Captain Manoj Kumar Pandey
(0)
₹
125
₹ 100 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Manoj Kumar Pandey was born on June 25, 1975 in the Rudha Village of Sitapur District in Uttar Pradesh. Rank—Captain Unit—1/11 Gorkha Rifles War—Kargil War (Operation Vijay – 1999) Award—Param Vir Chakra (Posthumously) Special Recognition—Manoj Kumar Pandey stood with all his courage at his post 'PehalwanChowki' (in Khalubar area) at the height of 19,700 feet for a long time and carried out his duty with absolute courage and dedication. The exuberant words, "I swear that I will even defeat death if it comes in the way of my duty", were of martyr Captain Manoj Kumar Pandey, the hero of the Kargil war.
Read moreAbout the Book
Manoj Kumar Pandey was born on June 25, 1975 in the Rudha Village of Sitapur District in Uttar Pradesh.
Rank—Captain
Unit—1/11 Gorkha Rifles
War—Kargil War (Operation Vijay – 1999)
Award—Param Vir Chakra (Posthumously)
Special Recognition—Manoj Kumar Pandey stood with all his courage at his post 'PehalwanChowki' (in Khalubar area) at the height of 19,700 feet for a long time and carried out his duty with absolute courage and dedication.
The exuberant words, "I swear that I will even defeat death if it comes in the way of my duty", were of martyr Captain Manoj Kumar Pandey, the hero of the Kargil war.
Book Details
-
ISBN9789395386807
-
Pages16
-
Avg Reading Time1 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
HAMARA SAUR PARIVAR (H)
- Author Name:
PANKAJ GUPTA
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Samay Ka Sach
- Author Name:
R.K. Sinha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
1947 Ke Baad Ka Bharat
- Author Name:
Gopa Sabharwal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Celebrating Parenting
- Author Name:
Shabanam Gupta
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Suno Bachcho, Meri Priya Kahaniyan (Hindi Translation of Collected Short Stories)
- Author Name:
Ruskin Bond
- Book Type:

- Description: उस शाम हलकी सी ठंडी हवा चली और डींगीचोप्प्य पानी में तेज रफ्तार से चल पड़ी । “आखिर हम सामने जा रहे हैं ?'' कप्तान ने कहा। “गोल-गोल जा रहे हैं।'' श्री मगरिज ने कहा। परंतु हवा बहुत ताजगी भरी थी; हमारे जलते अंगों को ठंडक मिली और नींद में सहायक साबित हुई। आधी रात को मैं भूख के कारण जग गया। “तुम ठीक तो हो ?”' मेरे पिताजी ने पूछा, जो सारे वक्त जगे हुए थे। “केवल भूखा था।'' मैंने कहा। “और तुम क्या खाना चाहोगे ?'' “संतरे |“ वह हँसा--''खान-पान में कोई संतरे नहीं, परंतु मैंने अपने हिस्से की एक चॉकलेट तुम्हारे लिए रख ली थी; और थोड़ा पानी भी है, अगर तुम प्यासे हो तो।'' मैंने बहुत देर तक चॉकलेट अपने मुँह में रखी; कोशिश करके कि वह अधिक समय चले। उसके बाद मैंने चुस्की ले-लेकर पानी पिया। “क्या आपको भूख नहीं लगी?'' मैंने पूछा। भुक्खड़ों के समान! मैं तो पूरी तुर्केऊ खा सकता हूँ। जब हम बंबई जाएँगे या मद्रास या कोलंबो या जहाँ कहीं भी हम पहुँचेंगे, हम शहर के सबसे अच्छे रेस्तराँ में जाएंगे और ऐसे खाएँगे जैसे जैसे । -इसी पुस्तक से सुप्रसिद्ध कहानीकार रस्किन बॉण्ड की बाल कहानियाँ न केवल मनोरंजक होती हैं, बल्कि प्रेरणादायी भी | हर कहानी में बच्चों के लिए अनुकरणीय सीख अवश्य रहती है|
