NTA UGC NET/JRF/SET Sociology 28 Solved Papers (2012-2021) & 10 Practice Sets
Author:
Team PrabhatPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references0 Ratings
Price: ₹ 340
₹
425
Available
Awating description for this book
ISBN: 9789390389988
Pages: 436
Avg Reading Time: 15 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Heart Ki Dekhbhal
- Author Name:
Dr. H.S. Wasir
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Chemistry Quiz Book
- Author Name:
Mrinal Talukdar
- Book Type:

- Description: Chemistry seemingly is a part of science that we do not encounter in our normal life. On the contrary, Chemistry is that branch of science which is inherently linked to our everyday existences. ‘Chemistry Quiz Book’ is an endeavour to delve deep into the abyss that Chemistry appears to be. Useful for aspiring students, as well as for general learners who are curious to learn the ways of chemistry, this book is an attempt to provide information about the said discipline in a cohesive and comprehensible manner, as the questions are categorized under different topics. The quiz in the form of MCQs will give any amateur in science the confidence and motivation to explore more advanced concepts and help build a solid foundation for Chemistry as a science category.
General Knowledge 2022
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: GENERAL KNOWLEDGE 2021 (For All Competitive Examinations) • J&K AND LADAKH NEW MAP • INDIAN HISTORY • ART AND CULTURE • WORLD HISTORY • GEOGRAPHY • ENVIRONMENT AND ECOLOGY • INDIAN POLITY AND CONSTITUTION • INDIAN ECONOMY • SCIENCE • SCIENCE AND TECHNOLOGY • WORLD PANORAMA • INDIAN PANORAMA • BOOKS AND AUTHORS • AWARDS AND HONOURS • GAMES AND SPORTS • ABBREVIATIONS
ETHICS INTEGRITY AND APTITUDE (PB)
- Author Name:
R.K. Gupta
- Book Type:

- Description: The present edition is the result of combined efforts of a retired senior civil servant having vast experience of working in different capacities with Union Government, a serving tax administrator and a serious Civil Services aspirant who secured AIR 92 in his first attempt while graduating from the elite National Law University, Delhi. This edition contains/Explains— Tips for securing maximum marks in Ethics/Polity Mechanism of an Act/Legislation Lokpal and Lokayukta Act, 2013 International approach to fight corruption Seven Principles of Public Life as laid down by Nolan Committee History, summary and relevant provisions of Central Civil Services (Conduct) Rules Summary of offences by or relating to Public Servants under IPC The summary of Prevention of Corruption Act, 1988 Tips for developing basic attitude excepted from a Civil Servant Fully explained model answers of past 3 years question papers 22 case studies A must read for every serving as well as future aspirant of Public Services under the Union/ State Governments, PSUs etc. as it is basically aimed at developing right attitude for answering real life questions/dilemmas.
Operation Khukri
- Author Name:
Major General Rajpal Punia +1
- Book Type:

- Description: This book doesn’t have description
Agniveer Vayu (Indian Airforce) Bhartiya Vayu Sena other than Science Subjects Bharti Pareeksha 30 Practice Sets
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Persian Hindi Dictionary : Vols. 1
- Author Name:
Chandrashekhar
- Book Type:

-
Description:
फ़ारसी भाषा, हिन्दी की ही तरह, भारतीय आर्य भाषा उपकुल का एक भाग है। ईरान एवं भारत, दोनों कृषि–प्रधान देश रहे हैं। दोनों की संस्कृतियों में अनेक समानताएँ आज भी विद्यमान हैं। मुग़ल–पूर्व, मुग़ल और मुग़लोत्तर शासन के दौरान हिन्दुस्तान में फ़ारसी भाषा का प्रसार एवं प्रचार अपनी चरम सीमा पर था। कबीरदास, सूरदास, मलिक मुहम्मद जायसी जैसे हिन्दी के कालजयी महान कवियों ने फ़ारसी भाषा के अनेक शब्दों को अपनी भावाभिव्यक्ति का साधन बनाया और उनका रचनात्मक प्रयोग किया। इस प्रकार कहा जा सकता है कि फ़ारसी ने हिन्दी साहित्य की रचनाधर्मिता पर भी अपनी अमिट छाप छोड़ी है। फ़ारसी के अनेक शब्द ऐसे भी हैं, जिनका चलन आज ईरान में लगभग समाप्त हो चला है, लेकिन हिन्दी में वे अब भी जीवित हैं और साहित्य में ही नहीं, आम बोलचाल की भाषा में प्रयोग किए जा रहे हैं। फ़ारसी के अनेक मुहावरे अनूदित होकर हिन्दी की निधि बन चुके हैं।
प्रस्तुत ‘फ़ारसी–हिन्दी शब्दकोश’ हज़ारों वर्षों में फैले भारत–ईरान के सांस्कृतिक सम्बन्धों को रेखांकित करनेवाला प्रथम शब्दकोश है। विभिन्न विषयों एवं अलग–अलग परिप्रेक्ष्यों से सम्बन्धित लगभग 25,000 शब्द–प्रविष्टियों से सम्पन्न यह शब्दकोश, जिसमें पुरातन और नवीन दोनों प्रकार की अर्थ–परम्पराओं का समावेश है, प्राचीन और अर्वाचीन शब्दों का सुन्दर मिश्रण है।
आशा है, यह शब्दकोश विभिन्न प्रकार के अध्ययनकर्ताओं तथा सामान्य पाठकों के लिए समान रूप से उपयोगी सिद्ध होगा।
Sukhant Ke Kshan
- Author Name:
Brig. P.S. Bhatnagar
- Book Type:

- Description: जिस पत्नी ने पति को यह महसूस करा दिया कि वही एक कामयाब पत्नी है, तो उसका पति उसकी सलाह के बिना कोई भी काम करना पसंद नहीं करेगा, तो फिर राजदारी कैसी ? दांपत्य जीवन को खुश बनाए रखने के लिए पति-पत्नी दोनों का प्रयत्नशील रहना आवश्यक है। दांपत्य जीवन तभी सुखमय और शांतिपूर्ण रह सकता है, जब दोनों इसमें अपना भरपूर सहयोग दें। किसी समस्या पर चुप्पी लगाना, उस समस्या को अनदेखा करना है। जो पत्नी अपने पति की वास्तव में अच्छी मित्र होती है, वह उसे समझती है और परेशानी के समय उसकी हर तरह से मदद करती है। वह अपने पति का खयाल रखती है। मित्रता यानी सम्मान देना। एक-दूसरे के विचारों, स्वप्नों और प्रतिष्ठा के प्रति सम्मान दिखाना। आप अपने पति से अत्यधिक प्रेम कर सकती हैं, फिर भी आप उसके अच्छे मित्र के रूप में असफल हो जाती हैं, क्योंकि प्रेम ही सबकुछ नहीं है। प्रेम के साथ-साथ बैवाहिक जीवन में मित्रता का भी अपना महत्त्व होता है। —ड्सी पुस्तक से वैवाहिक जीवन में आत्मीयता, अपनत्व, पारस्परिकता, समर्पण, प्रेम, सहनशीलता अत्यंत आवश्यक हैं। यह पुस्तक इनको विकसित करने के व्यावहारिक सूत्र बताकर आपकी आपसदारी और खुशी-आनंद का पथ प्रशस्त करेगी।
Administrative Ethics
- Author Name:
R.K. Sirohi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Nachiket
- Author Name:
Sanjay Rai Sherpuria
- Book Type:

- Description: भारतीय संस्कृति एक ऐसी महान् संस्कृति है, जिसका दुनिया में कोई सानी है ही नहीं। हमारे वेद-उपनिषद् और भगवद्गीता ने मनुष्य को जन्म के साथ ही मृत्यु तक जो जीवन जीना है, उन सब चीजों के लिए अलग-अलग उपाय दिए हुए हैं। इस पुस्तक के माध्यम से हमने एक प्रामाणिक प्रयत्न किया है कि आज की जो सामान्य या अहम समस्या है, पति-पत्नी के संबंध और माँ-बाप का पुत्र-पुत्री के साथ व्यवहार, जिसे हम संस्कारों की मूलभूत बात भी कह सकते हैं, उसको वेद-उपनिषद् की ही बातों को थोड़ा सरल करके सामान्य व्यक्ति समझ सके और उसका उपयोग करके अपने घर को ‘धन्यो गृहस्थाश्रम’ कर सके। इस पुस्तक का नाम ‘नचिकेत’ इसलिए रखा गया है, क्योंकि हमारे वेद और उपनिषद् में नचिकेत पात्र को कई जगहों पर अंकित किया गया है, जो पात्र एक अद्भुत दैवी संतान की प्रतिकृति है, जिसको पढ़कर भी हमें ऐसा लगता है कि भगवान् हमारे घर पर ऐसी संतान को जन्म देना। ‘नचिकेत’ एक रूपक है—अद्भुत, अविस्मरणीय और असामान्य बालक का।
Bhartiya Thal Sena (Agniveer)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Indian Army General Duty (GD) Bharti Pareeksha Guide
Hinduon ke vrat parv aur Tyohar
- Author Name:
Rampratap Tripathi Shastri
- Book Type:

-
Description:
भारतरत्न बाबू पुरुषोत्तमदास जी टण्डन की पुण्य स्मृति में समर्पित इस पुस्तक में हिन्दुओं के सम्पूर्ण व्रतों, त्योहारों और पर्वों से सम्बन्धित पौराणिक, लौकिक तथा शास्त्रीrय विद्याओं की परम्परागत प्राचीन विधियों का विस्तृत विवेचन प्रस्तुत किया गया है।
व्रत, पर्व और त्योहार यद्यपि ये तीनों उत्सव के भिन्न-भिन्न रूप हैं तथापि किसी-न-किसी रूप में इनमें परस्पर विचित्र समानता पायी जाती है। व्रत का विधान बहुधा आध्यात्मिक अथवा मानसिक शक्ति की प्राप्ति के लिए, चित्त अथवा आत्मा की शुद्धि के लिए, संकल्प-शक्ति की दृढ़ता के लिए, ईश्वर की भक्ति और श्रद्धा के विकास के लिए, वातावरण की पवित्रता के लिए, दूसरों पर अपने प्रभाव जमाने के लिए, अपने विचारों को उच्च एवं परिष्कृत करने के लिए तथा प्रकारान्तर से स्वास्थ्य की प्रगति के लिए किया जाता है। यद्यपि भारतीय विचारधारा में व्रत का सामान्य अर्थ व्रत अथवा उपवास ही है, तथापि कुछ ऐसे व्रत हैं जिनमें उपवास का स्थान गौण है और चित्त-शुद्धि अथवा आत्म-परिष्कृत का स्थान मुख्य है। पर्व किसी मुख्य तिथि अथवा ज्योतिष के अनुसार ग्रहों आदि के संयोग का ही दूसरा नाम है, जो किसी निर्दिष्ट समय पर आता है। पर्व का बीच-बीच में निर्दिष्ट अवधि पर आते रहते हैं जैसे कुम्भ पर्व आदि। आकाश के नक्षत्रों और ग्रहों की स्थिति के अनुसार इन पर्वों का धरती के जीवन पर भी गहरा प्रभाव पड़ता है। त्योहार एक सामान्य शब्द है। आजकल इसका प्रयोग व्रत और पर्व के लिए भी होने लगा है, किन्तु इसका तात्पर्य वस्तुत: लौकिक उत्सवों एवं समारोहों की तिथि से ही अधिक समीप है जैसे दशहरा, होली आदि।
व्रत दो प्रकार के होते हैं, ‘काम्य’ और ‘नित्य’। काम्य उन्हें कहते हैं जो किसी विशेष कामना को लेकर किये जाते हैं और नित्य वे हैं, जिनमें किसी कामना का समावेश नहीं होता, वरन् जो भक्ति और प्रेम के कारण आध्यात्मिक प्रेरणा से किये जाते हैं। निष्काम अथवा नि:स्वार्थ व्रत का ही स्थान ऊँचा होता है।
व्रत का सामान्य अर्थ आज ‘उपवास’ हो गया है। उपवास शब्द का अर्थ है दुर्गुणों एवं दोषों से बचकर आत्मा अथवा गुणों के साथ वास अर्थात् निवास। इन व्रतों अथवा पर्वों में हमारे देश के भिन्न-भिन्न मतावलम्बी लोगों के लिए अपनी-अपनी कुल-परम्परागत मान्यता के अनुसार चलने की पूरी सुविधाएँ प्रदान की गयी हैं। एक धर्म अथवा सम्प्रदाय के देवता का अन्य धर्म अथवा सम्प्रदाय में बड़ी उदारता एवं सहानुभूति के साथ चित्रण किया गया है। सनातन हिन्दू धर्म में तो इस व्यापक दृष्टिकोण का पदे-पदे परिचय मिलता है। भगवान् विष्णु के चौबीसों अवतारों में जैन धर्म के आदि प्रवर्तक भगवान् ऋषभदेव तथा बुद्ध धर्म के प्रतिष्ठापक भगवान् गौतम बुद्ध का भी गिनाया गया है और इनकी जयन्तियों तथा पुण्यकथाओं को सुनने-सुनाने का बड़ा माहात्म्य वर्णित है।
सनातनी हिन्दुओं के मुख्य त्योहारों होली, दीवाली, विजयादशमी, वसन्तपंचमी, नागपंचमी आदि त्योहार तो बौद्ध, जैन आदि मतों में भी सनातन धर्म के समान ही समादृत और महत्त्वपूर्ण हैं। कुछ अन्य त्योहार तो ऐसे भी हैं जो सनातन धर्म में किसी अन्य कारण से महत्त्व रखते हैं और बौद्ध तथा जैन धर्म में किसी अन्य कारण से। किन्तु हिन्दुओं के सभी मतानुयायियों में उनकी विशेषता अखण्डित है। कार्तिकी पूर्णिमा, मार्गशीर्ष शुक्ला एकादशी, अक्षय तृतीया, अनन्त चतुर्दशी आदि व्रतों अथवा पर्वों का सनातन हिन्दू धर्म तथा बौद्ध एवं जैन धर्मों में समान महत्त्व है, किन्तु कारण भिन्न-भिन्न दिये गये हैं।
Vedic Vichar
- Author Name:
Chitranjan Savant
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ekatma Bharat Ke Praneta Dr. Syama Prasad Mookerjee
- Author Name:
Acharya Mayaram 'Patang'
- Book Type:

- Description: डॉ. श्यामा प्रसाद मुकर्जी पर अनेक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं, परंतु यह सत्य उजागर नहीं हो सका कि उनका बलिदान हुआ या किया गया? अर्थात् उनकी मृत्यु स्वाभाविक थी या षड्यंत्र के तहत की गई? कोई नहीं जानता कि सच क्या है? परंतु यह तो सत्य है कि उनका बलिदान न होता तो कश्मीर अब तक भारत से अलग हो चुका होता। नेहरूजी ने शेख अब्दुल्ला की सभी शर्तें मान ली थीं। यह उनकी कायरता थी या अदूरदर्शिता, कुछ नहीं कहा जा सकता। शायद विश्व का लोकप्रिय शांतिदूत बनने का स्वप्न ही इस नीति का कारण रहा हो ! एकात्म भारत के प्रणेता डॉ. श्यामा प्रसाद मुकर्जी की प्रामाणिक जीवन-कथा।
MAIN KRISHANA BOL RAHA HOON
- Author Name:
Ed. Anil Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bihar Ke Parva-Tyohar Aur Khanpan
- Author Name:
Subodh Kumar Nandan
- Book Type:

- Description: ‘कोस-कोस पर पानी बदले, चार कोस पर वाणी' कहावत तो एक वैश्विक लोकोक्ति बन गई है, किंतु भारत, खासकर बिहार राज्य में यह कुछ अधिक ही चरितार्थ होती है। देश-विदेश से यहाँ आनेवाले लोग न केवल ज्ञान-विज्ञान की पोथियाँ लादकर ले गए, बल्कि यहाँ के आचार-विचार, पर्व-त्योहार, अतिथि-सत्कार और भिन्न-भिन्न प्रकार के व्यंजनों-पकवानों के कभी न भूलनेवाले स्वाद भी सहेजकर ले गए। इस तरह यहाँ आनेवालों के दिलो-दिमाग में यहाँ की हर एक चीज बिहार की पहचान के रूप में रच-बस जाती है। उन्हीं में से कुछ ऐसी चीजें हैं, जो सर्वसाधारण के जन-जीवन से लेकर विशेष वर्ग में भी समान रूप से लोकप्रिय हैं, वे हैं बिहार के पर्व-त्योहार और खानपान! प्रस्तुत पुस्तक बिहार के पर्व-त्योहार और खानपान की, उसी लोकप्रिय बिहारीपन के बारे में विस्तार से बात करती है। लेखक ने 120 अध्यायों की अपनी इस पुस्तक के 57 अध्यायों में बिहार के पर्व- त्योहारों की तथा 63 अध्यायों में खानपान की जानकारी विस्तार से दी है। यह पुस्तक बिहारी तीज-त्योहार और खानपान की समृद्ध परंपरा को जानने-समझने का माध्यम तो होगी ही, बिहार के पर्यटन विकास में भी सहायक होगी।
Vaishwik Rachnakar : Kuchh Moolbhoot Jigyasayen
- Author Name:
Sudha Om Dhingra
- Book Type:

- Description: Book
Sukhi Evan Deerghayu Jeevan Ke 90 Secrets
- Author Name:
Dr. B.M. Hegde
- Book Type:

- Description: मार्च 2009 में हार्वर्ड मेडिकल कॉलेज का उनके लगभग आधे से अधिक वरिष्ठ शिक्षकों का फार्मास्युटिकल्स इंडस्ट्री का स्थायी कर्मचारी होने का खुलासा उस सत्य को स्पष्ट करता है, जिसे मैं इस पुस्तक में प्रकट करने का प्रयास कर रहा हूँ। चिकित्सकीय पाठ्य पुस्तकें आमतौर पर दवा कंपनियों द्वारा मेडिकल कॉलेजों में अपने लेखकों के संपर्कों द्वारा वित्त-पोषित होती हैं। मेरे शिक्षा काल की बीती यादें और इसके सुख व दु:ख मेरी इस पुस्तक रचना का प्रथम कारण रहा। आशा करता हूँ कि यह प्रयास चिकित्सकों की सोच को रोगी शय्या पर आने के लिए प्रेरित करेगा, जो स्वास्थ्य सेवा का मर्म है। इससे मानवता अधिक खुशहाल होगी। मेरा सपना है कि मैं डॉक्टरों को दवा और प्रौद्योगिकी विक्रेता नहीं, बल्कि उनके उपचारक के नियत स्थान पर देखूँ। काश, यह पुस्तक डॉक्टरों की मदद करे और वे रोगियों को दिलचस्प मामले की तरह नहीं, बल्कि परेशान मनुष्यों के रूप में देखने लगें! मैं उस दिन की प्रतीक्षा में हूँ, जब स्वास्थ्य सेवा प्रतिपादन में दुनियाभर के अनेकानेक प्राचीन ज्ञान को सम्मिलित कर इन्हें मानक वैज्ञानिक पद्धति से परखने के बाद प्रमाणीकरण करके अधिक मानवीय, रोगी-मित्रवत तथा सस्ता बनाया जा सके। हमें इतना विनम्र अवश्य होना चाहिए कि हम अपनी कमजोरियों को स्वीकार करें और दूसरों की अच्छाइयों को बिना किसी भय या पक्षपात के स्वीकार कर सकें। आखिरकार, डॉक्टर यहाँ समाज को स्वस्थ करने के लिए हैं, न कि बीमार को जोड़-तोड़ प्रदान करने के लिए।
Lokbharti : Hindi Kriya Kosh
- Author Name:
Helmut Nespitaal
- Book Type:

-
Description:
It is a pioneer work in the field of Hindi lexicography, lexicology and the linguistic analysis connected with it, because :
It is the first Hindi dictionary that contains :
(a) all simple verbs (e.g. आना, जाना, मरना...), as well as
(b) all compound verbs (e.g. group II : चल देना, डूब मरना, भगा ले जाना, उठ खड़ा होना...) and group II : दे भगाना, ले चलना, ले डूबना...) of the present standard language, in both its written and spoken form.
The laxical meanings of all simple and compound verbs :
(a) age given in detail in English and
(b) are illustrated by representative examples of their employment taken from written and spoken taxts.
The compound verbs of group I, e.g., चल देना, डूब मरना, etc., have, in most cases, the same lexical meaning(s) as the first verb of them when this one is used as an autonomous lexeme, e.g. : डूबना4 = डूब मरना1, both meaning, here, ''to drown oneself''; the difference between these two verb forms ties in their grammatical, i.e., above all, aspectual, meanings, but also in their lexical properties and their syntactic and pragmatic functions; the compound verbs of group II, e.g., दे भगाना, ले डूबना etc. are isolated lexemes, i.e., they do not have the same lexical meaning(s) as their first member when this one is used autonomously or alone.
These phenomena cannot be fully demonstrated by the lexical equivalents of the Hindi verbs in English, therefore they are, as far as possible, additionally explained (a) in the 'Introduction' of the dictionary, (b) in the entries of the verb lexemes and (c) by means of the textual examples of their usage.
The dictionary will fill an important gap in the analysis and description of Hindi and thus it will prove to be an indipensable work for all speakers, learners and teachers of Hindi whether in India or abroad.
Upsc Quotes Handbook
- Author Name:
Danics +1
- Book Type:

- Description: "UPSC Quotes Handbook" is more than just a collection of quotes; it’s a tool to help you develop the resilience and mindset needed to conquer the UPSC exam and emerge victorious. Grab your copy and start your journey towards success today.
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book