How To Think Like a Billionaire
(0)
₹
250
₹ 200 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Achieving ‘success’, in any sphere of life can be compared to walking a tightrope. But are difficulties bigger than the power of the human mind? How to Think Like A Billionaire by Pradeep Thakur enlightens us that it is just a matter of the right mindset, the vision of seeing ourselves at the pinnacle, that takes us a long way towards our ultimate goal. The book conveys valuable advice that can help to shape the vision which in turn will shape the mission. The author tells us relatable Stories of the beginnings of some of the richest people in the world They began from humble backgrounds, faced life’s tribulations, and everything seemed unfavourable, but what never dimmed their spirit was a ‘positive attitude’. And it kept them going on. When we aim for something big, it is Common to experience fear, self-doubt, low morale or any kind of mental blockade. The book encourages its readers to employ the power of mental and physical Capacities for emerging into a powerful identity. The book also urges its readers to focus on improving financial health, keeping healthy and fit and changing life with immense passion.
Read moreAbout the Book
Achieving ‘success’, in any sphere of life can be compared to walking a tightrope. But are difficulties bigger than the power of the human mind? How to Think Like A Billionaire by Pradeep Thakur enlightens us that it is just a matter of the right mindset, the vision of seeing ourselves at the pinnacle, that takes us a long way towards our ultimate goal. The book conveys valuable advice that can help to shape the vision which in turn will shape the mission.
The author tells us relatable Stories of the beginnings of some of the richest people in the world They began from humble backgrounds, faced life’s tribulations, and everything seemed unfavourable, but what never dimmed their spirit was a ‘positive attitude’. And it kept them going on.
When we aim for something big, it is Common to experience fear, self-doubt, low morale or any kind of mental blockade. The book encourages its readers to employ the power of mental and physical Capacities for emerging into a powerful identity.
The book also urges its readers to focus on improving financial health, keeping healthy and fit and changing life with immense passion.
Book Details
-
ISBN9789355211309
-
Pages176
-
Avg Reading Time6 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Mahan Avishkarak Marconi
- Author Name:
Sushil Kapoor
- Book Type:

- Description: "महान् आविष्कारक मार्कोनी महान् आविष्कारक मार्कोनी का जन्म 25 अप्रैल, 1874 को ग्यूसेप, इटली में हुआ था। उन्हेंने बोलोग्ना, लोरेंस और लिवोमो में शिक्षा प्राप्त की। बचपन में उनकी शारीरिक और बिजली विज्ञान में गहरी दिलचस्पी थी। उन्होंने मैक्सवेल, हर्ट्ज, RIGHI, लॉज और अन्य वैज्ञानिकों के कार्य का अध्ययन किया। सन् 1896 में मार्कोनी ने वायरलेस टेलीग्राफी उपकरण बनाया और उसका लंदन में सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया तथा जुलाई 1897 में वायरलेस टेलीग्राफ और सिग्नल कंपनी लिमिटेड (1900 में मार्कोनी के वायरलेस टेलीग्राफ कंपनी लिमिटेड फिर से नामित) का गठन किया। 1899 में उन्होंने इंग्लिश चैनल पर फ्रांस और इंग्लैंड के बीच बेतार संचार की स्थापना की। सन् 1914 में उन्हें एक लेफ्टिनेंट के रूप में इतालवी सेना में कमीशन मिला और 1916 में कमांडर की रैंक में नौसेना के लिए स्थानांतरित कर दिया गया। उनकी उत्कृष्ट युद्ध सेवा के लिए वर्ष 1919 में उन्हें ‘इतालवी सेना पदक’ तथा बाद में ‘ग्रैंड क्रॉस’ से सम्मानित किया गया। 20 जुलाई, 1937 को रोम में उनका निधन हो गया। उन्होंने विविध रूपों में मानवता की बड़ी सेवा की। प्रस्तुत पुस्तक में उनके जीवन-प्रसंगों के साथ-साथ उनके उपयोगी आविष्कारों के बारे में विस्तार से बताया गया है। विद्यार्थी व शिक्षार्थी ही नहीं, कुछ भी नया करने की इच्छा रखनेवाले विज्ञान-प्रेमी पाठकों के लिए एक उपयोगी पुस्तक। "
Ikigai
- Author Name:
Dr. Rashmi
- Rating:
- Book Type:

- Description: क्या है इकिगाई इकिगाई के बारे में कोई भी चर्चा मिएको कामिया के उल्लेख के बिना पूरी नहीं होगी, जिन्हें प्राय: ‘इकिगाई मनोविज्ञान की माँ’ कहा जाता है। वह इकिगाई के अध्ययन में अग्रणी लोगों में शामिल थीं और अपनी पुस्तक ‘इकिगाईनी- सुइत’ (क्या हमारे जीवन को जीने योग्य बनाता है) में उन्होंने अपने विचारों और शोध कार्य को प्रस्तुत किया है। पुस्तक को इकिगाई साहित्य में श्रेष्ठ ग्रंथों में माना जाता है, इस तथ्य के बावजूद कि यह सन 1966 में प्रकाशित हुई थी। —इसी पुस्तक से इकिगाई में जीवन में खुशियाँ समाई हैं। यह हमारे होने का कारण है। इकिगाई की मदद से आप जीवन में हर दिन संतुलन, प्रसन्नता और तृप्ति ढूँढ़ पाते हैं। इकिगाई मात्र एक जीवन-दर्शन या विचारधारा नहीं बल्कि एक परिवर्तनकारी मानव-अनुभव है। इकिगाई किसी कंपास की तरह कॅरियर और जीवन के फैसलों में राह दिखा सकता है।
Pareeksha Mein Merit Kaise Payen?
- Author Name:
Subhash Jain
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jansampark Ke Vividh Ayam
- Author Name:
Bhalchandra Joshi
- Book Type:

-
Description:
प्रस्तुत पुस्तक में जनसम्पर्क की परिचयात्मक अवधारणा एवं विकास के साथ-साथ सैद्धान्तिक पक्ष पर भी प्रकाश डाला गया है। जनसम्पर्क की सबसे महत्त्वपूर्ण कड़ी जनसम्पर्क के ‘जन’ होते हैं। पुस्तक में जनसम्पर्क जनों को विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से स्पष्ट किया गया है। विभिन्न क्षेत्रों में जनसम्पर्क की संगठनात्मक संरचना पर भी प्रकाश डाला गया है। जनसम्पर्क के उपकरणों के प्रभावी उपयोग को भी पुस्तक में समाहित किया गया है। जनसम्पर्क के महत्त्वपूर्ण उपकरण विज्ञापन को भी पृथक् अध्यायों में स्पष्ट करने का प्रयास किया गया है। विदेशों में हो रही जनसम्पर्क गतिविधियों को भी रेखांकित किया गया है। पारस्परिक विधाओं के साथ-साथ सोशल मीडिया जैसे आधुनिक माध्यमों को जनसम्पर्क हेतु उपयोग करने के विभिन्न तरीक़ों का भी इस पुस्तक में समावेश किया गया है, इसके साथ-साथ कुछ प्रमुख केस स्टडी एवं जनसम्पर्क में प्रयुक्त होनेवाली शब्दावलियों के माध्यम से भी जनसम्पर्क गतिविधियों को समझने का प्रयास है।
