Sankshipt Madhya Pradesh Samanya Gyan
Author:
Team PrabhatPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references0 Ratings
Price: ₹ 48
₹
60
Available
Awating description for this book
ISBN: 9789352667260
Pages: 116
Avg Reading Time: 4 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
BPSC (Bihar Public Service Commission) General Studies Combined (Preliminary) Competitive Examination 20 Practice Sets (Including 68th Solved Question Paper)
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
IIT Mein Pravesh Kaise Payen
- Author Name:
Subhash Jain
- Book Type:

- Description: "आई. आई. टी. प्रवेश परीक्षा में सफलता प्राप्त करना अत्यंत कठिन है । इसमें सफल होने के लिए जिस प्रकार की तैयारी छात्रों को करनी होती है, उसमें तीन प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं -प्रतिस्पर्धात्मक निपुणता, पृष्ठभूमि का ज्ञान और स्व- प्रबंधन निपुणता । यह पुस्तक जीवन के लंबे अनुभव और श्रमशील अध्ययन के आधार पर इस आशा के साथ लिखी गई है कि इच्छुक छात्रों को आई. आई.टी. प्रवेश परीक्षा के प्रत्येक पहलू की तैयारी करने में सहायक बनेगी । प्रस्तुत पुस्तक आई. आई. टी. प्रवेश परीक्षा की यात्रा में आपके लिए एक प्रकाश-पुंज, कपास एवं नक्शे के रूप में सहायक हो, ऐसी कामना है । पढ़िए सीखिए और उत्तीर्ण होकर सफलता के शिखर छुइए । "
Bharat Evam Vishwa Ka Bhoogol
- Author Name:
Chandramani Singh
- Book Type:

- Description: यह पुस्तक भूगोल की मूल अवधारणाओं को ध्यान में रखकर लिखी गई है और धरती की संरचना, वायुमंडल, महासागर, मौसम, वनस्पति जैसे विषयों की जानकारी उपलब्ध कराती है । पुस्तक में भारत के भूगोल से सम्बंधित उन सभी पहलुओं को तथ्यात्मक और विश्लेषणात्मक तौर पर प्रस्तुत किया गया है जो सिविल सेवा, विश्वविद्यालय एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्त्वपूर्ण हैं ।
How To Be Successful In Civil Services
- Author Name:
Deepak Anand
- Book Type:

- Description: Civil Services are the most prestigious and accountable services in the country. Educated youths have a special attraction towards them. Every youth wants to achieve this position.Out of a population of 140 crores, about 750 civil servants are selected every year, for which lakhs of candidates apply. The attraction and importance of these services can be easily understood from these statistics. Candidates for these services are tested on a three-tier test. The candidate who fulfils these criteria with intense fire in their belly is selected and takes a vow to serve the country with his unique aura. The present book is a guide to preparation for Civil Services. The book tells you how to prepare for these exams, what are the special points that should be kept in mind while studying. Overall, this book eases most of the difficulties of the examinees. The author of the book himself is an IAS and has been a topper in the Civil Services Examination. This book is the essence of his wide and deep experience, which is in front of the readers. A very useful book for competitive exam aspirants and students who have a strong will to succeed in their career.
UPSC Civil Services 29 Years IAS Prelims GS Paper 1 & CSAT Paper 2 Topic-Wise Solved Papers 1 & 2 1995-2023
- Author Name:
Dr. Manish Rannjan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sampoorna Sawasthya ke Liye Yoga
- Author Name:
Dr. Vinod Verma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Best of Omprakash Aditya
- Author Name:
Omprakash Aditya
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Analysis Of Mind (Pb)
- Author Name:
Bertrand Russell
- Book Type:

- Description: This book doesn’t have description
Hindi Gadya Vinyas Aur Vikas
- Author Name:
Ramswaroop Chaturvedi
- Book Type:

- Description: Hindi Gadya Vinyas Aur Vikas
Spain Ki Shreshtha Kahaniyan
- Author Name:
Bhadra Sen Puri
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Main Madhobhai: Ek Pakistani Hindu
- Author Name:
Sanjay Rai Sherpuria
- Book Type:

- Description: में माधोभाई, एक पाकिस्तानी हिंदू' पुस्तक पाकिस्तान में वर्षों रहकर और विभिन्न प्रकार के दुःख-दर्द सहन करके आए हजारों प्रस्थापितों के एक प्रतिनिधि द्वारा कही गई एक हृदयद्रावक परिचर्चा है। यह दर्द सुनने के बाद, पुस्तक के लेखक संजय शेरपुरिया ने हिंदू प्रस्थापितों की इस बस्ती मजलिस पार्क को पूर्ण गाँव के रूप में स्थापित किया, हर तरह की सुविधाएँ उपलब्ध करवाईं, भूख और बेरोजगारी का इलाज किया। हिंदू भाई-बहनों की इस व्यथा-कथा को अपने शब्दों में समाज के समक्ष पहुँचाने का प्रयास किया। यह सिर्फ उन हिंदुओं की व्यथा ही नहीं जिन्होंने भयंकर उत्पीड़न सहा है, बल्कि सारे हिंदू समाज को व्यथित करनेवाली परिस्थितियाँ हैं । वहाँ बलात धर्म-परिवर्तन करवाया जा रहा है, हमारी श्रद्धा और आस्था के केंद्र मंदिरों-गुरुद्वारों को ध्वस्त किया जा रहा है, हमारी बहन, बहू- बेटियों की अस्मिता पर निरंतर कुदृष्टि पड़ रही है। इन वीभत्स और हृदयविदारक दृश्यों को हर हिंदू को जानना चाहिए, ताकि वे पाकिस्तान में नारकीय जीवन जी रहे हिंदू भाइयों के प्रति सहानुभूति रख सकें और उनके सम्मानजनक भविष्य को सुनिश्चित करने में किंचित् योगदान भी कर सकें |
Vishwa Dharohar Mahakumbh
- Author Name:
Ramesh Pokhariyal ‘Nishank’
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Flat No. 714 Mein Rahasyamayi Maut Aur Anya Thriller Kahaniyan
- Author Name:
Swati Gautam
- Book Type:

- Description: आप यहाँ कैसे ? आपकी गाड़ी कहीं दिखाई नहीं दे रही ?'! “वहीं तो खड़ी थी। आपने नहीं देखा ?!' वह मुसकराई | “हाँ, शायद मेरा ध्यान नहीं गया।” “आप डरे हुए लगते हैं ?”! “'नहीं-नहीं, वह तो इस सड़क के बारे में बहुत कुछ सुन रखा है, इसलिए थोड़ा''मैं इस सड़क से नहीं आता । आज ही आया हूँ।”! “हर काम कभी-न-कभी तो पहली बार किया ही जाता है, अक्षय ।'! अक्षय डर गया, '“' लेकिन आपको मेरा नाम कैसे पता ?”! “आपके आई-कार्ड पर लिखा है।'! वह हलकी सी मुसकराई। अक्षय ने अब तक की सबसे गहरी साँस ली। “जी, जी, मैं भूल गया था।'! अक्षय सोच रहा है कि वह बेकार ही डर रहा था। लड़की तो बहुत अच्छी और जरूरतमंद लगती है। अच्छा हुआ, जो उसने उसे बिठा लिया, वरना वह कहाँ जाती! क्या यही है सड़क का सच ? लोग बेकार में डरते हैं और सड़क को बदनाम कर दिया । जबकि यही एक मेन सड़क है, जो दो शहरों को जोड़ती है । -इसी पुस्तक से प्रस्तुत संग्रह की कहानियाँ अपनी किस्सागोई तथा कथारस से भरपूर हैं, रोमांचक भी | अतः हर आयु वर्ण के पाठक के लिए मनोरंजक एवं पठनीय हैं ।
Practical English Hindi Dictionary
- Author Name:
Ed. Dr. Badri Nath Kapoor
- Book Type:

- Description: यह अद्यतन कोश है और इसमें अंग्रेज़ी के उन सभी शब्दों तथा पदबंधों का संकलन किया गया है जो जीवन के विविध क्षेत्रों से संबद्ध हैं तथा विद्यार्थियों- अध्यापकों, लेखकों- अनुवादकों, संपादकों-पत्रकारों, अधिकारियों-कर्मचारियों आदि को जिनके हिंदी समानार्थी जानने की नित्य आवश्यकता होती है । अंग्रेज़ी के सभी शब्दों को अक्षरक्रम से रखा गया है । अन्य प्रमुख अंग्रेज़ी-हिंदी कोशों में विकारी शब्दों तथा समस्त पदों को मूल शब्द के अंतर्गत अर्थात् पेटे में रखा गया है, परंतु इस कोश में ऐसे शब्दों की स्वतंत्र प्रविष्टियाँ हैं । आशा है, इससे पाठकों को विभिन्न शब्दों तक पहुँचने में सुगमता होगी । अनियमित क्रियाओं के भूतकालिक, भूतकृदंत तथा वर्तमानकालिक कृदंत रूप भी दिए गए हैं । प्राय : विशेषणों के उत्तरावस्था और उत्तमावस्था कें विशिष्ट रूप भी दिए गए हैं । शब्दों का उच्चारण अधिक सुगमतापूर्वक तथा व्यवस्थित ढंग से किया जा सके, इसके लिए शब्दों को अक्षरों (syllables) में विभाजित किया गया है और उन्हें योजिका (hyphen) से अलग- अलग करके दिखलाया भी गया है । शब्द के जिस अक्षर पर बलाघात है उसपर चिह्न भी लगाया गया है । आवश्यकता प्रतीत होने पर शब्दों के ब्रितानवी और अमेरिकी दोनो प्रकार के उच्चारण भी दिए गए हैं । हर शब्द के अर्थ अंग्रेज़ी और हिंदी दोनो भाषाओं में दिए गए हैं । चष्टा रही है कि अंग्रेजी अर्थ की प्रमुख विवक्षा हिंदी समानार्थी से स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो । पदबंधों और मुहावरों की व्याख्या करते समय उनके अर्थ-सौष्ठव को यथावत् प्रतिबिंबित करने का प्रयास भी किया गया है । इस कोश में भारत सरकार द्वारा स्थिर किए हुए विधि, प्रशासन, न्याय, प्रौद्योगिकी तथा विभिन्न शास्त्रों और विज्ञानों के शब्दों को प्रमुखता दी गई है । उच्चारण-तालिका अन्यत्र दी गई है । इसमें अंग्रेज़ी की कुछ विशिष्ट ध्वनियों के लिए अंतरराष्ट्रीय संकेत चिह्नों के आधार पर कुछ हिंदी वर्णो में विशेष चिह्न जोड़े गए हैं । आशा है, पाठकों को इससे सही उच्चारण करने में सुविधा होगी ।
BINDO KA LADKA (PB)
- Author Name:
Sharat Chandra Chattopadhyaya
- Book Type:

- Description: इसे वे ही नहीं बल्कि बाहर के लोग भी भूल गए थे कि यादव मुखर्जी और माधव मुखर्जी दोनों सगे भाई नहीं हैं। जाने कितनी तकलीफें उठाकर बेचारे यादव मुखर्जी ने अपने छोटे भाई माधव को कानून की शिक्षा दिलाई थी। बड़ी मेहनत व कोशिशों के बाद कहीं वे धनी-मानी जमींदार की एकमात्र संतान, पुत्री बिंदुवासिनी को अपनी भ्रातृ बहू बनाकर घर में लाए थे। बहू बिंदुवासिनी बहुत ही रूपवती थी, असाधारण सुंदरी। पहले ही दिन जब बहू बिंदुवासिनी अपना बेजोड़ रूप तथा दस हजार रुपयों के प्रामेसरी नोट लेकर घर में आई थी तब बड़ी बहू अन्नपूर्णा की आँखों से आनंद के आँसू लुढ़कने लगे थे। घर में सास-ननद तो थी नहीं। वे ही घर की मालकिन थीं। उसी दिन छोटी देवरानी का मुँह अपने हाथों से ऊपर उठाकर उन्होंने जाने कितने गर्व से पड़ोसिनों के सामने कहा था ‘घर में बहू आवे तो ऐसी! हूबहू लक्ष्मी का रूप।’ मगर दो ही दिनों में उन्हें पता लग गया कि उनका सोचना गलत था। दो ही दिन में सर्वविदित हो गया कि बहू अपने साथ जिस नाप-तौल से रूप व रुपया लाई है उससे कई गुना ज्यादा अहंकार व अभिमान भी साथ लेती आई है। फौरन ही बड़ी बहू ने अपने पति को एक ओर बुलाकर कहा, ‘क्यों जी, क्या रूप और रुपयों की गठरी को ही देखकर बहू को ले आए थे, जाना-पहचाना भी था? यह तो काली नागिन है, नागिन!
Jawahar Navodaya Vidyalaya Book for Class 9 Entrance Exam -2024 JNV Book in Hindi
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
A.N.M./Staff Nurse/Lab Technician (Chayan Pareeksha) 20 Practice Sets
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Hindi Aalochana Ki Paaribhashik Shabdavali
- Author Name:
Amarnath
- Book Type:

-
Description:
आधुनिक हिन्दी आलोचना की आयु भले ही सौ-सवा सौ वर्ष हो किन्तु उसने इतनी तेज़ी से डग भरे कि इस अल्प अवधि में ही दुनिया की किसी भी दूसरी समृद्ध भाषा से होड़ लेने में सक्षम है।
आज हिन्दी आलोचना में जो पारिभाषिक शब्द प्रचलित हैं, उनके मुख्यतः तीन स्रोत हैं। उनमें सबसे प्रमुख स्रोत हमारा संस्कृत काव्यशास्त्र है, जिसकी समृद्धि तद्युगीन विश्वसाहित्य में अतुलनीय है। हिन्दी आलोचना की समृद्धि के पीछे उसकी अपनी यही विरासत है। दूसरा स्रोत यूरोप का साहित्यशास्त्र है, जिससे हमारे लगभग साढ़े तीन सौ वर्ष से सम्बन्ध हैं। पिछले कुछ दशकों में उदारीकरण और भूमंडलीकरण के चलते यूरोप से अनेक नए पारिभाषिक शब्द हिन्दी में आए हैं, जिन्हें हिन्दी ने पूरी उदारता से ग्रहण किया है। इसी के साथ हिन्दी आलोचना ने अनेक शब्द स्वयं भी विकसित किए हैं।
इस समृद्धि के बावजूद हिन्दी आलोचना में प्रचलित बहुतेरे पारिभाषिक शब्दों की अवधारणा को रेखांकित करनेवाली पुस्तक की कमी लगातार महसूस की जा रही थी। समकालीन हिन्दी आलोचना की इस अनिवार्य आवश्यकता को पूरी करनेवाली यह अकेली पुस्तक है—हिन्दी साहित्य के सुधी अध्येताओं के लिए अनिवार्यतः संग्रहणीय।
Bihar Ke Parva-Tyohar Aur Khanpan
- Author Name:
Subodh Kumar Nandan
- Book Type:

- Description: ‘कोस-कोस पर पानी बदले, चार कोस पर वाणी' कहावत तो एक वैश्विक लोकोक्ति बन गई है, किंतु भारत, खासकर बिहार राज्य में यह कुछ अधिक ही चरितार्थ होती है। देश-विदेश से यहाँ आनेवाले लोग न केवल ज्ञान-विज्ञान की पोथियाँ लादकर ले गए, बल्कि यहाँ के आचार-विचार, पर्व-त्योहार, अतिथि-सत्कार और भिन्न-भिन्न प्रकार के व्यंजनों-पकवानों के कभी न भूलनेवाले स्वाद भी सहेजकर ले गए। इस तरह यहाँ आनेवालों के दिलो-दिमाग में यहाँ की हर एक चीज बिहार की पहचान के रूप में रच-बस जाती है। उन्हीं में से कुछ ऐसी चीजें हैं, जो सर्वसाधारण के जन-जीवन से लेकर विशेष वर्ग में भी समान रूप से लोकप्रिय हैं, वे हैं बिहार के पर्व-त्योहार और खानपान! प्रस्तुत पुस्तक बिहार के पर्व-त्योहार और खानपान की, उसी लोकप्रिय बिहारीपन के बारे में विस्तार से बात करती है। लेखक ने 120 अध्यायों की अपनी इस पुस्तक के 57 अध्यायों में बिहार के पर्व- त्योहारों की तथा 63 अध्यायों में खानपान की जानकारी विस्तार से दी है। यह पुस्तक बिहारी तीज-त्योहार और खानपान की समृद्ध परंपरा को जानने-समझने का माध्यम तो होगी ही, बिहार के पर्यटन विकास में भी सहायक होगी।
Bhikhna Pahari
- Author Name:
Ramesh Chandra
- Book Type:

- Description: "रमेश चंद्र हिंदी के अत्यंत प्रभावशाली शिल्पकार हैं । कहानी बुनने और कथानक को विश्वसनीयता के साथ आत्मीय बनाने के लिए रचनाकार की सूक्ष्म दृष्टि और मानवीय मूल्य की सकारात्मकता बेहद जरूरी होती है। इस एतबार से चंद्र स्वाभाविक रूप से हमें पारंगत नजर आते हैं। सबसे बड़ी विशेषता कहानी की पठनीयता होती है। चंद्र निस्संदेह अपनी पीढ़ी के ऐसे रचनाकार हैं, जिनमें बखूबी यह हुनर है। कहानी भी समाज का आईना होती है। और जब तक हमारा चेहरा साफ-साफ नहीं दिखता, हम आईने पर यकीन नहीं कर सकते। “भिखना पहाड़ी ' में शीर्षक कथा के अलावा अन्य कहानियों--ऊँघती उँगलियाँ और लाली लौट गई ! कमासुत, कसूर क्या था ? कैसे मरद हो जी ?, घंटाघर, जामुन की जड़, तेरी बेटी, तू जाने! दरकती दीवारें और जीरो माइल से गुजरते हुए जिंदगी के कई रंग रोशन होते हैं ।साँसों के निरंतर आरोह-अवरोह की तरह जिंदगी भी हर जगह अपनी सुविधा और शर्तों पर चलती है। ऐसे में हमारा गहन तजुर्बा ही रचनात्मकता के आवरण में ढलकर कोई जीवंत आकृति उकेर सकता है। यही जज्बा रमेश चंद्र की प्रायः सभी कहानियों में मौजूद है। चंद्र ने वक्त की नब्ज पहचानी है। कहानियाँ ऐसे मोड़ पर अवश्य ठहरती हैं, जहाँ हमें संभावनाओं के कई रास्ते नजर आते हैं। अपने कथा-परिवेश को चंद्र ने व्यापक बना दिया है। हम समझते हैं कि हिंदी के अलावा इन कहानियों को विभिन्न भाषाओं में अवश्य स्थानांतरित होना चाहिए, क्योंकि विषय और कथानक की दृष्टि से ये बदलती दुनिया की बेहद मार्मिक कहानियाँ हैं ।—डॉ. कासिम खुरशीद, अंतरराष्ट्रीय शायर, लेखक ओर शिक्षाविद्, मो. : 9334079876
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book