Chacha Chhakkan

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Author:

Imtiaz Ali Taj

Language:

Hindi

Category:

Young-adults

199

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मक़बूल मुसन्निफ़ इम्तियाज़ अली ताज की तख्लीक़ “चचा छक्कन” एक ऐसा किर्दार है जिसकी शख़्सियत में तमाम तरह के रंग भरे हुए हैं| उनका हर अन्दाज़ दिल को भाता और गुदगुदाता है| ये किर्दार जब बात करे तो हँसी आए| जब किसी पर ग़ुस्सा पर हो तो हँसी आए| कभी झगड़ा चुकाता है तो कभी मेलों की सैर करता है| लेकिन जगह कोई भी हो, अमल कोई भी हो, चचा छक्कन से ज़्यादा क़ाबिल और हरफनमौला किर्दार शायद ही लिखा गया हो| इस किताब में चचा छक्कन के ऐसे ही सात कारनामों की कहानी है जो पढ़ने वालों को हँसाने औए गुदगुदाने वाली है|

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ISBN
9789391080747
Pages
102
Avg Reading Time
3 hrs
Age
7-11 yrs
Country of Origin
India

Format:

Piracy Free

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About the Book

मक़बूल मुसन्निफ़ इम्तियाज़ अली ताज की तख्लीक़ “चचा छक्कन” एक ऐसा किर्दार है जिसकी शख़्सियत में तमाम तरह के रंग भरे हुए हैं| उनका हर अन्दाज़ दिल को भाता और गुदगुदाता है| ये किर्दार जब बात करे तो हँसी आए| जब किसी पर ग़ुस्सा पर हो तो हँसी आए| कभी झगड़ा चुकाता है तो कभी मेलों की सैर करता है| लेकिन जगह कोई भी हो, अमल कोई भी हो, चचा छक्कन से ज़्यादा क़ाबिल और हरफनमौला किर्दार शायद ही लिखा गया हो| इस किताब में चचा छक्कन के ऐसे ही सात कारनामों की कहानी है जो पढ़ने वालों को हँसाने औए गुदगुदाने वाली है|

Book Details

  • ISBN
    9789391080747
  • Pages
    102
  • Avg Reading Time
    3 hrs
  • Age
    7-11 yrs
  • Country of Origin
    India

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Chacha Chhakkan by Imtiaz Ali Taj is not simply a collection of humorous tales—it is the enduring portrait of a character whose every mood, whether anger or negotiation, dissolves into laughter. Created by one of Urdu literature's most celebrated authors, Chacha Chhakkan is a harfanmaula—a jack-of-all-trades whose competence is matched only by his gift for turning ordinary moments into comic theatre. Across seven episodes, readers follow him through bazaars, quarrels, and fairs, each scene revealing a new shade of his irrepressible personality. Taj's prose, rooted in the oral storytelling tradition of early 20th-century Lucknow and Delhi, relies on rhythm and timing rather than exaggeration, making Chacha Chhakkan feel less like a caricature and more like a beloved uncle whose mere presence guarantees entertainment. This edition preserves the colloquial warmth and linguistic playfulness that made the character a fixture in Urdu children's literature for generations.

चचा छक्कन पढ़ने का अनुभव कैसा रहता है?

यह किताब पाठकों को लगातार हँसाती है, लेकिन उस हँसी में गहरी समझ और मानवीय सच्चाई भी छुपी होती है। इम्तियाज़ अली ताज की भाषा सहज और बातचीत जैसी है, जो पढ़ते समय ऐसा महसूस कराती है जैसे कोई दादा या चचा अपनी यादें सुना रहे हों। हर कहानी में चचा छक्कन की शरारतों, उनकी चालाकी और उनकी मासूमियत का ऐसा मिश्रण है जो पाठक को बचपन की यादों में ले जाता है।

यह किताब किस तरह के पाठकों के लिए सबसे उपयुक्त है?

  • किशोर पाठक जो हास्य और रोचक कहानियों में रुचि रखते हैं
  • उर्दू साहित्य की परंपरा से परिचित होना चाहने वाले हिंदी पाठक
  • वे वयस्क जो अपने बचपन की कहानियों को फिर से जीना चाहते हैं
  • शिक्षक और अभिभावक जो बच्चों को सार्थक और मनोरंजक साहित्य देना चाहते हैं

आज के भारतीय पाठकों के लिए इस किताब का सांस्कृतिक महत्व क्या है?

चचा छक्कन उस समय की याद दिलाता है जब मौखिक कहानी सुनाने की परंपरा घर-घर में जीवित थी। आज जब डिजिटल मनोरंजन हावी है, यह किताब हिंदी-उर्दू साहित्य की साझी विरासत को जीवित रखती है। इसकी भाषा, हास्य और सामाजिक टिप्पणी आज भी प्रासंगिक हैं, खासकर उन परिवारों के लिए जो बच्चों को भाषा की समृद्धि और संस्कृति से जोड़ना चाहते हैं।

इम्तियाज़ अली ताज का चचा छक्कन जैसा किरदार बनाना क्या खास बनाता है?

ताज ने चचा छक्कन को केवल हास्य पात्र नहीं बनाया—उन्होंने उसे एक पूर्ण मानवीय व्यक्तित्व दिया। हर कहानी में चचा की भावनाएँ, उनकी ग़लतियाँ और उनकी सूझबूझ सभी दिखाई देती हैं। ताज की शैली में संवाद की स्वाभाविकता, लखनवी तहज़ीब की छाप और समय के अनुसार कहानी को आगे बढ़ाने की कला विशेष है, जो इस चरित्र को सदाबहार बनाती है।

यह किताब पढ़ने के बाद पाठक के मन में क्या बचता है?

पाठक के मन में चचा छक्कन की छवि हमेशा के लिए बस जाती है—एक ऐसा इंसान जो ज़िंदगी को हल्के में लेता है लेकिन हर काम को पूरी लगन से करता है। यह किताब भाषा की सुंदरता, हास्य की ताक़त और सामान्य जीवन में छिपी असाधारणता की समझ देती है। बच्चों और बड़ों दोनों के लिए यह एक यादगार पाठ अनुभव बन जाता है जो बार-बार पढ़ने को प्रेरित करता है।

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