जनसम्पर्क के क्षेत्र में रुचि रखनेवाले पाठकों के लिए एक उत्कृष्ट पुस्तक हिन्दी भाषा में उपलब्ध हो रही है। मैं पूर्ण विश्वास से कह सकता हूँ कि यह पुस्तक सुधी पाठकों को जनसम्पर्क का सम्पूर्ण परिचय देने के साथ-साथ जनसम्पर्क के कौशलों को सिखाने में सहायक सिद्ध होगी।
—प्राक्कथन से
Rahen, Na Rahen Hum
- Author Name:
Dr. Rajesh Gupta
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jalianwala Kand Ka Sach
- Author Name:
Maj. Gen. Suraj Bhatia
- Book Type:

- Description: "जलियाँवाला बाग में हुआ नर-संहार इतिहास का अटूट अंग है। उस दिन हजारों निःशस्त्र भारतीयों का नृशंस रक्तपात हुआ। उसके बाद मार्शल लॉ आरोपित हुआ। यदि जलियाँवाला बाग कांड फाँसी के सदृश था तो उसके बाद का अध्याय कालापानी से कम नहीं था। वह कुकांड भारत के आधुनिक इतिहास का एक ऐसा प्रकरण है, जिसे सरलता से भुलाया नहीं जा सकता, भूलना भी नहीं चाहिए। कालापानी की तरह इसकी याद भी हमारी एक दुखनेवाली नस को निरंतर दबाती है। जलियाँवाला बाग नर-संहार तो एक विरला ही दुःख है। यद्यपि इस विषय पर अंग्रेजी में थोड़ा-बहुत लिखा गया है; परंतु हिंदी व प्रांतीय भाषाओं के लेखकों का ध्यान इस कांड से संबद्ध प्रकरणों अथवा उनके विवेचन की ओर शायद ही गया हो। किंतु हिंदी में पहली बार यह काम किया गया है। अंग्रेजों ने इस नर-संहार की घटना पर परदा डालने के जी-तोड़ प्रयत्न किए। और इसमें वे पूर्णतया असफल भी नहीं रहे। कालांतर में जो थोड़ा-बहुत लिखा गया, वह अंग्रेजी कलम से था। कई तथ्यों का पता स्वतंत्रता के दशकों पश्चात् लगा। उन्हीं तथ्यों को इस पुस्तक में समग्रता के साथ प्रस्तुत किया जा रहा है। पाठकगण इसमें दी गई अनेक उत्पीड़क एवं रोमांचकारी घटनाओं तथा विवरणों को चाव से पढ़कर उनमें निहित मर्म को विचारोत्पादक पाएँगे। "
Ek Indradhanush Zubeda Ke Naam
- Author Name:
Suryabala
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Chhoti Chhoti Baton ka Tension na Le - Hindi Edition Of Don't Sweat the Small Stuff and It's All Small Stuff
- Author Name:
Richard Carlson
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
NTA CUET UG 2024 Exam | Chemistry | 2000+ NCERT Based Topic-wise MCQs | Useful for DU JNU Jamia Milia BHU AMU CHS and All Other Central University
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Malti Joshi ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Malti Joshi
- Book Type:

- Description: ‘‘ओह! बड़े ही नेक बंदे थे! खुदा उन्हें अपनी दरगाह में जगह दे!’’ उनमें से एक ने अफसोस प्रकट करते हुए कहा। कुछ क्षणों के लिए सब में खामोशी छा गई। ‘‘भरजाई, तेरे बच्चे कैसे हैं?’’ ‘‘वाहेगुरु की किरपा है, सब अच्छे हैं?’’ माँ ने धीरे से कहा। ‘‘अल्लाह उनकी उम्र दराज करे।’’ कई आवाजें एक साथ आईं। ‘‘भरजाई, तुम अपने बच्चों को लेकर यहाँ आ जाओ।’’ किसी एक ने कहा और कितनों ने दुहराया, ‘‘भरजाई, तुम लोग वापस आ जाओ... वापस आ जाओ।’’ प्लेटफॉर्म पर खड़ी कितनी आवाजें कह रही थीं— ‘‘वापस आ जाओ।’’ ‘‘वापस आ जाओ।’’ मैंने सुना, मेरे पीछे खड़े मामाजी कुढ़ते हुए कह रहे थे, ‘‘हूँ...