Pracheen Bharat Mein Vigyan
(0)
Author:
Shri Ravindra Kumar, Dr. D.D. OjhaPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Other₹
500
400 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
भारत में वैज्ञानिक अध्ययन, चिंतन की अत्यंत प्राचीन एवं समृद्ध परंपरा रही है। हमारे यहाँ विज्ञान के क्षेत्र में भी असाधारण शोध-कार्य हुए हैं। प्राचीन काल से ही हमारे त्रिकालदर्शी भारतीय मनीषियों, यथा-धन्वंतरि, भरद्वाज, सुश्रुत, चरक, शालिहोत्र, आर्यभट, कणाद, ब्रह्मगुप्त, रेवण, आत्रेय, वराहमिहिर, भास्कराचार्य, नागार्जुन, यशोधर, वेदव्यास आदि ने विज्ञान के विविध क्षेत्रों में गहन अनुसंधान किया। वस्तुतः गणित का विकास विश्व में सबसे पहले भारतवर्ष में ही हुआ, जिसका उल्लेख वैदिक गणित में मिलता है। भारत में वेदिक काल से ही रसायन विज्ञान में गवेषणाओं की सुव्यवस्थित और वैज्ञानिक प्रणाली विकसित हो गई थी। आयुर्वेदीय सिद्धांतों को व्यवस्थित रूप देने में सर्वाधिक योगदान महर्षि चरक का रहा है। चिकित्सा के क्षेत्र में महर्षि सुश्रुत, विश्व के पहले शल्य चिकित्सक माने जाते हैं। नौका प्रौद्योगिकी, रक्षा तथा विमान प्रौद्योगिको, पर्यावरण विज्ञान के बारे में भी बृहत् जानकारी प्राचीन भारत के मनीषियों को भलीभाँति थी। इस जनोपयोगी पुस्तक में पुरातन भारत के मनीषियों के विज्ञान और प्रौद्योगिकी के विविध विषयों यथा--गणित, ज्योतिष, रसायन विज्ञान, कृषि, पशु चिकित्सा, धातु विज्ञान, चिकित्सा विज्ञान, अग्नि एवं मौसम विज्ञान, सैन्य विज्ञान, ऊर्जा, जल विज्ञान आदि के बारे में सरल एवं बोधगम्य भाषा में यथोचित चित्रों सहित जानकारी प्रदान की गई है।
Read moreAbout the Book
भारत में वैज्ञानिक अध्ययन, चिंतन की अत्यंत प्राचीन एवं समृद्ध परंपरा रही है। हमारे यहाँ विज्ञान के क्षेत्र में भी असाधारण शोध-कार्य हुए हैं। प्राचीन काल से ही हमारे त्रिकालदर्शी भारतीय मनीषियों, यथा-धन्वंतरि, भरद्वाज, सुश्रुत, चरक, शालिहोत्र, आर्यभट, कणाद, ब्रह्मगुप्त, रेवण, आत्रेय, वराहमिहिर, भास्कराचार्य, नागार्जुन, यशोधर, वेदव्यास आदि ने विज्ञान के विविध क्षेत्रों में गहन अनुसंधान किया।
वस्तुतः गणित का विकास विश्व में सबसे पहले भारतवर्ष में ही हुआ, जिसका उल्लेख वैदिक गणित में मिलता है। भारत में वेदिक काल से ही रसायन विज्ञान में गवेषणाओं की सुव्यवस्थित और वैज्ञानिक
प्रणाली विकसित हो गई थी। आयुर्वेदीय सिद्धांतों को व्यवस्थित रूप देने में सर्वाधिक योगदान महर्षि चरक का रहा है। चिकित्सा के क्षेत्र में महर्षि सुश्रुत, विश्व के पहले शल्य चिकित्सक माने जाते हैं। नौका प्रौद्योगिकी, रक्षा तथा विमान प्रौद्योगिको, पर्यावरण विज्ञान के बारे में भी बृहत् जानकारी प्राचीन भारत के मनीषियों को भलीभाँति थी।
इस जनोपयोगी पुस्तक में पुरातन भारत के मनीषियों के विज्ञान और प्रौद्योगिकी के विविध विषयों यथा--गणित, ज्योतिष, रसायन विज्ञान, कृषि, पशु चिकित्सा, धातु विज्ञान, चिकित्सा विज्ञान,
अग्नि एवं मौसम विज्ञान, सैन्य विज्ञान, ऊर्जा, जल विज्ञान आदि के बारे में सरल एवं बोधगम्य भाषा में यथोचित चित्रों सहित जानकारी प्रदान की गई है।