HEART TO HEART CONVERSATIONS
- Author Name:
Jawahar Sushila Bhagwandas Dodani
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Milate-Julate Shabdon Ke Manak Prayog
- Author Name:
Ravindra Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ahalya Uvach
- Author Name:
Mridula Sinha
- Book Type:

- Description: "‘अहल्या उवाच’ हिंदी की प्रख्यात लेखिका डॉ. मृदुला सिन्हा का अद्यतन ग्रंथ है, जिसमें पुराख्यान की आवृत्ति-मात्र नहीं, आधुनिक प्रश्नों की सहज अभिव्यक्ति लक्षित होती है। प्रातःस्मरणीया पंच कन्याओं में अन्यतम अहल्या के शील एवं सतीत्व का यह आत्मकथात्मक आख्यान तथाकथित नारीवाद के दुराग्रह से मुक्त है। पितृसत्ता के संदर्भ में स्त्री-चित्त के मनोविज्ञान की विश्वसनीय प्रस्तुति इसकी विशेषता है, किंतु यहाँ आधुनिक स्त्री-विमर्श की यांत्रिकता एवं गतानुगतिकता के स्थान पर भारतीय संस्कृति में संप्राप्त शिव-शक्ति के अर्द्धनारीश्वरत्व की मान्यता प्रतिष्ठापित की गई है। ‘उपन्यास’ एक पश्चिमी काव्यरूप है, किंतु यह ग्रंथ भारत की उस परंपरागत औपन्यासिक अवधारणा की प्रतीति कराता है, जिसे मृदुलाजी ‘सीता पुनि बोली’, ‘विजयिनी’, ‘परितप्त लंकेश्वरी’ आदि में उदाहृत कर चुकी हैं। ‘उवाच’ शब्द के द्वारा वे भारत के ‘कथा-कोविदों’ की शैली का ही स्मरण दिलाती हैं। वर्णन-क्रम में लोकसंस्कृति के उपादानों के विनियोग से भी इस तथ्य का सत्यापन होता है। आचार्य कुंतक ने प्रबंधगत कथा-विन्यास का विश्लेषण करते हुए ‘प्रकरणवक्रता’ और ‘प्रबंधवक्रता’ का उल्लेख किया है। ज्ञातकथा में नवीन प्रसंगों की उद्भावना तथा मूल इतिवृत्त की अभिनव व्यंजना में उक्त वक्रोक्ति-भेदों की पहचान की जा सकती है। मृदुलाजी ने चिराचरित कथा को संशोधित करते हुए उसे नई दिशाओं में मोड़ा है। पुरावृत्त और आधुनिकता के संग्रथन में उनकी कारयित्री प्रतिभा की सक्रियता देखी जा सकती है। ‘मिथक’ के नवीकरण की यह प्रक्रिया ‘अहल्या उवाच’ की मौलिकता का निर्धारण करती है। यह उपन्यास रामकथा को एक नव्य आयाम प्रदान करता है। मिथिलांचल की अहल्या के समग्र जीवनवृत्त पर केंद्रित इस कृति की परिणति युवाशक्ति के प्रतीक राम के युगांतकारी कर्तृत्व में दृष्टिगत होती है, किंतु मातृशक्ति की महिमा और नई मर्यादा के संस्थापन की यह कथा समाज की प्रस्तरीभूत चेतना के उस अभ्युत्थान का बोध कराती है, जिसके नियामक राम हैं, जो स्वभावतः अहल्या की चारित्रिक चमक एवं पात्रता से अभिभूत हैं। इस दृष्टि से यह रचना राम और अहल्या, दोनों का महत्त्व-मंडन करती है। महीयसी मृदुलाजी की रचनाधर्मिता की यह गौतमी धारा न केवल उनकी अजस्र संवेदनशीलता और लोक-संस्कृति का साक्षात्कार कराती है, अपितु क्षत-विक्षत जीवन-मूल्यों के युग में भारतीय जीवनादर्शों के प्रति आकर्षण भी उत्पन्न करती है। —प्रो. प्रमोद कुमार सिंह (सेवानिवृत्त)
Ravindranath Tagore
- Author Name:
Dinkar Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Smritiyon Ki Basti
- Author Name:
Abdul Bismillah
- Book Type:

- Description: ‘स्मृतियों की बस्ती’ कथाकार अब्दुल बिस्मिल्लाह के संस्मरणों का संग्रह है। इन संस्मरणों के केन्द्र में हैं हिन्दी के वे महान व्यक्तित्व जिनसे उनकी भेंट-मुलाक़ात हुई, जिनसे उन्होंने सीखा और जिन्हें उन्होंने अपने ढंग से समझा। संस्मरणों की विशेषता यह है कि वे उनके व्यक्तित्व को ही नहीं, उनकी रचनात्मकता, उनके अवदान को रेखांकित करते हुए उनका चित्र पाठक के सामने रखते हैं। बहुभाषाविद् त्रिलोचन के बारे में लिखते हुए उनकी इस मान्यता पर विशेष ज़ोर देते हैं कि शब्द का अर्थ शब्दकोश से नहीं बोध से खुलता है, प्रत्यक्ष अनुभव से खुलता है। इसी तरह अमृतलाल नागर से जुड़े संस्मरण में वे उनके साथ लखनऊ शहर के कुछ सजीव चित्र भी आँकते हैं जो नागर जी के व्यक्तित्व को और अच्छे ढंग से समझने में सहायक होते हैं। उनकी तुलना वे बरगद से करते हैं, तो अमरकान्त की अशोक वृक्ष से। बताते हैं कि अमरकान्त हिन्दू-मुस्लिम समस्या पर बहुत सोचते थे। कहते थे कि ‘विभाजन सिर्फ़ वही नहीं जो भारत-पाकिस्तान के बीच हुआ, यह एक सार्वभौम प्रक्रिया है। इस पर गम्भीरतापूर्व सोचा नहीं गया।’ इसी प्रकार हजारीप्रसाद द्विवेदी, नागार्जुन, केदारनाथ सिंह, हरिवंश राय बच्चन, हरिशंकर परसाई, दूधनाथ सिंह, सोमदत्त, काशीनाथ सिंह, चित्रकार भाऊ समर्थ तथा फ़िराक़ गोरखपुरी, अलग-अलग समय पर हुई मुलाक़ातों-वार्ताओं को जोड़कर उन्होंने इनमें से हर किसी को हमारे और नज़दीक ला दिया है। ज़ाहिर है इनके साथ इन संस्मरणों में हम उस दौर के साहित्यिक वातावरण और उनके समकालीन अन्य लोगों को भी देखते हैं। एक संग्रहणीय पुस्तक।
Jyotipunj Vivekananda
- Author Name:
Debashish Ghosh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Geysers
- Author Name:
Vertul Singh
- Book Type:

- Description: रज़ा के व्यक्तिगत संग्रह से—पत्राचार में रज़ा—प्रस्तुत किया जा रहा है। यह संकलन मुख्य रूप से उस दौर से सम्बन्धित है जब भारत में आधुनिक कला आन्दोलन सक्रिय होकर एक आकार ले रहा था, और रज़ा और उनके मित्र यानी हुसेन, सूज़ा, बाकरे, बाल छाबड़ा, अकबर पदमसी, रामकुमार, तैयब मेहता, गायतोण्डे, परम्परा के पुनरुत्थान के इस ऐतिहासिक संघर्ष में शामिल थे जहाँ वे, उस अधिकांशत: भारतीय आधुनिकतावाद की रचना कर रहे थे जोकि दर्शन और शैली की बहुलता में निहित था और जिसमें आलोचनीयता तथा ग्रहणशीलता दोनों का समावेश था। वे एक-दूसरे से पत्रों के द्वारा अपने व्यक्तिगत मुद्दों के साथ-साथ उस सौन्दर्यशास्त्र पर भी चर्चा किया करते जिसे वे व्यक्त करने का प्रयास कर रहे थे। वे अपने हर्ष, चिन्ता तथा सरोकारों का साझा करते, और यदाकदा वित्त और आवास भी। वे एक-दूसरे के प्रयासों तथा समस्याओं, सफलताओं और असफलताओं के प्रशंसक थे तथा कभी-कभी एक-दूसरे के प्रति सहज तथा निष्पक्ष विचारों को भी व्यक्त करने में संकोच नहीं करते। इन पत्रों के माध्यम से हम उस दौर के एक बेहद अन्तरंग स्वगत ख़ाका और साथ ही एक वैयक्तिक प्रक्षेपवक्र को भी चित्रित कर सकते हैं जो इन कलाकार मित्रों और कामरेड्स ने उकेरा।
CTET KENDRIYA SHIKSHAK PATRATA PAREEKSHA PAPER-2 (CLASS 6 TO 8) SAMAJIK ADHYAYAN/VIGYAN 15 PRACTICE SETS
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Das Pramukh Upnishad Hindi Translation of The Ten Principal Upanishads
- Author Name:
Purohit Swami::W.B. Yeats
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Swami Vivekanand Ke Jeevan Ki Kahaniyan
