Thanega Pranam
Author:
Manju PreethamPublisher:
Shrimant PublicationLanguage:
TeluguCategory:
Poetry1 Reviews
Price: ₹ 88
₹
110
Available
The best poetry collection
ISBN: 9788195839544
Pages: 60
Avg Reading Time: 2 hrs
Age : 18+
Country of Origin: India
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Description:
मंगलेश डबराल की कविता में रोज़मर्रा ज़िन्दगी के संघर्ष की अनेक अनुगूँजें और घर-गाँव और पुरखों की अनेक ऐसी स्मृतियाँ हैं जो विचलित करती हैं। हमारे समय की तिक्तता और मानवीय संवेदनों के प्रति घनघोर उदासीनता के माहौल से ही उपजा है उनकी कविता का दु:ख। यह दु:ख मूल्यवान है क्योंकि इसमें बहुत कुछ बचाने की चेष्टा है। कविता की एक भूमिका निश्चय ही आदमी के उन ऐन्द्रीय और भावात्मक संवेदनों को सहेजने की भी है जिन्हें आज की अधकचरी और कभी-कभी तो मनुष्य-विरोधी राजनीति और एक बढ़ती हुई व्यावसायिक दृष्टि लगातार नष्ट कर रही है।
प्रकृति के साथ मनुष्य के सम्बन्धों पर भी एक हिसाबी-किताबी दृष्टि का ही क़ब्ज़ा होता जा रहा है। मंगलेश की कविता पेड़ को ‘करोड़ों चिड़ियों की नींद’ से जोड़ती हुई जैसे इस तरह के क़ब्ज़े के ख़िलाफ़ ही खड़ी है। महानगर में रहते हुए मंगलेश का ध्यान जूझती हुई गृहस्थिन की दिनचर्या, बेकार युवकों और चीज़ों के लिए तरसते बच्चों से लेकर दूर गाँव में इन्तज़ार करते पिता, नदी, खेतों और ‘बर्फ़ झाड़ते पेड़’ तक पर टिका है। उनकी नज़र उस अघाए हुए वर्ग के बीच जाकर बेचैन हो जाती है जो सब कुछ को बाज़ार-भाव के हवाले करने पर तुला है।
मंगलेश की कविता के शब्द करुण संगीत से भरे हुए हैं। इनमें एक पारदर्शी ईमानदारी और आत्मिक चमक है। लेकिन उनकी कविता अगर हमारे समय का एक शोकगीत है तो आदमी की जिजीविषा की टंकार भी हम उसमें सुनते हैं और उसमें स्वयं अपनी निजी स्थिति का एक साक्षात्कार भी है। बहुत सामान्य-सी लगनेवाली चीज़ों का मर्म भी मंगलेश की कविता इस तरह खोलती है कि उसमें से एक पूरी दुनिया झाँकने लगती है। ‘माचिस की तीली बराबर रोशनी’ इसी तरह की एक पंक्ति है।
दरअसल ‘घर का रास्ता’ की एक से दूसरी कविता तक हमें अनुभवों, बिम्बों और जीवन-स्थितियों का एक ऐसा संसार मिलेगा कि हम रह-रहकर पहचानेंगे कि यह तो हमारा कितना अपना है।
—प्रयाग शुक्ल
Customer Reviews
3 out of 5
Book
March 7, 2023, 5:51 am
Swapna Peri
Poetry is a unique art form that allows people to share their feelings in fewer words. But, these words have an ever-lasting effect and thus satiate the wandering soul. This is why poetry is probably one of the most challenging forms of expression. This year again, I had an opportunity to read some of the finest classic and modern poetry. It seems easy to relate to contemporary and modern poets because of the language and situations in the poems set in. I had a chance to read English and Hindi modern poetry previously, but it feels happy to say that reading contemporary poetry in my language is immensely satisfying. Tanegaa Praanam(She is my life) is a collection of 45 modern Telugu poems penned by Manju Preetam Kuntimukkala that talks out of the most desired, revered, and loved theme - Love. The poems vary from liking someone to dreaming of a life with her. Some poems also describe the vulnerable situations of losing a lover or parting ways for many reasons. The poems are written in an easily understandable language that is not difficult to comprehend but can evolve in thoughts. The comfortable font and the book size satisfy the readers after reading the book. The poet Manju Preetam used the rhyming style in writing these poems. A few poems surely win my mind and heart for the sweet nothings mentioned. Often, the theme of love carries pain with itself, and this is proven in this book. The fear of losing a dear one generally evades during happy occasions, and some poems reflect this feeling beautifully. This book is recommended to those readers who wish to read easy, modern, and thematic poetry. -Swapna Peri-
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