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Publisher:

Ektara Trust

Language:

Hindi

Category:

Young-adults

180

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सोचो, किसी दिन कहीं और अपना आई कार्ड घर भूल आए हो...तो क्या आपको वहाँ प्रवेश मिल जाएगा। आप हैं तो आपको देखकर, आपकी फोटो लेकर एक आई कार्ड बना। मगर एक दिन आई कार्ड ज़्यादा अहम हो जाता है और आप उसकी छाया। ...तो बात पहचान की है। कौन किसे कैसे पहचानता है। यह तो पहचान का एक रंग है। मगर पहचानों की और उनकी वजह से आने वाली मुश्किलों की कई रंगतें हैं। ...यह किताब आई कार्ड तरह तरह की आइडेंटिटीज़ के सिलसिले में एक कहानी कहती है। पारो आनन्द की कहानियाँ हमारी दुनिया के तरह-तरह के द्वन्दों और झेंपों से बनी चुप्पियों से मिलने का मौका बनाती हैं | जब वो कहानियाँ उन चुप्पियों से मिलती हैं तो उन चुप्पियों को जानने और समझने के कुछ तरीकों की कल्पना के मौके बनते हैं | उन मौकों को प्रोइति रॉय के चित्रों में मौजूद छाँव जैसी ही कुछ छाँव हासिल हैं | यह कहानी संग्रह खासतौर पर किशोर वर्ग के लिए जिनके पढ़े, सुने और जाने हुए नाम, नक्शे और परिस्थितियाँ उनके मन में और पढ़ने, और जानने की इच्छा साथ लिए आते हैं |

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ISBN
9789349286962
Pages
56
Avg Reading Time
2 hrs
Age
11-18 yrs
Country of Origin
IN

Format:

Piracy Free

Express Delivery

Secure Payment

About the Book

सोचो, किसी दिन कहीं और अपना आई कार्ड घर भूल आए हो...तो क्या आपको वहाँ प्रवेश मिल जाएगा। आप हैं

तो आपको देखकर, आपकी फोटो लेकर एक आई कार्ड बना। मगर एक दिन आई कार्ड ज़्यादा अहम हो जाता है और आप उसकी छाया। ...तो बात पहचान की है। कौन किसे कैसे पहचानता है। यह तो पहचान का एक रंग है। मगर पहचानों की और उनकी वजह से आने वाली मुश्किलों की कई रंगतें हैं। ...यह किताब आई कार्ड तरह तरह की आइडेंटिटीज़ के सिलसिले में एक कहानी कहती है।



पारो आनन्द की कहानियाँ हमारी दुनिया के तरह-तरह के द्वन्दों और झेंपों से बनी चुप्पियों से मिलने का मौका बनाती हैं | जब वो कहानियाँ उन चुप्पियों से मिलती हैं तो उन चुप्पियों को जानने और समझने के कुछ तरीकों की कल्पना के मौके बनते हैं | उन मौकों को प्रोइति रॉय के चित्रों में मौजूद छाँव जैसी ही कुछ छाँव हासिल हैं | यह कहानी संग्रह खासतौर पर किशोर वर्ग के लिए जिनके पढ़े, सुने और जाने हुए नाम, नक्शे और परिस्थितियाँ उनके मन में और पढ़ने, और जानने की इच्छा साथ लिए आते हैं |

Book Details

  • ISBN
    9789349286962
  • Pages
    56
  • Avg Reading Time
    2 hrs
  • Age
    11-18 yrs
  • Country of Origin
    IN

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