Book Details
-
ISBN9789392573101
-
Pages200
-
Avg Reading Time7 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Nehru Banam Subhash
- Author Name:
Rudrangshu Mukherjee
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Chir Parayi
- Author Name:
Kadambari Mehra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jules Verne ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Jules Verne
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Deh Mann Madhyam Tumhare Yog Ka "देह मन माध्यम तुम्हारे योग का" Book In Hindi
- Author Name:
Praveen Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Shivprasad Singh Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Shivprasad Singh
- Book Type:

- Description: नई कहानी आंदोलन के समय में डॉ. शिवप्रसाद सिंह की चर्चा ‘नन्हों’ और ‘दादी माँ’ जैसी कहानियों के कारण हुई। कहानियों से उन्हें भरपूर प्रतिष्ठा मिली। इन दोनों कहानियों के साथ ही ‘धरातल’ और ‘बेहया’, ‘कर्मनाशा की हार’, ‘मुर्दासराय’, ‘आर-पार की माला’, ‘इन्हें भी इंतजार है’, ‘वृंदा महाराज’ आदि कहानियाँ भी काफी चर्चित हुईं। डॉ. शिवप्रसाद सिंहजी की कहानियाँ प्रायः ग्रामीण पृष्ठभूमि पर आधारित हैं। उन्होंने लिखा भी है— ‘‘मेरी जिंदगी में गाँव एक ऐसी हकीकत है, जिसे मैं चाहकर भी काट नहीं सकता। गाँव की अछोर हरियाली में डूबे सीमांत, फसलों के रंग-बिरंगे गलीचे बिछाकर किसी अनागत की प्रतीक्षा में डूबी धरती, सरसों, जलकुंभी और झरबेरी के जंगली फूलों से मदहोश वातावरण के बीच अपनी सामान्य जिंदगी के लिए संघर्षरत किसान मेरी कहानियों के अविभाज्य अंग हैं। शहर के जीवन ने जहाँ एक ओर मेरे आधुनिकता-बोध को निरंतर तीन और सक्रिय बनाया है, वहीं गाँव के जीवन की धड़कनें, जो अब भी सड़ी-गली परंपरा और कूटस्थ रूढि़यों का कचरा ढोती हुई कराह रही हैं, मेरे कहानीकार के लिए सदा एक चुनौती रही हैं।’’ वरिष्ठ कथाकार डॉ. शिवप्रसाद सिंह की संवेदनशील, मार्मिक तथा युग-प्रर्वतक लोकप्रिय कहानियों का पठनीय संकलन।
Uttar Pradesh Police (UP) Arakshi Bharti Pareeksha-2024 Visheshank Mansik Abhiruchi (Mental Aptitude)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Life And Times Of Martin Luther King (Jr)
- Author Name:
Dinkar Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Congress Ka Phasivad
- Author Name:
A. Surya Prakash
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
H.G. Wells ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
H.G. Wells
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Hind Swaraj Aur Naya Manvantar
- Author Name:
S.S. Pandharipande
- Book Type:

- Description: ‘हिन्द स्वराज और नया मन्वन्तर’ पुस्तक अतीत की घटनाओं अथवा भविष्य की आशाओं पर ध्यान केन्द्रित करने के बजाय सीधे वर्तमान में ‘हिन्द स्वराज’ की जाँच करती है और उसकी उपयोगिता और व्यापकता पर जोर देती है। मनुष्य एक बुद्धिमान प्राणी है, इस धारणा पर आधारित पश्चिमी सभ्यता ने मनुष्य की अन्तर्निहित बौद्धिक क्षमताओं को कुन्द कर दिया है और एक ‘उपभोक्ता’ के रूप में मनुष्य की वास्तविक पहचान को चुनौती दी है। मनुष्य आज उपभोग के इस जलते कुंड में अपना कुछ भी स्वाहा कर देने को उद्धत है। ऐसे अवसरों पर, गांधी जैसे धार्मिक सन्त का यज्ञ-मंडप में खड़ा होना और इस विनाश-सत्र को समाप्त करने का आह्वान करना वह मूल प्रेरणा है जो किसी को ‘हिन्द स्वराज’ पढ़ने के बाद अपने अन्तर में महसूस करना चाहिए; पांढरीपांडे की इस किताब को पढ़ने के बाद वह मूल प्रेरणा आसानी से महसूस होती है। हम जानते हैं कि गांधी-विचार के प्रमुख टिप्पणीकार महाराष्ट्र में हुए। विनोबा भावे, नं. द. जावड़ेकर, दादा धर्माधिकारी आदि की इस समृद्ध परम्परा में प्रो. सु. श्री. पांढरीपांडे भी शामिल हैं। मुझे विश्वास है कि वे इस परम्परा को और समृद्ध करेंगे और उनकी यह कृति पाठकों के विचार जगत में सार्थक और सकारात्मक हस्तक्षेप करेगी। —डॉ. सदानन्द मोरे
The Ratan Tata Way | Complete Biography & Success Secrets | Business Leadership Principles Visionary Industrial Evolution Inspirational Nation Building
- Author Name:
Vinod Sharma +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
AFCAT Air Force Common Admission Test Flying, Technical & Ground Duty Branches Solved Papers 2024-2011 (Verbal Ability + General Awareness + Numerical Ability + Reasoning and Military Aptitude Test
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Super Genius Computer Learner-5
- Author Name:
Manuj Bajaj +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Basic English Grammar Learn By Doing
- Author Name:
Dr. Arun Jee
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
VADYA-YANTRON KO JANEN
- Author Name:
Kamlesh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dynamic D.M.
- Author Name:
Smt. Kumud Verma +1
- Book Type:

- Description: डॉ. हीरा लाल, IAS - डॉ. हीरा लाल प्रतिष्ठित भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं। इन्होंने अपने लंबे सेवाकाल के दौरान उत्तर प्रदेश शासन में अत्यंत महत्त्वपूर्ण पदों पर कार्य करते हुए अपनी नेतृत्व क्षमता, सरलता और कार्यकुशलता से आम जनता से जुड़े हुए सरोकारों पर विशेष ध्यान दिया है। इनका जीवन ग्रामीण, खेतिहर, गरीब और पिछड़े इलाकों के बच्चों के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं । डॉ. हीरा लाल ने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्नातक (B.Tech.), मास्टर ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (MPA) किया तथा 'सुशासन में ICT का रोल ' विषय पर पी-एच.डी. की है। डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, अयोध्या से 'सुशासन में संचार का रोल' विषय से इनकी डी. लिट. की पढ़ाई जारी है। सरल, ऊर्जावान, नवाचारी और दृढ़ निश्चयी डॉ. हीरा लाल अपने ड्रीम प्रोजेक्ट “मॉडल गाँव' के माध्यम से अपनी टीम के साथ देश के सभी गाँवों को आर्थिक रूप से शक्तिशाली बनाने की दिशा में अग्रसर हैं । सामाजिक सेवा निम्न साइट से करते है : makingyouhappy.org