बदमाश कहीं के! पहले तो हमें मार-मारकर यहाँ से निकाल दिया, अब कहते हैं, वापस आ जाओ...लुच्चे!’’ प्लेटफॉर्म पर खड़े लोगों ने उनकी बात नहीं सुनी थी। वे कहे जा रहे थे— ‘‘भरजाई, तुम अपने बच्चों को लेकर वापस आ जाओ। बोलो भरजाई, कब आओगी? अपना गाँव तो तुम्हें याद आता है? भरजाई, वापस आ जाओ...।’’ —इसी संग्रह से —— 1 —— सुप्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. महीप सिंह की लेखनी से निःसृत कहानियों ने मानवीय संवेदना, सामाजिक सरोकार, जातीय संघर्ष, पारस्परिक संबंधों का ताना-बाना प्रस्तुत किया। पठनीयता से भरपूर इन कहानियों ने वर्ग-संघर्ष और सामाजिक कुरीतियों का जमकर विरोध किया। प्रस्तुत है उनकी लोकप्रिय कहानियों का संग्रहणीय संकलन।
Mrityunjaya Motivational Story Collection Book
- Author Name:
Puneet Vashistha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
75 Mahila Swatantrata Senani "75 महिला स्वतंत्रता सेनानी" Book in Hindi - Mamta Chandrasekhar
- Author Name:
Mamta Chandrasekhar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
JSSC Reserve Competitive Exam | Jharkhand Police Constable (सिपाही) Paper-2 | 20 Practice Sets Book (Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ushering Into The Era Of "Digital Revolution" In Social Sector | Transforming 10 Million Lives Using E-Governance
- Author Name:
IAS Dr. Samit Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Trading Banknifty Options | Hindi Translation of Trading Banknifty Options | Pramod Kumar
- Author Name:
Pramod Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Janakalyan Ki Yatra : Shivraj Singh Chouhan (Vidhansabha Mein Diye Mere Bhashan (Set of Volumes 1, 2 & 3)
- Author Name:
Shivraj Singh Chauhan
- Book Type:

- Description: शिवराज सिंह चौहान — 5 अप्रैल, 1959 को मध्यमवर्गीय परिवार में जन्म श्री शिवराज सिंह चौहान अपनी सादगी, सहजता और कर्मठता के लिए राजनीति में अलग पहचान रखते हैं। उन्हें विरासत में राजनीति नहीं मिली। दर्शनशास्त्र में स्वर्ण पदक के साथ स्नातकोत्तर की शिक्षा पानेवाले शिवराज को आपातकाल का विरोध करने के कारण स्कूली जीवन में ही जेलयात्रा करनी पड़ी। अपने आरंभिक राजनीतिक काल में ही वे एक कुशल वक्ता के रूप में स्थापित हो गए थे। उनकी यह विशेषता उनके भाषणों में देखी जा सकती है। विद्यार्थी काल से सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहनेवाले शिवराज ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से अपनी यात्रा आरंभ करते हुए भारतीय जनता युवा मोर्चा में प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व प्रदान किया। 1990 में पहली बार बुधनी विधानसभा से भारतीय जनता पार्टी से विधायक निर्वाचित हुए और अगले ही वर्ष विदिशा लोकसभा से उपचुनाव लड़कर सांसद चुने गए। उसके बाद 1996, 1998, 1999 व 2004 में लगातार सांसद निर्वाचित हुए। 