Gitashastram
Author:
C. RadhakrishanPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 720
₹
900
Available
Awating description for this book
ISBN: 9789387980051
Pages: 504
Avg Reading Time: 17 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
BPSC TRE 3.0 Bihar Teacher Recruitment Class 6-8 "Ganit & Vigyan" Maths & Science | 15 Practice Sets (Hindi)
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bharat Ratn Dr. Bhimrao Ambedkar Autobiography
- Author Name:
Pankaj Kishor
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jharkhand ke Adivasi : Pahchan ka Sankat
- Author Name:
Anuj Kumar Sinha
- Book Type:

- Description: यह सच है कि आज के युवा अपनी भाषा-संस्कृति के बारे मेंगहरी समझ नहीं रखते हैं। दुनिया की चकाचौंध में वे खोते जा रहे हैं। अपने पर्व-त्योहार और अपनी भाषा के बारे में वे अधिक जानते नहीं हैं। इस पुस्तक में कई ऐसे लेख हैं, जो झारखंड की भाषा-संस्कृति से जुड़े हैं। इसमें सोहराय, सरहुल और अन्य त्योहारों की महत्ता बताने का प्रयास किया गया है। प्रभाकर तिर्की ने एक लेख और आँकड़ों के माध्यम से यह बताना चाहा है कि कैसे झारखंड में आदिवासी कम होते जा रहे हैं। महादेव टोप्पो ने आदिवासी साहित्य, दशा और दिशा के जरिए आदिवासी भाषाओं को समृद्ध करने का रास्ता बताया है। एक दुर्लभ लेख ‘आदिवासियत और मैं’ है, जिसे मरांग गोमके जयपाल सिंह ने लिखा है। इसके अलावा पुष्पा टेटे, रोज केरकट्टा, हरिराम मीणा, जेवियर डायस, पी.एन.एस. सुरीन आदि के लेख हैं, जिनमें दुर्लभ जानकारियाँ हैं, जो आसानी से उपलब्ध नहीं होतीं। ऐसे लेखों को संकलित कर पुस्तक का आकार देने के पीछे एक बड़ा कारण यह है कि ये लेख आगाह करनेवाले हैं, हमें जगानेवाले हैं। ये महत्त्वपूर्ण लेख हैं, जिनका उपयोग शोधछात्र कर सकते हैं, नीतियाँ बनाने में सरकार कर सकती है। सबसे महत्त्वपूर्ण बात यह है कि ये युवाओं को अपनी भाषा-संस्कृति को समृद्ध बनाने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।
Bharat Ka Samvidhan
- Author Name:
Dr. Pramod Kumar Agrawal
- Book Type:

- Description: "भारत का संविधान संविधान का राष्ट्रीय लोक-विमर्श आज भी लगभग पूरी तरह अंग्रेजी भाषा का मुखापेक्षी है। इस विमर्श में आम आदमी की छवि एवं उनके सरोकार तो नजर आते हैं, किंतु आम आदमी की भाषा सुनाई नहीं देती। इस ग्रंथ में हिंदी में विवेकसंगत एवं संतुलित संविधान-विमर्श के साथ ही आम आदमी की समझ में आनेवाली भाषा प्रयोग की गई है। संविधान-रचना की पृष्ठभूमि और व्याख्या की दृष्टि से यह ग्रंथ हिंदी भाषा में संविधान-साहित्य को एक अमूल्य और बेजोड़ उपहार है। प्रस्तुत ग्रंथ में संविधान के विविध पक्षों पर सरल एवं सुबोध भाषा में प्रकाश डाला गया है। इसमें संविधान के उलझे हुए प्रश्नों के विवेचन के साथ-साथ संविधान के विषयों का अनुच्छेद-आधारित उल्लेख भी है। संविधान की रचना की पृष्ठभूमि देते हुए बताया गया है कि कई ‘अर्धवैधानिक’ नियम भी संविधान एवं शासन प्रबंध की व्यावहारिकता में महत्त्वपूर्ण होते हैं। उन सबको लेकर एक सांगोपांग एवं सर्वतोमुखी संवैधानिक विवेचन इस ग्रंथ में समाविष्ट है, जिसमें इतिहास है, राजनीति है, समाजशास्त्र है। इस ग्रंथ की विशेषता है कि यह सरल, सुबोध एवं सुव्यवस्थित होने के साथ-साथ अध्ययनशील स्पष्टता, प्रामाणिकता एवं गुणवत्ता से भी संपन्न है। —डॉ. लक्ष्मीमल्ल सिंघवी "
JSSC JTPTCCE Prathmik Shikshak Bharti Pareeksha Hindi Paper-II
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Prashikshan Kala
- Author Name:
Mahendra Nath Chaturvedi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
JSSC Jharkhand Staff Selection Commission JTPTCCE Primary Teacher Recruitment Examination 15 Practice Sets
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Krishnam Vande Jagadgurum
- Author Name:
Dinkar Joshi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Rajgondon Ki Vanshgatha
- Author Name:
Shivkumar Tiwari
- Book Type:

-
Description:
गोंड राजवंश का उदय कल्चुरियों या हैहयवंशी राजवंश के अस्त होने पर हुआ। गोंड राजवंश के प्रारम्भिक राजा स्वतंत्र राजा थे। इनके राजकाल के ऐतिहासिक साक्ष्य तब से मिलने प्रारम्भ होते हैं जब भारत में लोदीवंश का शासन था। इन प्रारम्भिक स्वतंत्र गोंड राजाओं का जीवन चरित लेखक ने राजकमल प्रकाशन द्वारा वर्ष 2008 में प्रकाशित ग्रन्थ ‘चरितानि राजगोंडानाम्’ में लिपिबद्ध किया था। करद राजाओं का जीवन चरित ‘राजगोंडों की वंशगाथा’ ग्रन्थ के रूप में प्रस्तुत
है।
इस वृत्तान्त में गढ़ा कटंगा राज्य की उन सभी पीढ़ियों के राजाओं की जिजीविषा की कहानियाँ हैं, जिन्होंने मुग़लकाल के पश्चात् मराठा काल तक राज्य किया। ये गाथाएँ मानवीय विश्वास, संवेदना और कर्मठता के अतिरिक्त चार से अधिक शताब्दियों की कालावधि में हुए मानवीय विकास की कथाएँ हैं। ये जनजातीय राजे अपने विकासक्रम में निरक्षर, अपढ़ या गँवार नहीं रहे, न ही ये सर्वथा ऐकान्तिक रहे वरन् इनमें से अनेक साहित्यानुरागी, कलाप्रेमी और समकालीन राजनीति के खिलाड़ी भी रहे। ऐसे राजाओं में हृदयशाह का नाम उल्लेखनीय है। ग्रन्थ के पूर्वार्द्ध में राजगोंड कुलभूषण हृदयशाह की दो आगे की और दो पीछे की पीढ़ियों का वर्णन है। इन सभी पीढ़ियों में उनका व्यक्तित्व बेजोड़ है।यह पुस्तक निश्चित ही न तो इतिहास विषय का ग्रन्थ है और न ही सामाजिक शोध-प्रबन्ध, अतः इसकी अकादमिक उपयोगिता को बढ़ाने से सम्बन्धित किसी प्रयास की चर्चा बेमानी है। प्रयास यह रहा है कि कहानियों में ऐतिहासिकता अक्षुण्ण रहे, कल्पना प्रसूत पात्र एवं घटनाएँ यथासम्भव कम से कम हों। प्रत्येक ऐतिहासिक घटना को अलग-अलग इतिहासकार अपने नज़रिए से देखते हैं, परन्तु कहानी में घटना को किसी एक ही नज़रिए से देखा जा सकता है, यह उसकी सीमा है और आवश्यकता भी। सामान्य तौर पर कथाओं में वे घटनाएँ चुनी गई हैं जिनसे सर्गों की सूत्रबद्धता क़ायम रहे, परन्तु साथ ही वे सम्बन्धित राजाओं के जीवन की मुख्य घटनाएँ हों।
Patanjali Yoga Sootra (Hindi Edition)
- Author Name:
Swami Vivekanand
- Book Type:

- Description: सांख्यदर्शन के अनुसार, ईश्वर का अस्तित्व नहीं है।यह दर्शन कहता है कि जगत् का कोई ईश्वर नहीं हो सकता, क्योंकि यह वह हो तो अवश्य वह एक आत्मा ही होनी चाहिए और आत्मा या तो बद्ध होगी या मुक्त। जो आत्मा प्रकृति के अधीन है, प्रकृति ने जिस पर अपना आधिपत्य जमा लिया है, वह भला कैसे सृष्टि कर सकेगी ? वह तो स्वयं एक दास है। दूसरी ओर, यदि आत्मा मुक्त हो, तो वह क्यों इस जगतू-प्रपंच की रचना करेगी, क्यों इस पूरे संसार की क्रिया आदि का संचालन करेगी? स्वामी विवेकानंद का विश्वास था कि पवित्र भारतवर्ष धर्म एवं दर्शन की पुण्यभूमि है। यहीं बड़े-बड़े महात्माओं तथा ऋषियों का जन्म हुआ, यही संन्यास एवं त्याग की भूमि है तथा यहीं, केवल यहीं आदिकाल से लेकर आज तक मनुष्य के लिए जीवन के सर्वोच्च आदर्श एवं मुक्ति का द्वार खुला हुआ है। प्रस्तुत पुस्तक ' पतंजलि योग सूत्र ' में स्वामीजी ने सरलतम व्याख्या के साथ पतंजलि के योग दर्शन को पाठकों के सामने रखा है, ताकि एक सामान्य अभ्यासकर्ता भी इसका पूरा लाभ उठा सके। इस दृष्टि से यह उनकी एक श्रेष्ठतम कृति कही जा सकती है।
Network Marketing se Ameer Baniye
- Author Name:
Pradeep Thakur
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Hamara Panchayati Raj
- Author Name:
Pratapmal Devpura
- Book Type:

