UP TGT Sanskrit 14 Practice Sets Uttar Pradesh Madhyamik Shiksha Sewa Chayan Board (UPSESSB TGT Sanskrit Practice Book)
(0)
Author:
Team PrabhatPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references₹
185
₹ 148 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789354880889
-
Pages166
-
Avg Reading Time6 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
1000 Puratattva Prashnottari
- Author Name:
Rekha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bhartiya Thal Sena (Agniveer)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Indian Army General Duty (GD) Bharti Pareeksha Guide
Innovations in Adminstration
- Author Name:
Bharat Lal Meena
- Book Type:

- Description: All the successive governments in India, since Independence, have talked about community participation in governance, but the results have been disappointing. In this scenario, the 1985 batch Karnataka cadre IAS officer Bharat Lal Meena made it possible through his out of the box initiatives during his three-decade long Civil Service career. Right from his first posting as Assistant Commissioner in Lingasugur tehsil of Raichur District in Karnataka to his present posting as Additional Chief Secretary and In-charge of Higher Education, he has created a model of active community participation in governance with wonderful results. This book provides vivid description of some of his innovative steps that proved to be a precedent in governance and have been subsequently adopted by the States and Union Governments. Many of the present-day innovative schemes, such as Smart Cities, DBT, Soil Health Cards, Social Audit, and biometric attendance, were visualised and materialised by the author decades ago. Apart from providing information about these steps, the book also acquaints readers with how he dealt with various administrative challenges and how he turned the ‘I’ feeling into the ‘we’ feeling. An essential read for the management professionals, serving bureaucrats and the youth preparing for civil services or other competitive examinations.
Phir Ek Dopahar Aur Anya Kahaniyan
- Author Name:
Sanjeev Sanyal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Drishti Nahin, Drishtikon Chahiye
- Author Name:
Rajesh Singh
- Book Type:

- Description: अनगिनत भारतीयों की तरह ही राजेश सिंह का भी एक सपना था। वह एक आई.ए.एस. अधिकारी बनना चाहते थे। बस एक समस्या थी—वह देख नहीं सकते थे। यह पुस्तक पटना के एक युवा, राजेश के प्रेरणादायी सफर की कहानी है, जो प्रज्ञाचक्षु है। भारी मुश्किलों से लड़ता हुआ वह सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में अपनी पूरी ताकत लगा देता है। यह परीक्षा बेहद कठिन और प्रतिस्पर्धात्मक है, लेकिन इसमें सफल होना कई लोगों का सपना भर रह जाता है। लेकिन अपनी प्रबल इच्छाशक्ति, अदम्य जिजीविषा, कठिन परिश्रम, लगन और साधना ने दिव्यांग उत्साही राजेश को इस दुर्गम प्रतियोगिता में सफल होने का मार्ग प्रशस्त किया। ऐसी प्रेरक जीवनयात्रा पाठकों के समक्ष इस भाव से प्रस्तुत है कि किसी शारीरिक अक्षमता के बावजूद व्यक्ति फौलादी इरादों के बल पर अपने सपनों को पूरा करने के लक्ष्य को अवश्य प्राप्त कर सकता है।
Bihar Police Sipahi Constable Male and Female Entrance Exam
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Bihar Police Sipahi Constable Male and Female Entrance Exam 2025 | Police Exam Cracker Guide with Latest Solved Papers यह पुस्तक बिहार पुलिस सिपाही कांस्टेबल (पुरुष और महिला) प्रवेश परीक्षा 2025 के लिए एक संपूर्ण मार्गदर्शिका है, जो आपको परीक्षा की तैयारी में मदद करने के लिए तैयार की गई है। इसमें विभिन्न प्रकार के विषयों और महत्वपूर्ण प्रश्नों का समावेश किया गया है, जो पिछले वर्षों में परीक्षा में पूछे गए थे, साथ ही उनके हल भी दिए गए हैं। Complete Coverage : पुस्तक में बिहार पुलिस सिपाही कांस्टेबल परीक्षा के सभी विषयों का विस्तार से विवरण दिया गया है, जैसे सामान्य ज्ञान, गणित, तर्कशक्ति, हिंदी और अन्य संबंधित विषय। Solved Papers : पिछले वर्षों के सुलझे हुए प्रश्न पत्र आपको वास्तविक परीक्षा के स्वरूप को समझने में मदद करेंगे और परीक्षा की कठिनाई का अंदाजा देंगे। Practice Sets : प्रत्येक अध्याय के अंत में अभ्यास प्रश्न और उत्तर दिए गए हैं, जिससे आप अपनी तैयारी को परख सकते हैं और खुद को परीक्षा के लिए तैयार कर सकते हैं।
Bhojpuri-Hindi-English Shabdkosh
- Author Name:
Arunesh Neeren
- Book Type:

-
Description:
हिन्दी भाषा पर विचार करते समय हम उसकी सहभाषाओं के अवदान को नहीं भुला सकते, क्योंकि हिन्दी की असली शक्ति उसकी तद्भव सम्पदा में है। इन तद्भवों का एक बड़ा स्रोत उसकी सहभाषाएँ और बोलियाँ हैं। इन जनपदीय भाषाओं में रचे साहित्य ने भक्ति आन्दोलन और देश के स्वतंत्रता-संग्राम में विशेष योगदान किया था।
यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि तुलसी, कबीर, सूर, रैदास, मीरा जैसी विभूतियों को लेकर ही हिन्दी ‘हिन्दी’ है। ये सभी महान रचनाकार अपनी रचनाएँ हिन्दी की सहभाषाओं अवधी, ब्रज, भोजपुरी और राजस्थानी में रच रहे थे। इस तथ्य की सार्थकता हेतु जनपदीय भाषाओं के शब्दकोशों की आवश्यकता स्वयंसिद्ध है।
औपचारिक भाषा के रूप में आज खड़ी बोली हिन्दी ही अधिक प्रचलित हो रही है, इसलिए जनपदीय भाषाएँ अतिरिक्त ध्यान की अपेक्षा करती हैं। आज नगरीकरण और वैश्वीकरण से सब कुछ एकसार हुआ जा रहा है और भाषाओं की विविधता पर ख़तरा मँडराने लगा है। ऐसे में हिन्दी भाषा का दायित्व बढ़ जाता है।
भोजपुरी भारत के उत्तर प्रदेश और बिहार क्षेत्र में प्रचलित एक जीवन्त भाषा है। साथ ही मारीशस, सूरीनाम, त्रिनिदाद, गुयाना, फ़िजी आदि देशों में भारतवंशियों के बीच भी भोजपुरी का प्रयोग प्रचलित है। इस तरह भोजपुरी हिन्दी के अन्तरराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य का एक विशेष हिस्सा है जिसकी उपेक्षा नहीं की जा सकती।
भोजपुरी की वैश्विक भूमिका, लोकप्रियता, हिन्दी के बढ़ते अन्तरराष्ट्रीय महत्त्व तथा अंग्रेज़ी की सार्वदेशिक उपस्थिति के परिप्रेक्ष्य में यह त्रिभाषी 'भोजपुरी-हिन्दी-अंग्रेज़ी शब्दकोश’ निश्चित रूप से कोशकला का एक अनुपम प्रमाण सिद्ध होगा। विस्मृति के गर्भ में चले गए शब्दों को पुनर्जीवित करने का प्रयत्न यहाँ नहीं किया गया है और फूहड़, एकांगी और विवादास्पद शब्दों से परहेज़ करके कोश को भारी-भरकम और बोझिल होने से बचाया गया है।
आशा है पाठकों को यह शब्दकोश उपयोगी लगेगा।
Path Ke Davedar
- Author Name:
Sarat Chandra Chattopadhyay
- Book Type:

- Description: जिस समय इस उपन्यास का प्रथम संस्करण बँगला में प्रकाशित हुआ था, उस समय एक तहलका सा मच गया था और इसे खतरे की चीज समझकर ब्रिटिश सरकार ने इस पुस्तक को जब्त कर लिया था। यह उपन्यास इतना महत्त्वपूर्ण समझा गया कि विश्व-कवि रवींद्रनाथ ठाकुर ने भी शरतबाबू की इस रचना की मुक्त-कंठ से प्रशंसा की। अब तक इस महत्त्वपूर्ण उपन्यास का हिंदी में कोई अच्छा अनुवाद प्रकाशित नहीं हुआ था। उसी अभाव की पूर्ति के लिए हमने सरल, सुंदर अनुवाद--' पथ के दावेदार ' के नाम से प्रकाशित किया है | इसमें पाठकों को पढ़ने से वही आनंद मिलेगा, जो शरतबाबू की मूल पुस्तक पढ़ने से मिलता है।
HSSC Group D Bharti Pariksha–2019 (20 Practice Sets)
- Author Name:
Mohit Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
RRB Para-Medical Staff
- Author Name:
Vivek Shukla
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jharkhand GK: General Knowledge -2025
- Author Name:
Dr. Manish Rannjan
- Book Type:

- Description: 2025 Book for JPSC, JSSC, JTET, JSERC, SI and All Other Jharkhand Competitive Exam | Current Affairs | Jharkhand Political Map
Aatmkatha Ke Elake Mein
- Author Name:
Bharat Singh +1
- Book Type:

-
Description:
बनारसीदास जैन ने 'अर्धकथा' (1641) में लिखा कि 'गर्भित कथा कहाँ हिय खोल।' छिपाए जानेवाले या कहें कि गोपन प्रसंगों को भी दिल खोलकर अथवा खुलकर बताना आत्मकथा को प्रसिद्धि दिलाता है, निवैयक्तिक बनाता है। आत्मकथा चर्चित विधा है और आत्मकथा- लेखन की एक समृद्ध परम्परा है, लेकिन यह आलोचना से परे विधा हो, ऐसा भी नहीं है। बाबू बनारसीदास चतुर्वेदी ने आत्मकथा लेखक की पात्रता का सवाल उठाया था। चतुर्वेदी जी ने 'जागरण' में यह सवाल उठाया था कि आत्मकथा किसे लिखनी चाहिए। भाव यह था कि आत्मकथा किसे नहीं लिखनी चाहिए। हालाँकि उनके द्वारा तय की गई शर्तों पर आगे लोगों ने आत्मकथा लिखी, ऐसा भी नहीं है। जब प्रेमचन्द ने 'हंस' का आत्मकथांक (1932) निकाला तो नन्ददुलारे वाजपेयी ने यह कहकर विरोध किया था कि इससे आत्म-विज्ञापन का भाव बढ़ेगा जो कि हिन्दी के हित में नहीं होगा।
लेखिकाओं की आत्मकथा में स्त्री-वेदना के विविध स्वर सुनाई पड़ते हैं। इनकी वेदना समस्त स्त्रियों को शोषण के खिलाफ विरोध की ताकत देती है। इन्होंने अपने आत्मकथा-साहित्य के द्वारा जहाँ स्त्री करुणा, शोक, वेदना, विवशता को व्यक्त किया वहीं उसे हिंसा, शोषण, अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने की शक्ति भी प्रदान की। इन्होंने स्त्री स्वतन्त्रता, समानता, सम्मान, सहभागिता इत्यादि जैसे प्रश्नों पर विचार करते हुए पितृसत्तात्मक व्यवस्था से स्त्री-मुक्ति की भी वकालत की।
आत्मकथाओं में अपने भीतर की यात्रा के जरिये बाहर का जो सफ़र तय होता है उसमें केवल अपनी दुनिया की ही बात नहीं होती है पूरा सामयिक सन्दर्भ आ जाना स्वाभाविक है। दलित आत्मकथाओं को आत्मकथात्मक उपन्यास यूँ ही नहीं कहा जाता है। जीवन का पूरा विस्तार है यथार्थ को देखने की एक नई दृष्टि के साथ ये आत्मकथाएँ हिन्दी साहित्य के मुख्य धारा के साहित्य की चेतना को झकझोरती हैं और उसकी चली आ रही परम्परा में एक तरह की वैचारिक हलचल पैदा करती हैं, दलित आत्मकथाएँ, साहित्य की दुनिया में निर्मित 'औदात्य' की धारणा को बदलकर रख देती हैं और जीवन के नए-नए मुहावरों के बीच अपने पाठकों को ले जाकर खड़ा करती हैं।
Odissi Dance: Therapeutics Aesthetics Metaphysics
- Author Name:
Dr.Reela Hota
- Book Type:

- Description: This book is a groundbreaking exploration of Odissi, one of India's oldest classical dance forms, dating back to at least the second century BCE. This book presents an entirely new perspective, emphasising the dance's therapeutic, spiritual and metaphysical dimensions. It explains how Odissi embodies all forms of yoga and spiritual principles, serving as a pathway to healing and ultimate liberation (moksha). A unique aspect of this book is its cross-cultural approach, drawing parallels between Odissi and other global art forms that follow metaphysical principles. Through scientific studies and research, the author substantiates how these art forms act as powerful tools for inner transformation. Rather than focusing solely on external performance, the book highlights the internal impact of Odissi on the dancer's psyche, energy and consciousness. Recognised by the Ministry of Culture, this pioneering work is essential for dance students, scholars, yoga practitioners, and anyone interested in the deep connection between art, spirituality and well-being.
Natya Prastuti : Siddhant, Shilp Aur Vidhan
- Author Name:
Ramesh Rajhans
- Book Type:

- Description: ‘नाट्य प्रस्तुति : सिद्धान्त, शिल्प और विधान’ रंगकर्म में रुचि रखनेवाले उन सभी व्यक्तियों के लिए एक महत्त्वपूर्ण पुस्तक है, जो नाटक के क्षेत्र में नये हैं और नाट्य-विधा के सम्बन्ध में अधिक विस्तृत व गहन जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं। गाँव-कस्बे अथवा छोटे और पिछड़े इलाकों में रहनेवाले वे तमाम प्रतिभाशाली नाट्य-प्रेमी इस कृति से लाभान्वित होंगे जिनके लिए किसी नाट्य-विद्यालय अथवा नाट्य-संस्था में सम्मिलित होना सम्भव नहीं है लेकिन जो छोटी-छोटी रंग-मंडलियाँ बनाकर नाट्य-क्षेत्र में सक्रिय हैं। इस पुस्तक के माध्यम से वे नाट्य-विधा से विधिवत परिचित होंगे और अपनी प्रस्तुतियों को अधिक सम्प्रेषणीय तथा अधिक अर्थवत्तापूर्ण बना सकेंगे। पुस्तक में भारतीय रंग-पद्धति के साथ-साथ पश्चिमी निर्देशकों और प्रस्तोताओं के विचारों और तकनीक का भी वर्णन है। चूँकि आज के नाट्य-मंच का स्वरूप बहुत कुछ ‘प्रोसीन्यम’ है और यह प्रोसीन्यम थियेटर दरअसल पश्चिमी रंग-पद्धति है, इसलिए पश्चिमी रंग-पद्धति और रंग-परम्परा की चर्चा भी इस पुस्तक के दायरे में है। दोनों ही रंग-पद्धतियों के बुनियादी तत्त्व एक हैं और किसी एक रंग-पद्धति को गम्भीरतापूर्वक समझ लेने से दूसरी को समझना काफी सरल है।
UTTAR PRADESH SANYUKT PARAMEDICAL PRASHIKSHAN PRAVESH PARIKSHA
- Author Name:
Naveen Mishra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Essays Demystified For UPSC. CSE & Competitive Exams
- Author Name:
Abhishek Saraf +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Madhya Pradesh Madhyamik Shikshak Patrata Pareeksha Ganit (MPTET Maths Guide Book)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Objective General Knowledge
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Gita Ek Chikitskiya Drishtikon
- Author Name:
Dr. Shyam Sakha "Shyam"
- Book Type:

- Description: यूरोपियन उपनिवेशवादी गोरे लोगों के अलावा सबको उजड्ड समझते थे। उन्होंने एक सिद्धांत प्रतिपादित किया था कि ईश्वर ने उन्हें दुनिया को सभ्य बनाने का अधिकार सौंपा है। उन्होंने भारतीय ग्रंथों को कबीलाई धर्म के रूप में प्रचारित किया। इसलिए आरंभ में 'गीता' को भी एक धर्मग्रंथ बताया गया था, जबकि यह एक श्रेष्ठ आध्यात्मिक ग्रंथ ही नहीं, मनोविज्ञान की अद्भुत पुस्तक है, जिसे अब तो सारे संसार में मान लिया गया है और पश्चिमी लोग इसी के आधार पर mindfullness yoga का व्यापार कर करोड़ों डॉलर कमा रहे हैं। मानव मन की चंचल वृत्ति (संशय, द्वंद्व) को साधने, काबू करने की विधियों को योग कहा जाता है। इसमें सबसे गुह्य शिक्षा यह कि मनुष्य अपने गुण, कर्म, स्वभाव के विपरीत आचरण करने पर दु:ख प्राप्त करता है, अत: उसे अपने गुण-कर्म-स्वभाव को पहचानकर अपने जीवन का लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए। मनुष्य का व्यक्तित्व त्रिगुण—सत्त्व, रजस एवं तमस पर आधारित होता है, इन्हीं गुणों के अनुसार हम सात्त्विक, राजसी एवं तामसिक व्यक्तित्व के स्वामी होते हैं। मानव जीवन के लिए आधार-ग्रंथ 'श्रीमद्भगवद्गीता' के मनोवैज्ञानिक एवं चिकित्सीय शास्त्र भी है, जो जीवन में बेहद उपयोगी एवं पठनीय है।
Angrezi-Hindi Anuvad Vyakaran
- Author Name:
Suraj Bhan Singh
- Book Type:

- Description: यह पुस्तक अंग्रेजी और हिंदी सरचनाओं का एक अंतरण व्याकरण (transfer grammar) है, जो दोनों भाषाओं के व्याकरणों को एक साथ लेकर चलता है, उनके बीच समान और असमान तत्त्वों की पहचान करता है, उनका व्यतिरेकी (contrastive) विश्लेषण करता है और उनके संभावित अनुवाद पर्याय और विकल्प सुलभ कराता है। इस प्रकार यह अंग्रेजी से हिंदी और हिंदी से अंग्रेजी दोनों प्रकार की अनुवाद क्षमता विकसित करता है। तुलनात्मक विश्लेषण भाषा के सभी स्तरों पर किया गया है—ध्वनि, लिपि, संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया, पक्ष (aspect), वृत्ति (mood), वचन, पुरुष, वाच्य आदि। दो अध्यायों में क्रमशः अंग्रेजी और हिंदी की संरचनाओं के ऐतिहासिक विकास-क्रम का परिचय है। एक अध्याय में मशीन अनुवाद के तकनीकी और भाषाई पक्षों पर विचार किया गया है। यह पुस्तक द्वितीय भाषा के रूप में अंग्रेजी या हिंदी सीखनेवाले छात्रों और उनसे जुडे़ अध्यापकों के लिए भी उतना ही उपयोगी है, जितना अनुवादकों के लिए। इनके अलावा ऐसे अनुवाद प्रशिक्षार्थियों, पत्रकारों और भाषाकर्तियों आदि के लिए भी सामान्य रूप से हिंदी का ज्ञान तो रखते हैं, लेकिन जिनकी पकड़ अंग्रेजी व्याकरण, अभिव्यक्तियों और मुहावरों पर बहुत कम है और जो अपने व्यावसायिक कार्य के लिए अंग्रेजी की अपनी क्षमता को बढ़ाना या पुष्ट करना चाहते हैं। पुस्तक में बहुत सरल भाषा का प्रयोग किया गया है और जहाँ कहीं भी तकनीकी या व्याकरणिक शब्दों का इस्तेमाल किया किया है, वहाँ कोष्ठक में उनके अंग्रेजी पर्याय दे दिए गए हैं। पुस्तक में सर्वत्र क्रॉस रेफरेंसिंग है और इसलिए अंत में दी गई अंग्रेजी अनुक्रमणिका (word index) की मदद से पाठक जिस शब्द या विषय पर जानकारी चाहता है, वह पुस्तक में सीधे उसी स्थान पर पहुँच सकता है।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book