Aap Safal Kaise Ho
(0)
Author:
Dr. Ashutosh KarnatakPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Health-fitness-nutrition₹
300
240 (20% off)
Unavailable
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
"जीवन में कौन सफल और विजयी होना नहीं चाहता। यह पुस्तक एक सफल उच्च पदस्थ प्रबंधक के व्यावहारिक अनुभव का निचोड़ है, जो आपको बताएगी कि सफल होने, विजय प्राप्त करने और जीवन में आगे बढ़ने के गुर क्या हैं। बानगी के लिए प्रस्तुत हैं कुछ सूत्र— • किसी भी अवरोध के पश्चात् यह आवश्यक है कि उस रुकावट का ब्योरा विस्तार से लिखें, क्योंकि लिखी बात को दिमाग अच्छी तरह से समझता है अपेक्षाकृत मौखिक विवरण के। • हमेशा किसी भी रुकावट का रास्ता निकालने के लिए पहले धैर्य से उसके बारे में सोचें, उसको विभिन्न टुकड़ों में तोड़ें तथा एक-एक कर उसको कार्यान्वित करें। • यदि कोई व्यक्ति रुकावट पेश कर रहा हो तो उसे Persue करके किसी भी तरह से negotiation स्तर तक लाएँ, ताकि वह अब आपकी बात सुन सके। • मन-ही-मन में यह प्रण लें कि आप किसी समस्या का कारण नहीं, अपितु समाधान का कारक बनेंगे। जीवन में कुछ कर दिखाने का दम-खम पैदा करने की शक्ति देनेवाले बिंदु, जो आपको एक सफल व्यक्ति बनने में सहायक सिद्ध होंगे। "
Read moreAbout the Book
"जीवन में कौन सफल और विजयी होना नहीं चाहता। यह पुस्तक एक सफल उच्च पदस्थ प्रबंधक के व्यावहारिक अनुभव का निचोड़ है, जो आपको बताएगी कि सफल होने, विजय प्राप्त करने और जीवन में आगे बढ़ने के गुर क्या हैं। बानगी के लिए प्रस्तुत हैं कुछ सूत्र—
• किसी भी अवरोध के पश्चात् यह आवश्यक है कि उस रुकावट का ब्योरा विस्तार से लिखें, क्योंकि लिखी बात को दिमाग अच्छी तरह से समझता है अपेक्षाकृत मौखिक विवरण के।
• हमेशा किसी भी रुकावट का रास्ता निकालने के लिए पहले धैर्य से उसके बारे में सोचें, उसको विभिन्न टुकड़ों में तोड़ें तथा एक-एक कर उसको कार्यान्वित करें।
• यदि कोई व्यक्ति रुकावट पेश कर रहा हो तो उसे Persue करके किसी भी तरह से negotiation स्तर तक लाएँ, ताकि वह अब आपकी बात सुन सके।
• मन-ही-मन में यह प्रण लें कि आप किसी समस्या का कारण नहीं, अपितु समाधान का कारक बनेंगे।
जीवन में कुछ कर दिखाने का दम-खम पैदा करने की शक्ति देनेवाले बिंदु, जो आपको एक सफल व्यक्ति बनने में सहायक सिद्ध होंगे।
"
Book Details
-
ISBN9789350489932
-
Pages152
-
Avg Reading Time5 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Yog Vishwa Ko Bharat Ki Anmol Bhent PB
- Author Name:
Ravi Kumar
- Book Type:

- Description: "प्राचीन भारत ने हमें गणित, बीजगणित, ज्यामिति, त्रिकोणमिति, शून्य, दशमलव, ज्योतिष, औषधि, व्याकरण, जातक कथाएँ और अनेक नैतिक मूल्यों का आधार दिया है। आधुनिक विश्व संस्कृत, भगवद्गीता और योग से लाभ उठा रहा है। योग के अभ्यास को हमारे ऋषियों और संतों द्वारा शरीर, मन और आत्मा के संपूर्ण स्वास्थ्य की प्राप्ति के लिए सहज ज्ञान द्वारा प्राप्त करके दिशा दी गई, सिद्ध और संहिताबद्ध किया गया। योग लोगों को अशांति के बीच शांति प्राप्त करने में सहायता करता है। ये हमारे शरीर, मन और आत्मा में स्वास्थ्य और संतुलन लाता है। तन स्वस्थ हो, मन स्वस्थ हो, सब नीरोग हों—यही योग का संदेश है। 11 दिसंबर, 2014 को 193 सदस्यों की संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्राचीन भारत के स्वास्थ्य एवं कल्याण की ओर समग्र दृष्टिकोण को मान्यता देते हुए आम सहमति से 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने पर सहमति प्रदान की। योग का संबंध आज पूरे विश्व से है। विश्व के कई नेता, खेल-कूद और फिल्मी दुनिया के सितारे और संगीत जगत् के दिग्गज विभिन्न कारणों से अपने दैनिक जीवन में योगाभ्यास करते हैं। योग की वैश्विक स्वीकार्यता और उसके उपयोग की व्यापकता को रेखांकित करने के उद्देश्य से यह पुस्तक लिखी गई है। हमें विश्वास है कि यह पुस्तक लोगों को योग की ओर आकर्षित करेगी और जन-जन योग को अपनाकर अपने जीवन को सुखमय-तनावमुक्त बना पाएँगे। "
Sakaratmak Soch
- Author Name:
P.K. Arya
- Book Type:

- Description: "जब भी खिड़की से बाहर देखें तो कीचड़ को नहीं, आसमान के तारों को देखें—यही है सकारात्मक सोच। सकारात्मक सोच आदमी का वह ब्रह्मास्त्र है, जो उसके मार्ग के सभी व्यवधानों व बाधाओं को समाप्त कर उसकी सफलता का मार्ग प्रशस्त कर देता है। याद रखें—एक नकारात्मक विचार हमारे अनेक सकारात्मक विचारों को समाप्त कर देता है, उनका दमन कर देता है। निराशा मनुष्य को शिथिल कर देती है, तोड़कर रख देती है; वहीं एक छोटी सी सफलता का सकारात्मक विचार मन में उमंग एवं उत्साह का संचार कर देता है। आज की आपाधापी भरी जिंदगी में सभी लोग तरह-तरह की स्पर्धाओं और चुनौतियों से जूझ रहे हैं। ऐसे में महत्त्वपूर्ण आवश्यकता सकारात्मक दृष्टिकोण तथा सोच के साथ आगे बढ़ने की है। सकारात्मक सोच व्यक्ति की जीवनशैली और फिर दृष्टिकोण को बदल देती है; इससे व्यक्ति की सफलता के सारे द्वार खुल जाते हैं। इस पुस्तक में सकारात्मक सोच विकसित करने के सरल उपाय और उनसे हमारे व्यक्तित्व पर पड़नेवाले सुनहरे प्रभावों के बारे में बताया गया है, जिन्हें जीवन में अपनाकर आप अभूतपूर्व सफलता को प्राप्त कर सकते हैं। "
Smaran Shakti (Memory Power)
- Author Name:
P.K. Arya
- Book Type:

- Description: स्मरण-शक्ति अगर आप यह समझते हैं कि रटने से स्मरण-शक्ति बढ़ती है तो आप गलत समझते हैं। दरअसल, किसी विषय-वस्तु को हम जितनी सरलता से और दिमाग पर जोर डाले बिना देखते, सुनते या पढ़ते हैं, वह उतनी ही सहजता से हमारे दिमाग में स्थायी रूप से दर्ज हो जाती है। मिसाल के तौर पर किसी फिल्म को एक बार देखकर या उसके गीत सुनकर वे हमें सहज ही याद हो जाते हैं। अकसर हम किसी बात को याद करने के लिए दिमाग पर जोर डालते हैं और वह हमें याद नहीं आती। थोड़ी देर बाद एकाएक वह हमें याद आ जाती है—इसे क्या कहेंगे? दरअसल, स्मरण-शक्ति बढ़ाने के लिए सरल सा नियम है—सरलता से उस विषय का दोहराव किया जाता रहे, फिर वह विषय स्थायी रूप से हमारे स्मृति-पटल पर दर्ज हो जाता है। दिन भर की घटनाएँ और पाठ हम रात्रि को दोहरा लें तो हमारी स्मरण-शक्ति अक्षुण्ण बनी रहती है। स्मरण-शक्ति विकसित करने की बेजोड़ पुस्तक आपके व्यक्तित्व का एक अनूठा पहलू है, इसलिए इसका विकास करिए, यह पुस्तक सचमुच इसमें आपकी मदद करेगी।
Zimmedari (Responsibility)
- Author Name:
P.K. Arya
- Book Type:

- Description: अगर आपको ज्यादा-से-ज्यादा काम सौंपा जाता है तो यकीन मानिए, आप एक जिम्मेदार व्यक्ति हैं, क्योंकि जिम्मेदारी उसी को मिलती है, जो उन्हें निभा सकता है। जिम्मेदारियों को अगर आप बोझ की तरह लेंगे तो ये आपको तोड़कर रख देंगी। इनसे मुँह मोड़ना आपको असफलताओं के गर्त में धकेल देगा। जिम्मेदारियाँ मनुष्य के जन्म लेते ही उसके साथ जुड़ जाती हैं। परिवार, समाज और देश जिम्मेदारियों के सही निर्वहण से ही चल सकता है। एक की जिम्मेदारी दूसरे की ताकत और सफलता बनती है। दूसरे की जिम्मेदारी तीसरे की सफलता और ताकत बनती है। इस तरह यह श्रंखलाबद्ध ढंग से सफलता की सीढ़ियों का निर्माण करती है, जिन पर चढ़कर व्यक्ति, समाज और देश तरक्की करते हैं। अतः एक की जिम्मेदारी दूसरे से जुड़ी है और सबकी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहण ही व्यक्तिगत और सामूहिक सफलता की गारंटी है। जिम्मेदार व्यक्ति ही महान् बनते हैं और जिम्मेदारियाँ ही व्यक्ति को महान् बनाती हैं। आप भी निश्चित ही महान् बनना चाहेंगे—प्रस्तुत पुस्तक आपका इसी दिशा में मार्गदर्शन करेगी।
Naye Daur Ke Business Funde
- Author Name:
N. Raghuraman
- Book Type:

- Description: No Description Available for this Book
Bachche Kaise Hon
- Author Name:
Acharya Mayaram 'Patang'
- Book Type:

- Description: "प्रस्तुत पुस्तक में यही बताया गया है कि सीखनवाले बालकों एवं बालिकाओं से हम क्या अपेक्षा करते हैं? सीखनेवाले से हम क्या अपेक्षा करते हैं? उन्हें कैसा व्यवहार सीखना और करना चाहिए? अपेक्षित संस्कार कैसे डाले जा सकते है? यह तो विस्तृत विषय है। आगामी अनेक पुस्तकें संभवतः इसका उत्तर दे पाएँ या न भी दे पाएँ। यह पुस्तक बच्चों के स्तर को ध्यान में रखकर सरल भाषा में लिखी गई है। बच्चे इसे पढ़कर स्वयं सहज ही समझ सकते है कि उन्हें कैसा व्यवहार करना चाहिए? बड़ों के लिए विशेषकर माता-पिता के लिए भी यह उपयोगी है। "
Dama Evam Alergy : Kaise Chhutkara Payen
- Author Name:
Rajendra Mehta
- Book Type:

- Description: साँसों के साथ ही जीवन की डोर बँधी है। मगर इन साँसों का दुश्मन है दमा। इसी तरह एक और व्याधि है एलर्जी। दमा एवं एलर्जी कैसे होती है और इससे कैसे छुटकारा पाया जा सकता है? इसका इलाज किन-किन विधियों से होता है और दमे की अवस्था की जाँच कैसे होती है? दमे की दवाइयाँ कौन-कौन-सी हैं?एलर्जी से कौन-कौन से रोग होते है और इनका सम्पूर्ण निदान कैसे किया जाता है? आदि अनेक ऐसे सवाल हैं जिनका समुचित उत्तर इस पुस्तक में आपको मिल जाएगा। दमा एवं एलर्जी के प्रभावी मैनेजमेंट की विस्तृत जानकारी इस पुस्तक में संकलित है जो इन व्याधियों से छुटकारा पाने में एक सच्चे मार्गदर्शक की तरह आपको सही राह सुझाएगी।
Divya Manav Banane Ki Kunji
- Author Name:
Bhartendu Prakash Singhal
- Book Type:

- Description: "यदि जीवन को सार्थक बनाना है, तो जीना सीखना होगा। जब हमें जीना है, तो हमें कर्मशील होना होगा। जब हमें कर्म करना अनिवार्य है, तो हमें हर क्षण अपना रास्ता चुनना होगा। रास्ता कौन सा चुना जाए, उसे आँकने के लिए हमारे पास, हमारे अंतःकरण में कुछ मापदंडों का होना अनिवार्य है कि किन-किन बातों को, किन-किन चीजों को, किन-किन लोगों को हम महत्त्व देते हैं और किनको हम कम महत्त्व देते हैं अथवा कौन हमारे लिए बिल्कुल ही महत्त्वहीन है। कुछ मौलिक मूल्यों का अंकन करके, उनको अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाना ही पड़ेगा। उन मूल्यों को सहजने से ही जीवन रसमय बनेगा, परम सुख का अनुभव होगा तथा सबसे महत्त्वपूर्ण बात यह होगी कि उन मूल्यों को निर्धारित करने के उपरांत अपने दैनिक जीवन में कब, कहाँ, कैसे, क्या करना चाहिए, क्या नहीं करना चाहिए, इसका तत्काल निर्णय लेने की एक अद्भुत क्षमता अपने अंदर विकसित हो जाएगी। यदि उन मूल्यों को, प्रलोभन, भय अथवा आलस्य के कारण छोड़ देते हैं, तो सारा जीवन ही सारहीन, निर्मूल सा बनकर रह जाता है, एक बोझ सा हो जाता है, जिसे ढोना स्वयं में एक अजीब समस्या बन जाती है। —इसी पुस्तक से इस पुस्तक में जीवन को संस्कारवान बनाने और उसे सही दिशा में ले जाने के जिन सूत्रों की आवश्यक्ता है, उनका बहुत व्यावहारिक विश्लेषण किया है। लेखक के व्यापक अनुभव से निःसृत इस पुस्तक के विचार मौलिक और आसानी से समझ में आनेवाले हैं। जीवन को सफल व सार्थक बनाने की प्रैक्टिकल हैंडबुक है यह कृति। "
Pet Rog : Vyavharik Baten
- Author Name:
B.K. Agarwal
- Book Type:

- Description: शरीर के अन्य रोगों की भाँति पेट के रोगों के निदान (Diagnosis) एवं इलाज (Treatment) के ढंग में भी आमूल-चूल बदलाव आया है। एक साधारण व्यक्ति को पेट के रोगों के बारे में कम से कम इतनी जानकारी होनी चाहिए कि वह सही ढंग से अपने रोग को समझ सके तथा सही समय पर उचित इलाज करा सके। इस पुस्तक के माध्यम से पेट के रोगों के आधुनिक विचारों पर एक विहंगम दृष्टि डालने का प्रयास किया गया है। पेट के रोगों की वर्तमान अवधारणा तथा उनके आधुनिक इलाज की समझ एवं जानकारी ही आम जनता को भटकने से बचा सकती है। इस पुस्तक का उद्देश्य आम जनता को सरल एवं व्यावहारिक बातें बताना है जिससे वे रोज़मर्रा की ज़िन्दगी में पेट रोगों से बच सकें एवं स्वस्थ जीवन जी सकें।
Bachchon Ke Liye Yoga
- Author Name:
Anup Gaur
- Book Type:

- Description: "जैसे-जैसे भौतिकवाद की चकाचौंध में मानव मशीन बनता जा रहा है और अस्वस्थ एवं तनावमय जीवन जीने के लिए मजबूर हो रहा है वैसे-वैसे शांतिपूर्ण, स्वस्थ और तनावरहित जीवन जीने के लिए पूरा विश्व तेजी से योग की ओर आकृष्ट हो रहा है । व्यावहारिक जीवन में पति-पत्नी, पिता- पुत्र, भाई-बहन इत्यादि बाह्य संबंध व साधन हैं । इनके विपरीत शरीर, मन, बुद्धि, अहंकार आदि अंतरंग साधन हैं । बाहरी साधनों की अपेक्षा आंतरिक साधन जीवन के अधिक निकट हैं । इन दोनों साधनों के संघर्ष में सदैव आंतरिक साधनों की विजय होती है । इन आंतरिक साधनों को वृत्तियों (विषयों) से दूर करने को ही ' योग ' कहा जाता है । शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के लिए शिक्षार्थियों का योग मार्ग में उतरना अनिवार्य समझते हुए प्रस्तुत पुस्तक का लेखन किया गया है । इस पुस्तक को विशेष रूप से बच्चों के लिए तैयार किया गया है । योग क्या है, योग का मन व शरीर पर प्रभाव तथा योगासनों का परिचय, समयावधि एवं लाभादि को बहुत सरल व सुगमतापूर्वक बताया-समझाया गया है । पुस्तक की एक प्रमुख विशेषता है इसमें दिए गए चित्र । लेखक जो भी बताना चाहता है, वह सब चित्रों के माध्यम से साकार हो उठता है । हमें पूर्ण विश्वास है, यह पुस्तक पाठकों को नीरोग व प्रसन्न रखने में महत्त्वपूर्ण योगदान देगी ।"
Child Health And Nutrition In India
- Author Name:
Sanjay Prasad +2
- Rating:
- Book Type:

- Description: This book is an attempt to present, in a consolidated form of research articles that can provide a common platform for communication and discussion about healthcare and service providers, functionaries, scholars and social workers involved with child health and nutrition. The scope of this book is to present an overview of child health, maternal health and community issues in India and also attempt to highlight some of the important issues in this field.
Body-Organ Donation
- Author Name:
Arun Anand
- Book Type:

- Description: "India has made significant progress in the field of body and organ donation over the last few decades. But there still remain many challenges. This book takes stock of the journey of ancient and modern India in the field of body and organ donation and the stellar role played by organisations like Dadhichi Deh Dan Samiti to promote this cause. This book demystifies the complex and multi-dimensional subject of body and organ donation. It explains the scientific, legal, ethical and financial aspects of the transplantation of organs from Indian as well as global perspective. The book takes a look at the past, present and the challenges ahead in the field of body and organ donation. It is a ready reckoner for anyone who wants to know about body and organ donation.
Handbook Of Acupressure
- Author Name:
Dr. A.K. Saxena +1
- Book Type:

- Description: एक्यूप्रेशर थेरैपी की सबसे खूबसूरत बात यह है कि इसमें दवाओं की कोई भूमिका नहीं होती और न ही इसका शरीर पर कोई दुष्प्रभाव होता है। इसके अलावा इसमें किसी प्रकार की चीरफाड़ नहीं करनी पड़ती, न ही डॉक्टर की जरूरत होती है और यह गैरपारंपरिक है। इस पुस्तक में लेखकों ने केस स्टडी के जरिए बीमारियों के बारे में समझाया तथा बताया है। इनमें भी कुछ ऐसी बीमारियाँ थीं, जो काफी लंबे समय से जड़ें जमाए बैठी थीं। ऐसे मुश्किल मामलों का उपचार करते हुए लेखकों को भी यह पक्का भरोसा नहीं था कि इसका परिणाम क्या निकलेगा! इन केस स्टडी को साझा करने का लेखकों का मकसद अन्य थेरैपिस्ट के साथ अपने ज्ञान को साझा करना, साथ ही उन छात्रों के साथ अपने अनुभवों को बाँटना है, जो एक्यूप्रेशर का अध्ययन कर रहे हैं। सबसे अधिक संतुष्ट करने की बात यह है कि लेखकों ने एक पद्धति के दूसरी पद्धति पर प्रभुत्व की वकालत करने की बजाय सहप्रबंधन के महत्त्व पर जोर दिया है। यह कहने की जरूरत नहीं है कि यह पुस्तक एक्यूप्रेशर के क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण योगदान देगी और पाठकों द्वारा सराही जाएगी।
Aapka Swasthya Aapke Haath
- Author Name:
Dinanath Jhunjhunwala
- Book Type:

- Description: बीमारी केवल शारीरिक ही नहीं हुआ करती; अगर व्यक्ति मानसिक बीमारियों जैसे-काम; क्रोध; लोभ; मोह आदि से ग्रस्त हैं तो भी वह बीमार ही माना जाएगा। अत: पूर्ण स्वस्थ व्यक्ति वह है; जो शारीरिक एवं मानसिक दृष्टि से स्वस्थ है। बीमारियों का कारण हम स्वयं बनते हैं। शारीरिकबीमारियों केनिवारण केलिए 'प्रात: भ्रमण' तथा 'योग' को दिनचर्या में अपनाना जरूरी है। इससे बिना दवा खाए भी व्यक्ति स्वस्थ रह सकता है। प्रस्तुत पुस्तक में विद्वान् लेखक ने यह बताया है कि स्वस्थ रहने के लिए प्रात: भ्रमण कैसे करना चाहिए भोजन तथा आहार कैसा होना चाहिए तथा कब करना चाहिए दांपत्य जीवन को कैसे सफल बनाया जा सकता है; वृद्धावस्था की समस्याएँ एवं उनका समाधान; सुख क्या है और कहाँ?; जल ही जीवन है आदि। स्वस्थ रहने के लिए सबसे अहम बात यह है कि हम उन चीजों के सेवन से परहेज करें; जिनकी हमें जरूरत नहीं है; जो हानिकारक हैं। पान; पान मसाला; खैनी; शराब; मांसाहार के बिना भी हम अधिक स्वस्थ बने रह सकते हैं; अत: इनका सेवन करकेबीमार क्यों पड़े? यह हमेशा ध्यान रखें कि स्वस्थ रहना प्राकृतिक है; अस्वस्थ रहना अप्राकृतिक। आज हर कोई-क्या गरीब; क्या अमीर-अपने स्वास्थ्य को लेकर चिंतित है। ऐसे में इस पुस्तक की उपयोगिता और बढ़ जाती है। आशा है; सुधी पाठक पुस्तक में दिए सुझावों को अपने जीवन में अपनाकर पूर्ण स्वस्थ तथा निरोग रह सकते हैं।
Garbh Evam Prasav Gyan
- Author Name:
Shanti Roy,Alka Pandey,Shipra Roy
- Book Type:

- Description: प्रसूति विज्ञान चिकित्सा शास्त्र की उस शाखा का नाम है, जिसका संबंध स्त्री जननांग, गर्भावस्था, प्रसव तथा प्रसवोत्तर काल से होता है। इस शास्त्र का उद्देश्य है—‘स्वस्थ माँ और स्वस्थ नवजात’। माँ और बच्चे के स्वास्थ्य के माध्यम से ही किसी देश की स्वास्थ्य संबंधी गुणवत्ता की पहचान होती है। वहाँ की चिकित्सा सेवा कितनी अच्छी है, इसका अंदाजा वहाँ के मातृ मृत्यु-दर एवं शिशु मृत्यु-दर से ही लगाया जाता है। विकसित देशों में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर पहले ही काफी कम हो चुकी है। गर्भ एवं प्रसव विज्ञान पर अधिकांश पुस्तकें अंग्रेजी में हैं, जिन्हें पढ़ना और समझना हमारी सामान्य जनता के लिए संभव नहीं है। प्रस्तुत पुस्तक सरल-सुबोध भाषा में लिखी प्रामाणिक जानकारी लिये है। इसकी भाषा और बातें हमारी जनता पढ़ सकेगी, समझ सकेगी तथा अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रह सकेगी। हम अपने ही शरीर से बिल्कुल अनजान हैं। इस पुस्तक में जननांगों की बनावट एवं जनन-क्रिया को संक्षेप में बताया गया है। भ्रूण के विकास की क्रिया और उसको दुष्प्रभावित करनेवाले कारकों को बताया गया है। गर्भ तथा प्रसव की सामान्य एवं असामान्य स्थितियों की भी चर्चा की गई है। अन्य बीमारियों से पीडि़त माताओं को गर्भावस्था में क्या सावधानियाँ रखनी होंगी, नवजात की सही देखभाल कैसे की जाए, यह सब इस पुस्तक में वर्णित है। हर घर-परिवार के लिए पठनीय एवं उपयोगी पुस्तक।
Practical Prescriber
- Author Name:
Dr.Abrar Multani
- Book Type:

- Description: This Books doesn’t have a description
Chhand Chhand Par Kumkum
- Author Name:
Shri Wagish Shukla
- Book Type:

- Description: पाठ, टीका आदि की अनेक नयी विधियाँ भारतीय प्रसंड्भ में प्राकु-आधुनिक हूँ, भले इधर वे हिन्दी आलोचना के परिसर से बाहर ही रहती आयी हूँ । 'राम की शक्तिपूजा' की यह टीका निराला की कविता को उसकी पूरी अर्थाभा, आशयों और अन्तर्ध्वनियाँ में, समकालीन सन्दर्भों और पारम्परिक स्मृति के अत्यन्त सर्जनात्मक रसायन के रूप में पुनरायत्त करने का अवसर सुलभ कराती है। प्रकारान्तर से यह टीका सत्यापित करती है कि निराला की आधुनिक संवेदना में परम्परा के कितने सन्दर्भो-स्मृतियाँ और अन्तर्भावाँ का गुम्फन और पुनराविष्कार है। उसका एक अघोषित किन्तु असन्दिग्ध प्रतिपाद्य यह भी है कि श्रेष्ठ आधुनिकता के स्थापत्य में परम्परा की अनेक तहाँ और घटित स्तराँ का आधार है; यह भी कि प्रश्नाकुलता आधुनिकता भर का नहीं, हमारे यहाँ परम्परा का भी स्वभाव रहा है।
Yoga Aur Aahar Dwara 100 Saal Kaise Jiyen
- Author Name:
Bijoylaxmi Hota
- Book Type:

- Description: यह पुस्तक समग्रता में प्रायः सभी सामान्य एवं असामान्य रोगों से बचाव के उपाय बताती है। पाचन समस्या, जैसे—एसिडिटी, दस्त, कब्ज और बवासीर; साँस की समस्याएँ, जैसे—दमा, श्वास शोथ और साधारण सर्दी-जुकाम; स्नायु संबंधी रोग, जैसे अनिद्रा, घबराहट इत्यादि—पार्किंसन रोग और दिमागी धक्का; अन्य बीमारियों, जैसे—एलर्जी, ओस्टोपोरोसिस और वर्टिगो के विषय में यह मार्गदर्शिका आपको सही आहार और योग अभ्यासों के बारे में बताती है, जो आपको रोग-मुक्त कर देंगे। लेखिका ने प्रत्येक अभ्यास के साथ उसका असर भी दिया है, साथ ही ये विष-मुक्त होने के एवं ध्यान के विभिन्न यौगिक तरीके, योगासन, स्वादिष्ट एवं स्वास्थ्यवर्धक भोजन की विधियाँ भी बताती हैं। पैंतीस वर्षों से अधिक की अनुभवी प्रख्यात योग चिकित्सक की यह संपूर्ण पुस्तक निश्चित रूप से आपके स्वास्थ्य एवं आहार से संबंधित जरूरतों के बारे में प्राकृतिक वस्तुओं एवं तकनीक के माध्यम से बताएगी।
Chikitsa Aur Hum
- Author Name:
Dr. Anil Chaturvedi
- Book Type:

- Description: This book does not have any description.
Garbhavastha Aur Shishu
- Author Name:
Dr.Abrar Multani +1
- Book Type:

- Description: वि गत वर्षों में प्रेग्नेन्सी और चाइल्ड केयर पर कई पुस्तकें लिखी जा चुकी हैं और लिखी जा रही हैं। हम यह पुस्तक क्यों लिख रहें हैं? आप इसे क्यों पढ़ेंगे? जबकि आपके पास तो बहुत सारी पुस्तकों के विकल्प मौजूद हंै? हमने लाइब्रेरियों में और किताबों की दुकानों की अधिकांश पुस्तकें पढ़ीं और पाया कि उनमें से अधिकांश आपको चिकित्सक बनाने पर उतारू हैं। प्रेग्नेन्सी के साथ-साथ चाइल्ड केयर या बच्चों की परवरिश के लिये कोई भी सम्पूर्ण किताब ऐसी नहीं थी जो कि एक आम माँ और अभिभावक को आसानी से इस महत्वपूर्ण अवस्था के बारे में बता सके और शिक्षित कर सके। मातृत्व की सेवा एवं भावी पीढ़ी के निर्माण में हमें योगदान देना था। हम चाहते थे कि माँ एवं शिशु स्वस्थ रहें, जिसमें हमारा भी योगदान हो तथा इससे हमारा ईश्वर ख़ुश हो जाए। यह पुस्तक माँओं के लिये मददगार बनेगी तथा गर्भावस्था के दौरान उनकी एक सहायिका के रूप में काम करेगी, उनका मार्गदर्शन करेगी। शिशु के जन्म के पश्चात् यह शिशु की परवरिश करने में भी सहायक होगी। यह पुस्तक इस शैली में लिखी गई है कि इसमें गर्भस्थ शिशु के विकास के अनुसार अध्यायों को क्रमवार किया गया है। यदि आप इसे निश्चित समय पर पढ़ेंगे तो आपके शिशु का विकास होता जायेगा और आपकी पुस्तक पूर्ण होती जायेगी। हमने इस पुस्तक को ऐसे लिखा है कि इस पर समय का कोई प्रभाव न पड़े। अतः आप इसे पढ़कर कुछ वर्षों के पश्चात् भी अपने किसी प्रियजन को उपहार में दे सकती हैं। यह हमेशा इतनी ही उपयोगी रहेगी। आप माँ बनने जा रही हैं या बन चुकी हैं, हमारी ओर से बहुत-बहुत बधाईयाँ एवं शुभकामनाएँ। आशा है यह पुस्तक आपकी उम्मीदों पर खरी उतरेगी। शुभेच्छु डाॅ. अबरार मुल्तानी डाॅ. नाज़िया ख़ान
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book