- Description: भारत की आत्मा गाँवों में बसती है। ग्राम-व्यवस्था वस्तुतः राष्ट्र-व्यवस्था की बुनियाद है। यही कारण है कि हमारे राष्ट्रनायकों ने सामाजिक उन्नयन, आर्थिक विकास, सांस्कृतिक प्रगति और राजनीतिक चेतना की दृष्टि से गाँवों को पर्याप्त महत्त्व दिया है। सबका मानना है कि भारत के विकास का रास्ता गाँवों से होकर गुज़रता है। महात्मा गांधी के श्रम, स्वदेशी और स्वावलम्बन की कर्मभूमि अधिकांश अर्थ में गाँव ही है। प्रतापमल देवपुरा द्वारा लिखित ‘हमारा पंचायती राज’ पुस्तक पंचायती राज के प्रति जानकारी व जागरूकता उत्पन्न करने हेतु लिखी गई है। पुस्तक जनप्रतिनिधियों से लेकर सामान्य नागरिकों के लिए सामाजिक रूप से उपयोगी है। 50 छोटे-छोटे अध्यायों में पंचायती राज से जुड़ी विभिन्न जिज्ञासाओं व जानकारियों की सूत्र-शैली में प्रस्तुति सकारण है। इस पद्धति से सूचनाएँ सरलता से प्राप्त हो जाती हैं। जैसे ‘सूचना का अधिकार’ के अन्तर्गत पहला सूत्र है, ‘सूचना के अधिकार का अर्थ है—नागरिकों द्वारा सूचना माँगने पर सूचना मिले जिससे उसका जीवन बेहतर एवं सुरक्षित बने; इसके साथ ही सरकारी विभागों द्वारा सूचना देने का कर्तव्य।’ सरल व सुबोध भाषा में लिखित ‘हमारा पंचायती राज’ अत्यन्त जनोपयोगी पुस्तक है।
Bachelor Dad Hindi Translation of Bachelor Dad : My Journey To Fatherhood And More
- Author Name:
Tusshar Kapoor
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
hemlet
- Author Name:
William Shakespeare
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Autobiography of A Yogi (Hindi Version) | Yogi Kathamrit : Ek Yogi Ki Atmakatha - Paramahansa Yogananda
- Author Name:
Paramahansa Yogananda
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ishwar Ki Atmakatha
- Author Name:
Saralmanoj
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Madhya Pradesh Uchch Madhyamik Shikshak Patrata Pariksha Sanskrit Bhasha Practice MCQs (MPTET Higher Secondary Teacher Sanskrit Practice Sets)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Career Mein Safalta Ke 21 Mantra
- Author Name:
Brian Tracy
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mere Sankalp (Hindi Translation of Promises To Keep)
- Author Name:
Joe Biden
- Book Type:

- Description: राष्ट्रपति जो बाइडन बराक ओबामा के प्रिय और एक प्रभावशाली उपराष्ट्रपति के रूप में उभरने से पूर्व की अपनी जीवन-यात्रा की चर्चा कर रहे हैं। जो बाइडन ने अमेरिकी इतिहास का एक प्रभावशाली युग देखा है और उसका अंग भी रहे हैं। ‘मेरे संकल्प’ पुस्तक में उन्होंने अपने अनुभवों से अपने व्यक्तित्व, अपने सहयोगियों तथा सरकारी संस्थाओं से जो कुछ सीखा है, उसका रहस्योद्घाटन किया है। अपनी परंपरागत ईमानदारी एवं सद्बुद्धि के साथ बाइडन बेहद मर्मस्पर्शी व प्रेरक ढंग से स्क्रैंटन, पेंसिलवेनिया व विल्मिंगटन, डेलावेयर के रूढि़वादी कैथोलिक परिवार में अपनी परवरिश, व्यक्तिगत त्रासदियों पर विजय, जानलेवा बीमारियों, व्यावसायिक असफलताओं, राष्ष्ट्रपतियो, वैश्विक नेताओं और विधायकों के साथ अपने संबंधों तथा सीनेट कमेटियों पर अपने दमदार नेतृत्व को याद कर रहे हैं। अपनी स्मृतियों के माध्यम से बाइडन अपने आरंभिक जीवन में प्राप्त उन प्रेरणादायक सिद्धांतों की चर्चा करना भी नहीं भूलते, जिससे उन्होंने दूसरे व्यक्तियों के जीवन को बेहतर बनाकर परिवार और भरोसे का सम्मान कर, संकल्प, स्पस्टवादिता तथा ईमानदारी की कद्र कर इस नींव के सहारे अपने जीवन में पति, पिता एवं जन-सेवक की भूमिका को बखूबी निभाया है। ‘मेरे संकल्प’ पुस्तक राजनेता के चिंतन-मनन की एक अंतरंग शृंखला है, जिसने अमेरिका के सर्वाधिक प्रभावशाली नेताओं में स्थान बनाने के लिए कई चुनौतियों का सामना किया, लेकिन राजनीति के दाँव-पेंच से दूरी बनाकर रखी। यह संयुक्त राज्य अमेरिका के प्रति संकल्प का भी एक जीवंत साक्ष्य है।
Jo Ghar Phoonke Aapna…
- Author Name:
Arunendra Nath Verma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book