2005 में पार्टी ने उन्हें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी। वे मध्यप्रदेश में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहनेवाले राजनीतिज्ञ हैं। शुरुआती राजनीतिक जीवन में पैदल यात्रा करने के कारण वे 'पाँव-पाँववाले भैया' कहलाए तो मुख्यमंत्री के रूप में जन कल्याणकारी कार्यक्रमों के चलते प्रदेश की जनता ने उन्हें अपना “मामा' मान लिया सांसद रहते हुए 2003 के विधानसभा चुनाव को छोड़कर कभी भी चुनावी पराजय का सामना नहीं करना पड़ा। मध्य प्रदेश विधानसभा में दिए गए अपने भाषणों में उन्होंने सदन की गरिमा और मर्यादा को हमेशा बनाए रखा। विरोधियों पर कटाक्ष और तर्कपूर्ण हमलों के साथ ही उनके प्रति आदरभाव में कभी कोई कमी नहीं आने दी। उन्होंने प्रदेश के विविध पहलूओं के अलावा समसामयिक विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए, जिनमें विकास की उनकी दृष्टि व अवधारणा समाहित रहती है तो सामाजिक मुद्दों पर उनका दृष्टिकोण व सोच उजागर होती है।
Main Ambedkar Bol Raha Hoon
- Author Name:
Dinkar Kumar
- Book Type:

- Description: “जो कुछ मैं कर सका, वह जीवन भर मुसीबतें सहन करके विरोधियों से टक्कर लेने के बाद कर पाया हूँ। जिस कारवाँ को आप यहाँ देख रहे हैं, उसे मैं अनेक कठिनाइयों से यहाँ ला पाया हूँ। अनेक अवरोधों, जो इसके मार्ग में आ सकते हैं, के बावजूद इस कारवाँ को बढ़ते रहना है। अगर मेरे अनुयायी इसे आगे ले जाने में असमर्थ रहे तो उन्हें इसे यहीं पर छोड़ देना चाहिए, जहाँ पर यह अब है; पर किन्हीं भी परिस्थितियों में इसे पीछे नहीं हटने देना है। मेरी जनता के लिए मेरा यही संदेश है।”
Pakistan-Bangladesh : Aatankvad Ke Poshak
- Author Name:
Arun Shourie
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kaaljayee Bharatiya Gyan "कालजयी भारतीय ज्ञान" Book in Hindi | Bhagwati Prakash Sharma
- Author Name:
Bhagwati Prakash Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Apratim
- Author Name:
Dr. Anil Kumar Pathak
- Book Type:

- Description: डॉ़ अनिल कुमार पाठक का नवीनतम काव्य-संग्रह ‘अप्रतिम’ प्रेम और समर्पण के अन्यतम क्षणों का सृजन है। भारतीय संस्कृति एवं परंपरा में प्रबल आस्था रखनेवाले कवि ने इस कृति में शाश्वत मानवीय मूल्य ‘प्रेम’ को आधार बनाया है। डॉ. पाठक आध्यात्मिक विचारों से परिपूर्ण हैं, जिसका आभास इस संग्रह की रचनाओं में भी होता है। कवि के मानस-पटल पर प्रेम के उदात्त मूल्यों की अमिट छाप है, जो जीवन के झंझावातों में संबल प्रदान करता है और प्रेरणा भी देता है। संग्रह के सभी गीत निरंतर बहनेवाले झरने की तरह स्वतः प्रवाहमान हैं। बाह्य तौर पर इस संग्रह की रचनाएँ वैयक्तिक प्रतीत होती हैं, किंतु इनमें समाहित मूल्य सार्वभौमिक एवं सार्वदेशिक हैं। आज के भौतिकवादी, व्यवहारवादी युग में ‘प्रेम’ अत्यंत संकुचित रूप में ग्रहण किया जा रहा है तथा संकीर्ण रूप में ही समझा भी जा रहा है। परंतु कवि की आस्था प्रेम के उस स्वरूप में है, जो असीमित, अपरिमित, अतुलनीय, अमर व अनंत हैं। उसके लिए प्रेम शाश्वत भाव की व्यापक अनुभूति है। ‘प्रेम’ के प्रति कवि की इसी आस्था के कारण इस कृति के गीत, प्रेम की अतल गहराइयों तथा उसकी भावनात्मक ऊँचाइयों से प्रबुद्ध पाठक का परिचय कराते हैं। इस कृति के सभी गीत एक शीतल, प्राणदायक मलयानिल की तरह हैं, जो प्रेम की पवित्रता व पावनता को प्रदूषित करनेवाले वातावरण में संजीवनी प्रदान करते हैं। प्रेम की उदात्त भावनाओं को समेटे हुए इन गीतों के संग्रह का ‘अप्रतिम’ पूर्णतया चरितार्थ होता है।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book