Madhya Pradesh Uchch Madhyamik Shikshak Patrata Pariksha Itihas Practice MCQs (MPTET Higher Secondary Teacher History Practice Sets in Hindi)
(0)
₹
125
₹ 100 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789354884344
-
Pages120
-
Avg Reading Time4 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Yes You Can
- Author Name:
Ashutosh Karnatak
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Chanakyament
- Author Name:
Chandresh Makwana
- Book Type:

- Description: अपने हाथ में एक भी हथियार उठाए बिना एक साधारण शिक्षक ने एक पूरे साम्राज्य को उखाड़ फेंका, नंदवंश को नष्ट कर दिया और मौर्यवंश की स्थापना की। ऐसा क्या था उस शिक्षक के पास? सूक्ष्म संचालन शक्ति! कौन था वह शिक्षक? मूल नाम आचार्य विष्णुगुप्त, जिन्हें अपने पिता के नाम ‘चाणक’ से ‘चाणक्य’ नाम की उपाधि मिली थी। मैनेजमेंट के मामले में चाणक्य एक माइलस्टोन हैं, जिसे जो कोई भी पढ़ता है, उसे वह स्वीकार ही करना पड़ता है। मैनेजमेंट मानव जीवन का सबसे अनिवार्य हिस्सा है। जितने पहलू मानव जीवन के, उतने ही पहलू मैनेजमेंट के भी हैं। जब हम मैनेजमेंट शब्द को केवल व्यापार के संदर्भ में देखते हैं, तब वह बहुत संकुचित अर्थ दरशाता है। वास्तव में, मैनेजमेंट एक बहुत बड़ी चीज है, जो जीवन के हर पहलू को कवर करती है। हम देखते हैं कि मनुष्य हर क्षेत्र में सफलता के शिखर पर पहुँचना चाहता है...वह हर चरण में कुछ नया करना चाहता है, यही शाश्वत सत्य है और इसलिए जीवन के प्रत्येक चरण में मैनेजमेंट न केवल आवश्यक है, बल्कि अनिवार्य भी है। यह पुस्तक चाणक्य के ‘अर्थशास्त्र’ और ‘पूर्ण चाणक्यनीति’ पर आधारित है। इसमें से बुद्धिमान पाठकों को वह दृष्टि मिल जाएगी, जो वे चाहते हैं। शासक को शासन के संबंध में, व्यापारी को व्यवसाय के संबंध में, गृहस्थ को अपने घर के संबंध में और व्यवस्थापक को संचालन के संबंध में कुछ-न-कुछ तो मिल ही जाएगा।
Police Vyavastha Par Vyangya
- Author Name:
Giriraj Sharan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Geysers
- Author Name:
Vertul Singh
- Book Type:

- Description: रज़ा के व्यक्तिगत संग्रह से—पत्राचार में रज़ा—प्रस्तुत किया जा रहा है। यह संकलन मुख्य रूप से उस दौर से सम्बन्धित है जब भारत में आधुनिक कला आन्दोलन सक्रिय होकर एक आकार ले रहा था, और रज़ा और उनके मित्र यानी हुसेन, सूज़ा, बाकरे, बाल छाबड़ा, अकबर पदमसी, रामकुमार, तैयब मेहता, गायतोण्डे, परम्परा के पुनरुत्थान के इस ऐतिहासिक संघर्ष में शामिल थे जहाँ वे, उस अधिकांशत: भारतीय आधुनिकतावाद की रचना कर रहे थे जोकि दर्शन और शैली की बहुलता में निहित था और जिसमें आलोचनीयता तथा ग्रहणशीलता दोनों का समावेश था। वे एक-दूसरे से पत्रों के द्वारा अपने व्यक्तिगत मुद्दों के साथ-साथ उस सौन्दर्यशास्त्र पर भी चर्चा किया करते जिसे वे व्यक्त करने का प्रयास कर रहे थे। वे अपने हर्ष, चिन्ता तथा सरोकारों का साझा करते, और यदाकदा वित्त और आवास भी। वे एक-दूसरे के प्रयासों तथा समस्याओं, सफलताओं और असफलताओं के प्रशंसक थे तथा कभी-कभी एक-दूसरे के प्रति सहज तथा निष्पक्ष विचारों को भी व्यक्त करने में संकोच नहीं करते। इन पत्रों के माध्यम से हम उस दौर के एक बेहद अन्तरंग स्वगत ख़ाका और साथ ही एक वैयक्तिक प्रक्षेपवक्र को भी चित्रित कर सकते हैं जो इन कलाकार मित्रों और कामरेड्स ने उकेरा।
Bhai Saheb Mane Raj Mohan Jha
- Author Name:
Gourinath
- Book Type:

- Description: Memoirs
Relativity The Special and General Theory
- Author Name:
Albert Einstein
- Book Type:

- Description: In Relativity: The Special and the General Theory, Einstein describes the theories that made him famous, illuminating his case with numerous examples and a smattering of math. This book is not a casual read, but for those who appreciate his work without diving into the arcana of theoretical physics, it will prove a stimulating read. “The present book is intended,” Einstein wrote in 1916, “as far as possible, to give an exact insight into the theory of relativity to those readers who, from a general scientific and philosophical point of view, are interested in the theory, but who are not conversant with the mathematical apparatus of theoretical physics.”
Manavsevi Annie Besant
- Author Name:
Parveen Bhalla
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Search of Soul: Self Help, Motivational & Inspirational Poetry Book
- Author Name:
Dr. Birendra Prasad
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kalidas Chintan
- Author Name:
Pt. Suryanarayan Vyas +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ramchandra shukla Rachanawali : Vol. 1-8
- Author Name:
Namvar Singh
- Book Type:

-
Description:
आचार्य शुक्ल कोरे साहित्य समालोचक नहीं थे। वे गम्भीर अर्थों में साहित्य के समालोचक थे, जहाँ साहित्य के अन्तर्गत जीवन की चिन्ता, समाज की चिन्ता और पूरी संस्कृति की चिन्ता रहती थी। यह हिन्दी आलोचना का सौभाग्य है कि उसकी प्रतिष्ठा एक ऐसे समालोचक द्वारा हुई जो शुद्ध साहित्यिक आलोचक नहीं था, सिर्फ़ अलंकार और रस की मीमांसा करनेवाला काव्य-विवेचक नहीं था, बल्कि साहित्य को व्यापक सामाजिक सन्दर्भों में देखनेवाला और साहित्य की सामाजिक सार्थकता की प्रतिष्ठा करनेवाला आलोचक था। आचार्य रामचन्द्र शुक्ल दुनिया के अनेक महान आलोचकों के समान ही भारत के पहले गम्भीर समालोचक दिखाई पड़ते हैं। आचार्य शुक्ल अपना चिन्तन साहित्य की सामाजिक सार्थकता और साहित्य में ‘लोक मंगल’ के व्यापक सन्दर्भ में करते हैं, तो स्वभावतः उनके व्यापक, विराट व्यक्तित्व की ओर हमारा ध्यान जाता है। उनके समग्र कृतित्व का संकलन हिन्दी साहित्य की परम्परा के सर्वश्रेष्ठ के पुनर्जीवन की तरह है।
आठ खंडों में प्रकाशित ‘रामचन्द्र शुक्ल रचनावली’ के पहले खंड में उनकी सर्वाधिक चर्चित और कालजयी कृति ‘हिन्दी साहित्य का इतिहास’ संकलित है। रचनावली के सम्पादक नामवर सिंह ने इसकी भूमिका में आचार्य शुक्ल की इस कृति के महत्त्व और उसकी विशेषताओं पर विस्तार से चर्चा की है।
The Making of A Value Investor: What A Bear Market Taught Me About Investing - Aap Bhi Ban Sakte Hain Value Investor Hindi Edition
- Author Name:
Gautam Baid
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Harshad Mehta Share Scam Ki Inside Story Inspired From True Events Scam 1992
- Author Name:
Mahesh Dutt Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Albert Einstein: A Complete Biography
- Author Name:
Vinod Kumar Mishra
- Book Type:

- Description: Albert Einstein’s life was extraordinarily complex, even more complicated than his complex equations. Thus, the life of the founder of the fourth dimension was multi-faceted. Sorrows made his life shine like gold. He was engaged in welfare work till the last moment of his life. He did such a marvellous job that after working further on his works, scientists continued to receive doctorates, fellowships, and other awards. He loved children, students, and the poor. He always looked for inventive ways to work for them. By selling his signatures, photos, research papers, and messages, he gathered the necessary means for them. He had a great sense of humour. Einstein was a scientist equivalent to Newton. He was courageous like Bruno and Galileo, like Mahatma Gandhi in simplicity, and selfless like Sri Krishna. Each of his qualities was enough to make him great. The book presents an exploratory view of various aspects of Einstein’s life. I am sure, the life story of this extraordinary personality will prove to be interesting, inspiring, and useful for the readers.
Hindu-Padpadshahi
- Author Name:
Vinayak Damodar Savarkar
- Book Type:

- Description: शिवाजी महाराज ने एक पत्र में लिखा था—‘‘स्वयं भगवान् के ही मन में है कि हिंदवी-स्वराज्य निर्मित हो।’’ उस युवा वीरपुरुष ने क्रांतियुद्ध की पहल की। शिवाजी महाराज ने शालिवाहन संवत् 156७ (ई.स. 16४5) में अपने एक साथी के पास भेजे हुए पत्र में—स्वयं पर लगे इस आरोप का निषेध किया कि बीजापुर के शाह का प्रतिरोध कर उन्होंने राजद्रोह का पाप किया है। उन्होंने इस बात का स्मरण कराते हुए उच्च आदर्शों की भावना भी जाग्रत् की कि अपना एकनिष्ठ बंधन यदि किसी से है तो वह भगवान् से है, न कि किसी शाह- बादशाह से। उन्होंने उस पत्र में लिखा है— ‘‘आचार्य दादाजी कोंडदेव और अपने साथियों के साथ सह्याद्रि पर्वत के शृंग पर ईश्वर को साक्षी मानकर लक्ष्य प्राप्ति तक लड़ाई जारी रखने और हिंदुस्थान में ‘हिंदवी-स्वराज्य’ यानी हिंदू-पदपादशाही स्थापित करने की क्या आपने शपथ नहीं ली थी? स्वयं ईश्वर ने हमें यह यश प्रदान किया है और हिंदवी-स्वराज्य के निर्माण के रूप में वह हमारी मनीषा पूरी करनेवाला है। स्वयं भगवान् के ही मन में है कि यह राज्य प्रस्थापित हो।’’ शिवाजी महाराज की कलम से उतरे ‘हिंदवी-स्वराज’—इस शब्द मात्र से एक शताब्दी से भी अधिक समय तक जिस बेचैनी से महाराष्ट्र का जीवन तथा कर्तव्य निर्देशित हुआ और उसका आत्मस्वरूप जिस तरह से प्रकट हुआ, वैसा किसी अन्य से संभव नहीं था। मराठों की लड़ाई आरंभ से ही वैयक्तिक या विशिष्ट वर्ग की सीमित लड़ाई नहीं थी। हिंदूधर्म की रक्षा हेतु, विदेशी मुसलिम सत्ता का नामोनिशान मिटाने के लिए तथा स्वतंत्र और समर्थ हिंदवी-स्वराज्य स्थापित करने के लिए लड़ी गई वह संपूर्ण लड़ाई हिंदू लड़ाई थी।
DAMN HISTORY
- Author Name:
Govind Mishra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ramayan Ke 51 Prerak Prasang
- Author Name:
Daji Panashikar
- Book Type:

- Description: "1 मई 1834 को जनमे दाजी पणशीकर (मूल नाम नहरिविष्णु शास्त्री) ने औपचारिक स्कूली शिक्षा के बाद व्याकरणाचार्य पिताश्री विष्णु शास्त्री से घर में ही वेदों की शिक्षा, साथ ही पं. श्रीपादशास्त्री किंजवडेकर से संत साहित्य एवं उपासना शास्त्र की विधिवत् शिक्षा ग्रहण की। प्रमुख संपादित ग्रंथ हैं : ‘एकनाथांचे भावार्थ रामायण-2 खंड’ जिसके दस संस्करण निकल चुके हैं। ‘श्रीनाथांचे आठ ग्रंथ’; प्रमुख टीका ग्रंथ : ‘कर्ण खरा कोण होता?’, ‘महाभारत एक सूडाचा प्रवास’, ‘कथामृत’। इनके अलावा कपटनीति, शब्दोत्सव आदि सात पुस्तकें भी लिखीं। गोवा, महाराष्ट्र, कर्नाटक, गुजरात, मध्य प्रदेश, दिल्ली तथा विदेशों में अब तक लगभग 1800 व्याख्यान संपन्न। मराठी अखबारों में स्तंभ-लेखन।"
Death Under the Shadow of Judiciary
- Author Name:
Dr. N.M. Ghatate
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dictionary of Phrasal Verbs
- Author Name:
Najmussehar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Prakash Manu Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Prakash Manu
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bharat Ka Vikas : Chunautiyan Evam Samadhan
- Author Name:
Prabodh Kumar Sanyal
- Book Type:

- Description: भारत की पंचवर्षीय योजनाओं, नीति आयोग से लेकर पंचायती राज, कृषि, आपदा क़ानून समेत सामाजिक-राजनीतिक समस्याओं की विस्तृत व्याख्या इस पुस्तक में मिलेगी। सामान्य अध्ययन एवं निबन्ध सम्बन्धी टॉपिक्स के लिए उपयोगी पुस्तक। पुस्तक के लेखक बंगाल कैडर के आएएस अधिकारी रहे हैं।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book