- Author Name:
Mukesh Nadan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
PARYAVARAN EVAM SWACHCHHATA SHIKSHA
- Author Name:
SANTOSH MISHRA
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Chronicle Of A Corona Warrior
- Author Name:
Ramesh Pokhriyal ‘Nishank’
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Paryavaran Sanrakshan
- Author Name:
Yogendra Sharma
- Book Type:

-
Description:
वर्तमान में बढ़ता प्रदूषण, कम होते वन, घटते वन्य जीव, प्राकृतिक सम्पदा का अत्यधिक दोहन, प्रकृति के संसाधनों की ओर बढ़ती उपभोग की प्रवृत्ति, अवैध एवं अनियोजित ढंग से वनों की कटान, जलवायु परिवर्तन, जनसंख्या वृद्धि, पृथ्वी का अन्धाधुन्ध दोहन, ओजोन परत का क्षरण, तेजाबी वर्षा, ग्लोबल वार्मिंग, जल में अपशिष्ट का 'मिलना, भूस्खलन, सूखा, बाढ़ एवं जैव विविधता पर कुप्रभाव आदि कारकों के कारण पर्यावरण 'असन्तुलित हो रहा है जिससे यह विश्वव्यापी समस्या बन गयी है जो चिन्ताजनक है।
भारतीय संस्कृति सदैव पर्यावरण की पोषक रही है। इसमें पर्यावरण के अवयव तथा जल, आकाश, सूर्य, चन्द्र, वनस्पति एवं कतिपय जीव-जन्तुओं को पूज्य मानने की मान्यताएँ रही हैं जो पर्यावरण के 'संरक्षण से जुड़ी हैं। पर्यावरण का सम्बन्ध केवल संस्कृति से ही नहीं है अपितु संस्कारों तथा सरोकारों से भी है। हमारी संस्कृति में स्वच्छता को भक्ति का स्थान दिया गया है। वृक्ष, वन एवं वनस्पति पृथ्वी के आभूषण और प्रकृति के उपहार हैं और धरती तो माँ है। जब तक मानव प्रकृति का भाग रहता है, प्रकृति उनका संरक्षण करती है। प्रकृति स्वतः पेड़ लगाती रहती है, हमें तो उनका संरक्षण करना है। इस कृति के द्वारा पर्यावरण संरक्षण के प्रति चेतना जगाने का प्रयास किया गया है।
Dictionary of Computer & Information Technology
- Author Name:
Mrinal Talukdar
- Book Type:

- Description: Dictionary of Computer & Information Technology covers nearly every aspect of computers. The aim of this book is to present various terms and definitions of the subject in a simple and easily understandable language. The book is designed to be a comprehensive and authoritative source of definitions for computer-related terms and abbreviations. This dictionary of computer terminologies includes terms drawn from a wide variety of topics relevant to computer users, including software, hardware, networking, data storage, graphics, games, information processing, organizations, programming and standards, the Internet and the World Wide Web. This dictionary emphasizes terminology that the average computer user will encounter in documentation, online help, computer manuals, marketing and sales materials, etc. Because most computer users operate personal computers and desktop systems at home, work, or both, the majority of the entries in this dictionary cover the terminology used in describing and working with these systems.
The Hidden Hindu Book 3 "द हिडन हिंदू-3" - अक्षत गुप्ता 3rd Book of Hidden Hindu Triology (Hindi Version) - Akshat Gupta
- Author Name:
Akshat Gupta
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book