, Arthashastra 14 Practice Sets in Hindi (UPSESSB PGT Economics Book Hindi )
Author:
Team PrabhatPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references0 Ratings
Price: ₹ 132
₹
165
Available
Awating description for this book
ISBN: 9789354880001
Pages: 154
Avg Reading Time: 5 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Bhagvadgita Ke Anmol Moti
- Author Name:
G.K. Varshney
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mission Everest 1965
- Author Name:
Capt. M.S. Kohli
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
1000 Bhagat Singh Prashnottari
- Author Name:
Yavindar Singh Sandhu
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Pankaj Subeer Ki Kahaniyon Ka Samaj Shastreey Adhdhyan
- Author Name:
Dinesh Pal
- Book Type:

- Description: Book
Bihar Police Sipahi Samverg (Samanya/Sashtra) Purush/Mahila, Bharti Pareeksha
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Bihar Police Sipahi Constable Male and Female Entrance Exam 2025 | Police Exam Cracker Guide with Latest Solved Papers यह पुस्तक बिहार पुलिस सिपाही कांस्टेबल (पुरुष और महिला) प्रवेश परीक्षा 2025 के लिए एक संपूर्ण मार्गदर्शिका है, जो आपको परीक्षा की तैयारी में मदद करने के लिए तैयार की गई है। इसमें विभिन्न प्रकार के विषयों और महत्वपूर्ण प्रश्नों का समावेश किया गया है, जो पिछले वर्षों में परीक्षा में पूछे गए थे, साथ ही उनके हल भी दिए गए हैं। Complete Coverage : पुस्तक में बिहार पुलिस सिपाही कांस्टेबल परीक्षा के सभी विषयों का विस्तार से विवरण दिया गया है, जैसे सामान्य ज्ञान, गणित, तर्कशक्ति, हिंदी और अन्य संबंधित विषय। Solved Papers : पिछले वर्षों के सुलझे हुए प्रश्न पत्र आपको वास्तविक परीक्षा के स्वरूप को समझने में मदद करेंगे और परीक्षा की कठिनाई का अंदाजा देंगे। Practice Sets : प्रत्येक अध्याय के अंत में अभ्यास प्रश्न और उत्तर दिए गए हैं, जिससे आप अपनी तैयारी को परख सकते हैं और खुद को परीक्षा के लिए तैयार कर सकते हैं।
1000 Kalam Prashnottari
- Author Name:
Anita Gaur
- Book Type:

- Description: "1000 कलाम प्रश्नोत्तरी भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम अद्भुत मेधा के धनी हैं। विलक्षण वैज्ञानिक के रूप में अग्नि मिसाइल के जनक होने के साथ-साथ भारत के महत्त्वपूर्ण अनुसंधान कार्यों में उनकी सक्रिय भूमिका रही। भारत के राष्ट्रपति के रूप में उन्होंने लगभग दस लाख बच्चों से संवाद कर उन्हें प्रेरित किया। उनके प्रभावशील व्यक्तित्व ने अनेकानेक लोगों को कर्तव्य-पथ पर अग्रसर किया है। प्रस्तुत पुस्तक में डॉ. कलाम के तपस्वी जीवन, उनके संघर्ष तथा उनकी उपलब्धियों को ही नहीं, उनके आध्यात्मिक चिंतन एवं राष्ट्रप्रेम को प्रश्नोत्तर शैली में वर्णित किया गया है। इस कारण से यह पुस्तक आम पाठकों के अलावा विद्यार्थियों, परीक्षार्थियों एवं क्विज शो में भाग लेनेवाले प्रतियोगियों के लिए विशेष उपयोगी है। एक तरह से डॉ. कलाम के प्रेरणाप्रद जीवन का विश्वकोश है यह पुस्तक। "
BPSC Bihar Teacher Recruitment for Secondary School Teachers Part-1 English 15 Practice Sets
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
1000 Puratattva Prashnottari
- Author Name:
Rekha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Uttar Pradesh Madhyamik Shiksha Seva Chayan Board Pravakta (PGT) Chayan Pareeksha, Hindi 12 Practice Sets (UPSESSB PGT Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Palbhar ki Pahachan
- Author Name:
Sachchidanand Joshi
- Book Type:

- Description: डॉ. सच्चिदानंद जोशी की पुस्तक ‘कुछ अल्प विराम’ को काफी अच्छी प्रतिक्रियाएँ मिलीं। कुछ ने कहा कि यह अनिवार्यतः पढ़ी जाने लायक किताब है। कुछ ने कहा इसे तो महाविद्यालयों के पाठ््यक्रम में जोड़ दिया जाना चाहिए। कुछ ने तो यहाँ तक कह दिया कि इस पुस्तक के माध्यम से गल्प कहने की एक नई विधा ही जन्म ले रही है। ‘कुछ अल्प विराम’ को नए तरह का रचना-प्रयोग मानने वालों की भी संख्या अच्छी-खासी रही। उसी प्रयास का परिणाम है उसी शृंखला की यह दूसरी पुस्तक ‘पल भर की पहचान’। लेखक ने शब्दचित्रों का जो नया प्रयोग प्रारंभ किया है, उसे आगे बढ़ाने का विचार है। जितना बढ़ेगा और पसंद किया जाएगा, और आगे बढ़ाते रहेंगे। हमारी जिंदगी की आपाधापी में परेशानियाँ और चुनौतियाँ तो रोज ही हमारे सामने हैं। उसी संघर्ष की बेला में हमारे सामने या इर्द-गिर्द यदि कोई छोटी सी भी सकारात्मक घटना घट जाए तो वह बहुत सुकून देती है। या फिर जिंदगी की चुनौतियों से जूझता कोई सकारात्मक व्यक्ति मिल जाता है तो वह हमें भरी गरमी में शीतलता का अहसास देता है। ऐसे क्षणों को या व्यक्तियों को सँजोकर रखना किसी बड़े भारी बैंक बैलेंस से कम नहीं है। इस संग्रह के बहाने ऐसे कुछ और लोगों को तथा ऐसे कुछ और प्रसंगों को सामने लाने का प्रयास है जिनकी सकारात्मकता हमें नई दृश्टि देती है, नया उत्साह देती है। लेखक ने कोशिश की है कि बिना शब्दों का आडंबर रचे तथा बिना अतिरंजना किए, व्यक्तियों को अथवा घटनाओं को सीधी-सरल भाषा में पाठकों के समक्ष प्रस्तुत कर सकें। विशेष रूप से हमारे युवा साथियों के सामने जिनके अंदर हिंदी भाषा के प्रति अनुराग और आकर्षण ऐसे प्रयोग के माध्यम से पैदा करना आवश्यक है, और यह पुस्तक ऐसा एक प्रयास भी है।
Route to Oral Literature
- Author Name:
Anvita Abbi
- Book Type:

- Description: The 13 scholarly papers included in this volume testify to the management of various genres of oral literature and culture, reflecting the initial points of interaction with the environment and geographic space occupied by the speakers. The presentations address issues related to history, identity, indigeneity, ideology, belief, and nativism, focusing on the myths, legends, tales, songs, birds, lullabies, proverbs, riddles, and games of Northeast India. The exploration of oral literature reveals the deep connection between these forms and the region's natural habitat, a bond that surpasses political divisions and artificial barriers.
Rakshak Ram
- Author Name:
Suraj Patel
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Prem : Ek Album
- Author Name:
V. M. Girija
- Book Type:

-
Description:
मलयालम कविता जहाँ-जहाँ रूढ़ अवशेषों से टकराती है और अपनी भाषिक एवं सांस्कृतिक स्वत्वगत मौलिकता को बनाए रखते हुए समय में रचे-बसे औपनिवेशिक आयामों का अनावरण करती है, वहाँ यह समकालीन साबित होती है। मलयालम कविता का यह सृजनात्मक व दृष्टिसम्पन्न उन्मेष बहुआयामी इसलिए है कि वह सत्ता के बहुरंगी वर्चस्व को पहचानती है। अत: समकालीन मलयालम कविता एककेन्द्री नहीं बल्कि बहुकेन्द्री है। उसकी बहुस्वरता समय के सही सरोकारों से उपजी विशेषता है। इसलिए उसका प्रतिरोधी स्वर तमाम जटिल स्थितियों में अनुवाद गुंजित हो उठता है। आज की मलयालम कविता में नारी-स्वत्व का स्वर विद्रोह की बहिरंग मुखरता मात्र नहीं है। उसका पूरा तेवर मुक्ति की कामना को आद्यन्त अनावृत करने का रहा है।
पुरुषकेन्द्रित सामाजिक वर्चस्व को सरलीकृत करना मलयालम की नारीवादी कविता का उद्देश्य नहीं है। पुरुष-केन्द्रीकरण को वह नए सन्दर्भ में प्रस्तुत करती है।...मलयालम कविता ने नारी-दृष्टि को इसी व्यापक सन्दर्भ में अनुभव किया है। एक इतिहासबद्ध दृष्टि उसका सम्बल ही नहीं है, बल्कि वह उसकी अवस्थिति है। स्त्री-कामनाओं की कविता पुरुषविरोधी कविता नहीं है, वह पुरुषाधिष्ठित एकांगी मूल्यों की विरोधी कविता है। व्यापक सन्दर्भ में वह विपक्ष की कविता है। मुक्ति की पारदर्शी स्थिति उसमें अंकित है। वह अधिकार-केन्द्रित संस्कृति पर आघात करती है। ...मलयालम कविता में आधुनिक दौर से लेकर यह मुक्तिकामी स्वर मुखर रहा है। उसमें तमाम अवरोधों को तोड़ने का आग्रह भी है।
...समकालीन मलयालम कविता में वी.एम. गिरिजा का स्वर सबसे अधिक तेज़ तेवर से युक्त है। उनकी कविता के केन्द्र में उत्तप्त नारी ही विद्यमान है। उनके स्वर में विद्रोही दृष्टि की एकायामी बुलन्दियाँ नहीं हैं। गिरिजा के अनुभव-जगत् में स्त्री पूर्णरूपेण यथार्थ है। वह नैतिक अवलम्ब के सहारे प्रस्तुत नहीं होती है। वह अपनी जैविक स्थिति में प्रस्तुत होती है। इसलिए गिरिजा अपनी कविताओं में प्रकृति का भरसक उपयोग करती हैं। प्रत्येक प्रकरण प्रकृति के सहज विन्यास के साथ जुड़कर जैविक स्थिति का बोध कराता है। सवाल यह है कि गिरिजा की कविता की यह हरियाली किससे सम्बन्धित है? हरियाली के साथ उन्होंने मिट्टी के मटमैलेपन को भी उभारा है। लोकोन्मुखता का यह परिदृश्य गिरिजा की कविता का यथार्थ है जिससे उनकी सृजनात्मकता उभार लेती है और उनकी दृष्टि हमारी नैतिकताओं की जटिलताओं की भीतरी स्थितियों की थाह लेती है। प्रकृति यहाँ रूमानी आग्रह से विन्यासित नहीं है। ‘इको-पोयट्री’ की तरह जल, आकाश और हरियाली के बिम्बों और प्रतीकों की आवृत्ति गिरिजा करती रहती हैं। अपने में विकसने को उद्यत, अपने में सम्पुष्ट और अपने में सम्पूर्ण स्त्री-कामनाओं की विराट उपस्थिति गिरिजा के हर एक शब्द को बारीक बना देती है। प्रेम का यह एलबम प्रेमाभिव्यक्ति को निरी भावानुभूति के स्तर पर प्रस्तुत करनेवाली कविताओं का आकलन-भर नहीं है। यह प्रेम के मूल्यों को खोजने का धारदार उपक्रम भी है।
—भूमिका से
KARYALAYEEYA HINDI AUR COMPUTER (PB)
- Author Name:
P. Bisaria +2
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bhojpuri-Hindi-English Shabdkosh
- Author Name:
Arunesh Neeren
- Book Type:

-
Description:
हिन्दी भाषा पर विचार करते समय हम उसकी सहभाषाओं के अवदान को नहीं भुला सकते, क्योंकि हिन्दी की असली शक्ति उसकी तद्भव सम्पदा में है। इन तद्भवों का एक बड़ा स्रोत उसकी सहभाषाएँ और बोलियाँ हैं। इन जनपदीय भाषाओं में रचे साहित्य ने भक्ति आन्दोलन और देश के स्वतंत्रता-संग्राम में विशेष योगदान किया था।
यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि तुलसी, कबीर, सूर, रैदास, मीरा जैसी विभूतियों को लेकर ही हिन्दी ‘हिन्दी’ है। ये सभी महान रचनाकार अपनी रचनाएँ हिन्दी की सहभाषाओं अवधी, ब्रज, भोजपुरी और राजस्थानी में रच रहे थे। इस तथ्य की सार्थकता हेतु जनपदीय भाषाओं के शब्दकोशों की आवश्यकता स्वयंसिद्ध है।
औपचारिक भाषा के रूप में आज खड़ी बोली हिन्दी ही अधिक प्रचलित हो रही है, इसलिए जनपदीय भाषाएँ अतिरिक्त ध्यान की अपेक्षा करती हैं। आज नगरीकरण और वैश्वीकरण से सब कुछ एकसार हुआ जा रहा है और भाषाओं की विविधता पर ख़तरा मँडराने लगा है। ऐसे में हिन्दी भाषा का दायित्व बढ़ जाता है।
भोजपुरी भारत के उत्तर प्रदेश और बिहार क्षेत्र में प्रचलित एक जीवन्त भाषा है। साथ ही मारीशस, सूरीनाम, त्रिनिदाद, गुयाना, फ़िजी आदि देशों में भारतवंशियों के बीच भी भोजपुरी का प्रयोग प्रचलित है। इस तरह भोजपुरी हिन्दी के अन्तरराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य का एक विशेष हिस्सा है जिसकी उपेक्षा नहीं की जा सकती।
भोजपुरी की वैश्विक भूमिका, लोकप्रियता, हिन्दी के बढ़ते अन्तरराष्ट्रीय महत्त्व तथा अंग्रेज़ी की सार्वदेशिक उपस्थिति के परिप्रेक्ष्य में यह त्रिभाषी 'भोजपुरी-हिन्दी-अंग्रेज़ी शब्दकोश’ निश्चित रूप से कोशकला का एक अनुपम प्रमाण सिद्ध होगा। विस्मृति के गर्भ में चले गए शब्दों को पुनर्जीवित करने का प्रयत्न यहाँ नहीं किया गया है और फूहड़, एकांगी और विवादास्पद शब्दों से परहेज़ करके कोश को भारी-भरकम और बोझिल होने से बचाया गया है।
आशा है पाठकों को यह शब्दकोश उपयोगी लगेगा।
LOVE IN LUCKNOW
- Author Name:
Partha Sarthi Sen Sharma
- Book Type:

- Description: लखनऊ की गलियों में बुनी गई दोस्ती की, साथ बड़े होने और खुद को ढूँढ़ने की दिल को छू लेने वाली कहानी। दिनेश, फिरोज और राहुल लखनऊ के शांत गंजों में क्रिकेट खेलते और साइकिल चलाते साथ-साथ बड़े हुए, जहाँ उनकी जिंदगी का उनके शहर के साथ आपस में एक करीबी रिश्ता जुड़ गया। लेखक ने उनकी रोजाना की जिंदगी और साहसिक कारनामों को जीवंतता से पेश किया है; उनके उस सफर को बखूबी बयाँ किया है, जब वे तीनों अपनी-अपनी जिंदगी में आगे बढ़ते हैं। क्या होता है, जब प्यार उन्हें आमने-सामने ला देता है और उनका सामना कड़वी सच्चाई से होता है? क्या पैसों और सियासत की वेदी पर पत्रकारिता के मूल्यों की बलि दे दी जाएगी? साजिश और धोखे के आगे आदर्शवाद की राजनीति टिक पाएगी? और खास तौर पर, क्या प्यार जगह, समय और हालात की खाई को पाट देगा? ‘लव इन लखनऊ’ आए दिन बदलते समाज की पृष्ठभूमि में बुनी गई इश्क और ख्वाहिश, सियासत और भ्रष्टाचार, अरमानों और सपनों, रिश्तों और खुलासों की जबरदस्त कहानी है, जो पाठकों के मर्म और संवेदना को सहज छू लेगी।
Mere Sapnon Ki Ladki
- Author Name:
Durjoy Datta
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Konkani Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Ed. Jyoti Kunkoliekar
- Book Type:

- Description: This book has no description
Ghar Se Van Tak
- Author Name:
Dr. Deep Narayan Pandey
- Book Type:

- Description: यह पुस्तक उष्णकटिबंधीय शुष्क वनों के पुनर्स्थापन के लिए अनुभव और पारंपरिक ज्ञान का एक ऐसा लेखा-जोखा है, जिसे समकालीन वैज्ञानिक शोध के प्रकाश में जाँचा- परखा और विश्लेषित किया गया है। इस जाँच- परख से प्रकट हुई समग्र दृष्टि उस भाषा में उन लोगों के लिए प्रस्तुत की गई है, जो प्रमाण- आधारित वन पुनर्स्थापन करना चाहते हैं। पुस्तक में सैद्धांतिक पक्ष को यथा-आवश्यकता संदर्भित किया गया है, तथापि मूल उद्देश्य लोगों के सम्मुख उपयोगी ज्ञान और समझ प्रस्तुत करना है। संयुक्त राष्ट्र के पारिस्थितिक तंत्र पुर्नस्थापन दशक 2021-2030 के दौरान प्रमाण-आधारित, क्रियान्वयन-योग्य रणनीति की आवश्यकता स्वाभाविक है। भारत उन देशों में से है, जहाँ इस कालावधि में व्यापक स्तर पर वन पुनर्स्थापन प्रस्तावित हैं। परंतु ऐसी चिंताएँ व्यक्त की गई हैं कि एक तो भारत में वन पुनर्स्थापन के बजाय वृक्षारोपण पर जोर है और दूसरे वृक्षागोपण भी तकनीकी रूप से ठीक नहीं हो रहे हैं। पानी, मिट्टी व वनों को बचाए बिना दुनिया की कोई सभ्यता या समाज फल-फूल नहीं सकता । यदि सही दिशा में प्रयतत किए जाए तो वर्ष 2021 से 2030 के मध्य पृथ्वी पर वनों और मानव का इतिहास बदला जा सकता है। आशा की जाती है कि इस पुस्तक में प्रस्तुत जानकारी धरातल पर उष्णकटिबंधीय शुष्क वनों के पुनर्स्थापन हेतु समुचित दिशा प्रदान करेगी ।
SSC CHSL (10+2) Combined Higher Secondary Level LDC/DEO/PSA Computer Based Examination (Tier-1) 20 Practice Sets in English
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book