Apane Chanakya Swayam Banen
Author:
Renu SainiPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 400
₹
500
Available
चाणक्य ने अपने पिता की हत्या के बाद बचपन से ही जीवन का उद्देश्य बना लिया था मगध को एक नेक, सुशील, ईमानदारी और प्रतापी राजा प्रदान करना। अपने इस संकल्प को पूर्ण करने के लिए उन्होंने दिन-रात एक कर दिया। उन्होंने सदाचारी और पराक्रमी युवराज खोजने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया और चंद्रगुप्त को ढूँढ़ निकाला। चंद्रगुप्त का पूरा व्यक्तित्व चाणक्य के द्वारा ही गढ़ा गया था। उन्होंने अपने अनेक शिष्यों को जीवन के पाठ पढ़ाए। वे यहीं तक नहीं रुके अपितु अपने ज्ञान को ‘अर्थशास्त्र’ पुस्तक में समेट दिया। अर्थशास्त्र का ग्रंथ आज अनेक रूपों में समाज के पास उपलब्ध है; बस आवश्यकता है तो उस ग्रंथ को गहनता से पढ़ने की, समझने की और जानने की।
चाणक्य ने अपने बुद्धि-कौशल से हर तरह की बाधा से पार पाने के उपाय निकाले हुए थे, जो आज भी उपयोगी हैं। सफलता पाने के लिए यथेष्ट है कि व्यक्ति चाणक्य के व्यक्तित्व को पढ़ें, समझें, जानें और फिर खुद को पहचानें। ऐसा करके प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन को एक नए बिंदु पर ले जा सकता है। वह नया बिंदु संतुष्टि, सुख, खुशी, स्वास्थ्य, समृद्धि सबकुछ प्रदान करता है।
यह पुस्तक आचार्य चाणक्य के जीवन से प्रेरणा लेकर अपने को उनके अनुरूप ढालकर सफलता के शिखर छूने का एक प्रबल माध्यम है।
ISBN: 9789389471007
Pages: 184
Avg Reading Time: 6 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Cafe Cine Sangeet
- Author Name:
Pankaj Raag
- Book Type:

-
Description:
फ़िल्मों का गीत-संगीत भारतीय जन-जीवन का अभिन्न हिस्सा है। शायद ही ऐसा कोई समय हो जब कहीं-न-कहीं से किसी फ़िल्मी गीत की कोई धुन, कोई बोल, कोई पंक्ति हमारे आसपास न रहती हो। वे हमारा मनोरंजन भी हैं, हमारा फ़लसफ़ा भी, हमारे सुख-दुख की अभिव्यक्ति भी।
दुनिया में कहीं भी फ़िल्में आम ज़िन्दगी में इस तरह शामिल नहीं हैं जैसे हमारे यहाँ। बल्कि हिन्दी गीतों की लोकप्रियता तो उन क्षेत्रों में भी है जहाँ की भाषा हिन्दी नहीं है फिर भी गीत-संगीत के इस जादुई संसार पर ढंग की किताबें कुछ कम ही हैं।
पंकज राग ने ‘धुनों की यात्रा’ शीर्षक अपनी चर्चित किताब में इस तरफ़ क़दम बढ़ाते हुए फ़िल्मी गीतों को लेकर एक दस्तावेज़ी काम किया था। अब इस किताब में वे हिन्दी फ़िल्मी गीतों पर कुछ और ही अन्दाज़ में बात करते हुए उनके माध्यम से भारतीय समाज को भी समझने और समझाने का प्रयास कर रहे हैं।
फ़िल्मी गीतों के इतिहास को अलग-अलग सन्दर्भों और कोणों से देखते हुए वे इस किताब में न सिर्फ़ फ़िल्मी गीतों का विश्लेषण करते हैं, बल्कि उनकी संरचना, स्वीकृति, लोकप्रियता और विषयवस्तु की जानकारी देते हुए भारतीय समाज के उतार-चढ़ाव, उसके ग्राफ़ को भी अंकित करते चलते हैं।
Chart Patterns & Candlestick Patterns In Stock Market Trading | Art of Candlesticks Trading & Chart Patterns Guide To Technical Analysis & Indicators Book In Hindi
- Author Name:
Indrazith Shantharaj
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ram Manohar Lohiya : Bharat Ki Himalay Niti
- Author Name:
Ashok Pankaj
- Book Type:

- Description: लोहिया पूछते हैं कि 'हिमालय भारत का संतरी है' यह ख्याल कहाँ से आया? जिस हिमालय का भारत के लिए चातुर्दिक महत्त्व है क्या उसको लेकर भारत की कोई नीति है? तिब्बत का जितना गहरा संबंध भारत से रहा है क्या उसी तरह के संबंध उसके चीन से रहें हैं? नेपाल, भूटान जिसे उन्होंने 'भाई हिमालय' कहा है, के साथ भारत के संबंधों का आधार क्या होना चाहिए? तिब्बत में स्थित कैलाश-मानसरोवर किसकी विरासत है? भारत-चीन संबंधों का आधार और समझने का दृष्टिकोण क्या होना चाहिए? एशिया की दो पुरातन सभ्याताएँ जो आज दो विभिन्न प्रणालियों का प्रतिनिधित्व करती हैं, और जिनकी प्रतिस्पर्द्धात्मक महत्त्वकांक्षाएँ हैं, में सामंजस्य कैसे हो ? इन प्रश्नों का उत्तर लोहिया भारत की हिमालय नीति के माध्यम से देते हैं और इसी क्रम में भारत की विदेश एवं रक्षा नीति को लेकर कुछ स्थूल सिद्धांत देते हैं, जिसके कुछ सूत्र को 'बांह और मुट्ठी', 'कबूतर एवं बाज' की उपमा से भी स्पष्ट करते हैं। लोहिया नीतिगत परामर्श देते हैं कि, भारत को इतिहास की गलतियों से सबक सीखना चाहिए और अपनी अंदरूनी कमजोरियों को भी दुरुस्त करना चाहिए। इसी क्रम में वे एक ओर शिवाजी और प्रताप को पुकारते हैं तो दूसरी ओर गांधी को ही गुरू मानते हैं। क्या भारत लोहिया के विचारों से कुछ सीख ले सकता है? यही इस पुस्तक की मूल भावना है।
Hindi Bhasha Aur Sahitya ka VastunishthA Itihas
- Author Name:
Hemant Kukreti +1
- Book Type:

- Description: भा और साहित्य के सवाल विषयनिष्ठ होते हैं। उनके किसी पक्ष पर सर्वसम्मत निष्कर्ष देना अत्यंत कठिन है। रचनाकारों के इतिवृत्त से जुडे़ जन्म एवं पुण्य तिथि, जन्म स्थान इत्यादि स्थूल तथ्य हों या उनके कृतित्व से जुडे़ गंभीर प्रश्न हों—उनके सीधे-सपष्ट और प्रत्यक्ष उत्तर भी कई बार विद्वानों, साहित्य-अध्येताओं और पाठकों को संतुष्ट नहीं कर पाते हैं। इसका प्रमुख कारण यह है कि साहित्य जैसी कलाओं में व्यक्तिगत अभिरुचियों की गुंजाइश सबसे ज्यादा होती है। इन सब जोखिमों के बाद भी हम हिंदी साहित्य के वस्तुनिष्ठ इतिहास के साथ साहित्य-मर्मज्ञों और हिंदी विषय लेकर आजीविका अर्जित करने की इच्छा रखनेवाले विपुल युवा समाज के सम्मुख उपस्थित हैं। प्रस्तुत पुस्तक में वस्तुनिष्ठ विवेचन होते हुए भी प्रत्येक युग का साहित्य परिवेश, प्रमुख रचनाकारों का योगदान, युगीन साहित्यिक विशेषताएँ, आलोचकों, साहित्येतिहासकारों एवं रचनाकारों के चर्चित मत, परिभाषाओं और हिंदी साहित्य की अंतर्वर्ती ऐतिहासिक निरंतरता विश्लेषित कर प्रश्नोत्तर शैली में प्रस्तुत किया गया है। इससे विषय को समझने में सुगमता रहती है। विद्यार्थी-शोधार्थी ही नहीं, हर आयुवर्ग के पाठकों के लिए एक उपयोगी पुस्तक।
Fire in the Belly
- Author Name:
Sumer Sethi, Md
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dictionary of Synonyms & Antonyms
- Author Name:
Anil Kumar Mishra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
CHATUR LOMDI (FLN)
- Author Name:
SANJAY JHA
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mahatma Buddha
- Author Name:
Manish Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Manohar Chitrakala
- Author Name:
Avantika
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
JPSC Mukhya Pariksha Samanya Hindi Evam Samanya Angreji "General Hindi & English" Mains Exam - 2024 (Hindi Edition) | Dr. Manish Rannjan (IAS)
- Author Name:
Dr. Manish Rannjan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Etawah Janpad Ki Seemavarti Boliyon Ka Bhasha
- Author Name:
Ramshankar Katheria
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
MADE FOR EACH OTHER
- Author Name:
Shivani A Singh
- Book Type:

- Description: When Devendre went to visit his uncle’s house in the hills, he had no idea that he would meet a girl who would make him forget all his principles and blow apart his peace of mind. All Geetanjali wanted from life was to study science and cycle up and down the hills and valleys with her new friends. Then she met Devendre. Follow their journey from a small town called Bhadeshwar to Muzaffarpur to Delhi and Bombay in this historical novel set in 1968 India. Did Devendre overcome his demons? Did Geetanjali become the person she wanted to be?
Purnank Ki Ore
- Author Name:
Manus Navach Kam
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Hawaon Kee Dastak
- Author Name:
Anurag Chaturvedi
- Book Type:

- Description: ‘हवाओं की दस्तक’ यादों से भरी ऐसी आत्मकथात्मक किताब है जो बदलते समय की दास्तान अपने तरीक़े से सुनाती है। बदलाव की आहट देती हवाओं की दस्तक आपको बरास्ता उदयपुर, दिल्ली, मुम्बई और बिहार ले जाती है, जहाँ समय बदल रहा है, शताब्दी बदल रही है। यह समाजवादी मन वाले परिवार की मोहक दुनिया से जुड़ी वह कथा है जो समाजवादी सपने के टूट जाने की त्रासदी से जुड़ी है। इस यात्रा में लेखक न केवल पत्रकारिता के हिमालय के पिघलते चले जाने का गवाह बनता है बल्कि पूरी हिन्दी पत्रकारिता के ही अप्रासंगिक होने को महसूस करता है, उसे ख़त्म होते देखता है। मुम्बई जैसे शहर के सतरंगे मिज़ाज के बदलने की कथा कहती यह किताब आपके मन को कमजोर नहीं करती, उसे संकल्प और उम्मीद की शक्ति देती है। दुनिया को अलग रंग से उकेरती यह किताब समय का दस्तावेज है।
Sarvapriya Atalji
- Author Name:
Suresh Chand
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Pratham Purush
- Author Name:
Virendra Mullick
- Book Type:

- Description: अग्नि पीढ़ीक स्तम्भ कवि वीरेन्द्र मल्लिक अपन काव्यालोचना पोथी 'प्रथम पुरुष' मे गंभीर अध्येताक रूप मे सोझाँ अबैत छथि। बहुधंधी मल्लिकजी कवि, आलोचक, संपादक आ रंगकर्मी रहलाह अछि। ई पोथी हुनकर आलोचकक रूप केँ आर बेसी देखार करैत अछि। पोथी अद्भुत अछि। ओकर कालखंड प्राय: आठ सय बर्खक। मिथिला मे एहि अवधि मे रचल अनेकानेक प्रकारक काव्यक चर्च ओ एहि पोथी मे करैत छथि। मिथिलाक वैष्णव काव्य धारा केँ एक टा पुरातत्वशास्त्री जकाँ उत्खनित करैत ओ मैथिली साहित्यक इतिहास मे एक टा सार्थक हस्तक्षेप करैत छथि। मैथिलीक रामकाव्य, खास क' दुनू रामायणक विषय मे दू टा उपयोगी लेख छै जे मैथिली रामायण सभ केँ व्यापक रामकथाक परम्परा मे अवस्थित करैत ओकर विश्लेषण करैत अछि। सुभद्रा हरणक बिम्बविधानक चर्चा करैत एक टा आलेख एहि हेरायल जाइत पोथीक सौष्ठवक वर्णन करैत ओकरा समकालीन चेतना मे अनैत अछि। मैथिलीक महत्त्वपूर्ण कवि जीवकांतक कविता पर लिखल लेख हुनक काव्य केँ बुझबा मे, ओकर तह मे पहुँचÓ मे मदति करत। पोथीक पहिल आलेख एक टा सैद्धांतिक लेख अछि जकरा पढ़ला सँ कविता बूझ' मे तँ मदति भेटबे करतै, संगहि पछिला एक सय पचीस बरखक मैथिली कविताक आलोचनात्मक इतिहास सेहो। समकालीन कविता पर लिखल लेख एहि प्रकल्प केँ आर गँहीर करैत अछि। पोथी पढ़निहार लोकनि मल्लिकजीक अध्ययनक विस्तृत फलक-वेद सँ ल'क' लेनिन आ साहित्य आलोचनाक मनीषी सब धरि, हुनकर फडि़च्छ आलोचकीय दृष्टि आ हुनकर जनपक्षधरता सँ जनमल स्निग्धता सँ ओतबे प्रभावित हेताह जतेक हम भेलहुँ अछि, से आशा अछि। मैथिली कविताक मादे एक टा तथ्यगत, इतिहास सम्मत आ फडि़च्छ पोथी जँ पढ़' चाही, तँ ई पोथी पढ़ी। —विद्यानंद झा
Paramahansa Yogananda : Ek Jeevani "परमहंस योगानंद एक जीवनी" Book In Hindi
- Author Name:
Rachna Bhola ‘Yamini’
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Balkrishna Bhatta Aur Aadhunik Hindi Aalochana Ka Aarambh
- Author Name:
Abhishek Roushan
- Book Type:

- Description: Critic
Interpretations Of The Shrimad Bhagwat Gita
- Author Name:
Mamta Mehrotra
- Book Type:

- Description: We all come to this earth with a purpose. Our existence itself is for going through new experiences, making inferences out of them, learning, and moving on. In fact, at every step, we are seekers of knowledge. We have to learn and move on to the next Gigha plane. This goes on in our world's journey of self-completion. The day we realise our purpose for existence on this earth, that very day we become enlightened, or the learned one. The irony is that unlike our yesteryear education, where Gurukul Parampara existed and every learning was associated with a blessing from Guru, education in today's parlance has become commercial and money-oriented. From Guru to Shishya, everyone is seeking education to make money out of it. Lost are the traditions, the value system, and the orientation in education. It is time that educationists and academicians give it a serious thought, and reorient and revamp our education system.
Diabetes Quiz Book
- Author Name:
Ashok Jhingan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book