ये कहानी ऐसे शख़्स की है । जिसका नाम "अल मुक़ान्ना था । ओर बचपन का नाम "हाशिम" था ।
जो अपने चेहरे पर मुखौटा लगाये रहता था । वह नियात ही सियाह यानी वह कुदरती नुमा बदसूरत था । जो लोग उसे देखते थे वह डर जाया करते थे ।
जिसने खुदा का यानी (परमेश्वर ) का भेजा हुआ दूत यानी फरिश्ता बताया था । ओर वह बाद मे इसने खुदाई का भी दावा भी किया था । जो कि इसका अपना जादुई तिलिस्मी ताकतो का बना हुआ चाँद जो पूरे शहर को रोशन करता रहता था । इसकी ऐसी करामात देखकर लोग परेशान व हैरान थे । कि वह क्या करे इसने कहने के मुताबिक पूरे शहर को चाँद का दीदार कराया था । सारा शहर ओर आसपास के शहर दूर -दूर से अपनी फ़ारियाद लेकर आते थे । ओर उन्की फ़ारियाद को वह पूरी करता भी था । ओर वह आते जाते क़ाफ़िलो को अपने महल बुलाकर उनका क़त्ल करके सोना, चांदी, हीरे, जवाहिरात, सोने की आशरफ़िया लूट लेता था
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Chapter 1: Episode - 1
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