CTET Central Teacher Eligibility Test Paper -1 (Class I-V) 15 Practice Sets & Latest Solved Papers (Hindi)
(0)
₹
265
₹ 212 (20% off)
Unavailable
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789354887123
-
Pages240
-
Avg Reading Time8 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
UPPSC Uttar Pradesh Lok Seva Aayog RO/ARO Samiksha Adhikari Evam Sahayak Samiksha Adhikari Bharti Pareeksha 15 Practice Sets And 3200+ question With Latest Solved Papers
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Cross Creek (Pb)
- Author Name:
Marjorie Kinnan Rawlings
- Rating:
- Book Type:

- Description: This book doesn’t have description
Rangmanch Evam Stri
- Author Name:
Supriya Pathak
- Book Type:

-
Description:
सार्वजनिक स्पेस में स्त्री की आमद भारतीय समाज में एक समानान्तर प्रक्रिया रही है जिसके लिए सारी लड़ाइयाँ स्त्रियों ने ख़ुद लड़ी हैं, बेशक कुछ सहृदय और सुविवेकी पुरुषों का सहयोग भी उन्हें अपनी जगह बनाने में मिलता रहा। रंगमंच के संसार में स्त्रियों का प्रवेश भी इससे कुछ अलग नहीं रहा। बल्कि यह कुछ और कठिन था। शुचिताबोध से त्रस्त जो भारतीय समाज दर्शक-दीर्घा में स्त्रियों के बैठने की भी अलग व्यवस्था चाहता था, वह भला उन्हें मंच पर उतरने की छूट कैसे देता? आज की यह वस्तुस्थिति कि अधिकांश मध्यवर्गीय अभिभावक बेटी को फ़िल्म में जाते देख फूले फिरेंगे, एक अलग चीज़ है, इसे न तो मंच पर आने के लिए स्त्री ने जो संघर्ष किया, उसका ईनाम कह सकते हैं और न यह कि मध्य-वर्ग स्त्री को लेकर हर पूर्वग्रह से मुक्त हो चुका है, यह उसकी किसी और ग्रन्थि का नतीजा है।
समाज की और जगहों पर स्त्री ने जैसे अपनी दावेदारी पेश की, मंच पर और परदे पर भी उसने सम्मानित जगह ख़ुद ही बनाई। यह किताब स्त्री की इसी यात्रा का लेखा-जोखा है। पुस्तक का मानना है कि रंगमंच का डेढ़ सौ वर्षों का इतिहास स्त्रियों के लिए जहाँ बहुत संघर्षमय रहा, वहीं रंगमंच ने उनके लिए एक माध्यम का भी काम किया जहाँ से उनकी इच्छाओं और आकांक्षाओं, पीड़ा और वंचनाओं को वाणी मिली।
पारसी रंगमंच ने, जो भारत में लोकप्रिय रंगमंच का पहला चरण है, इस सन्दर्भ में बहुत बड़ी भूमिका निभाई और भविष्य के लिए आधार तैयार किया। जनाना भूमिका करनेवाले पुरुषों ने उस स्पेस को रचा जहाँ से स्त्रियाँ इस दुनिया में प्रवेश कर सकीं। उन्होंने न सिर्फ़ स्त्रीत्व को एक नया आयाम दिया बल्कि घर के आँगन के बाहर सैकड़ों निगाहों के सामने स्त्री की मौजूदगी क्या होती है, इसका पूर्वाभ्यास समाज को कराया।
ऐसे कई चरण रहे, जिनसे रंगमंच की स्त्री को आज के अपने स्थान पर पहुँचने के लिए गुज़रना पड़ा। यह किताब विभिन्न आयामों से उन तमाम परिस्थितियों और यात्राओं का आधिकारिक ब्यौरा देती है।
Srila Prabhupada Ki Gauravgatha | Hindi Translation of Sing Dance and Pray | Hindol Sengupta
- Author Name:
Hindol Sengupta
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Teen Din, Do Raten
- Author Name:
Virendra Jain
- Book Type:

- Description: "इतना सुख है जीवन में! इतना कुछ है मेरे मन में! और अब तक मैं इससे वंचित था, अनजान था! भारतीय मध्यवर्ग में बढ़ती बाजारवाद, उपभोक्तावाद और भोगवाद की प्रवृत्तियों के संदर्भ में इससे बेहतर स्वीकारोक्ति नहीं हो सकती। लालसाएँ आदमी को घेरे रहती हैं, कुछ प्रत्यक्ष रूप में सामने आती हैं, तो कुछ अंतस में दबी रहती हैं और अनुकूल अवसर पाते ही पूर्ति हेतु सिर उठाने लगती हैं। लगता है जैसे आधुनिकतम महानगरीय मध्यवर्ग अपनी सभी लालसाओं की पूर्ति के लिए बेताब है। इसमें दो फाड़ की नौबत आ चुकी है। एक जो खुलकर इस खुलेपन को जी रहा है और दूसरे के पास आर्थिक संसाधन कम पड़ रहे हैं। ऐसे में उसे जब मौका मिलता है तो वह इसे जीने के लिए अपनी ओर से कोई कसर नहीं छोड़ता। बाजार इस वर्ग की मजबूरी और इच्छाओं को समझते हुए हमेशा चारा फेंकने की जुगत में रहता है। वह गैर-जरूरी चीजों के प्रति भी भ्रमपूर्ण लगाव पैदा कर भावनाओं का दोहन करने से नहीं चूकता। एक नई उपभोक्ता संस्कृति साकार ही नहीं हो रही, दिन-ब-दिन विकराल भी होती जा रही है। कुशल व्यवसायी सिर्फ माल नहीं बेच रहे, बड़ी चालाकी से विचार भी प्रत्यारोपित कर रहे हैं। उदारवाद के पीछे की चालाकी और चतुराई को उजागर करना नितांत आवश्यक हो गया है। ‘तीन दिन, दो रातें’ एक इनामी किस्से की कथा के बहाने इसी ज्वलंत समस्या को परत-दर-परत बेनकाब करता है। प्रसिद्ध लेखक वीरेंद्र जैन की यह खासियत है कि वे अपनी चुटीली भाषा-शैली के जरिए कथानक को चरम पर ले जाते वक्त भी यथार्थ को सहेजते हैं। इसीलिए उनका यह उपन्यास भौतिकवाद के विनाशकारी परिणामों का पुख्ता दस्तावेज बन पड़ा है।
Saath Ke Hemant
- Author Name:
Umesh Prasad Singh
- Book Type:

- Description: पत्रकार-लेखक-समाजधर्मी हेमंत शर्मा शोख, शरारती, संजीदा, हँसमुख, मिलनसार हैं, साथ ही दायित्वपूर्ण लेखन के अप्रतिम उदाहरण भी । उनका लेखन उत्प्रेरक है, उद्देगजनक भी है और अनुरंजक भी। संवेदना और भाषा के इन अलग-अलग गुण-स्वभाव के लेखक हिंदी में हैं, मगर इन सबका एकत्र संयोग हमें हेमंत में ही दिखाई देता है। हेमंत की शरारत में जो गहरी आत्मीयता है, वह अन्यत्र दुर्लभ है। हेमंत का लेखन जादूगर के तमाशे की तरह है, जो लोगों को अपने काम के रास्ते जाते हुए से बिलमाकर रोक लेता है, बाँध लेता है, विस्मय में डाल देता है, अपने कौशल के लिए वाहवाही निकलवा लेता है। हेमंतजी अपने सक्रिय जीवन के साठ साल पूरे करने जा रहे हैं। बिना किसी सीढ़ी का सहारा लिये, बिना किसी के कंधे पर चढ़े उन्होंने जीवन में स्पृहणीय ऊँचाई प्राप्त की है। इसके पीछे उनकी अथक मेहनत, गहरी सूझ, अटल संकल्प और व्यावहारिक कुशलता का बेजोड़ सम्मिलन है। उन्होंने ख्याति और समृद्धि के ऊँचे शिखर पर आसन जमाया है। हेमंत की उपलब्धियाँ विलक्षण हैं। उनकी प्रतिभा विस्मथघजनक है। उनका व्यवहार विमुग्धकारी है। मीडिया, कला-जगत्, राजनीति और विभिन्न भावभूमि की प्रमुख विभूतियों से उनके नितांत अनौपचारिक और गहरे संबंध हैं। यह कृति उनके ऐसे ही अपनों और आत्मीयों के उनके विषय में व्यक्त भावों का पठनीय संकलन है।
Krantidrishta Shyamji Krishna Verma
- Author Name:
M A Sameer
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Psychology of Option Trading Book - Mahesh Chandra Kaushik
- Author Name:
Mahesh Chandra Kaushik
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
MY BEST POEMS
- Author Name:
SACHIN
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Beyond The Scans: Healing Hands, Hopeful Hearts | A Guide To Coping With Cancer
- Author Name:
Dr. Meenu Walia
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
JSSC Reserve Competitive Exam | Jharkhand Police Constable (सिपाही) Paper-2 | 20 Practice Sets Book (Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
As A Man Thinketh & Eight Pillars of Prosperity
- Author Name:
James Allen
- Rating:
- Book Type:

- Description: James Allen was one of our finest thinkers. In this book, Allen teaches you the power of positive thinking, discussions on energy, economy, integrity, systems, sympathy, sincerity, impartiality, and self-reliance. It is popularly supposed that greater prosperity for individuals or nations can only come through political and social reconstruction. This cannot be true apart from the practice of the moral virtues by the individuals that comprise a nation. These teachings are as timeless today as they were when they were written. A must-read book.
Agaria
- Author Name:
Veriar Elwin
- Book Type:

- Description: 'अगरिया' शब्द का अभिप्राय सम्भवत: आग पर काम करने वाले लोगों से है अथवा आदिवासियों के देवता, अघासुर से जिनका जन्म लौ से हुआ माना जाता है। अगरिया मध्य भारत के लोहा पिघलानेवाले और लोहारी करनेवाले लोग हैं जो अधिकतर मैकाल पहाड़ी क्षेत्र में पाए जाते हैं लेकिन 'अगरिया क्षेत्र' को डिंडोरी से लेकर नेतरहाट तक रेखांकित किया जा सकता है। गोंड, बैगा और अन्य आदिवासियों से मिलते-जुलते रिवाजों और आदतों के कारण अगरिया की जीवन-शैली पर बहुत कम अध्ययन किया गया है। हालाँकि उनके पास अपनी एक विकसित टोटमी सभ्यता है और मिथकों का अकूत भंडार भी, जो उन्हें भौतिक सभ्यता से बचाकर रखता है और उन्हें जीवनी-शक्ति देता है। इस पुस्तक के बहाने यह श्रेय प्रमुख नृतत्त्वशास्त्री वेरियर एलविन को जाता है कि उन्होंने अगरिया जीवन और संस्कृति को इसमें अध्ययन का विषय बनाया है। एलविन के ही शब्दों में, ‘मिथक और शिल्प का संगम ही इस अध्ययन का केन्द्रीय विषय है जो अगरिया को विशेष महत्त्व प्रदान करता है।‘ इसके विभिन्न अध्यायों में अगरिया इतिहास, संख्या और विस्तार, मिथक, टोना-टोटका, शिल्प, आर्थिक स्थिति और पतन की चर्चा एवं विश्लेषण के माध्यम से एक वैविध्यपूर्ण संस्कृति, जिसका अब पतन हो चुका है, की आश्चर्यजनक आन्तरिक झाँकी प्रदान की गई है।
Aarohi "आरोही" (Hindi Translation of As Boys Become Men) Explores College Life, Friendship & Romance
- Author Name:
Mukul Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
kirdar Zinda Hai
- Author Name:
Rekha Kastwar
- Book Type:

- Description: ज़िन्दगी में आस-पास उगे कैक्टस जैसे प्रश्न...। रचनाओं के किरदारों से उन प्रश्नों पर सोते-जागते होनेवाला संवाद...। मेरे भीतर की स्त्री ने सम्भावना की चिट्ठी रची। मैंने महसूस किया कि यह सिर्फ़ मेरे अन्दर की स्त्री नहीं थी। क्या यह तमाम दुनिया के अन्दर की सम्भावना थी? पर लोग तो कहते हैं, नस्ल, जाति, देश, काल के धरातल पर औरत के प्रश्न इतने अलग-अलग हैं कि कभी-कभी मुठभेड़ की मुद्रा में दिखाई देते हैं। जैसे कोई माँ बनकर ख़ुश होता है तो कोई मातृत्व से मुक्ति में राह ढूँढ़ रहा है, कोई परिवार के बाहर खड़ा अन्दर आने का दरवाज़ा खटखटा रहा है तो कोई कुंडी खोल बाहर जाने को छटपटा रहा है। ख़ैर! सम्भावना ने चिट्ठी रची, चिट्ठी की आत्मीयता और संवेदना ने लुब्रीकेशन का काम किया, पत्र लेखों ने अपना आकार लेना शुरू कर दिया। सही पते की तलाश तब भी पूरी कहाँ हुई। मेरा ख़ुद से सवाल था कि यह मैं किसके लिए लिख रही हूँ? सही पते कौन से हैं? आम औरत के जीवन के सवाल और किताबों के उनके पाठकों तक पहुँचाने में, मैं क्या कोई पुल का काम कर सकती हूँ? मेरे लिए मेरे किरदार महत्त्वपूर्ण थे, जो आम ज़िन्दगी के प्रश्नों के वाहक बने। लोगों ने मेरी चिट्ठी में पात्र खोजे, प्रश्नों से साक्षात्कार किया, फिर कहा कि किताब तक कहाँ और कैसे जाएँ, आप कहानी सुना दें। मेरी किताबें गले लगकर रोईं, मुझे लताड़ा भी...लोगों के पास हम तक आने का वक़्त नहीं बचा, ‘जिस्ट’ चाहिए...। हमारा भविष्य तो लाइब्रेरियों में दब के दम घुटकर मरने या फिर ‘राइट ऑफ़’ होकर जल-मरने में है। तुम हमारी कहानी सुना दो उन्हें, वे चलकर नहीं आएँगे हम तक...। कितनी रातें हम साथ-साथ सुबके हैं। हाँ, तो सवाल था कि सही पते कौन से हैं, मेरे लेखक मित्रों ने चिकोटी काटी...किसी ‘नामवर’ तक पहुँची तुम्हारी चिट्ठी? अनाम मोहिनी देवियों की कहानी के इस्तरी-बिस्तरी विमर्श से बुद्धिजीवियों को क्या लेना-देना! आप समाज से सीधे बात करना चाहती हैं, आँकड़ों-वाँकड़ों का खेल समाजशास्त्री खेलते हैं। मैंने चुपचाप रहना ठीक समझा...समाजशास्त्रियों के अपने तर्क थे—वैज्ञानिक दृष्टि से बात कीजिए। ये साहित्यिक भाषा, संवेदना, आत्मीयता...। अरे, तटस्थ होकर सोचिए...! चिट्ठियों को सही पते की तलाश है...यूँ जानती हूँ, ऊपर लिखे सारे पते सही हैं।
Mahanayak Dr. Ambedkar Ka Bachapan
- Author Name:
Mahesh Dutt Sharma
- Book Type:

- Description: भारत रत्न बाबासाहब डॉ. बी.आर. आंबेडकर को भारतीयसंविधान के सिद्धांत निर्माता और दलित अधिकारों के मुर प्रवक्ता के रूप में जाना जाताहै। उन्होंने कम उम्र से ही भेदभाव का अनुभव किया, जिसका उन्होंने अपने बाद के लेखनमें स्पष्ट रूप से वर्णन किया। एक जगह वे लिखते हैं—‘‘स्कूल में रहते हुए मैं जानताथा कि जब सामान्य वर्ग के बच्चे प्यासे होते हैं, तो वे पानी के नल के पास जा सकतेहैं, उसे खोल सकते हैं और अपनी प्यास बुझा सकते हैं, लेकिन मेरी स्थिति अलग थी। मैंनल को नहीं छू सकता था और जब तक नल को कोई सामान्य जन मेरे लिए नहीं खोल देता, तब तकमेरी प्यास बुझाना संभव न था।’’ 1920 में उन्होंनेएक साप्ताहिक मराठी अखबार शुरू किया, जिसमें जातिगत भेदभाव की कड़ी आलोचना की गई। उन्होंने1937 और 1946 में अंग्रेजों द्वारा दिए गए चुनाव लड़ने के लिए दो राजनीतिक दलों कीस्थापना की, हालाँकि इन्हें संसाधन-संपन्न कांग्रेस पार्टी के खिलाफ बहुत कम सफलतामिली। 1947 में भारत स्वतंत्र हुआ, तो प्रधानमंत्री नेहरू ने उन्हें पहले कानून औरन्यायमंत्री बनने के लिए आमंत्रित किया। संविधान 26 जनवरी, 1950 को लागू किया गया था।डॉ. आंबेडकर ने इसकी सराहना की कि इसकी सीमाएँ हैं। बाबासाहब के अनंत संघर्ष कीमर्मांतक कहानी, जिसमें उनके बाल-संघर्ष को मुखरता से अभिव्यक्त किया गया है।
The Pro-Incumbency Century: How Leaders Are Fashioning Repeat Mandates in India
- Author Name:
Sutanu Guru +1
- Book Type:

- Description: "The dominant discourse in media debates before, during, and after elections in India revolves around “anti-incumbency”. Even seasoned commentators and analysts who have covered dozens of elections reflexively chant anti-incumbency like a mantra. Yet, electoral data for more than two decades suggests that the discourse should rather focus on the “pro-incumbency” phenomenon in Indian politics. In the first round of 2022, barring Punjab, assembly elections in four other states UP, Uttarakhand, Manipur, and Goa created history by returning incumbents to power. In 2021, not only did Mamata Bannerjee win a third consecutive term, but Pinnari Vijayan defied history by winning a second consecutive term. Jayalalitha did the unimaginable in Tamilnadu. While it all started with Sheila Dixit in 1998 who won three consecutive terms in Delhi, the winning formula was fine-tuned further by Narendra Modi, Nitish Kumar, Naveen Patnaik, Dr. Raman Singh, Shivraj Singh Chauhan, Tarun Gogoi, Pawan Kumar Chamling and many more Pro-incumbency champions. The book identifies and analyses factors responsible for making this a pro-incumbency century for India: the relentless rise of personality cults; ever-growing Presidential nature of electoral contests; the success of targeted welfare schemes and the structural weakness of opposition apart from the maturing split voting phenomenon. The book plugs a gaping hole in serious electoral analysis in contemporary India."
My First Colouring Book
- Author Name:
Manohar Sundaram
- Book Type:

- Description: My First Colouring Book For Kids - Perfect Gift to Children for Painting, Drawing and Coloring Activity, Animal, Flowers, Transport, Alphabet For 3-6 Year Old
Bhagwan Atalani Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Bhagwan Atalani
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
HUM SURAKSHIT KAISE RAHEN
- Author Name:
Ram Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book