Aatanki Mor
(0)
₹
199
₹ 165.17 (17% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
इस बाल उपन्यास में बच्चों के साहस और जिज्ञासा की दुनिया खुलती है. इसमें दो बच्चे हैं- चीनू और मीनू. वो दोनों शहर से अपने नानी के गाँव जाते हैं और वहाँ मोरों के बहाने बच्चों के अपहरण करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हैं. यह बहुत आसान भाषा में लिखी गयी जासूसी कहानी है. इसके नायक बच्चे हैं. इसमें गाँव का जीवन, प्रकृति, आपसी जुड़ाव सब कुछ सामने आता है. पढ़ने में इतनी सरस है कि पाठक बस पेज़-दर-पेज़ पढ़ता ही चला जाए. इसकी लेखिका अंकिता जैन हिंदी की प्रतिष्ठित युवा कथाकार हैं. यह उनकी छठीं किताब है. उनकी रचनाएँ हिंदी की प्उरतिष्न्हेंठित पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होती रही हैं. उन्हें 'मेदनी' पुरस्कार सहित अनेक महत्त्वपूर्ण सम्मान मिल चुके हैं.
Read moreAbout the Book
इस बाल उपन्यास में बच्चों के साहस और जिज्ञासा की दुनिया खुलती है. इसमें दो बच्चे हैं- चीनू और मीनू. वो दोनों शहर से अपने नानी के गाँव जाते हैं और वहाँ मोरों के बहाने बच्चों के अपहरण करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हैं. यह बहुत आसान भाषा में लिखी गयी जासूसी कहानी है. इसके नायक बच्चे हैं. इसमें गाँव का जीवन, प्रकृति, आपसी जुड़ाव सब कुछ सामने आता है. पढ़ने में इतनी सरस है कि पाठक बस पेज़-दर-पेज़ पढ़ता ही चला जाए. इसकी लेखिका अंकिता जैन हिंदी की प्रतिष्ठित युवा कथाकार हैं. यह उनकी छठीं किताब है. उनकी रचनाएँ हिंदी की प्उरतिष्न्हेंठित पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होती रही हैं. उन्हें 'मेदनी' पुरस्कार सहित अनेक महत्त्वपूर्ण सम्मान मिल चुके हैं.
Book Details
-
ISBN9788119745265
-
Pages128
-
Avg Reading Time4 hrs
-
Age0-11 yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Museum of Goa
- Author Name:
Kunal Ray
- Book Type:

- Description: सुबोध केरकर हमारे देश के जाने-माने कलाकार हैं। इन्स्टॉलेशन, स्क्ल्पचर, पेंटिंग तमाम कलाओं में उनकी आवाजाही और काम हैं। गोवा म्यूज़ियम के वे फाउण्डर डाइरेक्टर हैं। इसी म्यूज़ियम की बुनाई की कहानी यह किताब है। इस किताब में गोवा, गोवा का परिवेश, इतिहास, समुद्र है, नारियल हैं। कलाकार का दिल और उसमें उठने वाले सवाल हैं। एक सवाल से एक कलाकार कैसे उलझता है, डूबता है इस बात की सुन्दर कथा है। इसमें गांधी हैं और उनके दिल की धड़कन है। जुगलबन्दी है गोवा और सुबोध क रचनात्मक रिश्ते की। इसके चित्र बच्चों के अपने दिल के करीब के लगेंगे। कई चित्र ऐसे हैं कि उनका विषय बाद में दिखेगा उनकी सरलता पहले दिखेगी। इसलिए किसी को भी ये लग सकता है कि अरे, ये चित्र तो वे भी बना सकते हैं। इस किताब को पढ़के किसका मन गोवा के इस म्यूज़ियम को देखने का नहीं होगा।
Bagh aur Chhata
- Author Name:
Prabhat +1
- Book Type:

- Description: बाघ और छाता पाँच लोककथाओं की किताब है। इन लोककथाओं का पुनर्लेखन किया है कवि प्रभात ने। हम बार बार कहते हैं कि सबकी अपनी कहानी या कहानियाँ होती हैं। वे भी यूँ तो किसी न किसी स्तर पर सबकी होती हैं। क्योंकि उनका भावजगत सबका भावजगत होता है। लेकिन कुछ कथाएँ हम सबकी होती हैं। बराबरी से। उनका लेखक हम सब हैं। हम में से कोई भी उनमें अपनी कहानी का एक टुकड़ा जोड़ सकता है। इस तरह ये कहानियाँ कितने ही कितने लोगों के लगाए एक हिस्से से बनी हैं। इस बार इनमें एक हिस्सा लगाया है कवि प्रभात ने। जैसे, इस किताब की पहली ही पंक्ति है। जंगल घाटियों में चाँदनी रात हो रही थी। यह कहन कवि प्रभात की अपनी है। ताज़ी भी। सुबह हो रही है एक सामान्य वाक्य है। मगर रात हो रही है ऐसे हम नहीं कहते। रात के होने का वर्णन वैसा ही है जैसे सुबह का आमतौर पर होता है। सूरज की तरह चाँद उग रहा है। क्योंकि इस कहानी में एक साँप है। साँप की सुबह चाँद से होती है। ये पाँचों कहानियाँ बहुत रसीली हैं। रसीली इसलिए कि जैसे, चटपटी चीज़ें सामने आने पर मुंह में रस पैदा होते हैं। और यही रस उस चीज को पचाने में हमारी मदद करते हैं। ऐसे ही ये लोककथाएँ एक रस पैदा करती हैं जो बड़ी से बड़ी कल्पनाओं को, बड़े से बड़े विरोधाभासों को पचाने में या यकीन करने में मदद करता है। लोककथाओं में कुछ भी असम्भव नहीं है। इस तरह की होकर वे अनन्त आशाएँ भी पैदा करती हैं। इन लोककथाओं में इंसान हों या जानवर सब एक किरदार में बदल गए हैं। वे इंसान और जानवर के ऊँच नीच से मुक्त हैं। चोर हैं तो इस तरह हैं कि हाँ वे होते हैं। किसी विलेन की तरह नहीं हैं। बाघ और छाता कहानी में बाघ यानी चार टाँग छाता यानी एक टाँग से पूछता है कि दो टाँग यानी इंसान कहाँ गया हैं। एक टाँग बोलता है कि वह दस टाँग को पकड़ने गया है। चार टाँग यानी बाघ डर जाता है। लोककथाओं में यह बात क्या इस ओर भी इशारा करती है कि एक समय था जब सरल गणित का भी शैशव था और वह इस तरह डराती थी। इस किताब के चित्र देबब्रत घोष ने बनाए हैं। इन लोककथाओं के लोक चित्रों की तरह के चित्र हैं। इतने छोटे छोटे कमाल उनके चित्रों में हैं कि उन पर नज़र जाते ही मन में सूझ की कायली आ जाती है। मसलन, बाघ और छाता कहानी में छाते का चित्र। छाते को बाँधने के फीते और छाते के सिर को चित्रकार ने पूँछ की तरह दिखाया है। और उस पूँछ के घुमाव से पता चलता है कि पूँछ किसकी पूँछ की तरह है।
Boski Ki Ginti
- Author Name:
Gulzar
- Book Type:

- Description: बहुत ही सहज भाषा में, दो साल की बोसकी के हमउम्र बच्चों के लिए गुलज़ार का प्यारा उपहार। खेल-खेल में इस किताब से बच्चे गिनती ही नहीं सीखते, अपने परिवेश से भी परिचित होते हैं।
The Blue Horse and Other Amazing Animals from Indian History
- Author Name:
Nandini Sengupta
- Rating:
- Book Type:

- Description: SHORTLISTED FOR THE AUTHER AWARDS 2021 (BEST AUTHOR - CHILDREN) This isn't just a story about humans making history.So, step aside, chroniclers and historians. For centuries, we've been overlooked, forgotten, and only occasionally footnoted (thanks a lot). It's time we took our rightful place in the spotlight. We've been the strongest allies, loyal friends- and we might even say we were the soulmates of great kings and queens, princes and princesses, warriors and officials. From risking our lives to save theirs and leading them to victory in battles to providing constant joy and love, we've done it all. Explore Akbar's dazzling court with his favourite cheetah, Samand Manik. Discover the heroic Battle of Haldighati from Chetak's perspective. Learn what Chhatrapati Shivaji was really like, straight from his dog, Waghya. Packed with daring adventures, epic romances, and touching moments, these underdog stories- oh, don't get upset, Bucephalus, it's just a figure of speech!- are unlike anything you've read before!
Panch Pairon Wali Hathi
- Author Name:
Piyush Sekseriya
- Rating:
- Book Type:

- Description: ये कुदरत से प्रेम की कहानियाँ हैं। पीयूष सेकसेरिया कहते हैं कि जंगल, पेड़-पौधे, जानवरी, पक्षी, कीट-पतंगों, नदी, पहाड़, रेत-मिट्टी और लोगों में कुछ ऐसा है कि मैं उन तक बार-बार लौटता हूँ। एक अजब सी खुशी है जो उनको देखने, सुनने, सूँघने, छूने से मिलती है। ‘पाँच पैरों वाली हाथी’ से उन्होंने इन खुशियों को सबके साथ बाँटा है। किताब की रचनाएँ कल्पनाओं से अधिक सरस और रोमांचक हैं।
Milkar Rahna
- Author Name:
Bhavana Shekhar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bantu Batoley Ki Karamati Kursi
- Author Name:
Rajesh Joshi +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: बन्तू के घर एक कुर्सी है। वह कहानियाँ सुनाती है इसलिए करामाती तो है ही। पर एक कुर्सी को कहानियाँ सुनाने की ज़रूरत क्यों पड़ीॽ ये कहानियाँ उसे किसी से मिली हैं या कुर्सी ने खुद बुनी हैंॽ प्रसिध्द कवि राजेश जोशी का यह उपन्यास पाठकों को करामात की तह तक ले जाता है। रहस्य जानने की इस यात्रा के रास्ते दिलचस्प और अनूठे हैं। Age 12+
Ramcharcha
- Author Name:
Premchand
- Book Type:

- Description: भगवान श्री राम की कथा बहुत पुरानी है और इसे बहुत से लोगों ने बहुत तरीक़े से कहा है। एक तरीका महान कथाकार मुंशी प्रेमचंद का है और यह तरीका उन्होंने बच्चों के लिए विकसित किया है। उनके कहने का तरीका इतना सरल, कौतुकपूर्ण और जीवंत है कि जो लोग यह कथा जानते हैं, उन्हें भी पढ़ने में रस मिलेगा। मुंशी प्रेमचंद रामकथा के उन मार्मिक स्थलों को पहचानते हैं जो बच्चों के लिए रुचिकर और श्रेयस्कर दोनों हैं। लेकिन पढ़ते हुए यह ध्यान रखना ज़रूरी हैकि यह इतिहास या महाकाव्य नहीं, उपन्यास है।
Forsaking Paradise
- Author Name:
Abdul Ghani Sheikh
- Book Type:

- Description: Written by one of the foremost Urdu writers on Ladakh, the northern-most region of India affected by war and tourism. Capturing Ladakh with images and people, this book makes for interesting reading.
Chhota Nagpur Ka Veer Ahinsavaadi Jatra Bhagat
- Author Name:
Anindita
- Book Type:

- Description: Chhota Nagpur Ka Veer Ahinsavaadi Jatra Bhagat
Hara Samundar, Gopi Chandar
- Author Name:
Varun Grover +1
- Book Type:

- Description: एक छाते की कहानी | नहीं, एक छाते के खो जाने की कहानी | नहीं...एक छाते को खो देने के बाद उसको खोने के लिए पड़ सकने वाली डाँट से बचने को बनाई एक कहानी | नहीं... कोई एक चीज़ बस कोई एक ही चीज़ कहाँ होती है | उसका चीज़-पना हमारे बोलने, बताने, समझने, समझाने के हर तरीके में घर कर लेता है | जैसे वरुण ग्रोवर के इस किस्से में समन्दर के हरे रंग से मेल खाता हुआ हरा छाता | वो छाता आता है तो अपने बयान में उनके परिवार की आर्थिक स्थिति, देहरादून में आवाजाही के साधन, मौसमी कैलेंडर और दुनिया की पलट गई जलवायु (साथ में कई कोष्ठक भी) | और जब वो छाता खो जाता है तो उसके खोने, उसके चोरी, चोर, शिकायत, तफ्तीश, शनाख्त (और मन ही मन उलझता जा रहा बे-छाता मास्टरमाइंड) | इन सारे शगलों के बराबर एलन शॉ के चित्र चलते रहते हैं | हर चित्र में उस एक छतरी की मानो अलग-अलग भंगिमा उभरी दिखती है | वरुण ग्रोवर ने एक बहुत साफ सुथरी पारदर्शी भाषा हासिल की है। बच्चों के लिए ऐसी भाषा लिखने वाले कम हैं। इस सिलसिले में ये किताब लेखकों के काम भी आ सकती है।
Varsha Kahan Hai
- Author Name:
J. Bharatdass
- Book Type:

- Description: वर्षा न होने से कैसी कठिन स्थिति होती है यह इस कहानी में रोचकता के साथ आया है। पानी के बिना जीव-जंतु बेहाल हैं। इस स्थिति में सभी यही सोचते हैं कि वर्षा कहाँ है? बाद में वर्षा होने पर सभी स्थितियाँ बदल जाती हैं। बच्चे, बड़े, बूढ़े सब हर्षोल्लास में जीवन को गति देते हैं और जीव-जंतुओं के साथ यह भाव व्यक्त करते हैं—‘अरे वाह! सचमुच बरसने लगा अब पानी!’ यह उल्लास भी जिजीविषा पैदा करता है। रोचक चित्रों का होना इस किताब की पठनीयता को बढ़ा देता है।
Ghoda Aur Anya Kahaniyan
- Author Name:
Vinod Kumar Shukla +1
- Book Type:

- Description: हमारे प्रसिद्ध हिंदी लेखक विनोद कुमार शुक्ल द्वारा बच्चों के लिए एक कहानी संग्रह। इसमें उनकी कलम की जादुई स्याही में डूबी 7 कहानियाँ हैं। उनकी कहानियों में सामान्य से सामान्य शब्दों का प्रयोग इतने असामान्य तरीके से किया जाता है कि हमें आश्चर्य होता है। हम आराम से बैठते हैं और देखते हैं कि उनके शब्द एक अच्छी तरह से अभ्यास की गई संरचना की तरह सहजता से वाक्यों से जुड़ते हैं। यह वह शिल्प है जो कहानियों के माध्यम से चमकता है। Age 12+
Shreshtha Bal Kahaniyan part 2
- Author Name:
Prakash Manu
- Book Type:

- Description: Collection of children short stories, compiled and edited by Prakash Manu.
A Melody in Mysore
- Author Name:
Shruthi Rao
- Rating:
- Book Type:

- Description: Mysore, 1932 The rest of India is ablaze with the fervour of the freedom movement, but Mysore remains tranquil under the maharaja’s benevolent rule. For twelve-year-old Leela, the movement feels distant, just words in the pages of newspapers—until Malathi Akka moves into her neighbourhood, bringing with her thrilling ideas, new perspectives, and . . . a gramophone! As Leela gets swept up by the winds of change, it dawns on her that participation in the freedom struggle can take on forms she hasn’t even imagined . . . The Songs of Freedom series explores the lives of children across India during the struggle for independence. The series complements school textbooks about the independence movement. As the stories are told from a child’s point of view, these stories bring the facts of the independence movement to vivid life in settings all over the country—and inspire each reader to engage with the idea of India.
Mera kuchh samaan
- Author Name:
Gulzar
- Book Type:

-
Description:
बहुत छोटी-छोटी बातें होती हैं—रोटी, तवा, धुआँ, पट्टी, कोहरा या पानी की एक बूँद। लेकिन, उनके बड़ेपन की तरफ़ कोई हमें ले जाता है, तो हम अनायास ही एक ताल से ऊपर उठ जाते हैं, नितान्त निर्मल होते हुए। गुलज़ार की शायरी इसी निर्मलता की तलाश की एक शीश जान पड़ती है। वे बहुत मामूली चीज़ों में बहुत ख़ास तरह से अभिव्यक्त होते हैं। उदासी, ख़ुशी या मिलन-बिछोह अथवा बचपन...। लगभग सभी नितान्त निजी इन स्पर्शों को वे शब्दों के ज़रिए मन से मन में स्थानान्तरित करने की क्षमता रखते हैं।
एक विशेष प्रकार की सूमनियत के बावजूद ये विराग में जाकर अपना उत्कर्ष पाते हैं। इसलिए उदास भी होते हैं तो अगरबत्ती की तरह ताकि जलें तो भी एक ख़ुशबू दे सकें औरों के लिए।
गुलज़ार की यह सारी मौलिकता और अपनापन इसलिए भी और-और महत्त्वपूर्ण जान पड़ती है क्योंकि वे अपनी संवेदनशीलता और शब्द फ़िल्मों में लेकर आए हैं।
बेशुमार दौलत और शोहरत की व्यावसायिक चकाचौंध में जहाँ लोकप्रियता का अपना पैमाना है, वहाँ साहित्य की संवेदनात्मक, मार्मिक तथा मानव हृदय से जुड़े हर्ष-विषाद की जैसी काव्यात्मक अभिव्यक्ति गुलज़ार के हाथों हुई, वह अपने आप में एक अद्वितीयता का प्रतीक बन गई है।
School Chalen Hum
- Author Name:
Hemant ‘Snehi’
- Book Type:

- Description: निश्चय ही परिवार बालक की प्रथम पाठशाला होती है और माँ उसकी प्रथम शिक्षक। बच्चों को अच्छे संस्कार देने का दायित्व सबसे पहले तो माता-पिता को ही वहन करना होता है। लेकिन औपचारिक शिक्षा का अपना महत्त्व है। आज के इस प्रतिस्पर्धापूर्ण विश्व में तो औपचारिक शिक्षा का महत्त्व और भी बढ़ता जा रहा है। दुर्भाग्यवश हमारे देश में ऐसे बच्चों की संख्या बहुत अधिक है, जो स्कूल का मुँह भी नहीं देख पाते। बेटियों की स्थिति तो और भी बदतर है। बहुत से माता-पिता तो बेटियों को बेटों के समान शिक्षा के सुअवसर प्रदान करना निरर्थक समझते हैं। बेटा हो या बेटी, उन्हें स्कूल जाने की सुविधा प्रदान करना तो समाज का दायित्व है ही, उन्हें स्कूल जाने के लिए प्रेरित करना भी हमारी जिम्मेदारी है। लेकिन बच्चों को स्कूल पहुँचाकर ही हमारा दायित्व पूरा नहीं हो जाता। हमें देखना होगा कि बच्चे सुशिक्षित होने के साथ-साथ सुसंस्कारित भी हों और देश एवं समाज के प्रति अपने दायित्वों को समझें। अपने अधिकारों के प्रति सजग हों, लेकिन अपने कर्तव्यों की उपेक्षा कदापि न करें। यह एक सर्वमान्य तथ्य है कि उपदेशात्मक ढंग से गद्य में कही गई किसी बात के मुकाबले गीतात्मक ढंग से कही गई कोई बात बच्चों को सहज ही समझ में आ जाती है। प्रस्तुत पुस्तक इसी दिशा में एक प्रयास है। बच्चों को शिक्षा देकर और समाज-राष्ट्र की प्रगति में सहभागी बनाने हेतु सार्थक पुस्तक।
The Topsy Turvy World
- Author Name:
R. S. Bhoosnurmath
- Book Type:

- Description: An interesting story about the adventurous trip of Pappu, Pinky and their pet dog, Puppy, to the Topsy Turvy World, and the confusion and fun they have there.
The Girl Who Loved to Sing: Teejan Bai
- Author Name:
Lavanya Karthik
- Book Type:

- Description: Before Teejan Bai became a world-renowned singer, she was a little girl who had to fight for her freedom to sing. A delightfully illustrated short biography that will inspire young readers.
A Chera Adventure
- Author Name:
Preetha Leela Chockalingam
- Rating:
- Book Type:

- Description: Curious and spirited, Sharadha loves living life in her ancestral tharavadu. The grand ol’ house, Vishwasam, is right in the heart of her beloved Marayur, in the Chera kingdom. The house is also the centre of activities as Devaki Amma, her grandmother, is a healer for the King no less! Life is good in the sleepy village! But her inquisitiveness takes Sharadha on an unintended adventure. Trying to investigate a secret, she chances upon a mysterious trader and ends up in the bustling city of Mahodayapuram. And it’s not just any city but the busy multicultural melting pot of the Cheraman Perumal Empire! As she traverses the metropolis, Sharadha gets pulled into the magical colours, languages, religions, and the vibrancy of the city. She now realizes how complex the Capital is from her small village life-full of intrigue and political scandals. But as a sudden war with the ambitious and powerful Chola Dynasty looms on the horizon, Sharadha pines to get back to her old quiet life in Marayur. Will she ever be able to see her beloved Vishwasam again? Can she use the wisdom taught by her grandmother to save the others and herself? Peek into an account of what life was like during the final years of the Chera Dynasty of the eleventh century Kerala!
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book