Stella
- Author Name:
Neelam Saxena Chandra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Amar Karantiveer Chandrashekhar Azad
- Author Name:
Bharat Bhushan
- Book Type:

- Description: भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में चंद्रशेखर आजाद का नाम स्वर्ण अक्षरों में अंकित है। उनका मूल नाम चंद्रशेखर तिवारी था। भले ही लोग स्वतंत्रता-संग्राम में उनके योगदान को पूर्ण रूप से न जानते हों, लेकिन इतना अवश्य जानते हैं कि वे इस संग्राम के अग्रगण्य क्रांतिकारियों में एक थे और उनके नाम से बड़े-बड़े अंग्रेज पुलिस अधिकारी तक काँप उठते थे। बाल्यावस्था में ही उन्होंने पुलिस की बर्बरता का विरोध प्रकट करते हुए एक अंग्रेज अफसर के सिर पर पत्थर दे मारा था। अपने क्रांतिकारी जीवन में आजाद ने कदम-कदम पर अंग्रेजों को कड़ी टक्कर दी। उन्होंने सुखी जीवन का त्याग करके कँटीला रास्ता चुना और अपना जीवन देश पर बलिदान कर दिया। भले ही वे अपने जीवन में आजादी का सूर्योदय न देख पाए, लेकिन गुलामी की काली घटा को अपने क्रांति-तीरों से इतना छलनी कर गए कि आखिरकार उस काली घटा को भारत की भूमि से दुम दबाकर भागना पड़ा। महान् क्रांतिकारी, अद्वितीय देशाभिमानी एवं दृढ़ संकल्पवान् चंद्रशेखर आजाद के अनछुए जीवन-प्रसंगों के साथ संपूर्ण व्यक्तित्व का दिग्दर्शन करानेवाली अनुपम कृति।
Dhatri Paat San Gaam
- Author Name:
Mahendra
- Book Type:

- Description: धात्री पात सन कोमल एहि पोथी मे तत्कालीन शिक्षक, मारवाड़ी बोर्ड, चकला निर्मली आ विलियम्स स्कूल, पूर्वी आ पश्चिमी बान्हक श्रमदान सँ भेल निर्माण आ तकर उद्घाटन, सुपौलक गली-कूची, ओहि समयक वातावरण आ समरसता-सौहाद्र, शिरीष गाछक ऐतिहासिकता आ ओकर मानवीकरण, परसरमा आ गढ बरुआरी स्टेशनक रोचक आ जानकारी सँ भरल इतिहास, लाल साहेब, प्रसिद्ध जमीन्दारक कथाक संग-संग आखिरी विपन्न आदमी, जे सुपौलक चौराहा पर बैसि जुत्ता-चप्पलक मरम्मति करैत अछि दुखो काका, तकरो कथा एहि मे भेटैत अछि जे आन ठाम कतहु लिखित नहि अछि। ई लिखैत मान्यजन जनक काका मोन पड़ैत छथि, जे दलित छलाह मुदा से संबोधन आ दैनन्दिन क्रियाकलाप सँ कतहु तेना भ' क' बुझाइत नहि छथि। एहि पोथी मे एकर सभक दस्तावेजीकरण एक टा प्रतिमान गढ़ैत अछि। एहि पोथी मे महत्त्वपूर्ण थिक लेखकक राग-भास। प्रेम-अनुराग। सामाजिक सौहाद्र। ह' ह' बहैत प्रवाहमयी बसात। कल-कल छल-छल करैत गद्यक प्रवाह। मृदुता। आप्लापित करैत ओजस्विता। शब्द जखन महेन्द्र जीक आँगुरक स्पर्श करैत छनि तँ जेना ओहि मे अनायास गतिमयता आबि जाइत अछि। कलमक नोंक पर अबाधित नृत्य करैत गद्य आ तकर सौष्ठव। सुगंध आ सुवास भरल। एतेक प्रांजल, एतेक सुगठित, एतेक हँसैत आ आत्मा मे पैसैत गद्य किएक ने कोनो पाठक केँ आह्लादित आ मोहित करतैक। —केदार कानन
Pyaar To Hona Hi Tha
- Author Name:
Himanshu Rai
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book