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భారతీయ నవలా రచయితలలో ప్రముఖులైన డా॥ ఎస్.ఎల్. బైరప్పగారు కన్నడ భాషలో రచించిన గొప్ప నవల “పర్వ”. మహాభారత అంశాలను ఆధునిక నవలగా మలిచి, మానవ నైజపు బహుముఖాలను, మనుష్యుల మధ్య సంబంధాల వైవిధ్యాలను వెలికి తెచ్చి, ఒక “మాస్టర్పీస్”గా ఈ నవలను రచించారు. సంభాషణ, వర్ణన, స్వగతమూ, వ్యాఖ్య ఇవన్నీ జోడించి మానవుని మనుగడను క్రొత్త దృక్పథంలో చిత్రించారు.
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భారతీయ నవలా రచయితలలో ప్రముఖులైన డా॥ ఎస్.ఎల్. బైరప్పగారు కన్నడ భాషలో రచించిన గొప్ప నవల “పర్వ”. మహాభారత అంశాలను ఆధునిక నవలగా మలిచి, మానవ నైజపు బహుముఖాలను, మనుష్యుల మధ్య సంబంధాల వైవిధ్యాలను వెలికి తెచ్చి, ఒక “మాస్టర్పీస్”గా ఈ నవలను రచించారు. సంభాషణ, వర్ణన, స్వగతమూ, వ్యాఖ్య ఇవన్నీ జోడించి మానవుని మనుగడను క్రొత్త దృక్పథంలో చిత్రించారు.
Book Details
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ISBN9788126015566
-
PagesN/A
-
Avg Reading Time25 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIN
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పర్వ (Parva) భారతీయ సాహిత్యంలో ఒక మహత్తర కృతి. ప్రముఖ నవలా రచయిత డా॥ ఎస్. ఎల్. బైరప్ప గారు రచించిన ఈ నవల, మహాభారతాన్ని ఒక ఆధునిక దృక్పథంలో పునర్నిర్మిస్తుంది.
ఈ కథలో దేవతలు, దివ్య శక్తులు, అతీంద్రియ అంశాలు కేంద్రంగా లేవు. బదులుగా, మనుషుల భావాలు, ఆలోచనలు, సంబంధాలు, మరియు నైతిక సంఘర్షణలు ప్రధానంగా నిలుస్తాయి. ప్రతి పాత్ర—అర్జునుడు, ద్రౌపది, కర్ణుడు, భీష్ముడు—మనిషిగా, తన బలహీనతలు మరియు నిర్ణయాలతో కనిపిస్తుంది.
సంభాషణలు, స్వగతాలు, వర్ణనలు, వ్యాఖ్యానాలు—all woven together—మానవ జీవితాన్ని ఒక కొత్త కోణంలో చూపిస్తాయి. ఇది కేవలం మహాభారత కథ కాదు, మనిషి అంతర్ముఖ యాత్ర.
తెలుగు అనువాద రూపంలో అందుబాటులో ఉన్న ఈ నవల, గాఢమైన పాఠక అనుభవాన్ని అందిస్తుంది.
పర్వ అనేది కథ కాదు—మనిషి స్వభావాన్ని అర్థం చేసుకునే ఒక అనుభవం.
‘పర్వ’ నవల ఏమి గురించి ఉంది?
‘పర్వ’ మహాభారత కథను ఆధునిక దృక్పథంలో మళ్లీ చెప్పే నవల. ఇది దేవతల కథగా కాకుండా, మనుషుల భావాలు, సంబంధాలు, మరియు నిర్ణయాల కథగా చూపిస్తుంది.
ఇది మహాభారతం పునఃకథనా?
అవును, కానీ ఇది సాధారణ పునఃకథనం కాదు. ఇందులో మానవ నైజం, మానసిక స్థితి, మరియు నైతిక సంఘర్షణలపై ఎక్కువ దృష్టి ఉంటుంది.
ఈ పుస్తకం ఎందుకు ప్రత్యేకం?
ఈ నవల మహాభారతంలోని పాత్రలను మానవ కోణంలో చూపిస్తుంది. వారి బలహీనతలు, ఆలోచనలు, మరియు నిర్ణయాలు కథను మరింత లోతుగా చేస్తాయి.
ఈ పుస్తకం ఎవరు చదవాలి?
- గంభీర సాహిత్యం ఇష్టపడే పాఠకులు
- మహాభారతంపై కొత్త దృక్పథం కోరుకునేవారు
- తత్త్వ, మానసిక అంశాలపై ఆసక్తి ఉన్నవారు
ఈ పుస్తకం సాధారణ పాఠకులకు అనుకూలమా?
అవును, కానీ ఇది లోతైన ఆలోచనలను కలిగించే నవల. నెమ్మదిగా చదివితే మరింత అనుభూతి కలుగుతుంది.