Birbahuti
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यह उस समय की कहानी है जब पेन में स्याही भरी जाती थी। दो स्कूल जाते बच्चे बेला और साहिल दोस्त हैं। प्रेम के बिना दोस्ती नहीं होती; तो कह सकते हैं कि एक दूसरे से प्रेम करते हैं। दोनों साथ स्कूल आते-जाते हैं। साथ खेलते हैं। एक के पेन की स्याही खतम हो जाये तो दूसरा भी अपने पेन की स्याही उड़ेल देता है ताकि स्याही भरवाने भी साथ जा सकें। गरज कि प्रेम में उन सब कामों में मगन रहते हैं जिनमें दोस्ती में मगन रहा जाता है। पर स्कूल जाते बच्चे जिनके सामने जीवन के कई साल पड़े हों, कब तक साथ रह सकते हैंॽ बीर बहूटी इसी की कहानी है। किताब के चित्र प्रशान्त सोनी ने बनाये हैं। प्रशान्त सघन विवरण वाले चित्र बनाते हैं। उनका बनाया बेला और साहिल का गाँव देखना, वहाँ के पेड़, नदी, परिन्दे और घास देखना। आपको चित्रकार का ‘देखना’ दिखेगा। age group 9-12 years
Read moreAbout the Book
यह उस समय की कहानी है जब पेन में स्याही भरी जाती थी। दो स्कूल जाते बच्चे बेला और साहिल दोस्त हैं। प्रेम के बिना दोस्ती नहीं होती; तो कह सकते हैं कि एक दूसरे से प्रेम करते हैं। दोनों साथ स्कूल आते-जाते हैं। साथ खेलते हैं। एक के पेन की स्याही खतम हो जाये तो दूसरा भी अपने पेन की स्याही उड़ेल देता है ताकि स्याही भरवाने भी साथ जा सकें। गरज कि प्रेम में उन सब कामों में मगन रहते हैं जिनमें दोस्ती में मगन रहा जाता है।
पर स्कूल जाते बच्चे जिनके सामने जीवन के कई साल पड़े हों, कब तक साथ रह सकते हैंॽ बीर बहूटी इसी की कहानी है। किताब के चित्र प्रशान्त सोनी ने बनाये हैं। प्रशान्त सघन विवरण वाले चित्र बनाते हैं। उनका बनाया बेला और साहिल का गाँव देखना, वहाँ के पेड़, नदी, परिन्दे और घास देखना। आपको चित्रकार का ‘देखना’ दिखेगा।
age group 9-12 years
Book Details
-
ISBN9788197020490
-
Pages16
-
Avg Reading Time1 hrs
-
Age0-11 yrs
-
Country of OriginIndia
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